शुक्र का मेष राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को स्त्री ग्रह माना जाता है जो अब 26 मार्च 2026 की सुबह 04 बजकर 50 मिनट पर मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। यह प्रेम, सौंदर्य और भोग-विलास के कारक हैं और इनका गोचर मंगल ग्रह की राशि मेष में होने जा रहा है। मंगल ग्रह को साहस, जोश तथा तुरंत निर्णय लेने का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में, जब शुक्र मेष राशि में स्थित होते हैं, तो वह मंगल को आवेगपूर्ण ऊर्जा को प्रभावित करते हैं।
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जब शुक्र मेष राशि में मौजूद होते हैं,तो जातकों का व्यक्तित्व आकर्षक, आत्मविश्वास और इंडिपेंडेंट जीवनसाथी की तरफ होता है। इनके प्रेम की नींव अक्सर बमज़बूत केमिस्ट्री पर टिकी होती है। हालांकि, आप दोनों को रिश्ते में धैर्य की कमी, अहंकार का टकराव या प्रेम की कमी की वजह से समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। सकारात्मक पक्ष की बात करें, तो यह अवधि रचनात्मक क्षेत्रों जैसे कला, सौंदर्य या फैशन से संबंध रखने वाले जातकों के लिए अनुकूल रहेगी और ऐसे में, आप सबसे हटकर अपनी पहचान बना सकेंगे।
आर्थिक जीवन में आप लक्ज़री वस्तुओं या फिर धर्म-कर्म पर बिना सोचे-समझे पैसा खर्च कर सकते हैं। शुक्र की मेष राशि में मौजूदगी आपको इच्छाओं और धैर्य के बीच संतुलन बनाकर चलना सिखाती है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र महाराज की स्थिति मज़बूत होती है, तो यह आपको जीवन में बेहद शुभ परिणाम प्रदान करते हैं क्योंकि वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह की गिनती सबसे शुभ ग्रहों में होती है।
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मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके पहले/लग्न भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप, दूसरे भाव के स्वामी अपने भाव से बारहवें भाव में जाएंगे और ऐसे में, अगर आप पर्याप्त मात्रा में धन भी कमाएंगे, तब भी आप उसकी बचत नहीं कर पाएंगे क्योंकि आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। वहीं, रिलेशनशिप में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। बात करें करियर की, तो शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आपके रिश्ते सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिगड़ सकते हैं।
जब शुक्र मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तो आप पर वरिष्ठों की तरफ से काम का बोझ बढ़ सकता है। साथ ही, आपको कार्यों में समस्याओं का अनुभव हो सकता है जिसका असर आपकी प्रगति पर पड़ सकता है और आप मनचाहा लाभ कमाने में पीछे रह सकते हैं। आर्थिक जीवन को देखें, तो आपकी आय की तुलना में खर्चे ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे में, आपके धन कमाने की क्षमता में गिरावट नज़र आ सकती है। आपके प्रेम जीवन में भी आनंद की कमी रह सकती है जिसकी वजह आपके रिश्ते में आपसी सामंजस्य की कमी होगी। स्वास्थ्य को देखें, तो इन जातकों को शुक्र गोचर के दौरान आंखों में दर्द और जलन की शिकायत रह सकती है जो कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता का परिणाम हो सकता है।
उपाय: शुक्र ग्रह को मज़बूत करने के लिए शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करें।
वृषभ राशि वालों की कुंडली में पहले और छठे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके बारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप, आपका झुकाव अध्यात्म के प्रति बढ़ सकता है। ऐसे में, आप भविष्य को लेकर चिंतित नज़र आ सकते हैं। इसके अलावा, आपको इस अवधि में काफ़ी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं।
करियर के क्षेत्र में शुक्र का मेष राशि में गोचर की अवधि में आप पर काम का बोझ बढ़ सकता है और ऐसे में, आपको समय का प्रबंधन करके चलना होगा, तब ही आपको सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकेंगे। जब बात आती है व्यापार की, तो आपको हानि उठानी पड़ सकती है क्योंकि आपके व्यापार में एकाग्रता और योजना दोनों की कमी रह सकती है।
