एस्ट्रोसेज ए.आई. के “वृश्चिक राशिफल 2027” के इस लेख के माध्यम से आप यह जान पाएंगे कि साल 2027 आपके लिए यानी कि “वृश्चिक राशि” वाले लोगों के लिए कैसा रहेगा? वृश्चिक राशि के वार्षिक राशिफल 2027 के माध्यम से आप जान पाएंगे कि यह साल आपके स्वास्थ्य और शिक्षा पर किस तरह से प्रभाव डाल सकता है? आपको आपके व्यापार या फिर नौकरी में किस तरह के परिणाम मिल सकते हैं?
इतना ही नहीं इस राशिफल के माध्यम से आप यह भी जान सकेंगे कि साल 2027 आपके आर्थिक मामलों, प्रेम, सगाई, विवाह, वैवाहिक जीवन, घर गृहस्थी, भूमि भवन वाहन इत्यादि के लिए कैसा रहने वाला है? इसके अलावा हम इस राशिफल में आपको उपाय भी बताएंगे जिन्हें करके आप अपने 2027 को और भी बेहतर बना सकेंगे। तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए वृश्चिक राशिफल 2027 क्या भविष्यवाणी कर रहा है?
Read in English - Scorpio Horoscope 2027
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वृश्चिक राशि वालों स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यदि इस साल के प्रमुख ग्रहों के गोचर को देखें तो साल स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से औसत से थोड़ा ही सही लेकिन बेहतर अर्थात औसत से बेहतर परिणाम दे सकता है। सबसे पहले शनि ग्रह के गोचर को देखें तो शनि ग्रह का गोचर साल के 7 महीने पंचम भाव में रहेगा जो पेट और जननांगों से संबंधित कुछ परेशानियां देने का काम कर सकता है। ऐसे में जिन लोगों को पेट के आसपास के तकलीफ पहले से हैं अथवा जननांगों या गुप्तांगों से संबंधित कोई तकलीफ पहले से है; उन्हें स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी। हालांकि 3 जून 2022 से लेकर 20 अक्टूबर 2027 के बीच शनि का गोचर छठे भाव में रहेगा और छठे भाव में शनि के गोचर को रोग, ऋण और शत्रु को समाप्त करने वाला कहा गया है लेकिन क्योंकि शनि नीच अवस्था में रहेंगे।
अतः शनि के सारे परिणाम सकारात्मक ही नहीं रहेंगे बल्कि कुछ परिणाम कमजोर भी रह सकते हैं। फिर भी इस अवधि को हम तुलनात्मक रूप से बेहतर कहेंगे। यानी शनि की स्थिति स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बहुत अच्छी नहीं रहेगी। आप शनि की स्थिति को मिली जुली कह सकते हैं। राहु का गोचर तीसरे भाव में होने के कारण स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा माना जाएगा। वहीं केतु का गोचर औसत मान जाएगा। बृहस्पति ग्रह के गोचर की बात करें तो बृहस्पति साल की शुरुआत से लेकर 25 जनवरी तक दशम भाव में है जो स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से न तो अच्छा है न ही खराब।
वहीं 25 जनवरी से 26 जून 2027 के बीच बृहस्पति का गोचर आपके भाग्य भाव में रहेगा, जिसे बहुत अच्छी स्थिति वाला कहा जाएगा। यानी लगभग 5 महीने के आसपास के समय में बृहस्पति की स्थिति बहुत अच्छी रहेगी। 26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति पुन: दशम में रहेंगे जो औसत लेवल के परिणाम देंगे। वहीं 26 नवंबर के बाद बृहस्पति लाभ भाव में पहुंचकर बहुत अच्छे परिणाम देना चाहेंगे। अर्थात बृहस्पति के परिणाम या तो अनुकूल रहेंगे या फिर न्यूट्रल अथवा औसत लेवल की रह सकते हैं। बृहस्पति इस वर्ष स्वास्थ्य के मामले में विरुद्ध परिणाम बिल्कुल नहीं दे रहे हैं बल्कि या तो अनुकूल देंगे या फ़िर औसत। अर्थात प्रमुख ग्रहों का गोचर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से औसत से बेहतर लेवल का परिणाम देना चाह रहा है।
यदि हम आपके लग्न या राशि के स्वामी मंगल की स्थिति को देखें तो मंगल का गोचर इस वर्ष आपके नवम भाव से लेकर तीसरे भाव तक रहने वाला है। भले ही साल की शुरुआत में मंगल का गोचर दशम भाव में रहे लेकिन 9 मार्च 2027 से 26 अप्रैल 2027 के बीच मंगल का गोचर नीच अवस्था में आपके भाग्य भाव में रहेगा तथा राहु केतु के प्रभाव में भी रहेगा। अतः इस ड्यूरेशन को स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अच्छा नहीं माना जाएगा। इसके अलावा 24 अगस्त 2027 से 8 अक्टूबर 2027 के बीच मंगल आपके द्वादश भाव में रहेंगे। इस अवधि को भी स्वास्थ्य के लिहाज से अच्छा नहीं कहा जाएगा।
इन दो टाइम अवधि के अलावा बाकी के जो टाइम अवधि हैं उनमें मंगल या तो अनुकूल परिणाम देगा या फिर औसत लेवल के परिणाम देगा। क्योंकि मंगल आपकी कुंडली में छठे भाव का भी स्वामी होता है। अतः छठे भाव का स्वामी होने के नाते भी मंगल के परिणाम ऐसे ही रहेंगे। आरोग्यता का कारक ग्रह सूर्य साल में सिर्फ चार महीने अनुकूल परिणाम देते हैं बाकी के अन्य महीनों में सूर्य के परिणाम या तो औसत होते हैं या फिर कमजोर होते हैं। तो ऐसे में हम सूर्य के कमजोर टाइम अवधि को जान लेते हैं जिससे उस अवधि में हम स्वास्थ्य का अपेक्षाकृत अधिक ख्याल रखकर अपने स्वास्थ्य को मेंटेन कर सकें।
