देवगुरु बृहस्पति यानी कि बृहस्पति ग्रह वैदिक ज्योतिष में प्रमुख प्रभावशाली ग्रहों में से एक हैं। सामान्य तौर पर ज्योतिषीगण इन्हें सबसे अधिक शुभ ग्रह मानते हैं। ऐसी मान्यता है कि बृहस्पति ग्रह की दृष्टि अमृत के समान होती है। अर्थात बृहस्पति कुंडली के जिस भी भाव को देखते हैं उस भाव के प्रभाव को बढ़ाने का काम करते हैं, उस भाव से संबंधित सुख संपत्ति को सुधारने का काम करते हैं। बृहस्पति ग्रह को सामान्य तौर पर धन, संपत्ति और ज्ञान के अलावा संतान, विवाह आदि जैसे महत्वपूर्ण मामलों का कारक ग्रह भी माना गया है। साल 2027 में बृहस्पति ग्रह की स्थितियों में कई बार परिवर्तन देखने को मिलेगा।
Read in English: Jupiter Transit 2027
वर्ष की शुरुआत के समय बृहस्पति सिंह राशि में मघा नक्षत्र के पहले चरण में वक्री अवस्था में रहेंगे। वहीं वर्ष की समाप्ति के समय बृहस्पति कन्या राशि में उत्तरा फाल्गुनी के दूसरे चरण में रहेंगे। इस बीच में बृहस्पति कर्क, सिंह और कन्या तीन राशियों की यात्रा करने वाले हैं। जैसा कि हमने बताया कि साल की शुरुआत के समय बृहस्पति सिंह राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे और वक्री अवस्था में ही मान्यता के अनुसार उल्टा चलते-चलते बृहस्पति ग्रह 25 जनवरी 2027 को कर्क राशि में लौट जाएंगे।
यानी पिछले वर्ष की भांति बृहस्पति पुनः उच्च अवस्था को प्राप्त कर लेंगे। 13 अप्रैल 2027 को बृहस्पति मार्गी होंगे और सीधी चाल चलते हुए 26 जून 2027 को पुनः कर्क राशि में आ जाएंगे। इसके बाद बृहस्पति 26 नवंबर 2027 तक यहीं अर्थात सिंह राशि में ही बने रहेंगे। हालांकि इस बीच में 13 अगस्त 2027 की शाम लगभग 7:32 पर बृहस्पति ग्रह अस्त हो जाएंगे और बृहस्पति 13 सितंबर 2027 की सुबह 5:22 तक अस्त रहेंगे। यानी बृहस्पति ग्रह इस बीच में लगभग 27 दिनों तक अस्त रहेंगे। इन सबका आपकी राशि अर्थात आप पर कैसा प्रभाव पड़ेगा, यह जानने से पहले यह भी जान लेना जरूरी है कि बृहस्पति की इन स्थितियों का देश दुनिया पर कैसा प्रभाव पड़ सकता है?
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बृहस्पति के गोचर का 2027 में वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था, तकनीक, शिक्षा, सामाजिक व्यवस्था एवं कृषि इत्यादि पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि इस वर्ष बृहस्पति की स्थिति में कई बदलाव होंगे। बृहस्पति सिंह राशि से चलकर कर्क राशि में लौटेंगे, इसके बाद पुन: सीधी चाल चलते हुए कर्क, सिंह एवं कन्या राशि तक की यात्रा वर्ष के अंतिम महीने तक में कर लेंगे इसलिए इस वर्ष के परिणामों को अलग-अलग चरणों में समझना अधिक उचित रहेगा।
वर्ष की शुरुआत में तो बृहस्पति सिंह राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे लेकिन 25 जनवरी से ही बृहस्पति कर्क राशि में लौट जाएंगे और 13 अप्रैल तक वक्री अवस्था में कर्क राशि में ही रहेंगे क्योंकि इस अवधि में ज्यादातर समय बृहस्पति कर्क राशि में ही वक्री अवस्था में रहेंगे। अतः इस सेक्शन में हम कर्क राशि में वक्री बृहस्पति की ही चर्चा कर लेते हैं। भले ही बृहस्पति वक्री अवस्था में रहेंगे लेकिन उच्च राशि में रहेंगे। अत: इनके परिणाम पूरी तरह से नकारात्मक नहीं रहेंगे बल्कि कई मामलों में काफी अच्छे परिणाम भी बृहस्पति के द्वारा दिए जाएंगे।
बृहस्पति इस अवधि में पुराने निर्णयों की समीक्षा करवाने का काम कर सकते हैं। जिन नीतियों में कोई कमी रह गई थी उनमें सुधार देखने को मिल सकते हैं। अधूरे पड़े हुए कामों को आगे बढ़ाने का काम किया जा सकता है क्योंकि बृहस्पति अपनी उच्च राशि में रहेंगे, ऐसे में जनता, जल, जमीन, आवास, कृषि, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़े हुए मामलों में अच्छी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। सरकार का ध्यान इन विषयों पर अधिक रह सकता है। आर्थिक नीतियों, ब्याज दरों, सरकारी खर्च एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं पर पुनः विचार किया जा सकता है।
बृहस्पति 13 अप्रैल 2027 से मार्गी हो जाएंगे और 26 जून तक मार्गी अवस्था में कर्क राशि में बने रहेंगे। ऐसे में बृहस्पति इस अवधि में लंबित योजनाओं व निर्णयों को और गति देने का काम करेंगे आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर जो सुधार होगा वह स्पष्ट रूप से नजर आने लग सकता है।
26 जून 2027 को बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, यह इस वर्ष का यानी कि 2027 का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाएगा। सिंह राशि का संबंध सत्ता से माना जाता है, क्योंकि यह ग्रहों के राजा सूर्य की राशि है। इतना ही नहीं इस राशि का संबंध नेतृत्व, प्रतिष्ठा, सरकार, राजकीय संस्थाओं के अलावा खेल कूद और रचनात्मकता से भी जोड़ा जाता है इसलिए 26 जून से 26 नवंबर के बीच देश दुनिया की राजनीति में नेतृत्व और प्रभाव की प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। बड़े देश अपनी आर्थिक, तकनीक, रक्षा एवं कूटनीति शक्ति का प्रदर्शन करने का प्रयास कर सकते हैं। भारत के लिए भी यह समय अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा, कूटनीति, प्रभाव, रक्षा, तकनीक और बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