शुक्र गोचर के दौरान आपको अपनी लापरवाही की वजह से धन हानि उठानी पड़ सकती है। वहीं, निजी जीवन में जीवनसाथी के सहयोग की कमी के कारण आप नाखुश और निराश नज़र आ सकते हैं। स्वास्थ्य के मामले में आपके पैरों में दर्द बना रह सकता है।
उपाय: प्रतिदिन “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें, विशेष रूप से शुक्रवार के दिन।
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मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह आपके पांचवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आप अपनी संतान को लेकर ख़ुश नज़र आ सकते हैं और उनका उत्साह आपको भी प्रसन्न कर सकता है। इस अवधि में आप ज्यादा से ज्यादा धन लाभ कमाने में सक्षम होंगे। करियर की बात करें, तो आपको कोई नया कार्य या फिर नई नौकरी के सुनहरे अवसर मिल सकते हैं।
साथ ही, आपको ऑन-साइट नौकरी या विदेश जाकर काम करने के मौके भी मिल सकते हैं जो आपके लिए फलदाय साबित होंगे। व्यापार करने वालों को नियमित काम के मुकाबले सट्टा या निवेश से अधिक लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक जीवन की बात करें, तो आपकी आय में वृद्धि होगी और ऐसे में, आप बचत भी कर सकेंगे।
निजी जीवन की बात करें, तो शुक्र गोचर के दौरान आप जीवनसाथी के साथ खुशियों भरे यादगार पल बिताते हुए नज़र आ सकते हैं। ऐसे में, आपको जीवन के हर कदम पर उनका साथ प्राप्त होगा। स्वास्थ्य की बात करें, तो इस अवधि में आप स्वस्थ रहेंगे, लेकिन ऐसा तभी होगा जब आप प्रसन्न रहेंगे। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रह सकती है, जिससे आप फिट और सक्रिय महसूस करेंगे। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने की संभावना है जिससे आप फिट और एक्टिव महसूस करेंगे।
उपाय: शुक्र ग्रह से शुभ परिणाम पाने के लिए शुक्रवार (शुक्ल पक्ष) का व्रत रखें।
कर्क राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके ग्यारहवें भाव और चौथे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आप रियल एस्टेट में धन निवेश कर सकते हैं। साथ ही, आप अपनी सुख-सुविधाओं को बढ़ाने का काम कर सकते हैं और आप आय-व्यय के बीच संतुलन बनाकर चलने में भी सक्षम होंगे।
बात करें करियर की, तो शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है। नौकरी में बदलाव की स्थिति भी बन सकती है। काम का बोझ ज्यादा रहने से तनाव महसूस हो सकता है। व्यापार करने वालों के लिए मुनाफा बढ़ाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, और यदि लाभ हो भी जाएगा, तो उसे लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल रह सकता है।
आर्थिक जीवन को देखें, तो इस समय आपकी आर्थिक स्थिति मज़बूत रहेगी, लेकिन अचानक बढ़ते खर्च आपको चिंता में डालने का काम कर सकते हैं। निजी जीवन में जीवनसाथी के साथ आपसी तालमेल की कमी के कारण थोड़े उतार-चढ़ाव या मनमुटाव होने की आशंका है जो आपको परेशान कर सकता है। स्वास्थ्य के मामले में आपको सिर दर्द और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या परेशान कर सकती है इसलिए अपना ध्यान रखें।
उपाय: शुक्रवार के दिन सफेद चीज़ों जैसे चावल, दूध, दही, सफेद कपड़े, चीनी या इत्र आदि का दान करें।
सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके नौवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि के लोग अपने जीवन में मूल्यों और सिद्धांतों को महत्व देते हुए दिखाई दे सकते हैं। शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आपके किसी धार्मिक यात्रा या फिर तीर्थ यात्रा पर जाने के योग बन सकते हैं। साथ ही, आपका स्थान परिवर्तन होने की भी संभावना है।
शुक्र का यह गोचर करियर के क्षेत्र में आपके लिए प्रगति लेकर आ सकता है और आपको कार्यों में शानदार परिणामों की प्राप्ति होगी। इसके अलावा, आपको नौकरी के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं।
जब बात आती है आर्थिक जीवन की, तो सिंह राशि वालों के यह समय भाग्यशाली रहेगा और ऐसे में, आपको अच्छी आय होने के योग बनेंगे। साथ ही, धन की बचत करने में भी आप सफल हो सकते हैं। व्यापार करने वालों को शुक्र गोचर की अवधि में नए ऑर्डर मिल सकते हैं, जिससे आपका मुनाफा बढ़ने की संभावना है।
