गुरु गोचर 2021 - प्रभाव एवं सभी राशियों का राशिफल

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 (guru ka gochar 2021) के माध्यम से हम आपको बताएँगे वर्ष 2021 में होने वाली बृहस्पति ग्रह की गोचरीय व वक्री अवस्था के बारे में। जिसके द्वारा आप जान सकेंगे कि गुरु बृहस्पति का इस वर्ष होने वाला स्थान परिवर्तन किस तरह आपकी राशि पर प्रभाव डालेगा। साल 2021 की शुरुआत में गुरु बृहस्पति शनि की राशि मकर में विराजमान होंगे और 6 अप्रैल, मंगलवार के दिन शाम 6:01 पर अपना गोचर करते हुए मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। जो इस अवस्था में 15 सितंबर बुधवार तक रहेंगे और फिर अपनी वक्री गति शुरू करते हुए प्रातः काल 4:22 पर एक बार फिर से मकर राशि में प्रवेश कर जाएगा। जिसके बाद वो पुनः मार्गी होते हुए उपरांत 20 नवंबर, शनिवार के दिन पूर्वान्ह 11:23 पर मकर से कुंभ राशि में विराजमान होंगे।

ऐसे में गुरु बृहस्पति के इस स्थान परिवर्तन का सालभर हर राशि के जातकों पर किसी न किसी रूप से प्रभाव पड़ेगा। तो आइए जानते हैं गुरु बृहस्पति गोचर 2021 का विभिन्न राशियों के लिए राशिफल?

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गुरु बृहस्पति गोचर 2021 मेष राशिफल

गुरु गोचर 2021 मेष राशि के नवम और बारहवें भाव का स्वामी होकर साल की शुरुआत में यानी 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक आपके एकादश भाव में गोचर करेगा।

इस दौरान आपको धन लाभ होगा क्योंकि आर्थिक रूप से ये गोचर आपके लिए अधिक अनुकूल है। आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और संभावना है कि एक से अधिक आय के साधनों में वृद्धि हो।

आप अपनी कई महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति करने में सफल रहेंगे। आपका भाग्य साथ देगा जिससे कई विदेशी स्रोतों से आपको धन लाभ हो सकता है।

इसके बाद गुरु वक्री गति चलते हुए कुम्भ से वापस मकर में लौट आएँगे जिससे 15 सितंबर से 20 नवंबर तक ये आपके दशम भाव को प्रभावित करेंगे। ऐसे में आपको अपने कार्यक्षेत्र में कई समस्याएं आ सकती हैं क्योंकि वहां पहले से मौजूद शनि देव आपको भ्रमित करने का कार्य करेंगे।

आपको अपने काम पर अधिक फोकस करने की ज़रूरत होगी। हालांकि पारिवारिक जीवन में सुख की प्राप्त होगी लेकिन शनि गुरु बृहस्पति को प्रभावित करते हुए आपके पिता को स्वास्थ्य कष्ट दे सकते हैं।

वर्ष के अंत में यानी 20 नवंबर को गुरु बृहस्पति पुनः मार्गी होते हुए कुम्भ में विराजमान होंगे, जिससे आपका एकादश भाव प्रभावित होगा। इस दौरान आपको अपने भाग्य का साथ मिलेगा। ये समय आपके लिए सबसे बेहतरीन समय साबित होगा।

आपको अपने प्रेम जीवन में भरपूर सफलता मिलेगी। साथ ही दांपत्य जीवन में भी सुख की प्राप्ति होगी। लेकिन इस समय जितना संभव हो अपने आलस्य को त्यागें अन्यथा नुकसान होगा। एकादश भाव में मौजूद गुरु बृहस्पति आपको अपार धन लाभ कराएगा।

उपाय: रोज़ाना घर से निकलते समय मस्तक पर केसर का तिलक ज़रूर लगाएँ।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 वृषभ राशिफल

गुरु गोचर 2021 के अनुसार वृषभ राशि में गुरु अष्टम और एकादश भाव के स्वामी हैं और इस सालभर आपके दशम और नवम भाव को प्रभावित करेंगे।

साल की शुरुआत यानी 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक गुरु बृहस्पति मकर राशि से निकलते हुए कुम्भ में विराजमान होंगे जिससे आपका दशम भाव सक्रिय होगा। इस दौरान आपको अपने कार्य क्षेत्र में कई समस्याएं आएँगी।

