बुध कुंभ राशि में अस्त (28 फरवरी 2026)

Author: Ruchi Sharma | Updated Fri, 16 Jan 2026 12:58 PM IST

बुध कुंभ राशि में अस्त : ज्योतिष में बुद्धि, वाणी, तर्क, गणित, संचार, शिक्षा और व्यापार के कारक ग्रह बुध वर्ष 2026 में 28 फरवरी की रात 10 बजकर 09 मिनट पर वक्री अवस्था में कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे और यह अवस्था 13 मार्च 2026 तक रहेगी।


वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत अधिक पास आ जाता है, तो उसे अस्त कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है, जब ग्रह सूर्य की तेज किरणों के प्रभाव में आ जाता है और अपनी पूरी शक्ति से फल नहीं दे पाता। हर ग्रह के लिए अस्त होने की सीमा अलग-अलग होती है। बुध ग्रह जब सीधी चाल में सूर्य से 14 डिग्री के भीतर आ जाता है तो अस्त माना जाता है और जब बुध वक्री अवस्था में होता है तो सूर्य से 12 डिग्री के भीतर आने पर अस्त हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि अस्त ग्रह अच्छे या बुरे किसी भी तरह के परिणाम स्पष्ट रूप से नहीं दे पाते, क्योंकि सूर्य की प्रबल ऊर्जा उनके प्रभाव को दबा देती है।

बुध ग्रह कभी भी सूर्य से 28 डिग्री से अधिक दूर नहीं जाता, इसलिए वह अधिकतर समय अस्त अवस्था में ही रहता है। इसी कारण कई ज्योतिषियों का मानना है कि बुध के अस्त होने का विशेष प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन गोचर के दौरान जब बुध अस्त होता है, तब उसके प्रभाव स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। इस समय व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, संवाद शैली, निर्णय लेने की शक्ति, पढ़ाई, व्यापार और तकनीकी कार्यों में भ्रम या देरी देखने को मिल सकती है।

बुध कुंभ राशि में अस्त होने से विशेष रूप से बातचीत, काग़ज़ी काम, लेन-देन और महत्वपूर्ण फैसलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि छोटी-छोटी गलतफहमियां बड़े परिणाम दे सकती हैं।

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बुध कुंभ राशि में अस्त: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बुध ग्रह बहुत अधिक शुभ ग्रह माना जाता है, लेकिन यह आपके तीसरे भाव और छठे भाव के स्वामी हैं। तीसरा भाव आपके साहस, पहल करने की क्षमता, संवाद, मेहनत और भाई-बहनों से जुड़ा होता है, जबकि छठा भाव शत्रु, बीमारी, ऋण, संघर्ष और परिश्रम को दर्शाता है। बुध कुंभ राशि में अस्त ग्यारहवें भाव में होगा। ग्यारहवां भाव आपकी मित्र मंडली, नेटवर्क सर्कल, इच्छाओं की पूर्ति और लाभ से जुड़ा होता है। ऐसे में बुध के अस्त होने का सबसे अधिक प्रभाव आपकी बातचीत और संपर्कों पर पड़ेगा, खासतौर पर दोस्तों, सहकर्मियों और सोशल सर्कल के साथ।

इस दौरान आपको सामाजिक स्तर पर कुछ असहज स्थितियों या गलतफहमियों का सामना करना पड़ सकता है। बुध के अस्त होने से उसकी ताकत कम हो जाती है, इसलिए वह अपने पूरे फल नहीं दे पाता। इसी कारण इस समय आपको मिले-जुले या अस्थिर परिणाम मिल सकते हैं। यदि आप ऐसे पेशे में हैं जहाँ बातचीत और कम्युनिकेशन बहुत ज़रूरी है, जैसे— सेल्स, मीडिया, मार्केटिंग, काउंसलिंग या इसी तरह के काम, तो कार्यक्षेत्र में कुछ दिक्कतें आ सकती हैं।