सूर्य ग्रह 15 जून 2027 से 17 जुलाई 2027 के बीच आपके आठवें भाव में गोचर करेंगे। इस अवधि में अपने स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना है। इसके अलावा 18 अक्टूबर 2027 से 17 नवंबर 2027 के बीच सूर्य नीच अवस्था में आपके द्वादश भाव में रहेंगे। इस अवधि में भी स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी रहेगा। बाकी के अवधि में सूर्य के परिणाम औसत लेवल या मिले-जुले लेवल के रह सकते हैं।
तो इस तरह से सभी ग्रहों के प्रभावों को मिलाकर देखा जाए तो साल सामान्य तौर पर स्वास्थ्य के लिए एवरेज से बेहतर लेवल का सपोर्ट दे सकता है। जिन टाइम अवधि में स्वास्थ्य के कमजोर होने की संभावनाएं हैं उनमें स्वास्थ्य का अपेक्षाकृत अधिक ख्याल रखना है। साथ ही साथ ऐसे लोग जिन्हें पेट की या फिर कमर से निचले हिस्से की कोई समस्या है। साथ ही साथ हृदय या फेफड़ों की कोई समस्या है। उन्हें तुलनात्मक रूप से पूरे वर्ष ही अधिक सजग रहने की आवश्यकता रहेगी। यदि आप सावधानी पूर्वक निर्वाह करेंगे तो परिणाम बेहतर हो सकेंगे।
वृश्चिक राशि वालों शिक्षा के नजरिए से यदि हम इस वर्ष के लिए प्रमुख ग्रहों के गोचरों को देखें तो शनि का गोचर को शिक्षा के मामले में 7 महीने तक अनुकूल नहीं कहा जाएगा। क्योंकि शनि साल की शुरुआत से लेकर 3 जून तक और 20 अक्टूबर के बाद के बचे हुए समय में पंचम भाव में रहने वाला है। पंचम भाव बुद्धि का भाव है। साथ ही साथ शिक्षा को भी रिप्रेजेंट करता है। ऐसी स्थिति में धीमी गति से चलने वाले शनि का प्रभाव शिक्षा के स्तर को धीमा कर सकता है। यानी शनि दिमाग की गति को धीमा करने का काम कर सकते हैं लेकिन सकारात्मक बिंदु यह है कि शनि कर्मठ और मेहनती लोगों को अच्छे परिणाम देते हैं।
ऐसे में मेहनती विद्यार्थी और एक सब्जेक्ट को बार-बार दोहराने वाले/ रिवीजन करने वाले विद्यार्थियों को शनि अच्छे परिणाम देते हैं। यानी शनि सीधे-सीधे तो अच्छे परिणाम नहीं दे रहे हैं लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में कुछ विशेष प्रकार के विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम भी देंगे। बाकी के बचे 5 महीनों में शनि के परिणाम औसत से बेहतर रह सकते हैं। यानी 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच शनि के परिणाम तुलनात्मक रूप से बेहतर रह सकते हैं। राहु का गोचर तीसरे भाव में है जो लगभग सभी मामलों में अच्छे परिणाम देने का काम करेगा। तो स्वाभाविक है कि शिक्षा के मामले में भी राहु अच्छे परिणाम देगा। नहीं तो कम से कम कोई व्यवधान तो नहीं ही देगा।
मनोरंजन और गेमिंग पर अधिक फोकस करने वाले विद्यार्थियों को राहु के द्वारा भी कुछ व्यवधान दिए जा सकते हैं। ऐसे में शिक्षा प्राप्त करने की अवधि में मनोरंजन में कटौती करने की आवश्यकता पड़ने वाली है। केतु का गोचर मिले जुले परिणाम दे रहा है। वहीं बृहस्पति का गोचर औसत से बेहतर लेवल के परिणाम दे रहा है। साल की शुरुआत से लेकर 25 जनवरी तक बृहस्पति दशम भाव में हैं जो भले ही सबको अच्छे परिणाम न दें लेकिन व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बृहस्पति इस अवधि में भी अच्छे परिणाम देंगे। 25 जनवरी से 26 जून तक बृहस्पति भाग्य भाव में उच्च अवस्था में रहेंगे। क्योंकि बृहस्पति आपके पंचम भाव के स्वामी हैं, जो उच्च अवस्था में भाग्य भाव में पहुंचेंगे। अतः आपको शिक्षा के मामले में बहुत ही अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। क्योंकि बृहस्पति उच्च शिक्षा के कारक भी हैं और पंचम भाव के स्वामी हैं; ऐसे में उनकी उच्च अवस्था आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकती है।
यानी 25 जनवरी से 26 जून के बीच का अवधि शिक्षा के दृष्टिकोण से बहुत अच्छा रहने वाला है। 26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति पुन: दशम में पहुंचेंगे जो व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम देंगे। बाकी अन्य विद्यार्थियों को तुलनात्मक रूप से अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। 26 नवंबर के बाद बृहस्पति के परिणाम पुनः बहुत अच्छे होने वाले हैं। जो सभी तरह के विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम देंगे। क्योंकि चतुर्थ भाव के स्वामी शनि की स्थिति इस वर्ष मिली जुली रहेगी अत: शनि ग्रह के परिणाम भी थोड़े से धीमे या मिले-जुले रह सकते हैं। वहीं प्राथमिक शिक्षा के कारक ग्रह बुध भी आपको औसत से बेहतर लेवल के परिणाम देना चाह रहा है।