बृहस्पति जब सिंह राशि में होंगे तो बृहस्पति की दृष्टि धनु, कुंभ एवं मेष राशि पर पड़ेगी। फलस्वरूप शिक्षा, कानून व्यवस्था, धर्म आध्यात्म, उच्च शिक्षा, तकनीक ए.आई., अंतरिक्ष, वैज्ञानिक अनुसंधान और अन्य सभी तरह के कानूनी एवं सामाजिक मामलों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा मनोरंजन, फिल्म, खेल और डिजिटल कंटेंट के उद्योगों में भी विस्तार देखने को मिल सकता है।
17 अगस्त से 13 सितंबर 2027 के बीच बृहस्पति ग्रह अस्त रहेंगे। इस कारण से इस अवधि में सरकार शिक्षा, न्याय, धर्म अध्यात्म और बड़ी संस्थाओं से जुड़े हुए निर्णयों में कुछ असमंजस में रह सकती है। सरकार के निर्णयों में देरी या पुनर्विचार की स्थिति देखने को मिल सकती है। हालांकि सितंबर मध्य के बाद परिस्थितियों में पुनः गति आने की संभावना बन रही है।
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26 नवंबर 2027 को बृहस्पति कन्या राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके बाद इस साल की थीम बदल सकती है। हालांकि सरकार के कुछ निर्णय कन्फ्यूजन भरे रह सकते हैं लेकिन सरकार की नीयत; व्यवस्था, स्वास्थ्य, रोजगार, सेवा, तकनीकी दक्षता एवं प्रशासनिक सुधार से संबंधित मामलों में सकारात्मक रह सकती है। इस वर्ष के अंतिम भाग में रोजगार, प्रशासनिक सुधार, मेडिकल, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य व्यवस्था एवं कौशल विकास में सुधार आदि प्रमुख विषय बन सकते हैं।
कहने का तात्पर्य यह है कि साल 2027 बृहस्पति के दृष्टिकोण से समीक्षा, नेतृत्व और सुधार का वर्ष कहा जा सकता है। वर्ष की शुरुआत जनता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों से होगी। मध्य में सत्ता और वैश्विक नेतृत्व की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वर्ष की समाप्ति होते-होते दुनिया का ध्यान तकनीक, स्वास्थ्य, रोजगार एवं व्यवस्था में सुधार की ओर केंद्रित होने की उम्मीद नजर आ रही है।
बृहस्पति की इन स्थितियों का आपकी लग्न या आपकी राशि के अनुसार आप पर कैसा प्रभाव पड़ेगा लिए जानते हैं और सबसे पहले चर्चा करते हैं मेष राशि की। बृहस्पति के इन प्रभावों को यदि आप लग्न राशि के अनुसार देखेंगे तो परिणाम ज्यादा सटीक लग सकते हैं। यदि लग्न राशि नहीं पता है तो आप चंद्र राशि के अनुसार देख सकते हैं। यदि चंद्र राशि भी नहीं पता है तो आप अपने नाम अक्षर की राशि के अनुसार देख सकते हैं। वैसे लग्न राशि के अनुसार देखना ज्यादा उचित रहेगा।
मेष राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति आपके पंचम भाव में वक्री अवस्था में रहेंगे। सामान्य तौर पर यहां पर बृहस्पति की स्थिति को अनुकूल परिणाम देने वाला माना गया है। अतः बृहस्पति साल की शुरुआत से लेकर 25 जनवरी तक आपकी शिक्षा, संतान, प्रेम, क्रिएटिविटी के साथ-साथ बुद्धि एवं निवेश आदि से संबंधित मामलों में अच्छे परिणाम देना चाहेंगे।
25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति कर्क राशि में रहेंगे। हालांकि बृहस्पति 13 अप्रैल तक वक्री रहेंगे इसके बाद में मार्गी हो जाएंगे लेकिन फिर भी रहेंगे तो कर्क राशि में ही, यानी आपके चौथे भाव में ही। फलस्वरूप बृहस्पति, माता, संपत्ति, वाहन, सुख सुविधा आदि से संबंधित मामलों में पुनर्समीक्षा करने के भाव दे सकते हैं। मानसिक शांति भी थोड़ा बहुत फ्लकचुएट कर सकती है। अत: बेहतर होगा कि यदि पिछले समय में आपके निर्णय में कोई कमी रह गई थी, ऐसा आप महसूस कर रहे हैं; तो उस मामले में संशोधन संभव हो सकेगा।
हालांकि 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री रहेंगे। फलस्वरूप संशोधन में कुछ विलंब लग सकता है लेकिन अंतत: संशोधन संभव होगा। 26 जून के बाद बृहस्पति आपके पंचम भाव में रहेंगे जो आपकी संतान, शिक्षा आदि से संबंधित मामलों में अच्छे परिणाम देंगे। प्रेम संबंध की बात हो, सगाई की बात हो या फिर किसी भी तरह की क्रिएटिविटी की बात; उन सब में बृहस्पति आपको अच्छे परिणाम देंगे। बौद्धिक क्षमता बेहतर रहेगी। निवेश इत्यादि में भी रुचि जग सकती है और निवेश करने से फायदा मिल सकता है। संतान प्राप्ति के लिए भी योग मजबूत होंगे। परीक्षाओं में अच्छा लाभ मिल सकता है।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति आपके छठे भाव में पहुंच जाएंगे। फलस्वरूप नौकरी को लेकर कुछ चिंताएं देखने को मिल सकती है। जीवन में प्रतिस्पर्धा का लेवल बढ़ सकता हैं। हालांकि आप प्रतिस्पर्धा में आगे जाएंगे, अपने विरोधियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे लेकिन इन सब में न केवल तुलनात्मक रूप से अधिक धन खर्च होगा बल्कि आप कठिनाई का भी अनुभव कर सकेंगे। स्वास्थ्य इत्यादि में भी पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।
उपाय: गुरुवार के दिन मंदिर में पीले वस्त्र और चने की पीली दाल का दान करें साथ-साथ बृहस्पति के किसी भी मंत्र का 108 बार जाप कर सकते हैं।
वृषभ राशि वालों, साल की शुरुआत के समय से लेकर 25 जनवरी तक बृहस्पति वक्री अवस्था में आपके चतुर्थ भाव में रहने वाले हैं। जो भूमि, भवन, वाहन से संबंधित मामले पुनर्समीक्षा की डिमांड कर सकते हैं। ऐसे में यदि आपके घर, परिवार, प्रॉपर्टी या किसी भी तरीके के गृहस्थ मामले को लेकर पूर्व में किए गए किसी निर्णय से किसी को असंतोष है तो उसके बदलाव के लिए यह समय मदद कर सकता है। बात चाहे घर को सजाने संवारने की हो या फिर वाहन इत्यादि में कुछ बदलाव करने की हो इन मामलों में यह समय यदि आपकी अच्छी मदद कर सकता है।