हालांकि, एक सकारात्मक पक्ष यह भी है कि बुध आपके छठे भाव के स्वामी है, और उसका अस्त होना सामान्यतः अच्छा माना जाता है, क्योंकि इससे बीमारियों, कर्ज़ और शत्रुओं से जुड़ी परेशानियां कुछ हद तक कम हो सकती हैं। चूंकि सूर्य आपके पांचवें भाव के स्वामी है और वह आपके तीसरे भाव के स्वामी बुध को अस्त कर रहा है, इसलिए इस दौरान पढ़ाई, प्रेम संबंधों और बच्चों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के कारण आपको अपने शौक पूरे करने, दोस्तों से मिलने, पड़ोसियों या छोटे भाई-बहनों के साथ समय बिताने में परेशानी हो सकती है। इससे रिश्तों में दूरी या तनाव भी आ सकता है।

इसके अलावा, सूर्य पांचवें भाव के स्वामी होने के कारण सट्टा, निवेश और जोखिम से जुड़े मामलों का संकेत भी देता है। बुध का ग्यारहवें भाव में अस्त होना यह दर्शाता है कि इस समय यदि आप जोखिम भरा निवेश करते हैं, तो धन हानि की संभावना बन सकती है। इसलिए इस अवधि में सोच-समझकर ही कोई बड़ा आर्थिक फैसला लें। कुल मिलाकर, आपको सलाह दी जाती है कि इस समय अपनी बातचीत और व्यवहार पर विशेष ध्यान दें, धैर्य बनाए रखें और किसी भी कठिन परिस्थिति में हिम्मत न हारें।

उपाय: छोटी बच्चियों को हरे रंग की कोई वस्तु भेंट करें।

मेष राशिफल 2026

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह एक बहुत शुभ ग्रह माना जाता है। यह आपके दूसरे भाव और पांचवें भाव के स्वामी हैं। दूसरा भाव धन, बचत और परिवार से जुड़ा होता है, जब पांचवां भाव बुद्धि पढ़ाई, प्रेम संबंध और संतान का संकेत देता है। इस समय बुध ग्रह अस्त हो रहा है और चूंकि वह आपके दूसरे भाव के स्वामी है इसलिए इस दौरान आपकी बचत पर असर पड़ सकता है। घरेलू जिम्मेदारियों के कारण पैसा बचा पाना मुश्किल हो सकता है या खर्चे बढ़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में वृषभ राशि वालों को अपने करियर को लेकर विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। इस अवधि में कार्यक्षेत्र में गलतफहमियां, संवाद की कमी, फाइलों या कागजी काम में दिक्कतें जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

इन परेशानियों से बचने के लिए सलाह दी जाती है कि आप बहुत सोच-समझकर और सावधानी से बातचीत करें। साथ ही इस समय का उपयोग अपने प्रोफेशनल विकास के लिए करने की कोशिश करें। बुध के अस्त होने के कारण वह अपनी दृष्टि से जीवन के अन्य क्षेत्रों को प्रभावित नहीं कर पाएगा। इसका परिणाम यह हो सकता है कि चौथे भाव से जुड़े मुद्दे जैसे, मां का सहयोग, घरेलू सुख शांति और मानसिक संतोष, में फिलहाल कोई खास सुधार देखने को न मिले।

वृषभ राशि के जो छात्र आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं या किसी प्रोफेशनल कोर्स में दाख़िला लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें इस समय दोबारा सोच-विचार करने और गहराई से रिसर्च करने की सलाह दी जाती है, ताकि सही फैसला लिया जा सके। साथ ही परिवार के सदस्यों और बड़ों से बात करते समय शब्दों का चयन बहुत संभलकर करें, क्योंकि आपकी हल्की-सी व्यंग्यात्मक या कटु बात भी उन्हें दुख पहुँचा सकती है।

उपाय: अपने कार्यस्थल पर मनी प्लांट लगाएं।

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मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं और बुध कुंभ राशि में अस्त आपके ग्यारहवें भाव में होगा। सूर्य और बुध के इस ग्रह स्थिति के कारण मिथुन राशि के जातकों, आपका विवादास्पद भाषण आपको समस्याओं का सामना करा सकता है। इसके अलावा, आपकी सेहत में गिरावट आ सकती है या आप अपने भाइयों और परिवार की जरूरतों को अपनी जरूरतों से पहले रख सकते हैं।