ऐसे में सभी स्थितियों को मिलाकर देखें तो शिक्षा का स्तर काफी हद तक अनुकूल रहेगा। यद्यपि शिक्षा के मामले में कुछ धीमापन देखने को मिल सकता है, ऐसे में वो विद्यार्थी जो पढ़ाई से ज्यादा गेम खेलने में, विशेषकर ऑनलाइन गेमिंग में इंटरेस्ट रखते हैं; उनकी पढ़ाई बाधित रह सकती है लेकिन मेहनती विद्यार्थियों को इस वर्ष औसत से बेहतर लेवल के परिणाम मिल सकेंगे। सीधे शब्दों में साल 2027 शिक्षा के दृष्टिकोण से औसत सबसे बेहतर लेवल की परिणाम देता हुआ प्रतीत हो रहा है।
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वृश्चिक राशि वालों यदि हम व्यापार व्यवसाय के दृष्टिकोण से इस साल के प्रमुख ग्रहों की स्थिति को देखते हैं तो शनि की स्थिति पंचम भाव में लगभग 7 महीने रहेगी। इन 7 महीनों में शनि आपके सप्तम भाव को देखेंगे। यानी न केवल बौद्धिक लेवल पर बल्कि व्यापारिक लेवल पर शनि का प्रभाव रहेगा। यानी शनि आपके कार्य व्यापार में कुछ धीमापन आने का संकेत है। अतः बेहतर परिणाम के लिए इस वर्ष धैर्य पूर्वक कार्यों को संपादित करना जरूरी रहेगा। जल्दबाजी में नुकसान हो सकता है।
हालांकि 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच शनि का प्रभाव सप्तम भाव से दूर हो जाएगा। फलस्वरूप इस बीच में कुछ अच्छे सौदे हाथ लगा सकते हैं। यानी कि शनि के परिणाम व्यापारिक मामले में भी मिले-जुले रहने वाले हैं। राहु के परिणाम सामान्य तौर पर अनुकूल रहेंगे। व्यापारिक यात्राएं व्यवधान के बाद ही सही लेकिन सफलता को प्राप्त करेंगी। यदि आपसी कम्युनिकेशन पर प्रॉपर ध्यान दिया जाएगा तो बहुत सारी व्यापारिक समस्याएं बातचीत के माध्यम से सुलझाई जा सकेंगी। केतु का गोचर भी सामान्य तौर पर कोई व्यवधान नहीं देगा। बृहस्पति का गोचर भी इस वर्ष मिले-जुले परिणाम देगा लेकिन ये परिणाम सामान्य तौर पर आपके फेवर के ही रहेंगे। सीधे शब्दों में कहा जाए तो बृहस्पति व्यापार व्यवसाय से संबंधित मामलों में आपको औसत से काफी हद तक बेहतर परिणाम दे सकता है।
वहीं सप्तम भाव के स्वामी शुक्र के अनुसार देखें तो शुक्र साल के ज्यादातर समय आपको अनुकूल परिणाम देते हैं। अतः सप्तमेश होने के नाते शुक्र अच्छे परिणाम देंगे और व्यापार व्यवसाय में अच्छा करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। व्यापार के कारक ग्रह बुध के गोचर से भी साल में औसत से बेहतर परिणाम मिलते हैं। इस तरह से सभी स्थितियों को मिलाकर देखा जाए तो साल 2027 वृश्चिक राशि वाले लोगों को व्यापार व्यवसाय के मामले में औसत से काफी हद तक बेहतर परिणाम देता हुआ प्रतीत हो रहा है। सिर्फ शनि के कारण कामों में कुछ धीमापन रहेगा लेकिन यदि आप धैर्य पूर्वक काम करेंगे तो उसमें भी सफलता मिलेगी।
हालांकि नए प्रयोग के लिए बहुत सूझबूझ की आवश्यकता रहेगी। एक्सपर्ट एडवाइस लेने की आवश्यकता रहेगी लेकिन नया प्रयोग भी किया जा सकेगा। सीधे शब्दों में यह साल व्यापार व्यवसाय की दृष्टिकोण से काफी हद तक अनुकूल कहा जाएगा।
वृश्चिक राशि वालों नौकरी के मामले में यदि इस साल के प्रमुख ग्रहों के गोचर को देखा जाए तो शनि का गोचर आपके पंचम भाव में रहने वाला है। यह बहुत अनुकूल स्थिति नहीं है। शनि साल की शुरुआत से लेकर 3 जून तक आपके पंचम भाव में रहेंगे जिसे सामान्य तौर पर अनुकूल स्थिति वाला गोचर नहीं कहा जाएगा। यह गोचर नौकरी में कई तरह की परेशानियां देने का काम कर सकता है। हालांकि 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच शनि ग्रह छठे भाव में रहेंगे, छठे भाव में शनि के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है हालांकि शनि नीच अवस्था में रहेंगे।
अतः शनि कुछ मामलों में तुलनात्मक रूप से अधिक मेहनत की डिमांड कर सकते हैं लेकिन इस ड्यूरेशन अर्थात 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 के बीच में शनि के परिणाम काफी हद तक अनुकूल रहेंगे। राहु का गोचर सामान्य तौर पर आपके फेवर के परिणाम देगा। वहीं केतु का गोचर मिले-जुले या फिर औसत से कुछ कमजोर परिणाम दे सकता है। बृहस्पति का गोचर साल की शुरुआत से लेकर 25 जनवरी तक दशम भाव में रहेगा जो मिले-जुले परिणाम देगा।