25 जनवरी से 26 जून के बीच में बृहस्पति का गोचर आपके तीसरे भाव में रहेगा। जिसमें से 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री रहेंगे। क्योंकि तीसरा भाव साहस, पराक्रम, छोटे भाई बहन, संचार एवं कम दूरी की यात्राओं का है तो ऐसे में इन मामलों को लेकर तीसरा भाव एक्टिव रह सकता है। विशेष कर 25 जनवरी से 13 अप्रैल के बीच पुराने संबंध फिर से सक्रिय हो सकते हैं। लेखन, संचार, मार्केटिंग एवं मीडिया से जुड़े हुए लोगों को इस गोचर के चलते कुछ विशेष लाभ मिल सकते हैं। हालांकि बृहस्पति के वक्री होने के कारण परिणामों की प्राप्ति में कुछ विलंब भी हो सकता है। 13 अप्रैल के बाद व्यवधान और विलंब तुलनात्मक रूप से कम देखने को मिलेंगे।
26 जून के बाद बृहस्पति आपके चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। फलस्वरूप घर परिवार, वाहन एवं संपत्ति के साथ-साथ मानसिक सुख के मामले में बृहस्पति के परिणाम बेहतर हो सकेंगे। घर को सजाने संवारने की बात हो या फिर नया घर खरीदने की बात; इन मामलों में बृहस्पति आपकी अच्छी मदद कर सकता है। वाहन आदि की खरीदारी के साथ-साथ माता से संबंधित मामलों में भी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। हालांकि गोचरशास्त्र में चतुर्थ भाव के बृहस्पति को बहुत अच्छा नहीं कहा गया है। अतः सब कुछ अनुकूल भले न रहे लेकिन काफी कुछ अनुकूल होने से आप बेहतरी का अनुभव कर सकेंगे।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति ग्रह आपके पंचम भाव में गोचर करेंगे। पंचम भाव में बृहस्पति के गोचर को बहुत अच्छे परिणाम देने वाला माना गया है। ऐसे में बृहस्पति आपको संतान, शिक्षा, प्रेम प्रसंग आदि के साथ-साथ आपके लाभ के मामलों में भी आपकी अच्छी मदद कर सकते हैं। अप्रत्याशित रूप से भी कुछ अच्छी उपलब्धियां आपको मिल सकती हैं। हालांकि कोई बहुत बड़ा आर्थिक रिस्क लेने से बचना समझदारी का काम होगा लेकिन सामान्य तौर पर आर्थिक मामले में भी बृहस्पति के परिणाम अनुकूल रहेंगे।
उपाय: किसी भी बृहस्पतिवार के दिन विद्यार्थियों में पुस्तक, कॉपी पेन या शिक्षा की कोई भी सामग्री दान करना शुभ रहेगा। मंदिर में बेसन की बनी हुई मिठाइयां चढ़ाना भी शुभ रहेगा।
मिथुन राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति आपके तीसरे भाव में वक्री अवस्था में रहेंगे। हालांकि बृहस्पति यहां पर सिर्फ 25 जनवरी तक ही रहेंगे। यहां पर बृहस्पति के गोचर को बहुत अच्छा तो नहीं कहा गया है लेकिन फिर भी संतुलित परिणाम देने में बृहस्पति आपकी अच्छी मदद कर सकते हैं। विशेषकर यात्राओं से जुड़े मामले में, मीडिया, मार्केटिंग, नेटवर्किंग से जुड़े मामलों में बृहस्पति आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकते हैं लेकिन आपको भाइयों, मित्रों और पड़ोसियों इत्यादि के साथ आपके संबंधों को मेंटेन करने की जरूरत रहेगी। टेलिफोनिक बातचीत की तैयारी के समय अच्छे शब्दों का प्रयोग करने की भी जरूरत रहेगी।
अपशब्दों के प्रयोग से बचना समझदारी का काम होगा। 25 जनवरी से लेकर 26 जून तक बृहस्पति आपके दूसरे भाव में उच्च अवस्था में रहेंगे, हालांकि राहु केतु के प्रभाव में रहेंगे और 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री भी रहेंगे। यानी कुछ कमियां तो बृहस्पति के गोचर के भीतर रहेंगी लेकिन इसके बावजूद भी बृहस्पति की प्लेसमेंट बहुत अच्छी रहेगी जो आपको आर्थिक और पारिवारिक मामले में काफी अच्छे परिणाम देना चाहेगी। ऐसे में आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार और पारिवारिक मामलों में अनुकूलता बढ़ने के योग बनेंगे लेकिन क्योंकि बृहस्पति वक्री है ऐसे में यदि कोई पारिवारिक मामला किसी कारण से उलझा हुआ है या किसी आर्थिक मामले में कोई उलझाव देखने को मिल रहा है तो उनके निदान के बारे में विधिवत चिंतन मंथन भी आवश्यक रहेगा। ऐसा करने की स्थिति में आपको सकारात्मक परिणाम मिल सकेंगे। यानी पुरानी समस्याओं और उलझनों से आपको छुटकारा मिल सकेगा।
13 अप्रैल से 26 जून के बीच बृहस्पति के परिणाम बहुत शानदार रह सकते हैं। यानी इस अवधि में आप पुरानी समस्याओं से भी छुटकारा पा सकेंगे और कुछ नए लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। 26 जून के बाद से लेकर 26 नवंबर तक बृहस्पति का गोचर पुन: आपके तीसरे भाव में होने लग जाएगा जो औसत लेवल के परिणाम देने का काम करेगा लेकिन टूर एंड ट्रेवल से जुड़े काम करने वाले लोग, दूरसंचार से संबंधित विभागों से जुड़े हुए लोग, लेखन, मीडिया, मार्केटिंग, नेटवर्किंग इत्यादि से संबंधित लोग काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। धर्म और आध्यात्म इत्यादि से जुड़े हुए वक्ता, प्रवक्ता लोग इस अवधि में काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
26 नवंबर से बृहस्पति का गोचर आपके चतुर्थ भाव में होने लग जाएगा। यहां पर बृहस्पति की गोचर को बहुत अच्छा नहीं कहा गया है लेकिन फिर भी बृहस्पति औसत लेवल के परिणाम दे सकते हैं। क्योंकि बृहस्पति आपके कर्म स्थान के स्वामी होकर कर्म स्थान को देखेंगे। हालांकि वहां पर शनि का प्रभाव है जिसके कारण कामों में कुछ धीमापन रहेगा लेकिन हम यहां पर इंडिविजुअल बृहस्पति के प्रभाव की बात कर रहे हैं तो बृहस्पति यहां बैठकर विदेश से संबंधित मामलों में अनुकूलता दे सकते हैं। कार्य व्यापार से संबंधित मामलों में अनुकूलता दे सकते हैं। कुछ पुराने आर्थिक मामलों को ठीक करने में भी बृहस्पति का योगदान अच्छा रह सकता है। बाकी थोड़ा बहुत तनाव, थोड़ी बहुत घर की चिंताएं भी रह सकती हैं लेकिन सामान्य तौर पर बृहस्पति किसी भी तरीके के नकारात्मक परिणाम नहीं देगा।