आपकी माता की सेहत भी प्रभावित हो सकती है इसलिए उन्हें नियमित जांच कराना जरूरी है। घर में कुछ अनकहे समस्याएं भी हो सकती हैं। ग्यारहवें घर में बुध का अस्त होना वित्तीय विकास और निवेश के लिए अनुकूल नहीं है। आपको अपने व्यवसाय और पेशेवर विकास के लिए बड़ी वित्तीय लागतों का सामना करने का अच्छा मौका हो सकता है। हालांकि, यह वित्तीय मामलों से निपटने का सबसे अच्छा समय नहीं है, इसलिए आपको इससे बचने की सलाह दी जाती है। यह भी ध्यान रखें कि आप अपने सामाजिक समूह और अहंकार के संघर्षों का सामना कर सकते हैं।

उपाय- प्रतिदिन कम से कम 10 मिनट तक आध्यात्मिक किताबों का अध्ययन करें।

मिथुन राशिफल 2026

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध आपके तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं। तीसरा भाव आपकी बातचीत करने की क्षमता, शौक, भाई-बहनों से संबंध और छोटी यात्राओं से जुड़ा होता है। यह बुध कुंभ राशि में अस्त आपके आठवें भाव में होगा। बुध की यह अवस्था कर्क राशि के लोगों के लिए सामान्य रूप से मिली-जुली मानी जाती है। इस समय आपके खर्च और नुकसान नियंत्रण में रहेंगे और आप बचत पर ध्यान देंगे। लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण आपको अपने शौक और यात्रा की योजनाएं छोड़नी पड़ सकती हैं, जिससे आप खुद को असुरक्षित और कम आत्मविश्वास वाला महसूस कर सकते हैं।

इसके अलावा, आप लोगों से खुलकर बात नहीं कर पाएंगे और अपने विचार साझा करने में कठिनाई होगी। गलतफहमी के कारण इस समय ससुराल पक्ष के साथ आपके संबंध बिगड़ सकते हैं, इसलिए सावधान रहें और किसी भी तरह के विवाद या बहस से दूर रहें। दूसरे भाव से जुड़े विषय जैसे धन या पारिवारिक सहयोग में कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि बुध अपनी दृष्टि से अच्छे परिणाम नहीं दे पाएगा।

उपाय- ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों का सम्मान करें, हरे रंग के कपड़े पहनें और यदि संभव हो तो उन्हें चूड़ियां दान करें।

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सिंह राशि

सिंह राशि के बुध एक बहुत ही शुभ ग्रह माना जाता है, क्योंकि यह आपके धन, आय, बचत, निवेश, लाभ, अवसर और करीबी पारिवारिक संबंधों से जुड़े भाव के स्वामी हैं। बुध कुंभ राशि में अस्त आपके सातवें भाव में होगा इसलिए इसका अस्त होना आपके आर्थिक मामलों के लिए अच्छा नहीं माना जाएगा। इस दौरान आप अपनी आर्थिक स्थिति लेकर चिंतित रह सकते हैं और निवेश से जुड़े फैसले लेने के लिए यह समय अनुकूल नहीं हैं।

कुंभ राशि में सातवें भाव में बुध के अस्त होने से यह भी संकेत मिलता है कि इस समय जीवनसाथी, परिवार या दोस्तों के साथ अहंकार टकराव हो सकता है। आपका हुक्म चलाने वाला व्यवहार और दूसरों की सलाह न मनाने की आदत आपके रिश्तों में दूरी ला सकती है। इस समय नए व्यापारिक साझे शुरू करना भी समझदारी नहीं होगी।

यदि ऐसा करना बहुत जरूरी हो, तो सभी कागजात और शर्तों को अच्छी तरह जांच-परख कर ही आगे बढ़ें। प्रेम और वैवाहिक जीवन की बात करें तो अपने साथी की सेहत का ध्यान रखें। इस समय शादीशुदा जीवन और रिश्तों में तनाव आ सकता है, इसलिए अहंकार छोड़कर अच्छे से बातचीत करने की कोशिश करें ताकि विवाद से बचा जा सके। परिवार के सदस्यों और बुजुर्गों से बात करते समय अपने शब्दों पर ध्यान दें, क्योंकि आपकी तंज भरी बातें उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं।