हालांकि पारिवारिक जीवन के लिए समय अच्छा रहेगा। घर-परिवार में ख़ुशियाँ और शांति आपके मन को प्रसन्न करेंगी।

आर्थिक पक्ष कुछ कमज़ोर हो सकता है। ऐसे में आपको पहले से अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी।

इसके बाद 15 सितंबर को गुरु बृहस्पति वक्री होते हुए वापस मकर में विराजमान हो जाएंगे। वो वहां वर्ष के अंत तक यानी 20 नवंबर तक उसी अवस्था में रहेंगे, जिससे आपका नवम भाव प्रभावित होगा।

इस दौरान आपको अनेक यात्राओं पर जाने का मौका मिलेगा। पिता को स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों में वृद्धि होगी।

हालांकि आपके लिए ये अवधि शुभ रहेगी और आपको भाग्य का साथ मिलेगा। आपकी रूचि अध्यात्म की ओर बढ़ेगी।

इसके बाद जब 20 नवंबर को गुरु बृहस्पति मार्गी होते हुए पुनः कुम्भ में लौट आएँगे तब आपका वापस से दशम भाव सक्रिय होगा।

इससे कार्यक्षेत्र में बदलाव की स्थिति बनेगी। यदि आप नौकरी बदलने का सोच रहे थे तो स्थानांतरण के योग बनेंगे।

पारिवारिक जीवन में सुख और शांति वापस लौट आएँगे। माता-पिता का स्वास्थ्य भी बेहतर होगा।

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन ब्राह्मणों व ज़रूरतमंदों को भोजन कराए।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 मिथुन राशिफल

गुरु गोचर 2021 के अनुसार मिथुन राशि में गुरु सप्तम और दशम भाव के स्वामी हैं और शुरुआत में उनका नवम भाव में गोचर होने पर आपकी राशि पर पूर्णतः शुभ प्रभाव रहेगा।

क्योंकि साल की शुरुआत यानी 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक गुरु बृहस्पति मकर राशि से निकलते हुए कुम्भ में विराजमान होंगे जिससे भाग्य की प्राप्ति होगी और आपको हर निर्णय लेने में सफलता मिलेगी।

वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी से संबंध बेहतर होंगे। उनके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। जिसके चलते आपको धन लाभ होगा।

किसी धार्मिक यात्रा पर जाने के योग बनेंगे। छात्रों को पढ़ाई के सिलसिले में घर से दूर जाना पड़ सकता है।

इसके बाद गुरु बृहस्पति वक्री करते हुए 15 सितंबर से 20 नवंबर तक मकर राशि में वापस विराजमान हो जाएंगे, जिससे आपको प्रतिकूल फलों की प्राप्ति होगी। इस दौरान आपका अष्टम भाव प्रभावित होगा।

इससे आपको स्वास्थ्य संबंधित कई तरह की परेशानियां तकलीफ़ दे सकती हैं। धन के मामले में भी कुछ दिक्कत होगी।

ससुराल पक्ष में किसी का स्वास्थ्य परेशान करेगा। पिता के लिए भी ये समय अच्छा नहीं है।

हालांकि 20 नवंबर से जब गुरु बृहस्पति मार्गी होते हुए पुनः आपके नवम भाव में विराजमान होंगे तो आपकी परेशानी काफी हद तक कम हो जाएंगी।

आपके भाग्य में वृद्धि होगी, जिससे सभी काम बनने शुरू होंगे। पिता को लाभ मिलेगा।

दांपत्य जीवन के लिए भी समय शुभ फल देगा। उसमे ख़ुशियाँ आएँगी और आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

आप धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते दिखाई देंगे। साथ ही प्रेम संबंधों में भी भरपूर सफलता प्राप्त होगी।

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन केले के वृक्ष की परिक्रमा करें और उस पर चने की दाल अर्पित करें।

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गुरु बृहस्पति गोचर 2021 कर्क राशिफल

गुरु गोचर 2021 के अनुसार गुरु ग्रह कर्क राशि के षष्ठम और नवम भाव के स्वामी है और साल की शुरुआत से यानि 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक कर्क राशि से अष्टम भाव में गोचर करेगा। जिससे आपको प्रतिकूल फलों की प्राप्ति होगी।

आपका मन आध्यात्मिक कामों में अधिक लगेगा। दांपत्य जीवन में संतान पक्ष को भाग्य का साथ थोड़ा कम मिलेगा।