वहीं 25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति भाग्य भाव में जाएंगे और हर लिहाज से अच्छे परिणाम देंगे। स्वाभाविक है कि नौकरी में भी अच्छे परिणाम मिलेंगे। 26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति के परिणाम पुनः औसत लेवल के हो जाएंगे लेकिन 26 नवंबर के बाद बृहस्पति के परिणाम पुन: बहुत अच्छे हो जाएंगे। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो नौकरी के मामले में कोई बहुत बड़ा नुकसान नजर नहीं आ रहा है। हो सकता है कि यह साल कुछ अनचाहे परिवर्तन करवाए, कुछ अनचाही जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए आपको मजबूर करे अथवा आवश्यकता से अधिक मेहनत ले लेकिन सामान्य तौर पर नौकरी के मामले में काफी हद तक अनुकूल परिणाम दे सकता है।
यदि हम आपके छठे भाव के स्वामी मंगल की स्थिति को देखें तो मंगल इस वर्ष आपके नवम भाव से लेकर तीसरे भाव तक गोचर करने वाला है जिसमें से दो स्थितियों में मंगल के गोचर को कमजोर माना जाएगा। एक स्थिति में बहुत अनुकूल तो बाकी के समय में औसत मान जाएगा। हम मंगल की कमजोर स्थिति की चर्चा पहले कर लेते हैं, जिससे उस अवधि में आप नौकरी को लेकर सचेत रहें, जागरूक रहें, जिससे आपको कोई नुकसान न हो सके। मंगल 9 मार्च 2027 से 26 अप्रैल 2027 के बीच नीच अवस्था में रहेगा। फलस्वरूप ये नौकरी में कुछ परेशानियां दे सकता है। इस अवधि में अपनी जॉब को लेकर विशेष सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी।
साल की शुरुआत से लेकर 9 मार्च तक और 26 अप्रैल से 5 जुलाई के बीच मंगल का गोचर आपको एनर्जी से भरने का काम करेगा लेकिन सहकर्मियों और सीनियर्स के साथ संबंधों को मेंटेन करने की जरूरत पड़ेगी। ऐसा करने की स्थिति में आप नौकरी में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। 5 जुलाई 2027 से 24 अगस्त 2027 के बीच आपको बहुत अच्छे परिणाम मिलने वाले हैं। यानी इस बीच में आप नौकरी में बहुत अच्छा कर सकेंगे। कंपनी की पॉलिसी के अनुसार आपको लाभान्वित होने के मौके भी मिल सकेंगे लेकिन 24 अगस्त से 8 अक्टूबर के बीच मंगल पुनः कमजोर परिणाम दे सकते हैं। इस बीच में भी सचेत रहने की आवश्यकता रहेगी। आगे पीछे के समय में मंगल के परिणाम औसत लेवल के रह सकते हैं।
कहने का तात्पर्य यह है कि सामान्य तौर पर यह साल नौकरी के मामले में कोई बड़ी समस्या नहीं दे रहा है। हो सकता है कि तुलनात्मक रूप से मेहनत अधिक करनी पड़े या फिर जिम्मेदारियों का बोझ अधिक रहे लेकिन किसी न किसी तरह से आप अपने लक्ष्य को अचीव करके अपनी नौकरी में संतोषप्रद परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
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वृश्चिक राशि वालों आर्थिक मामलों में हम सबसे पहले इस वर्ष के प्रमुख ग्रहों के गोचर को देखेंगे। ऐसा करने पर हम पाते हैं कि शनि का गोचर साल के सात महीने कमजोर तो वहीं 5 महीने औसत से बेहतर रहेगा। राहु का गोचर आर्थिक मामले में कोई समस्या नहीं देगा बल्कि जब भी जरूरत पड़ेगी वह आपका फेवर ही करेगा। केतु का गोचर प्रत्यक्ष रूप से कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहा है लेकिन यदि जब भी केतु का कोई हस्तक्षेप रहेगा तो वह मिला-जुला लेकिन औसत से कमजोर लेवल का रह सकता है। बृहस्पति जो धन के कारक हैं और आपके धान भाव अर्थात दूसरे भाव के स्वामी भी हैं उनकी स्थिति साल की शुरुआत से 25 जनवरी तक पंचम भाव में रहेगी।
यहां पर बृहस्पति को बहुत अच्छा नहीं माना गया है लेकिन यहां रहकर बृहस्पति आपके दूसरे भाव अर्थात धन संचय के भाव को देखेंगे जो आपकी आमदनी के अनुसार बचत करवाने में मददगार बनेगी। नहीं तो कम से काम पहले से बचाए हुए धन को सुरक्षित रखने में मददगार तो बनेंगे ही। 25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति का गोचर आपके भाग्य भाव में उच्च अवस्था में रहेगा। यह बहुत अच्छा समय है इस बीच में बृहस्पति न केवल आमदनी के मामले में बल्कि बचत के मामले में भी आपकी अच्छी मदद करेंगे। 26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति पुन: दशम भाव में जाएंगे और औसत लेवल के परिणाम देंगे।
हालांकि बचत के मामले में परिणाम अच्छे भी रहेंगे लेकिन आमदनी के मामले में बृहस्पति के परिणाम मिले जुले रह सकते हैं। 26 नवंबर के बाद बृहस्पति के परिणाम बहुत शानदार हो जाएंगे जो आमदनी के मामले में आपकी बहुत अच्छी मदद करेंगे। साथ ही साथ बचत के मामले में भी मदद करेंगे। यानी 5 महीने बृहस्पति के परिणाम मिले-जुले या औसत से थोड़े से बेहतर रहेंगे जबकि 7 महीने में बृहस्पति के परिणाम बहुत अच्छे रहेंगे। तो इस तरह से प्रमुख ग्रह आमदनी और बचत दोनों के मामले में काफी हद तक अनुकूल हैं।