उपाय: गुरुवार के दिन मंदिर में किसी बुजुर्ग पुजारी जी को फलों का दान करें। सत्य बोलें लेकिन मीठा बोलें। बड़े बुजुर्ग और गुरुजनों का सम्मान करते रहें।
कर्क राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति का गोचर आपके दूसरे भाव में वक्री अवस्था में रहेगा। यहां पर बृहस्पति 25 जनवरी तक रहने वाले हैं। सामान्य तौर पर दूसरे भाव में बृहस्पति के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। हालांकि बृहस्पति वक्री रहेंगे, ऐसे में कुछ पुरानी गलतियों को सुधारने की जरूरत पड़ेगी। विशेषकर यदि आर्थिक और पारिवारिक मामलों में कोई भूल हुई थी तो उसे ठीक करने के मौके मिल सकेंगे और ठीक करने के बाद आप अच्छे परिणामों की प्राप्ति कर सकेंगे। यानी कि 25 जनवरी तक बृहस्पति आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देगा। विशेष कर पुरानी समस्याओं को सुलझाने के मामले में बृहस्पति का योगदान काफी अच्छा रह सकता है।
25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति का गोचर आपके पहले भाव में रहेगा, जिसमें से 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री अवस्था में रहेंगे। ऐसे में बृहस्पति के परिणाम मिले-जुले रह सकते हैं। आपको अपने आत्मविश्वास और व्यक्तित्व पर कुछ काम करने की आवश्यकता रहेगी। विशेषकर 13 अप्रैल तक आपको स्वयं के व्यक्तित्व में अच्छा सुधार करने का अवसर मिल सकेगा। ज्ञान प्राप्त करने के रास्ते खुलेंगे। आप स्वाध्याय को अधिक महत्व दे सकते हैं लेकिन स्वास्थ्य इत्यादि का ख्याल रखना भी जरूरी रहेगा। यदि स्वास्थ्य किसी कारण से कमजोर था तो अच्छे चिकित्सक से आपकी मुलाकात हो सकती है, जिससे रोगों से छुटकारा पाने में आपको अच्छी सहायता मिल सके। 13 अप्रैल के बाद के परिणाम तुलनात्मक रूप से ज्यादा अच्छे रहेंगे।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति का गोचर पुनः आपके दूसरे भाव में रहेगा। फलस्वरूप आप धन परिवार और वाणी से संबंधित मामलों में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। बजट के मामले में भी आपको काफी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आमदनी के कुछ अच्छे अच्छे स्रोत भी आपको देखने को मिल सकते हैं। भाग्य का अच्छा सपोर्ट मिलेगा। नौकरीपेशा लोग भी तुलनात्मक रूप से बेहतरी का अनुभव कर सकेंगे।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति का गोचर आपकी तीसरे भाव में हो जाएगा, जो यात्राओं की मात्रा को बढ़ा सकता है। संपर्क सूत्रों में भी बढ़ावा देने का काम कर सकता है। लेखन, मीडिया और यात्राओं आदि से जुड़े हुए काम करने वाले लोग तुलनात्मक रूप से ज्यादा अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। क्योंकि व्यवसाय में भी संचार आदि से जुड़े हुए व्यवसाय ज्यादा अच्छे परिणाम देते हुए प्रतीत हो रहे हैं। इस इन सबके बावजूद भी भाई, बंधु और पड़ोसियों के साथ संबंधों को मेंटेन करने की आवश्यकता तुलनात्मक रूप से अधिक मात्रा में रह सकती है। यानी इन लोगों के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाए रखने का प्रयास निरंतर करना होगा।
उपाय: भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा। घर परिवार के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना भी शुभ रहेगा।
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सिंह राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति ग्रह आपके प्रथम भाव अर्थात आपकी लग्न या राशि पर ही रहेंगे। हालांकि बृहस्पति यहां पर 25 जनवरी तक ही रहेंगे और वक्री अवस्था में रहेंगे। जो सामान्य तौर पर आपको अपने व्यक्तित्व पर काम करने का संदेश दे रहे हैं। आपको अपने आत्मविश्वास, अपने निर्णय की क्षमता को संतुलित करने की आवश्यकता रहेगी। हो सकता है कि कोई नई शुरुआत करने की इच्छा भी जागृत हो लेकिन उस पर आगे बढ़ने से पहले भली बात चिंतन मंथन और अनुभवी लोगों से सलाह जरूरी रहेगी। 25 जनवरी से 26 जून तक बृहस्पति ग्रह आपके द्वादश भाव में रहेंगे। हालांकि बृहस्पति उच्च अवस्था में रहेंगे लेकिन फिर भी द्वादश भाव में होने के कारण परिणाम बहुत अनुकूल नहीं रह पाएंगे। ऐसे में आपको अपने खर्चों को लेकर पुनर्समीक्षा करने की आवश्यकता रहेगी।
हालांकि विदेश यात्राओं आदि के लिए इस समय को अनुकूल कहा जाएगा। संतान को पढ़ाई लिखाई के लिए घर से दूर भेजना हो तो उसके लिए भी समय को अनुकूल कहा जाएगा लेकिन यदि स्वास्थ्य इत्यादि की कोई समस्या पहले भी रही है तो इस अवधि में भी अस्पताल इत्यादि आना जाना पड़ सकता है। स्वयं के भीतर आध्यात्मिक भावों को संतुलित करना भी जरूरी रहेगा। व्यर्थ के खर्चों से बचाव भी जरूरी रहेगा।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति पुन: आपके प्रथम भाव में आएंगे और ये आपके व्यक्तित्व, आपकी प्रतिष्ठा, आपके कॉन्फिडेंस आदि को मजबूत करेंगे लेकिन इन्हीं मामलों में गहरा चिंतन मंथन भी जरूरी रहेगा। यदि पूर्व में ऐसा कोई निर्णय हुआ है जिससे आपकी प्रतिष्ठा या व्यक्तित्व को कोई नुकसान पहुंच रहा है तो उस निर्णय पर फिर से चिंतन मंथन करना जरूरी रहेगा। विवाह इत्यादि के दृष्टिकोण से बृहस्पति के इस गोचर को अनुकूल परिणाम देने वाला कहा जाएगा।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति आपके दूसरे भाव में पहुंचेंगे। बृहस्पति के लिए यह खूब अनुकूल स्थिति कहीं जाएगी। ऐसे में बृहस्पति आपके आर्थिक एवं पारिवारिक मामले में काफी अच्छे परिणाम देना चाहेंगे। यदि आप विद्यार्थी हैं तो इस अवधि में आपके आसपास का माहौल पढ़ाई के लिए बहुत अनुकूल रहेगा। अप्रत्याशित रूप से फायदा दिलाने में भी बृहस्पति का यह गोचर आपकी अच्छी मदद कर सकता है।