पिता को स्वास्थ्य कष्ट संभव है। धन हानि होने के भी योग बनते दिखाई दे रहे हैं। न चाहते हुए भी किसी अनचाही यात्रा पर जाना होगा। यदि बैंक से लोन लेने की सोच रहे थे तो उसमें सफलता संभव है।

इसके बाद गुरु बृहस्पति वक्री करते हुए 15 सितंबर से 20 नवंबर तक मकर राशि में वापस विराजमान होते हुए आपके सप्तम भाव को प्रभावित करेंगे, जिससे व्यावसायिक जातकों को व्यवसाय में ज़बरदस्त सफलता मिलेगी।

उत्तम धन लाभ होगा। घर-परिवार में आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। लेकिन बावजूद इसके दांपत्य जीवन में उतार-चढ़ाव बरकरार रहेगा। फिर भी जीवन में प्रेम की भरमार रहेगी।

हालांकि जब 20 नवंबर के बाद गुरु देव मार्गी होते हुए वापस कुम्भ में लौट आएँगे और आपका पुनः अष्टम भाव सक्रिय होगा तब आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति पहले से ज्यादा सचेत रहने की ज़रूरत होगी।

कोई पुराना पैसा लौट सकता है। आध्यात्मिक मामलों में बढ़ोतरी देखी जाएगी। छात्रों को गूढ़ विषयों को समझने में सफलता मिलेगी।

उपाय: गाय को चने की दाल अथवा हरी सब्जी खिलाएं।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 सिंह राशिफल

गुरु गोचर 2021 के अनुसार गुरु बृहस्पति सिंह राशि के पंचम और अष्टम भाव का स्वामी है और इस वर्ष की शुरुआत यानी 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक आपके सप्तम भाव में गोचर करेगा।

यह समय आपके प्रेम जीवन के लिए बेहद उत्तम रहेगा। विशेष रूप से अविवाहित लोगों के इस अवधि में विवाह होने की संभावना रहेगी।

वहीं जो लोग वैवाहिक है उनके विवाहित जीवन में सुख का आगमन होगा और आपके जीवनसाथी को कार्य क्षेत्र में कोई बड़ा लाभ या मान-सम्मान प्राप्त होगा।

आपकी आमदनी में भी लगातार बढ़ोतरी होगी। स्वास्थ्य के लिहाज से भी समय उत्तम रहेगा।

इसके बाद गुरु बृहस्पति वक्री करते हुए 15 सितंबर से 20 नवंबर तक मकर राशि में वापस विराजमान होते हुए आपके षष्ठम भाव को प्रभावित करेंगे, जिससे आप अपना कोई बकाया कर्ज चुकाने में सफल होंगे।

इस समय सेहत को लेकर सावधान रहें क्योंकि किसी बड़ी बीमारी के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इस बीमारी से आपके ख़र्चों में बढ़ोतरी होगी।

हालांकि संतान को सुख मिलेगा, लेकिन मातृ पक्ष के लोगों से आपको कुछ समस्या हो सकती हैं।

20 नवंबर से जब गुरु देव मार्गी होते हुए पुनः आपके सप्तम भाव में विरजमान हो जाएंगे तब आपके दांपत्य जीवन में भी ख़ुशियाँ लौटती दिखाई देंगी।

आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। मेहनत के अनुसार सभी कामों में सफलता मिल सकेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। साथ ही निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी।

प्रेम विवाह करने का विचार कर रहे जातकों को शुभ समाचार प्राप्त होगा।

उपाय: प्रत्येक बृहस्पतिवार के दिन पीपल के वृक्ष को बिना छुए जल अर्पित करें।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 कन्या राशिफल

गुरु बृहस्पति कन्या राशि के चतुर्थ और सप्तम भाव का स्वामी है और इस साल 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक आपके षष्ठम भाव में गोचर कर रहे हैं।

ये समय शिक्षा के लिए अच्छा रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलेगी।

अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखें अन्यथा मोटापे में वृद्धि आपको परेशान कर सकती है। आप अपने ख़र्चों पर भी लगाम लगाने में असफल रहेंगे। कार्यक्षेत्र पर हर कार्य में कई रुकावट आने से मन उदास रहेगा।

वैवाहिक जीवन प्रतिकूल रहेगा क्योंकि जीवनसाथी से संबंधों में दिक्कत आ सकती है। साथ ही किसी व्यक्ति से प्रॉपर्टी विवाद भी संभव है।