यदि हम लाभ भाव के स्वामी बुध की स्थिति को देखें तो बुध साल में अधिकांश समय फेवर के परिणाम देते हैं जिसे आप एवरेज से बेहतर लेवल का परिणाम कर सकते हैं। कुछ समय में बुध के परिणाम मिले जुले तो कुछ समय में कमजोर रहते हैं। यदि हम कमजोर अवधि को जान लेंगे तो उस अवधि में आर्थिक मामलों में कोई रिस्क नहीं लेंगे और नुकसान से बच सकेंगे। अतः बुध के कमजोर अवधि को जानना जरूरी है। सबसे पहले बुध ग्रह 5 अप्रैल 2027 से 22 अप्रैल 2027 के बीच नीच अवस्था में रहते हुए कमजोर परिणाम दे सकते हैं।
अतः इस बीच में आमदनी को लेकर चौकन्ने रहने की जरूरत रहेगी। आमदनी को ध्यान में रखते हुए ही खर्च या अन्य जिम्मेदारियों को आर्थिक मामलों में जोड़ना ठीक रहेगा। दूसरी बार बुध का गोचर 6 मई 2027 से 13 मई 2027 के बीच कमजोर रहेगा। तत्पश्चात बुध ग्रह 21 सितंबर 2027 से 21 अक्टूबर 2017 के बीच कमजोर परिणाम दे सकते हैं। इस बीच में भी आर्थिक मामले में समझदारी से काम लेने की आवश्यकता रहेगी। यानी यह कुछ अवधि ऐसे हैं जहां आपको आर्थिक मामलों में विशेष सजग रहने की आवश्यकता रहेगी।
आगे पीछे के समय में या तो परिणाम अनुकूल रहेंगे या तो परिणाम मिले-जुले रहेंगे लेकिन उन टाइम अवधि को आर्थिक मामलों के लिए अच्छा कहा जाएगा। सीधे शब्दों में कहें तो साल 2027 वृश्चिक राशि वाले लोगों के आर्थिक मामलों के लिए औसत से काफी हद तक बेहतर है। जिसे सामान्य तौर पर अनुकूल स्थिति वाली श्रेणी में रखा जाएगा।
वृश्चिक राशि वालों प्रेम संबंध के लिए भी सबसे पहले हम इस वर्ष के प्रमुख ग्रहों के गोचर को देखते हैं तो शनि ग्रह का गोचर आपका प्रेम भाव अर्थात पंचम भाव में ही साल के 7 महीने रहने वाला है। पहली नजर में यह अनुकूल स्थिति नहीं है। यानी स्थूल गणना ही इस बात का संकेत कर रही है कि अपनी लव लाइफ को लेकर इस वर्ष आपको सीरियस रहने की आवश्यकता है। किसी भी मामले को तूल पकड़ाना ठीक नहीं रहेगा। छोटी बातों को छोटे लेवल पर सुलझा लेना ही समझदारी का काम होगा अन्यथा आपको परेशानियां रह सकती हैं।
खासकर साल की शुरुआत से लेकर 3 जून तक और 20 अक्टूबर के बाद का अवधि लव लाइफ के लिए थोड़ा सा कठिन नजर आ रहा है। 3 जून 2027 से 20 अक्टूबर 2027 के बीच के अवधि में सामान्य तौर पर आपको तुलनात्मक रूप से बेहतर परिणाम मिलेंगे। वहीं आपके पंचम भाव के स्वामी बृहस्पति की स्थिति को देखें तो बृहस्पति साल के लगभग 7 महीनों में आपको बहुत अच्छे परिणाम देना चाह रहे हैं जबकि 5 महीनों में बृहस्पति के परिणाम औसत लेवल के रह सकते हैं। यानी जो समस्या शनि दे रहे हैं बृहस्पति उस समस्या को मेंटेन करने का काम करेंगे।
राहु का गोचर इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा लेकिन यदि करता है तो राहु के परिणाम सभी मामलों में सामान्य तौर पर अनुकूल रहेंगे। वहीं केतु के परिणाम मिले-जुले रह सकते हैं। तो ऐसे में प्रमुख ग्रह इस बात का संकेत कर रहे हैं कि कुछ न कुछ परेशानियां बीच-बीच में आएंगी लेकिन समझदार लोग उन परेशानियों को दूर करके अपनी लव लाइफ को मेंटेन कर सकेंगे। भले ही लव लाइफ को बहुत ज्यादा इंजॉय कर पाए या नहीं लेकिन थोड़ी सी भी समझदारी दिखाने की स्थिति में लव लाइफ में अनुकूलता का ग्राफ मेंटेन हो सकेगा। प्रेम का कारक ग्रह शुक्र साल के अधिकांश समय में अनुकूल परिणाम देता है।
वहीं सूर्य और मंगल जैसे ग्रहों के गोचर को भी देखना जरूरी रहेगा। इनके गोचरों में कमजोर अवधि की चर्चा हम कर लेते हैं जिससे उस अवधि में आप अपने लव लाइफ पर खास ध्यान दे सकें। मंगल का गोचर साल की शुरुआत के समय ही थोड़ा सा कमजोर है। क्योंकि मंगल अष्टम दृष्टि से पंचम भाव को देख रहे हैं जहां पर शनि विराजमान है। मंगल साल की शुरुआत से लेकर 9 मार्च 2027 तक इसी स्थिति में रहेंगे। 9 मार्च 2027 से 28 अप्रैल 2027 के बीच में मंगल लाभ भाव में रहेंगे। यहां उनकी पोजीशन अच्छी है लेकिन फिर भी पंचम भाव को देखेंगे। तो ऐसे में मंगल कुछ अच्छाई तो कुछ कमियां डिलीवर करने का काम करेंगे। फिर भी इस अवधि में जागरूकता या समझदारी की जरूरत रहेगी। ऐसा करना समझदारी का काम होगा।
इसके बाद मंगल ग्रह 18 नवंबर से 27 दिसंबर के बीच आपके पंचम भाव को देखेंगे, जहां पर शनि विराजमान है। अतः इस अवधि में भी आपसी अरगुमेंट्स तुलनात्मक रूप से अधिक रहते हैं। जिन्हें संभालने की आवश्यकता रहने वाली है। सूर्य के गोचर को देखें तो सूर्य का गोचर 15 मार्च 2027 से 14 अप्रैल 2027 के बीच पंचम भाव में रहेगा। यानी सूर्य शनि की युति आपके पंचम भाव में रहेगी। इस बीच में भी लव लाइफ में ईगो या अहंकार के चलते कुछ परेशानियां रह सकती हैं। कहने का तात्पर्य है कि इन टाइम अवधि को मेंटेन करेंगे तो लव लाइफ में कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी लेकिन यदि इन अवधि में लापरवाही दिखाई गई तो शनि की उपस्थिति आग में घी की तरह काम करेगी और छोटी सी समस्या बड़ी होकर के परेशानी दे सकती है।