उपाय: दीन हीन और गरीबों की सेवा करें। साथ ही साथ नियमित रूप से गाय की भी सेवा करें। नियमित रूप से मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
कन्या राशि वालों, साल 2027 की शुरुआत के समय बृहस्पति ग्रह का गोचर आपके द्वादश भाव में। वक्री अवस्था में रहेगा। ये दोनों ही स्थितियां बृहस्पति के लिए अनुकूल नहीं कही गई हैं। बृहस्पति का द्वादश भाव में होना भी अनुकूल बात नहीं है तथा वक्री होना भी अनुकूल बात नहीं है लेकिन इसी गोचर के प्रभाव के चलते दूर या विदेश के स्थान से आपका कोई कनेक्शन जुड़ सकता है। क्योंकि आपके चतुर्थ भाव के स्वामी होकर बृहस्पति द्वादश भाव में जा रहे हैं। जो अध्ययन या काम के लिए विदेश से संबंध जोड़ने में मददगार भी बन सकते हैं। हालांकि खर्चे तो बढ़ेंगे लेकिन धार्मिक और आध्यात्मिक यात्राओं या कार्यों पर खर्च होने के कारण मन मस्तिष्क में एक राहत भी रहेगी। हालांकि इसके बावजूद भी आपकी कोशिश यही होनी चाहिए कि व्यर्थ के खर्चों को रोका जाय। जीवनसाथी या जीवन संगिनी के साथ संबंधों को अनुकूल रखने का प्रयास भी लगातार जरूरी रहेगा।
25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति का गोचर आपके लाभ भाव में रहेगा। हालांकि इसमें से 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री रहेंगे, जो पुराने आर्थिक निर्णयों पर चिंतन मंथन करने का संदेश दे रहे हैं। बावजूद इसके परिणामों में ज्यादातर अनुकूलता ही देखने को मिलेगी। क्योंकि बृहस्पति का यह गोचर आपको लाभ करवाने का काम करेगा, आमदनी में बढ़ोतरी करवा सकता है। मित्रों की प्राप्ति करवा सकता है। क्योंकि यह इच्छा पूर्ति का भाव है ऐसे में 13 अप्रैल के बाद बहुत ही सहज भाव से इच्छापूर्ति संभव हो सकेगी लेकिन उसके पहले कुछ कठिनाइयों के बाद इच्छापूर्ति संभव रहेगी। जनवरी से अप्रैल के बीच पुराने निवेश, संपर्क या रुके हुए लाभ फिर से सामने आ सकते हैं। भले ही उन प्राप्तियां में थोड़ा सा विलंब देखने को मिले लेकिन 13 अप्रैल के बाद इन सब की प्रति सहज ढंग से हो सकेगी।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति पुन: आपके द्वादश भाव में रहेंगे जो फिर से दूर से संबंध जोड़ने में मददगार बनेंगे। यानी यदि साल के शुरुआती 25 दिनों में आपके संबंध विदेश से नहीं जुड़ पाए थे या किसी कारण से कोई व्यवधान आया था तो इस बड़े अवधि में विदेश से कनेक्शन जोड़ना आसान रहेगा। यात्राएं इत्यादि भी करने को मिलेंगी। इसके बावजूद भी खर्चो पर नियंत्रण पाने की कोशिश लगातार करनी होगी।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति ग्रह आपके प्रथम भाव में रहेंगे और तुलनात्मक रूप से बेहतर परिणाम देना शुरू करेंगे। यहां पर आकर बृहस्पति आपकी खोए हुए आत्मविश्वास को दोबारा से बेहतर करेंगे। ज्ञान प्राप्ति के प्रति आपका झुकाव बढ़ सकता है। अपने व्यक्तित्व को और आकर्षक, और मजबूत बनाने के लिए भी आप कुछ प्रयास कर सकते हैं। कुल मिलाकर बृहस्पति का यह गोचर जीवन में एक नई दिशा को जोड़ने का काम कर सकता है।
उपाय: मंदिर में पीले फल या पीले वस्त्र आदि दान किया करें और किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को शिक्षा प्राप्ति में सहयोग करें।
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तुला राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति का गोचर आपके लाभ भाव में रहेगा। यह एक अनुकूल बात है लेकिन वक्री अवस्था में रहेगा। यह इस बात का संकेत है कि आमदनी के जिन सोर्सेस पर आप काम कर रहे हैं उनको लेकर एक बार पुन: चिंतन मंथन जरूरी रहेगा। हालांकि यहां पर बृहस्पति हर हाल में आपको कोई न कोई लाभ करवाते रहेंगे लेकिन और बेहतर लाभ के लिए उन सोर्सेस पर पुनर्समीक्षा जरूरी रहेगी।
25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति का गोचर आपके दशम भाव में उच्च अवस्था में रहेगा। हालांकि इसमें से 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री रहेंगे जो कार्यक्षेत्र और कैरियर से जुड़े हुए पुराने मामलों में समीक्षा का समय होगा। नौकरी बदलने, पदोन्नति अथवा व्यापार व्यवसाय में बदलाव करने की इच्छा मन मस्तिष्क में रह सकती है लेकिन निर्णय लेने से पहले विधिवत चिंतन मंथन जरूरी रहेगा।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति का गोचर आपके लाभ भाव में पहुंच कर आपको अच्छा लाभ करवाना चाहेगा। नौकरी आदि के माध्यम से अच्छा लाभ मिल सकता है। नई नौकरी की तलाश में लगे हुए या फिर किसी भी तरह की नौकरी की तलाश में लगे हुए लोगों की इच्छा पूर्ति हो सकती है। भाग दौड़ अधिक रह सकती है लेकिन भाग दौड़ से फायदा भी मिलेगा। कहीं से कोई अच्छा समाचार भी सुनने को मिल सकता है।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति का गोचर आपके द्वादश भाव में रहेगा। जो खर्चों में बढ़ोतरी करवा सकता है। हालांकि विदेश से संबंधित मामलों में कुछ अनुकूलता भी देखने को मिल सकती है लेकिन सामान्य तौर पर लोगों के खर्च बढ़ सकते हैं। भाग दौड़ भी इस अवधि में कम अनुकूलता दे सकेगी। यानी व्यर्थ की भाग दौड़ अधिक रहेगी, काम की भाग दौड़ कम रहेगी। नौकरी इत्यादि में बदलाव करने की इच्छा भी बलवान हो सकती है लेकिन इस समय नौकरी में बदलाव करने से पहले संबंधित संस्थान के बारे में विधिवत पड़ताल करना समझदारी का काम होगा।