इसके बाद 15 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु देव के वक्री होने पर आपका पंचम भाव प्रभावित होगा जिससे संतान पक्ष को स्वास्थ्य कष्ट होने से परेशानी हो सकती है।

शिक्षा के लिए ये समय बहुत अच्छा रहेगा। पढ़ाई-लिखाई में छात्रों को कुछ अवरोध के बाद सफलता मिल सकेगी। आपकी आमदनी बढ़ेगी जिससे आपको मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।

हालांकि जब 20 नवंबर से गुरु बृहस्पति पुनः मार्गी होते हुए वापस आपके षष्ठम भाव में आएँगे तो आपके स्वास्थ्य में अचानक से गिरावट दर्ज की जाएगी। दांपत्य जीवन भी तनावपूर्ण रहेगा और आपको अपने सुखों में कमी महसूस होगी।

आर्थिक जीवन भी प्रभावित होने से ख़र्चों में बढ़ोतरी होगी जिससे तंगी होने की आशंका है।

उपाय: गुरूवार के दिन गौमाता को गुड़ और गेहूं खिलाएँ।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 तुला राशिफल

गुरु बृहस्पति कन्या राशि के तृतीय और षष्ठम भाव के स्वामी हैं और इस साल 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक आपके पंचम भाव में गोचर कर रहे हैं।

ये समय आपकी शिक्षा के लिए बेहद अच्छा रहेगा। छात्र पढ़ाई-लिखाई में सफलता प्राप्त कर सकेंगे। यदि उच्च शिक्षा ग्रहण करने का विचार कर रहे थे तो उसके लिए भी समय अच्छा है।

दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा। शादीशुदा जातकों के जीवन में किसी नए मेहमान का आगमन संभव है। घर में किसी विवाह योग्य सदस्य का विवाह संपन्न हो सकता है। आपको संतान सुख की भी प्राप्ति होगी।

धन से जुड़ी हर समस्या दूर होगी और आमदनी में बढ़ोतरी दिखाई देगी। यदि आप सिंगल थे तो आपके जीवन में किसी ख़ास व्यक्ति का आगमन हो सकता है और दोस्तों से भरपूर सहयोग मिलेगा।

इसके बाद गुरु बृहस्पति वक्री होते हुए 15 सितंबर से 20 नवंबर तक आपके चतुर्थ भाव में आएँगे जिससे माता को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या हो सकती है।

यदि आप विदेश में रहते हैं तो इस समय आप अपने वतन लौटने का प्लान कर सकते हैं। पैतृक संपत्ति का लाभ मिलेगा।

साथ ही जिन भी जातकों का प्रॉपर्टी से संबंधित कोई भी विवाद था तो उसमे सफलता मिल सकती है। इसके लिए आपको अपने प्रयास जारी रखने की ज़रूरत होगी।

वर्ष के अंतिम भाग में जब 20 नवंबर को गुरु बृहस्पति पुनः मार्गी होते हुए कुम्भ में आएँगे तो आपका पंचम भाव सक्रिय होगा जिससे हर प्रकार का संतान सुख प्राप्त होगा। धन से जुड़ी हर आर्थिक तंगी भी दूर होगी।

शिक्षा में सफलता मिलेगी। कार्यक्षेत्र पर आप किसी भी निर्णय को लेने में सक्षम महसूस करेंगे।

उपाय: रोज़ाना गाय को आटे की लोई पर हल्दी का तिलक लगाकर खिलाएं।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 वृश्चिक राशिफल

गुरु ग्रह आपकी राशि से दूसरे और पंचम भाव का स्वामी है और साल के शुरुआत में 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहा है।

यह गोचर आपको पारिवारिक समस्या दे सकता है। जिससे परिवार में कुछ दिक्कतें आएँगी। घरेलू खर्च बढ़ेंगे और आर्थिक तंगी भी संभव है।

प्रॉपर्टी खरीदने के योग बनेंगे। माता जी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है, जहाँ आपको धन खर्च करना पड़ेगा। संतान पक्ष के लिए भी समय अनुकूल नहीं दिखाई दे रहा।

यदि आपकी संतान बाहर जाने का विचार कर रही हैं तो उन्हें सफलता मिल सकती है।

इसके बाद 15 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु बृहस्पति वक्री होते हुए मकर में जाएंगे जिससे आपका तृतीय भाव प्रभावित होगा।

इस दौरान आपको कई यात्राओं पर जाना पड़ेगा। इन यात्राओं में सफलता मिलेगी। आप अपने छोटे भाई-बहनों के प्रति अधिक संजीदा दिखाई देंगे।