जब कभी विवाद होता हुआ नजर आए तो थोड़ी सी दूरी मेंटेन करना लव लाइफ को सुरक्षित रखने का काम करेगी।
वृश्चिक राशि वालों सबसे पहले हम आपके विवाह से संबंधित मामलों के लिए इस वर्ष के प्रमुख ग्रहों के गोचर को देखते हैं तो हम पाते हैं कि शनि ग्रह साल के 7 महीने आपके पंचम भाव में रहेंगे। जहां पर शनि के गोचर को बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। यहां बैठकर शनि ग्रह आपके सप्तम भाव को भी देखेंगे। ये दोनों स्थितियां वैवाहिक मामलों में विशेषकर विवाह सगाई जैसे मामलों में अच्छी नहीं कही जाएंगी। यानी कि साल की शुरुआत से लेकर 3 जून तक, इसके बाद 20 अक्टूबर के बाद वाले समय में शनि का गोचर ठीक नहीं है। 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच शनि ग्रह पर छठे भाव में रहेंगे। भले ही ऐसी स्थिति में शनि विवाह से संबंधित मामलों में कोई दखल नहीं देंगे लेकिन अपने दुष्प्रभाव को भी समेटे रहेंगे, जिसका फायदा आपको मिल सकता है।
यानी यदि विवाह की उम्र हो चुकी है सगाई और शादी के लिए प्रयत्न भी कर रहे हैं तो शनि 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच में व्यवधान नहीं डालेंगे। वैसे भी कई ज्योतिषी ऐसा मानते हैं कि शनि का कनेक्शन किसी न किसी तरह से सप्तम भाव से जुड़ता है तो उसके आसपास के समय में विवाह के योग निर्मित होते हैं। तो ऐसी स्थिति में 3 जून और 20 अक्टूबर के आगे पीछे वाले समय में शनि का कनेक्शन भी जुड़ा रहेगा और 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच शनि की नकारात्मकता भी दूर रहेगी। जिसका फायदा विवाह से संबंधित मामलों में मिल सकता है।
राहु का प्रभाव विवाह से संबंधित मामलों में प्रत्यक्ष रूप से तो नहीं है लेकिन कुछ लोग राहु ग्रह की पंचम दृष्टि मानते हैं, उसके अनुसार राहु का प्रभाव सप्तम भाव पर रहेगा लेकिन राहु का गोचर तीसरे भाव में है, इसलिए उसे सामान्य तौर पर अनुकूल माना जाएगा और क्योंकि वह विवाह से संबंधित मामलों में कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं डालेगा। यानी इस मामले में अधिकांश प्रभाव शनि और बृहस्पति पर रहने वाला है। शनि साल के 5 महीने ही सही लेकिन विवाह से संबंधित मामलों में हस्तक्षेप न करके आपको आगे बढ़ने का मौका दे सकते हैं। यदि हम बृहस्पति की स्थिति को देखें तो बृहस्पति ग्रह साल की शुरुआत से लेकर 25 जनवरी तक विवाह से संबंधित मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं लेकिन 25 जनवरी से लेकर 26 जून तक बृहस्पति सभी मामलों में अनुकूल परिणाम देना चाह रहे हैं, तो स्वाभाविक है की विवाह से संबंधित मामलों में भी अनुकूल परिणाम दे सकते हैं।
ऊपर से पंचम भाव के स्वामी का उच्च का होना और पंचम भाव को देखना भी, यह भी सगाई और विवाह की बातों को आगे बढ़ाने में मदद करने वाली स्थिति है। यानी विवाह की बात आगे बढ़ाने में न सही लेकिन सगाई के मामले में मदद करने का संकेत बृहस्पति कर रहे हैं और यह एक तरह से विवाह के मामले को आगे बढ़ना ही माना जाएगा। 26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति पुन: दशम भाव में जाएंगे और यह विवाह के मामले में प्रत्यक्षत: कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यानी कि बृहस्पति के परिणाम मिले जुले रहेंगे। आपकी कोशिश के अनुसार आपको परिणाम मिल सकते हैं लेकिन 26 नवंबर के बाद वाले परिणाम शानदार रहने वाले हैं।
यानी 26 नवंबर के बाद में बचे हुए एक से सवा महीने के टाइम में विवाह होने के बहुत मजबूत योग इस वर्ष बन रहे हैं। हालांकि इसके आगे भी योग बने रहेंगे लेकिन क्योंकि तब तक तो अगला नया वर्ष शुरू हो जाएगा और हमारी चर्चा फिलहाल यहां पर सिर्फ 2027 तक ही है; उस दृष्टिकोण से हम कह रहे हैं कि 25 जनवरी से 26 जून और 26 नवंबर के बाद वाले अवधि में विवाह होने के बहुत अच्छे योग बनेंगे। सप्तम भाव के स्वामी शुक्र के अनुसार देखें तो यह साल के अधिकांश समय आपकी मदद करना चाह रहा है। ऐसी स्थिति में सारे लक्षणों को मिलाकर देखा जाए तो यह साल पूरे समय न सही लेकिन साल की एक बड़े हिस्से में विशेष कर लगभग 5 महीने के समय में विवाह से संबंधित मामलों में अच्छे परिणाम देना चाहेगा।