उपाय- अपने बेडरूम में कोई हरा-भरा पौधा रखें।

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कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय थोड़ा परेशानी भरा हो सकता है, बुध आपके दसवें भाव के स्वामी है और बुध कुंभ राशि में अस्त आपके छठे भाव में होगा। चूंकि बुध आपके लग्न स्वामी हैं और अस्त अवस्था में है, इसलिए आप खुद को थका हुआ, तनावग्रस्त या अस्वस्थ्य महसूस कर सकते हैं। ऐसे में सलाह दी जाती है कि कुछ दिन आराम करें और खुद को रिलैक्स करें। कुंभ राशि में बुध अस्त होने के कारण इस समय कोई भी बड़ा व्यावसायिक या करियर से जुड़ा फैसला न लें। क्योंकि बुध आपके दसवें भाव के स्वामी हैं इसलिए नौकरी या व्यवसाय में असंतोष, रुकावटें और नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

छठे भाव में अस्त होने की वजह से अचानक स्वास्थ्य समस्याएं या त्वचा से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं। शरीर की साफ-सफाई का ध्यान रखें और खान-पान में सावधानी बरतें। इलाज या स्वास्थ्य से जुड़े कारणों से खर्च बढ़ सकता है। साथ ही कागजात, दस्तावेज़ों या ऑनलाइन लेन-देन में धोखाधड़ी की संभावना भी बनी रहेगी, इसलिए सतर्क रहें। इस समय बहस से बचें, क्योंकि बात बढ़कर तीखी नोकझोंक में बदल सकती है। बुध अस्त होने के कारण बारहवें भाव पर उसका प्रभाव नहीं पड़ेगा, जो अच्छा है क्योंकि इससे अचानक और बेवजह के खर्च कुछ हद तक नियंत्रण में रहेंगे। फिर भी सावधानी जरूरी है, क्योंकि धन हानि की संभावना बनी हुई है।

उपाय – 5–6 कैरेट का पन्ना पहनें। बुधवार के दिन इसे पंचधातु या सोने की अंगूठी में धारण करें। यदि यह संभव न हो, तो कम से कम हरे रंग का रुमाल अपने पास रखें।

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तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय आपके भाग्य के स्वामी ग्रह बुध के अस्त होने का है क्योंकि बुध आपकी कुंडली के नौवें भाव (भाग्य) के स्वामी हैं। लेकिन साथ ही बुध द्वादश भाव (खर्च, हानि, विदेश) के भी स्वामी हैं, बुध कुंभ राशि में अस्त आपके पांचवें भाव में होगा इसलिए बुध के अस्त होने से आपके जीवन में मिले-जुले परिणाम देखने के मिल सकते हैं। इस दौरान आप अपने खर्चों और नुकसान को संभालने में सक्षम रहेंगे और निवेश को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे पाएंगे। लेकि नौवें भाव के स्वामी बुध के अस्त होने के कारण कई बार आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा, क्योंकि इस समय आप नैतिकता या सही-गलत से ज़्यादा पैसों को प्राथमिकता दे सकते हैं। बुध के इस अस्त अवस्था में रहने के कारण आपको पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

अगर आप विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपने दस्तावेज़ों, काग़ज़ी कार्यवाही और नियमों पर खास ध्यान दें। थोड़ी सी लापरवाही भी यात्रा में देरी या आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। पंचम भाव में बुध के अस्त होने से शिक्षा, रचनात्मकता और प्रेम जीवन से जुड़े मामलों में बुध का सकारात्मक प्रभाव कुछ कमज़ोर पड़ सकता है। इस समय आप खुद को असुरक्षित, उलझा हुआ और मानसिक रूप से भ्रमित महसूस कर सकते हैं।

जब बुध अस्त अवस्था में होता है, तो उसकी ग्यारहवें भाव (लाभ, इच्छाएं, बड़े भाई-बहन, मित्र मंडली) पर पड़ने वाली दृष्टि भी कमज़ोर हो जाती है। इसके कारण इस समय आपको बड़े भाई-बहनों या सामाजिक दायरे से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाएगा, जिससे आपकी इच्छाओं और लक्ष्यों को पूरा करना थोड़ा कठिन हो सकता है।