धार्मिक कार्यों में रूचि बढ़ेगी। संतान की तरक्की होगी। आर्थिक जीवन में भाग्य का साथ मिलेगा और अपार धन की प्राप्ति होगी।

अंतिम भाग में जब गुरु बृहस्पति पुनः मार्गी होते हुए आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होंगे तो परिवार में चली आ रही तनातनी खत्म होगी।

आप परिवार की मदद से किसी प्रॉपर्टी को खरीदने पर विचार करेंगे। हालांकि आपके घरेलू खर्च में वृद्धि होगी क्योंकि आप घर पर अपना अच्छा-ख़ासा धन खर्च करते दिखाई देंगे।

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन उत्तम गुणवत्ता वाला पुखराज रत्न अपनी तर्जनी उंगली में धारण करें।

साल 2021 आपके लिये क्या खास लेकर आया है जानने के लिये पढ़ें- वार्षिक कुंडली 2021

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 धनु राशिफल

गुरु ग्रह आपकी राशि धनु के स्वामी हैं साथ ही वह आपकी राशि से चतुर्थ भाव के भी स्वामी है। इस वर्ष गुरु बृहस्पति 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक आपके तृतीय भाव में होंगे, जिससे आपको कई छोटी यात्राओं पर जाने का अवसर मिलेगा। संभावना है कि आपको किसी तीर्थाटन पर जाना पड़े।

परिवार में छोटे भाई-बहनों का प्रेम मिलेगा और आप उन्हें अपना हर संभव सहयोग भी देते दिखाई देंगे।

माता का स्वास्थ्य कुछ कमजोर रह सकता है, ऐसे में उनका ध्यान रखें। आर्थिक जीवन में अपने निजी प्रयास जारी रखें तभी आपको धन लाभ होगा।

हालांकि 15 सितंबर को गुरु बृहस्पति वक्री होते हुए आपके द्वितीय भाव में विराजमान हो जाएंगे, जिससे परिवार में तनाव के बाद कुछ शांति आएगी।

आप अपनी किसी प्रॉपर्टी को किराए पर देने का विचार कर सकते हैं। माता से लाभ प्राप्त होगा। आप अपने परिवार के लोगों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करेंगे। आपको इस अवधि में अच्छा भोजन करने का अवसर मिलेगा।

इसके बाद 20 नवंबर को जब गुरु देव पुनः मार्गी होते हुए आपके तृतीय भाव में विराजमान होंगे तब आपको सावधान रहने की ज़रूरत होगी, क्योंकि संभावना है कि आप में आलस्य की वृद्धि हो, जिससे हर कार्य में आप बाधा महसूस करेंगे।

धार्मिक आचरण में वृद्धि होगी, लेकिन आमदनी के योग बनेंगे। छोटे भाई बहनों का साथ मिलेगा और उनके साथ किसी यात्रा पर जाना भी पड़ सकता है।

उपाय: शुक्ल पक्ष के बृहस्पतिवार के दिन पुखराज रत्न अपनी तर्जनी अंगुली में धारण करें।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 मकर राशिफल

गुरु ग्रह आपकी राशि से बारहवें और तृतीय भाव का स्वामी होकर, साल की शुरुआत में 6 अप्रैल को मकर राशि से आपके द्वितीय भाव में विराजमान होंगे। वो यहाँ 15 सितंबर तक रहेंगे और इसके बाद वक्री करते हुए आपके लग्न यानी प्रथम भाव में आएँगे।

ऐसे में शुरुआत में आपको अपने छोटे भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। परिवार में खुशहाली का वातावरण दिखाई देगा।

संभव है कि परिवार में किसी उत्सव या मंगल कार्यक्रम का आयोजन हो। किसी नन्हें मेहमान के आने के या किसी विवाह योग्य सदस्य के विवाह के बंधन में बंधने के योग बन रहे हैं। व्यापारी वर्ग को विदेशों से धन लाभ होगा।

हालांकि इसके बाद मार्गी गुरु बृहस्पति भी आपको शुभ फल देगा। जिससे 20 नवंबर तक आपको अनुकूल परिणाम मिलेंगे। विदेशी स्रोतों से लाभ अर्जित करने में आप सफल रहेंगे।

आपके अपने निजी प्रयासों से सफलता मिलेगी। जिससे आप अपने कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सफल हो सकते हैं।