उपाय: बृहस्पतिवार के दिन किसी गरीब, जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन करवाएं। बड़े बुजुर्गों और वरिष्ठों का सम्मान करते रहें। मंदिर में गुरुवार के दिन पीली दाल का दान करें।
वृश्चिक राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति का गोचर आपके दशम भाव में वक्री स्थिति में रहेगा। ऐसे में आपको अपने पद, प्रतिष्ठा और जिम्मेदारियों के प्रति पुनर्विचार करने की आवश्यकता पड़ सकती है। यानी इन मामलों में यदि कहीं कोई चूक या कमी पूर्व में रह गई है तो उस कमी को ठीक करके आगे बढ़ना समझदारी का काम होगा। वरिष्ठों के साथ यदि कभी कोई मनमुटाव रहा है तो उसे दूर करने के लिए यह एक सही अवसर होगा।
26 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति का गोचर आपके भाग्य भाव में रहेगा। जिसमें से 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री स्थिति में रहेंगे। जो इस बात का संकेत है कि अपने गुरुजनों के प्रति, धर्म और समाज के प्रति, यदि कहीं कोई जिम्मेदारी बाकी रह गई है तो उसको अब पूरा कर लिया जाय। यदि कहीं कोई दूर स्थान का कोई काम या दूर की यात्रा पहले कभी प्लान हुई थी लेकिन पूरी नहीं हो पाई थी तो इस अवधि में आप उसे पूरा कर सकते हैं। विशेष कर 13 अप्रैल से पहले का समय धर्म, शिक्षा, गुरु और लंबी यात्राओं के मामले में पुनर्विचार करने का है और कमियों को ठीक करने का है। 13 अप्रैल के बाद स्थितियां काफी अनुकूल होने वाली हैं और उस समय आप आर्थिक मामलों के साथ-साथ शिक्षा और संतान से संबंधी मामलों में भी काफी अच्छे कार्य कर सकेंगे और काफी अच्छे परिणाम भी प्राप्त कर सकेंगे।
26 अप्रैल से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति का गोचर पुनः आपके दशम भाव में रहेगा। फलस्वरूप आप अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर करने का प्रयास करेंगे। वरिष्ठों के साथ संबंधों को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे और इसके कुछ फायदे भी आपको मिलेंगे। वैसे तो सामान्य तौर पर दशम भाव में बृहस्पति के गोचर को बहुत अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता लेकिन मेहनत व्यर्थ नहीं जाती है। क्योंकि यहां बैठकर बृहस्पति आपके धन भाव को देख रहे होंगे और धन भाव उनका स्वयं का भाव है। साथ ही साथ बृहस्पति धन के कारक भी होते हैं। ऐसे में बृहस्पति आर्थिक मामले में काफी अच्छा सपोर्ट करने का प्रयास करेंगे और ऐसा तभी होगा जब कार्य क्षेत्र भी सामान्य तौर पर अच्छा रहेगा। व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी यह गोचर काफी अच्छे परिणाम दे सकेगा।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति की स्थिति बहुत ही अनुकूल होने वाली है। बृहस्पति आपके लाभ भाव में पहुंच जाएंगे। आपको विभिन्न प्रकार से लाभ देने का कोशिश करेंगे। अधिकांश कामों में सफलता मिलेगी। क्योंकि यहां बैठकर बृहस्पति आपके पंचम भाव को देखेंगे। जहां पर उनकी स्वयं की राशि है। ऐसे में विद्यार्थियों को काफी अच्छी परिणाम मिलेंगे। बौद्धिक कार्य करने वाले लोगों को भी बृहस्पति बहुत अच्छे परिणाम देने का प्रयास करेंगे।
उपाय: गुरु, शिक्षक और पिता के साथ-साथ सभी बुजुर्गों का पूरा सम्मान करें। धार्मिक अथवा शैक्षणिक संस्था का अपनी शक्ति के अनुसार सहयोग करें।
धनु राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति का गोचर आपके भाग्य भाव में वक्री अवस्था में रहेगा। वैसे तो भाग्य भाव में बृहस्पति के गोचर को काफी अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है लेकिन वक्री होने के कारण बृहस्पति इस बात का संकेत कर रहे हैं कि धार्मिक मामलों की बात हो या फिर पिता से संबंधित मामलों की बात; इन मामलों में यदि कहीं कोई कमी रह गई है तो उसे ठीक करने के लिए यह एक सही समय है। यानी धर्म कर्म, शैक्षणिक संस्था, शिक्षक व पिता आदि से संबंधित मामलों में पुनर्विचार करने का अवसर इस समय अवधि में आपको मिलेगा।
25 जनवरी को बृहस्पति वक्री अवस्था में चलते-चलते आपके अष्टम भाव में पहुंच जाएंगे। यहां पर बृहस्पति का गोचर 26 जून तक रहेगा। हालांकि बृहस्पति उच्च अवस्था में रहेंगे लेकिन 13 अप्रैल तक वक्री रहेंगे। ऐसे में बृहस्पति कुछ अप्रत्याशित परिणाम दे सकते हैं। अचानक से कुछ बड़े परिवर्तन करने पड़ सकते हैं। यदि कभी कोई पुराना टैक्स इत्यादि बाकी रह गया है तो उसे चुकाने के लिए यह एक सही समय है। भले ही किसी भी तरीके की परेशानी न हो लेकिन फिर भी पुराने टैक्स, बीमारी या संयुक्त संपत्ति के मामलों में पुनर्विचार करते हुए उन्हें ठीक करने का प्रयास करना जरुरी रहेगा। यदि आप ऐसा करते हैं तो 13 अप्रैल के बाद स्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल होने लग जाएगी।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति का गोचर पुनः आपके भाग्य भाव में रहेगा। जो आपको अच्छा सहयोग देगा। बृहस्पति के इस गोचर के चलते आपके व्यक्तित्व में और निखार आएगा। घर गृहस्थी से संबंधित मामलों में अनुकूलता आएगी। भूमि, भवन, वाहन से संबंधित मामलों में भी अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे। पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों के सहयोग से बहुत सारे काम बनेंगे। धार्मिक मामलों में भी आपकी रुचि बढ़ सकती है।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति का गोचर आपके दशम भाव में चला जाएगा। ऐसे में आप अपने कार्य व्यापार, कैरियर इत्यादि को नई दिशा देने का प्रयास करेंगे। हालांकि मेहनत तो लगेगी लेकिन इन मामलों में आपको सफलता भी मिल सकेगी।