वहीं वैवाहिक जीवन की बात की जाए तो शनि ग्रह का साल के लगभग 7 महीने में सप्तम भाव पर प्रभाव अच्छा नहीं माना जाएगा। यह छोटी मोटी विसंगतियां देने का काम कर सकता है। हालांकि शुक्र की स्थिति साल के अधिकांश समय अच्छी रहेगी लेकिन शुक्र का गोचर तो लगभग हर वर्ष ही साल के अधिकांश समय आपके लिए अनुकूल परिणाम देता है लेकिन शनि की स्थिति के कारण इस वर्ष परिणाम थोड़े से कमजोर रह सकते हैं। हालांकि देवगुरु बृहस्पति जो सौभाग्य के कारक हैं आपके पंचम भाव यानी प्रेम भाव के स्वामी है, दूसरे भाव यानी परिवार के स्थान के स्वामी है, वो इस साल कोई बड़ी नकारात्मकता नहीं दे रहे हैं बल्कि साल के अधिकांश समय आपके फ़ेवर की परिणाम दे रहे हैं।
इन सभी स्थितियों को मिलाकर देखें तो यही कहा जा सकता है कि इस वर्ष वैवाहिक जीवन में भले ही सब कुछ स्मूथ न रहे लेकिन काफी कुछ अच्छा रहेगा। समझदार लोग कमजोर अवधि में भी समझदारी दिखाकर नकारात्मकता को रोकते हुए अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे और जिन टाइम अवधि में; विशेषकर 25 जनवरी से 26 जून और 26 नवंबर के बाद वाले अवधि में वैवाहिक जीवन का सुंदर आनंद ले सकेंगे।
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वृश्चिक राशि वालों यदि पारिवारिक मामले में हम इस वर्ष के प्रमुख ग्रहों के गोचर को देखें तो शनि का गोचर साल के सात महीनों आपके दूसरे भाव को देखने वाला है। यानी शनि साल की शुरुआत से लेकर 3 जून तक पंचम भाव में रहेंगे और दशम दृष्टि से आपके दूसरे भाव को देखेंगे। जिसे सामान्य तौर पर अच्छा नहीं कहा जाएगा। वहीं 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच शनि का प्रभाव आपके दूसरे भाव से दूर हो जाएगा। इस बीच में पारिवारिक विसंगतियों को दूर करने का मौका मिलेगा। यदि आप समझदारी से काम लेंगे तो पुरानी पारिवारिक समस्याओं को दूर करने में सक्षम भी हो सकेंगे
20 अक्टूबर के बाद शनि ग्रह पुनः पंचम भाव में आएंगे और दशम दृष्टि से दूसरे भाव को देखने लग जाएंगे। अतः 20 अक्टूबर के बाद के समय में कुछ पारिवारिक परेशानियों देखने को मिल सकती हैं। राहु का गोचर पारिवारिक मामलों में प्रत्यक्ष रूप से कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा क्योंकि राहु का गोचर तीसरे भाव में है तो उसे सामान्य तौर पर अच्छा ही माना जाएगा। केतु का गोचर भले ही बहुत अनुकूल स्थिति में नहीं है लेकिन पारिवारिक मामलों में कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं डाल रहा है। पिता से संबंधित मामलों में थोड़ी सी जागरूकता दिखाएंगे तो परिणाम अच्छे बने रहेंगे।
यदि हम बृहस्पति के गोचर की बात करें तो बृहस्पति इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभाव डालेगा, क्योंकि बृहस्पति आपकी कुंडली में दूसरे भाव का स्वामी होता है और नैसर्गिक रूप से दूसरे भाव का कारक भी होता है इसलिए बृहस्पति की स्थिति का पारिवारिक मामलों में गहरा प्रभाव पड़ने वाला है। क्योंकि बृहस्पति साल की शुरुआत से लेकर 25 जनवरी तक बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है, फिर भी दूसरे भाव को देख रहे हैं। अतः बृहस्पति इस अवधि में औसत से बेहतर परिणाम देंगे। यानी शनि से संबंधित जो परेशानियां बहुत बृहद लेवल की नजर आ रही हैं, बृहस्पति उन्हें छोटे लेवल पर ही रोकने का काम करेंगे।
25 जनवरी से 26 जून के बीच में आपके दूसरे भाव का स्वामी बृहस्पति उच्च अवस्था में रहेगा जो आपको हर मामले में अच्छे परिणाम देगा। तो स्वाभाविक है कि पारिवारिक मामलों में भी आपको अच्छे परिणाम मिल जाएंगे। वहीं 26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति पुन: दशम भाव में जाएंगे और आपकी समस्याओं को छोटे लेवल पर लाने का काम करेंगे। 26 नवंबर के बाद बृहस्पति लाभ भाव में आएंगे और शनि के दुष्प्रभाव को शांत करने का काम करेंगे। कहने का तात्पर्य है कि शनि ग्रह पारिवारिक मामलों में कुछ समस्याएं देना चाह रहा है लेकिन बृहस्पति उन समस्याओं को शांत करने का काम करेगा।
फलस्वरूप कुछ विसंगतियां के बाद पारिवारिक मामलों में सामंजस्य बनाया जा सकेगा। अन्य गोचरों में सबसे ज्यादा प्रभाव मंगल का ही पड़ सकता है और मंगल का गोचर इस वर्ष आपके भाग्य भाव से लेकर तीसरे भाव तक रहने वाला है, यानी दूसरे भाव में भी रहेगा। तो स्वाभाविक है कि उस बीच में कुछ परेशानियां रह सकती हैं। मंगल का गोचर आपकी कुंडली के अनुसार 18 नवंबर से 27 दिसंबर के बीच दूसरे भाव में रहेगा। अतः इस बीच में पारिवारिक विवाद को टालना जरूरी रहेगा। क्योंकि इस बीच में परिजनों के बीच अरगुमेंट्स या लड़ाइयां संभव हैं।
इस अवधि में बचाव करेंगे तो आगे पीछे के समय में बृहस्पति की कृपा से बड़ी समस्याओं को शांत किया जा सकेगा। गृहस्थ मामलों की बात करें तो गृहस्थ मामले में इस वर्ष मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। क्योंकि चतुर्थ भाव का स्वामी साल की शुरुआत से 3 जून तक पंचम भाव में रहेगा, जिसे बहुत अच्छा नहीं कहा गया है। 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच में शनि ग्रह छठे भाव में जाएेंगे। प्लेसमेंट के अनुसार यह बहुत अच्छी स्थिति है लेकिन शनि नीच के रहेंगे यह एक कमजोर स्थिति है।