अंतिम भाग में जब गुरु देव पुनः मार्गी होंगे तो आपको अपनी वाणी में मधुरता का एहसास होगा। जिससे आप दूसरों को अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रहेंगे।

आपके इस स्वभाव से आपका हर काम सफल होगा। इससे कार्यक्षेत्र पर आपकी आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी, लेकिन आपको इस समय अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की ज़रूरत होगी।

उपाय: पीले मीठे चावल बृहस्पतिवार के दिन ग़रीबों में बाँटे।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 कुंभ राशिफल

गुरु आपकी राशि से एकादश और द्वितीय भाव के स्वामी हैं और वर्ष के शुरुआत में आपकी ही राशि यानी आपके लग्न भाव में ही गोचर कर रहे हैं। इस गोचर के दौरान आपको 6 अप्रैल से 15 सितंबर तक मानसिक तनाव से शांति मिलेगी।

ऐसे में आप किसी भी निर्णय को लेने में सक्षम महसूस करेंगे। दांपत्य जीवन अच्छा रहेगा। साथ ही प्रेम जीवन में भी भाग्य का साथ मिलने से ये समय बेहद अच्छा दिखाई दे रहा है।

हालांकि इसके बाद 15 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु बृहस्पति वक्री होंगे और आपके द्वादश भाव में विराजमान हो जाएंगे जिससे कुछ परेशानी आ सकती हैं। आपके ख़र्चों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी।

स्वास्थ्य के लिहाज से सतर्क रहना होगा, अन्यथा कोई गंभीर समस्या हो सकती है। आमदनी में गिरावट होगी जिससे धन हानि होने की आशंका है।

इसके बाद जब गुरु बृहस्पति पुनः 20 नवंबर से मार्गी होंगे तो आपका प्रथम भाव सक्रिय हो जाएगा जिससे आपकी परेशानी दूर होंगी। आप निर्णय लेने में सफल होंगे।

अनेक अटकी परियोजनाओं पर आप दोबारा विचार करते दिखाई देंगे। प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी।

दांपत्य जीवन में भी प्रेम और खुशी लौटेगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा व आर्थिक पक्ष भी मजबूत होगा।

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन ज़रूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षा की सामग्री भेंट करें।

गुरु बृहस्पति गोचर 2021 मीन राशिफल

गुरु बृहस्पति 2021 में आपकी राशि और आपकी राशि से दशम भाव के स्वामी हैं और वर्ष की शुरुआत, 6 अप्रैल से 15 सितंबर में आपकी राशि से द्वादश भाव में ही गोचर कर रहे हैं । यह गुरु आपके स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं है।

हालांकि विदेश जाने की इच्छा रखने वाले जातकों के लिए शुभ रहेगा। आपके ख़र्चों में बढ़ोतरी होगी और आप धर्म-कर्म के कार्यो में अधिक बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे।

आपको अपने कार्य क्षेत्र के सिलसिले में किसी सुदूर यात्रा पर भी जाने का अवसर प्राप्त होगा, जिस दौरान लाभ के लिए प्रयास करते रहने की ज़रूरत होगी।

फिर जब 15 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु बृहस्पति आपके एकादश भाव में होंगे तब आपको हर कार्य में ज़बरदस्त सफलता मिलेगी। कार्य क्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छे संबंधों का आपको इस समय लाभ मिलेगा।

आपके धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे और संभावना है कि कई माध्यमों से धन लाभ हो।

धार्मिक आचरण से आप अपनी छवि को सुधार पाने में सफल होंगे। प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी जिससे आपका प्रेम विवाह भी संभव है।

हालांकि अंतिम भाग में जब गुरु पुनः 20 नवंबर को आपके द्वादश भाव में विराजमान होंगे तब आपके ख़र्चों में अचानक से बढ़ोतरी होगी और साथ ही स्वास्थ्य कष्ट होगा। योग है कि आपको पैरों में दर्द की किसी समस्या से दो-चार होना पड़े।

बावजूद इसके आप इस समय किसी विदेशी माध्यम से लाभ अर्जित करने में सफल रहेंगे। लेकिन आपके शत्रु आपको हर समय परेशान करते रहेंगे।

यदि कोर्ट-कचहरी में कोई मामला चल रहा था तो इस समय उसका फैसला आपके विरोधी के पक्ष में आ सकता है।

उपाय: रोज़ाना देव गुरु बृहस्पति के बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरुवे नमः” का एक माला जप करें।

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