निजी जीवन की बात करें, तो इस अवधि में आपको जीवनसाथी का हर कदम पर साथ मिलेगा और ऐसे में, आप काफ़ी खुश नज़र आएंगे। स्वास्थ्य को देखें तो, शुक्र गोचर के दौरान आप अपनी सेहत को अच्छा बनाए रखने में सक्षम होंगे जिसकी वजह आपके भीतर की ऊर्जा होगी।
उपाय: शुक्रवार के दिन रोटी पर चीनी लगाकर या चावल सफेद गाय को खिलाएं। ऐसा करने से शुक्र ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कन्या राशि वालों की कुंडली में शुक्र देव आपके दूसरे और नौवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके आठवें भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। ऐसे में, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आपके मन में कोई अनजान भय या फिर असुरक्षा की भावना बनी रह सकती है जिसके चलते आप निराश नज़र आ सकते हैं।
करियर की बात करें, तो जहाँ आप काम करते होंगे, वहां अव्यवस्था की वजह से आप असंतुष्ट रह सकते हैं और आपका मन कार्यस्थल में न लगने का अनुमान है। इस राशि के व्यापार करने वाले जातकों को काम में लापरवाही बरतने की वजह से नुकसान उठाना पड़ सकता है। साथ ही, कार्यों की योजना सही तरीके से न बनाने के कारण मनमुताबिक परिणाम न मिलने की आशंका है।
जब बात आती है निजी जीवन की, तो आपके और पार्टनर के बीच अहंकार की वजह से विवाद या मतभेद जन्म ले सकते हैं जिसके चलते आप नाख़ुश दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में, आपको साथी के साथ रिश्ते में मिठास बनाए रहने में कठिनाई का अनुभव हो सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आपको आँखों में दर्द या जलन की समस्या परेशान कर सकती है इसलिए अपना ध्यान रखें।
उपाय: किसी जरूरतमंद कन्या के विवाह में सहायता करें या फिर शादी से जुड़ी सामग्री का दान करें।
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तुला राशि वालों की कुंडली में शुक्र महाराज आपके पहले/लग्न भाव और आठवें भाव के अधिपति देव हैं। अब यह आपके सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं और ऐसे में, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आप नए लोगों से मिल सकते हैं या फिर किसी नए रिश्ते या पार्टनरशिप की शुरुआत हो सकती है। हालांकि, इस समय किसी भी पार्टनरशिप में आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
बात करें करियर की, तो तुला राशि के नौकरीपेशा जातकों पर शुक्र गोचर के दौरान काम का दबाव बढ़ सकता है जिसके चलते आप तनाव में आ सकते हैं। लेकिन फिर भी, आप अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मज़बूत रिश्ते बनाए रखने में सफल रहेंगे। व्यापार करने वाले जातकों को इस दौरान सामान्य या औसत लाभ मिलने की संभावना है।
साथ ही, इस अवधि में बिज़नेस पार्टनर के साथ आपके रिश्ते सामान्य बने रहेंगे न ज्यादा अच्छे और न ज्यादा खराब। निजी जीवन को देखें, तो जीवनसाथी के साथ मधुर रिश्ते बनाए रखने के लिए आपको आपसी तालमेल और सामंजस्य बनाकर चलना होगा। आप दोनों के बीच आपसी समझ मज़बूत होने से ही रिश्ते में संतुलन बना रहेगा। स्वास्थ्य की बात करें, तो शुक्र गोचर के दौरान आपको कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या परेशान नहीं करेगी, लेकिन आपको सर्दी-खांसी की समस्या रह सकती है।
उपाय: माता लक्ष्मी को शुक्रवार के दिन सफेद फूल, विशेष रूप से कमल या चमेली के फूल अर्पित करें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र ग्रह आपके सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आपको रिलेशनशिप में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है और रिश्ते में समस्याएं बनी रह सकती हैं। करियर के क्षेत्र में काम का दबाव बढ़ सकता है और ऐसे में, आपको मनचाहे परिणाम न मिलने की वजह से निराशा महसूस हो सकती है।
प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिलने का सीधा असर आपके आर्थिक जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। ऐसे में, आपको व्यापार में लाभ कमाने में काफ़ी प्रयास करने होंगे। प्रेम जीवन में जीवनसाथी के साथ रिश्ते में आपसी समझ की कमी की वजह विवाद जन्म ले सकते हैं।