यानी गृहस्थ भाव के स्वामी का नीच का होना बहुत अच्छा तो नहीं माना जाएगा। हालांकि बृहस्पति बीच-बीच में आपको अच्छी एनर्जी देता रहेगा। यानी गृहस्थ जीवन में कोई बड़ी विसंगति आने से बृहस्पति रोकेगा फिर भी शनि का सपोर्ट न मिलने के कारण गृहस्थ जीवन में कुछ विसंगतिया देखने को मिल सकती हैं। दोनों तरह के परिणामों को मिलाकर देखा जाए तो गृहस्थ जीवन में मिले-जुले या औसत लेवल के परिणाम मिल सकते हैं।
वृश्चिक राशि वालों क्योंकि भूमि भवन और वाहन तीनों का विचार कुंडली के चतुर्थ भाव से किया जाता है और चतुर्थ भाव का स्वामी शनि इस वर्ष बहुत अच्छी स्थिति में नहीं रहेगा। शनि साल की शुरुआत से लेकर 3 जून तक पंचम भाव में रहेगा। प्लेसमेंट के दृष्टिकोण से इस स्थिति को अच्छा नहीं कहा गया है। वहीं 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच शनि ग्रह छठे भाव में रहेंगे। भले ही यह स्थिति प्लेसमेंट के अनुसार अच्छी हो लेकिन चतुर्थ भाव के स्वामी का नीच का होना भूमि, भवन और वाहन से संबंधित मामलों में कुछ परेशानियां दे सकता है।
यानी कि शनि ग्रह 3 जून से 20 अक्टूबर के बीच कुछ अच्छे परिणाम दे सकता है लेकिन इन परिणामों को प्राप्त करने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। कहने का तात्पर्य है कि इस वर्ष की कुछ महीने भूमि, भवन और वाहन आदि से संबंधित मामलों में आपको सपोर्ट तो करेंगे लेकिन इन मामलों में उपलब्धि को प्राप्त करना कठिन रहेगा। कठिनाई के बाद प्राप्ति संभव होगी। राहु का गोचर इस मामले में सामान्य तौर पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा लेकिन यदि डालेगा तो राहु के परिणाम अनुकूल रहने की अच्छी संभावना है।
वैसे तो केतु प्रत्यक्ष रूप से कोई प्रभाव डालता हुआ प्रतीत नहीं हो रहा है लेकिन यदि डालेगा भी तो केतु के परिणाम मिले-जुले रह सकते हैं। बृहस्पति के गोचर को देखें तो बृहस्पति का गोचर इस मामले में सामान्य तौर पर आपको अनुकूल परिणाम देना चाह रहा है। साल की शुरुआत से लेकर 25 जनवरी तक बृहस्पति दशम भाव में है। भले ही बृहस्पति के प्लेसमेंट को यहां अच्छा नहीं माना गया है लेकिन बृहस्पति चतुर्थ भाव को देखेंगे और इन मामलों में उन्नति देने का काम करेंगे। यानी भूमि, भवन और वाहन की प्राप्ति में बृहस्पति का सहयोग मिलता रहेगा। 25 जनवरी से 26 जून के बीच बृहस्पति उच्च के रहेंगे, हालांकि चतुर्थ भाव पर बृहस्पति का कोई प्रभाव प्रत्यक्षत: नहीं है फिर भी बृहस्पति देंगे तो अच्छे परिणाम ही देंगे।
26 जून से 26 नवंबर के बीच बृहस्पति का प्रभाव पुनः चतुर्थ भाव पर देखने को मिलेगा, जिसे अनुकूल ही माना जाएगा। 26 नवंबर के बाद बृहस्पति के परिणाम और अच्छे हो जाएंगे। यानी बृहस्पति पूरे वर्ष में किसी ने किसी तरह इन मामलों में आपको लाभ पहुंचाना चाह रहा है। कहने का तात्पर्य है कि शनि के परिणाम औसत और बृहस्पति के परिणाम काफी हद तक अनुकूल रहेंगे।
दोनों को मिलाकर देखें तो भूमि, भवन और वाहन से संबंधित मामलों में आपको मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। सावधानीपूर्वक इन मामलों में निवेश करके लाभ कमाया जा सकेगा लेकिन लापरवाही की स्थिति में अथवा जल्दबाजी की स्थिति में निर्णय लेने पर; कुछ परेशानियां भी देखने को मिल सकती है। अत: धर्यपूर्वक निर्णय लेकर आप लाभ कमाने का प्रयास कर सकते हैं, उम्मीद है ऐसा करने की स्थिति में परिणाम बेहतर होंगे।
हम उम्मीद करते हैं कि इस राशिफल के माध्यम से वृश्चिक राशि वाले अपने आने वाले साल 2027 के बारे में जानकर, अच्छे बुरे समय को पहचान कर साल को और बेहतर बना सकेंगे। आपका आने वाला साल बहुत मंगलमय हो। भगवती आप सबका कल्याण करें।
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1. 2027 में वृश्चिक राशि वालों की सेहत कैसी रहेगी?
सेहत अच्छी रखने के लिए नियमित देखभाल और संतुलित दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी होगा।
2. क्या 2027 में वृश्चिक राशि वालों को करियर में सफलता मिलेगी?
करियर में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। मेहनत और सही रणनीति से आपको आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।
3. 2027 में वृश्चिक राशि वालों की आर्थिक स्थिति कैसी रहेगी?
आर्थिक स्थिति अनुकूल रह सकती है। आय में सुधार और धन से जुड़े अच्छे अवसर मिलने की संभावना है।