उपाय: गुरुवार के दिन मंदिर में घी, कपूर और आलू का दान करें। नियमित रूप से मंदिर जाएं।
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मकर राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति का गोचर आपके अष्टम भाव में वक्री अवस्था में रहेगा। जिसे सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना जाएगा बल्कि यदि आपका कोई टैक्स इत्यादि बाकी है, बीमा से जुड़ा हुआ कोई काम बाकी है, या संयुक्त धन से संबंधित कोई काम बाकी है तो; उन मामलों में इस अवधि में विचार करना और उन मामलों को ठीक करना समझदारी का काम होगा।
25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति का गोचर आपके सप्तम भाव में रहेगा। जिसमें से 13 अप्रैल तक बृहस्पति ग्रह वक्री रहेंगे। हालांकि सप्तम भाव में बृहस्पति के गोचर को बहुत अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऊपर से बृहस्पति उच्च अवस्था में भी रहेंगे लेकिन 13 अप्रैल तक बृहस्पति का वक्री होना इस बात का संकेत है कि साझेदारी के कामों में और दैनिक रोजगार या व्यापार व्यवसाय से संबंधित मामलों में पुनर्विचार करने की आवश्यकता रहेगी। यदि इन मामलों में कहीं कोई कमी है और उस कमी को फ्यूचर में दूर करने के लिए अगर अपने सोच भी रखा है तो बेहतर होगा उस कमी को इसी अवधि में ही ठीक किया जाय। यदि आप ऐसा करते हैं तो यह अवधि आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकेगी। विशेषकर 13 अप्रैल के बाद परिणाम काफी शानदार रह सकते हैं।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति ग्रह पुनः आपकी अष्टम भाव में पहुंच जाएंगे जो आपको संयुक्त धन, बीमा टैक्स और अप्रत्याशित खर्चों से संबंधित मामलों में पुनर्विचार करने का संदेश देंगे और सावधानी रखने का भी संकेत देंगे। हालांकि इस अवधि में आपकी रुचि गुप्त विषयों में, शोध में और आध्यात्मिक मामलों में बढ़ सकती है। योग व्यायाम करने की इच्छा और बलवान हो सकती है। इन सबके बावजूद भी इस टाइम अवधि को सुरक्षित नहीं माना जाएगा। यानी यह टाइम अवधि रिस्क भरा है। बेहतर होगा इस टाइम अवधि में किसी भी तरीके का कोई रिस्क न लिया जाय बल्कि जो जैसा चल रहा है उसी को मेंटेन किया जाय तो ज्यादा अच्छा रहेगा।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति का गोचर आपके भाग्य भाव में पहुंच जाएगा। बृहस्पति के गोचर के लिए यह एक अच्छी प्लेसमेंट है। इसलिए 26 नवंबर के बाद बृहस्पति आपको अच्छा सहयोग देंगे। भाग्य का पूरा सपोर्ट मिलेगा। लंबी दूरी की यात्राओं में सफलता मिलेगी। धर्म, आध्यात्म, उच्च शिक्षा और विदेश से संबंधित मामलों में आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। गुरुजनों और पिता का भी अच्छा सहयोग मिलने के योग बनेंगे।
उपाय: मंदिर में घी, आलू और कपूर का दान करें। किसी जरूरतमंद दंपति को भोजन करवाएं। अहंकार और कटु वाणी से बचें।
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कुंभ राशि वालों, साल की शुरुआत में बृहस्पति के गोचर आपके सप्तम भाव में रहेगा। जो विवाह एवं साझेदारी इत्यादि से संबंधित मामलों में पुनर्विचार करने का संकेत कर रहा है। यानी वैवाहिक जीवन के मामले में, विवाह से संबंधित मामले में, साझेदारी के कामों में तथा रोजगार के कामों में यदि आप किसी तरह की कोई लापरवाही बरत रहे हैं तो इन मामलों में गंभीरता पूर्वक विचार करने की आवश्यकता रहने वाली है।
25 जनवरी से बृहस्पति वक्री अवस्था में ही चलते-चलते आपके छठे भाव में पहुंच जाएंगे। छठे भाव में बृहस्पति के गोचर को अच्छा नहीं माना गया है। ऊपर से बृहस्पति राहु केतु के प्रभाव में रहेंगे। साथ ही साथ 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री भी रहेंगे। अतः बृहस्पति के परिणामों में कमियां देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि बृहस्पति यहां 25 जनवरी से 26 जून तक रहने वाले हैं, तो ऐसे में आपको अपनी नौकरी के मामले में पूरी निष्ठा पूर्वक काम करने की आवश्यकता रहेगी। प्रतिस्पर्धा के भाव बढ़ सकते हैं। हालांकि कंपटीशन में आगे ले जाने में बृहस्पति का यह गोचर मदद करेगा लेकिन व्यर्थ के कामों में प्रतिस्पर्धा रखने से बचने की जरूरत भी रहेगी। रोग, ऋण और शत्रु से संबंधित मामलों को लेकर थोड़ा सा संघर्ष करना पड़ सकता है। हालांकि मेहनत से सफलता मिलेगी लेकिन फिर भी आवश्यकता से अधिक मेहनत के लिए तैयार रहना भी जरूरी रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही इस अवधि में बिल्कुल नहीं बरतनी है। हालांकि 13 अप्रैल के बाद थोड़ी सी राहत मिलेगी लेकिन फिर भी 26 जून तक इन तमाम सावधानियों की आवश्यकता बनी रहेगी।