उपाय- हर शुक्रवार को मां सरस्वती की पूजा करें और उन्हें पांच लाल फूल अर्पित करें।

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध कोई बहुत ज्यादा शुभ ग्रह नहीं माना जाता है क्योंकि आपकी कुंडली में बुध आठवें भाव (अचानक घटनाएं, उतार-चढ़ाव) और ग्यारहवें भाव (लाभ, आय, इच्छाएं) के स्वामी हैं। बुध कुंभ राशि में अस्त आपके चौथे भाव में होगा। बुध का अस्त होना आपके लिए मिले-जुले देने वाला रहेगा। ग्यारहवें भाव के स्वामी बुध का अस्त होना धन बढ़ाने मुनाफ़ा कमाने और निवेश के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। इस समय आपके ऊपर व्यवसाय या प्रोफेशनल ग्रोथ से जुड़ा बड़ा खर्च आ सकता है।

यानी काम को आगे बढ़ाने के लिए आपको ज़्यादा पैसा लगाना पड़ सकता है। लेकिन चूंकि यह समय आर्थिक फैसले लेने के लिए अच्छा नहीं है, इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि अभी पैसों से जुड़े किसी भी बड़े निर्णय से दूरी बनाए रखें। सकारात्मक पक्ष यह है कि अष्टम भाव के स्वामी बुध का अस्त होना आपके जीवन में आने वाले अचानक बदलावों और अनिश्चित स्थितियों को संभालने में मदद करेगा।

आप मानसिक रूप से पहले से ज़्यादा मजबूत रहेंगे। इस समय बुध का अस्त होना चतुर्थ भाव (माता, घर, सुख-सुविधाएं, वाहन) में हो रहा है, इसलिए आपको मां के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि उन्हें किसी तरह की परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, वाहन से जुड़ी समस्या या नुकसान के कारण भी अनावश्यक खर्च हो सकता है। घर, ज़मीन या किसी भी प्रकार की प्रॉपर्टी से जुड़े काग़ज़ात या कानूनी दस्तावेज़ों को बहुत सावधानी से संभालें, क्योंकि छोटी सी गलती भी आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकती है।

बुध के अस्त होने के कारण वह अपनी दृष्टि के माध्यम से दशम भाव (करियर, नौकरी, सामाजिक पहचान) पर अच्छा प्रभाव नहीं डाल पाएगा। इसके परिणामस्वरूप इस समय करियर, कार्यक्षेत्र और पब्लिक इमेज से जुड़े मामलों में कोई खास लाभ मिलने की संभावना कम रहेगी।

उपाय- हर बुधवार को अपने घर में तुलसी का पौधा लगाएं, उसकी नियमित देखभाल करें और श्रद्धा से उसकी पूजा करें।

वृश्चिक राशिफल 2026

बृहत् कुंडली : जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में सातवें भाव (विवाह, साझेदारी) और दसवें भाव (करियर, कामकाज) के स्वामी हैं। बुध कुंभ राशि में अस्त आपके तीसरे भाव में होगा, जिसके कारण आपके वैवाहिक जीवन और प्रोफेशनल लाइफ दोनों में कुछ कठिन परिस्थितियां बन सकती हैं। इस दौरान आपको कामकाज में परेशानियों या नुकसान का सामना करना पड़ सकता है और आप अपने करियर से पूरी तरह संतुष्ट महसूस नहीं करेंगे। इसलिए इस समय कोई भी बड़ा बिज़नेस फैसला लेने से बचना चाहिए।

चूंकि बुध प्रेम और विवाह से जुड़े सातवें भाव के बी स्वामी है इसलिए इस समय आपको अपने जीवनसाथी या पार्टनर के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। काम के बढ़ते दबाव और जिम्मेदारियों का नकारात्मक असर आपके वैवाहिक या प्रेम संबंधों पर भी पड़ सकता है। इसलिए कोशिश करें कि आप अपने निजी और प्रोफेशनल जीवन के बीच संतुलन बनाए रखें। अपने पार्टनर से खुलकल बात करने के लिए समय निकालें, ताकि रिश्ते में मधुरता बनी रहे।

तीसरे भाव में बुध के अस्त होने के कारण छोटी दूरी की यात्राओं से जुड़े प्लान आख़िरी समय में अचानक रद्द हो सकते हैं। इसके अलावा किसी भी मुद्दे पर छोटी बहन से बहस या टकराव से बचें, क्योंकि बात बढ़ सकती है।

इस समय आपको लोगों से बातचीत करने में भी परेशानी महसूस हो सकती है। साथ ही मोबाइल, लैपटॉप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में खराबी आने या कम्युनिकेशन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप पहले से बैकअप की व्यवस्था करके रखें।

उपाय-नियमित रूप से बुध बीज मंत्र का जाप करें।

धनु राशिफल 2026

मकर राशि

मकर राशिवालों के लिए बुध आपकी कुंडली में छठे भाव (रोग, ऋण, शत्रु, विवाद) और नौवें भाव (भाग्य, धर्म, गुरु) के स्वामी हैं। बुध कुंभ राशि में अस्त आपके दूसरे भाव (धन, वाणी, परिवार) में होगा। यह ग्रह स्थिति आपके लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं मानी जाती है। अगर आप इस समय पैसे कमाने या धन लाभ की उम्मीद कर रहे थे, तो उसमें देरी हो सकती है। साथ ही बोलते समय अपने शब्दों का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि आपकी बातों को गलत समझा जा सकता है, जिससे बेकार के झगड़े या विवाद पैदा हो सकते हैं।

छठे भाव के स्वामी बुध का अस्त होना एक तरह से सकारात्मक भी है, क्योंकि इससे बीमारी, कर्ज, मुकदमें या शत्रुओं से जुड़े मामलों में परेशानियां कम हो सकती हैं। यानी इन क्षेत्रों में में आपको कुछ राहत मिल सकती है, जो मकर राशि वालों के लिए अच्छा संकेत है। लेकिन जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय उतना अनुकूल नहीं है। बुध के अस्त होने से एकाग्रता में कमी, पढ़ाई में मन न लगना और परफॉर्मेंस पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा, चूंकि बुध नवम भाव का भी स्वामी है, इसलिए उसके अस्त होने से आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि भाग्य आपका पूरा साथ नहीं दे रहा। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि इस समय आप आध्यात्मिक विकास की तुलना में भौतिक सफलता को ज़्यादा महत्व दे सकते हैं। इन परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए आपको सलाह दी जाती है कि कठिन समय में भी उम्मीद बनाए रखें और अपने पिता, गुरु, मेंटर या मार्गदर्शक व्यक्ति के साथ सार्थक बातचीत करें या विचार-विमर्श करें। इससे आपको सही दिशा और मानसिक शांति मिल सकती है।

उपाय- प्रतिदिन तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें और एक तुलसी का पत्ता सेवन करें।

मकर राशिफल 2026

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध आपकी कुंडली में पांचवें भाव (बुद्धि, शिक्षा, प्रेम, संतान) और आठवें भाव (अचानक बदलाव, तनाव, गुप्त बातें) के स्वामी हैं। बुध कुंभ राशि में अस्त आपके लग्न यानी पहले भाव में होंगे। सबसे पहले, इस अवधि में आपको अपने स्वास्थ्य का खास ध्यान रखने की जरूरत है। कोशिश करें कि योग और ध्यान को अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करें। इस समय त्वचा से जुड़ी समस्याएं, नर्वस सिस्टम नसों से जुड़ी दिक्कतें या गले से संबंधित परेशानी हो सकती है।

ऐसी किसी भी समस्या को नज़रअंदाज़ न करें और ज़रूरत पड़े तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। अगर आप सेल्स, मीडिया या मार्केटिंग से जुड़े काम में हैं, तो अपने काम को ठीक से निभाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। लग्न भाव में बुध के अस्त होने से आप अपने विचारों को खुलकर व्यक्त करने में झिझक महसूस कर सकते हैं और लोगों से बातचीत करने में भी असहजता हो सकती है। इसलिए जिन लोगों का पेशा कम्युनिकेशन, पब्लिक स्पीकिंग, एक्टिंग या परफॉर्मिंग आर्ट्स से जुड़ा है, उनके लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। अष्टम भाव के स्वामी बुध का अस्त होना एक तरह से सकारात्मक भी है, क्योंकि इससे आपके जीवन की अचानक आने वाली समस्याएं काबू में रह सकती हैं।