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति का गोचर पुनः आपके सप्तम भाव में रहेगा जो विवाह और साझेदारी से संबंधित मामलों में अच्छी अनुकूलता देने का काम करेंगे। व्यवसाय आदि के डिसीजंस लेने में भी यह समय अवधि आपकी अच्छी मदद करेगी। अविवाहित लोगों के विवाह के अवसर बनेंगे। साझेदारी के कामों में लाभ मिलेगा। हर तरह के कामों में लाभ मिलने की संभावनाएं मजबूत हो रही हैं। आर्थिक मामलों के लिए यह गोचर काफी अच्छे परिणाम देने वाला कहा जाएगा।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति का गोचर आपके सप्तम भाव में होने लग जाएगा। यह अनुकूल स्थिति नहीं कही जाएगी। 26 नवंबर के बाद प्रत्येक मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। विशेषकर किसी भी कानूनी मामले को चैलेंज करना ठीक नहीं रहेगा। संयुक्त धन की बात हो या फिर बीमा अथवा निवेश की बात या फिर सरकार के किसी टैक्स इत्यादि की बात; इन मामलों में सावधानी पूर्वक काम करना है और इनसे संबंधित उलझनों को लीगल तरीके से दूर करना समझदारी का काम होगा व्यर्थ के खर्चों को रोकना भी समझदारी का काम होगा।
उपाय: बेसन की बनी हुई मिठाई या फिर चने की दाल का दान मंदिर में करें। किसी बीमार या जरूरतमंद व्यक्ति की सेवा और सहयोग भी करते रहें। स्वास्थ संबंधी मामलों में लापरवाही बिल्कुल न रखें।
मीन राशि वालों, साल की शुरुआत के समय बृहस्पति का गोचर आपके छठे भाव में रहेगा और वक्री अवस्था में रहेगा। सामान्य तौर पर इस गोचर को अनुकूल नहीं कहा जाएगा। यह गोचर इस बात का संकेत कर रहा है कि प्रतिस्पर्धात्मक मामलों में आपको पुनर्समीक्षा करने की आवश्यकता रहेगी। सामने वाले प्रतिद्वंद्वी को हल्के में लेना ठीक नहीं है। साथ ही साथ नौकरी और रोग इत्यादि से संबंधित मामलों में भी फिर से विचार करने की आवश्यकता रह सकती है।
25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति आपके पंचम भाव में रहेंगे, जिसमें से 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री अवस्था में रहेंगे। वैसे तो सप्तम भाव में बृहस्पति के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है लेकिन 13 अप्रैल तक बृहस्पति वक्री रहेंगे। जो संतान, शिक्षा और प्रेम आदि से संबंधित मामलों में फिर से ध्यान देने की, पुनर्विचार करने की और कमियों को दूर करने की सोच दे सकते हैं। आपको इस सोच पर काम करने की आवश्यकता रहेगी। यदि आपने ऐसा किया तो बृहस्पति का गोचर आपको काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। न केवल आप संतान, शिक्षा और प्रेम के मामले में अच्छा कर सकेंगे बल्कि करियर के मामले में, सामाजिक मामलों में और स्वयं के व्यक्तित्व के मामले में भी आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। 13 अप्रैल के बाद परिणाम और भी अच्छे रह सकते हैं। यानी 13 अप्रैल से 26 जून के बीच संतान, शिक्षा, प्रेम इत्यादि से संबंधित मामलों में कुछ विशेष अनुकूल परिणाम मिलने के योग बनेंगे।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति का गोचर पुन: आपके छठे भाव में हो जाएगा। जो नौकरी, प्रतियोगिता और शत्रुओं से संबंधित मामलों में मेहनत के बाद अच्छी सफलता देने का संकेत कर रहे हैं। हालांकि मेहनत जरूरत से ज्यादा लग सकती है और मेहनत के ग्राफ को कम करने की स्थिति में आपको प्रतिस्पर्धात्मक मामलों के साथ-साथ नौकरी आदि से संबंधित मामलों में कुछ कमजोर परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। अतः स्वयं को मेहनत के लिए तैयार रखें, जिससे कि आपको अच्छे परिणाम मिल सकें।
26 नवंबर के बाद बृहस्पति का गोचर आपके सप्तम भाव में जाएगा। यह अनुकूल गोचर कहा जाता है। यहां पर पहुंच कर बृहस्पति विवाह से संबंधित मामलों में अच्छे अनुकूल परिणाम देंगे। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बनेंगे, विशेषकर उन लोगों के जिनकी उम्र विवाह की हो चली है और वह काफी दिनों से मेहनत कर रहे हैं तो उन्हें अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। साझेदारी के कामों में भी बृहस्पति का यह गोचर आपको अच्छा लाभ दिलाएगा। व्यापार व्यवसाय से संबंधित मामलों में भी आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
उपाय: गुरुवार के दिन केले के वृक्ष का पूजन करना और मंदिर में पीली दाल का दान करना शुभ रहेगा। किसी योग्य विद्यार्थी को शिक्षा के मामले में सहयोग करना भी अनुकूल परिणाम दिलाने में सहयोगी बनेगा।
हम उम्मीद करते हैं कि बृहस्पति के इस गोचर फल के माध्यम से आपको अपने आने वाले समय को व्यवस्थित करने में सहयोग मिलेगा। आने वाला समय आपके जीवन में खुशहाली और तरक्की लेकर आए। आप सबको आने वाले समय की बहुत-बहुत शुभकामनाएं!
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1. गुरु गोचर 2027 कब होगा?
2027 में गुरु राशि परिवर्तन करेंगे, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा।
2. गुरु गोचर 2027 का किन क्षेत्रों पर असर पड़ेगा?
इसका प्रभाव शिक्षा, करियर, विवाह, धन और पारिवारिक जीवन जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
3. क्या गुरु गोचर 2027 से करियर में लाभ होगा?
अनुकूल स्थिति में गुरु का गोचर करियर में नए अवसर और प्रगति के रास्ते खोल सकता है।
4. क्या गुरु गोचर विवाह के लिए महत्वपूर्ण है?
हां, कुंडली के अनुसार गुरु का गोचर विवाह और वैवाहिक जीवन से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है।