जो लोग नियमित रूप से ट्रेडिंग करते हैं या शेयर मार्केट में बड़ा निवेश कर चुके हैं, उन्हें इस बुध के अस्त होने की अवधि में थोड़ा ब्रेक लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस समय आर्थिक अस्थिरता की संभावना बनी रह सकती है। चूंकि बुध पंचम भाव का स्वामी है, इसलिए उसके अस्त होने से संतान से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। प्रेम संबंधों में रहने वाले लोगों को शादी को लेकर पार्टनर की तरफ़ से दबाव महसूस हो सकता है, जिससे बहस या तनाव बढ़ सकता है। इसके अलावा, कुंभ राशि के छात्रों को पढ़ाई को लेकर अधिक तनाव और दबाव महसूस हो सकता है, जिससे मन भटका हुआ रह सकता है।

उपाय- भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा (घास) अर्पित करें।

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मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए, बुध आपकी कुंडली में चौथे भाव (माता, घर, सुख-शांति) और सातवें भाव (विवाह, जीवनसाथी, साझेदारी) के स्वामी हैं। बुध कुंभ राशि में अस्त आपके बारहवें भाव (खर्च, अस्पताल, विदेश, नुकसान) में होगा। इस अस्त अवस्था के कारण आपके खर्च काबू में रह सकते हैं, लेकिन फिर भी सतर्कता ज़रूरी है। इस समय कोई भी नया काम शुरू करने से थोड़ा रुकना बेहतर रहेगा, चाहे वह बिज़नेस से जुड़ा सहयोग ही क्यों न हो।

आपको अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की ज़रूरत है। साथ ही बातचीत करते समय अपने शब्दों का ध्यान रखें, क्योंकि आपकी बातों को गलत समझा जा सकता है, जिससे मतभेद या बहस हो सकती है। काम का बढ़ता दबाव और प्रोफेशनल ज़िम्मेदारियां आपके वैवाहिक और प्रेम संबंधों पर असर डाल सकती हैं। इसलिए रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए निजी और प्रोफेशनल जीवन के बीच संतुलन बनाना बहुत ज़रूरी है। अपने पार्टनर से खुलकर और ईमानदारी से बात करने के लिए समय निकालें।

इस दौरान माता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी रह सकती है, इसलिए बेहतर होगा कि उनके नियमित मेडिकल चेकअप करवाते रहें। इसके अलावा, घर-परिवार में कुछ छुपी हुई परेशानियां हो सकती हैं, जो घरेलू शांति और सुकून को प्रभावित कर रही हों। इन बातों पर ध्यान देना ज़रूरी होगा। आपको दवाइयों या मेडिकल सेवाओं पर खर्च करना पड़ सकता है, जिससे जेब पर थोड़ा बोझ बढ़ सकता है। इस समय जो लोग अस्पतालों, मल्टीनेशनल कंपनियों या एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बिज़नेस से जुड़े हैं, उन्हें करियर में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय- प्रतिदिन गायों को हरा चारा खिलाएं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बुध के अस्त होने का क्या अर्थ होता है?

जब बुध सूर्य के बहुत पास आ जाता है और उसकी शक्ति कम हो जाती है, तो उसे अस्त अवस्था कहा जाता है। इस दौरान बुध अपने शुभ फल पूरी तरह नहीं दे पाता।

2. बुध कुंभ राशि में अस्त होने से किन क्षेत्रों पर असर पड़ेगा?

इस दौरान बुद्धि, संवाद, व्यापार, शिक्षा, करियर, रिश्ते, निवेश और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों पर अलग-अलग राशियों के अनुसार प्रभाव पड़ेगा।

3. क्या बुध का अस्त होना सभी राशियों के लिए अशुभ होता है?

नहीं, बुध का अस्त होना हर राशि के लिए समान रूप से अशुभ नहीं होता। कुछ राशियों के लिए यह मिले-जुले तो कुछ के लिए सकारात्मक परिणाम भी दे सकता है, खासकर जहां बुध अशुभ भावों का स्वामी होता है।

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