उपाय: शुक्रवार के दिन दही या चीनी का दान करें। साथ ही, कार्यस्थल पर ईमानदारी के साथ काम करें।
बृहत् कुंडली : जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय
धनु राशि वालों की कुंडली में शुक्र देव आपके ग्यारहवें भाव और छठे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके पांचवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली के पांचवें भाव का जुड़ाव रचनात्मकता, शिक्षा, संतान और पूर्व जन्म के कर्मों से होता है। ऐसे में, शुक्र का मेष राशि में गोचर आपके पांचवें भाव में होना काफ़ी अच्छा माना जाएगा और इनकी यह स्थिति केंद्र त्रिकोण योग को जन्म देगी।
पांचवें भाव में शुक्र गोचर का समय उन लोगों के लिए विशेष रूप से अनुकूल कहा जा सकता है जो रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं। इस दौरान आपके अंदर नई सोच जन्म लेगी और आपमें अलग तरीके से काम करने की ललक देखने को मिल सकती है। साथ ही, नए आइडिया और योजनाओं को सफलता मिलने की संभावना है। धनु राशि के व्यापार करने वाले जातकों को इस अवधि में उम्मीद से ज्यादा लाभ मिलने के योग बनेंगे।
जब बात आती है निजी जीवन की, तो पांचवें भाव में शुक्र की उपस्थिति शुभ मानी जाएगी। लेकिन फिर भी आपको रिश्ते में सावधानी बरतनी होगी क्योंकि आपके जीवनसाथी के साथ बहस या मतभेद होने की आशंका है। ऐसे में, आपका रिश्ता टूटने की नौबत भी आ सकती है। बता दें कि शुक्र की यह स्थिति कुछ लोगों के लिए शुभ होगी और इसके परिणामस्वरूप, यह आपको प्रेम जीवन में तब ही शुभ परिणाम देंगे, जब कुंडली में इनकी स्थिति मज़बूत होगी।
स्वास्थ्य के मामले में आपको शुक्र गोचर के दौरान अपने बच्चों की सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है क्योंकि एनीमिया की समस्या परेशान कर सकती है इसलिए उनका ध्यान रखें।
उपाय: जीवनसाथी को सफ़ेद रंग के फूल उपहार में दें और उनका सम्मान करें।
मकर राशिवालों के लिए शुक्र देव आपके पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कुंडली में चौथे भाव का संबंध माता, भावनाओं और सुख-सुविधाओं से होता है। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आपके मन में असुरक्षा की भावना जन्म ले सकती है और साथ ही, आपको परिवार में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
करियर के क्षेत्र में शुक्र गोचर की अवधि में आपको सहकर्मियों और वरिष्ठों के साथ समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है जिससे आपकी प्रगति की रफ़्तार सुस्त रह सकती है। जिन जातकों का अपना व्यापार है, उन्हें पर्याप्त मात्रा में लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही, आपको प्रतिद्वंद्वियों की तरफ से कड़ी टक्कर मिल सकती है जिसका असर व्यापार पर नज़र आ सकता है।
निजी जीवन में आपके और पार्टनर के बीच परिवार को लेकर असहमति रह सकती है। स्वास्थ्य की बात करें, तो शुक्र गोचर के दौरान आपको पैरों में दर्द की शिकायत रह सकती है जो आपके लिए तनाव की वजह बन सकती है।
उपाय: मस्तक पर सफ़ेद चंदन का तिलक करें या गरीबों को मिठाई का दान करें।
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कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज आपके चौथे और नौवें भाव का स्वामी हैं जो अब आपके तीसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आपको हर कदम पर भाग्य का साथ मिलेगा।
शुक्र गोचर के दौरान आपको करियर के क्षेत्र में नौकरी के बेहतरीन अवसरों की प्राप्ति होगी जिससे आपको करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे। साथ ही, आपको नई जिम्मेदारियां या रोल मिलने की भी संभावना है। व्यापार की बात करें, तो इस अवधि में आपको उम्मीद से ज्यादा धन लाभ होने के योग बनेंगे और साथ ही, आपके नए व्यापार में प्रवेश करने के भी योग बनेंगे।
बात करें प्रेम जीवन की, तो शुक्र का मेष राशि में गोचर के दौरान आप अपने जीवनसाथी के साथ रिश्ते में तालमेल बिठाने में सक्षम होंगे। ऐसे में, आप रिश्ते का आनंद ले सकेंगे और एक-दूसरे के साथ ख़ुश दिखाई देंगे।.स्वास्थ्य को देखें, तो आप साहस से भरे रहेंगे जिसके चलते आपकी सेहत अच्छी रहेगी।
उपाय: आध्यात्मिक अनुशासन बनाए रखें और मंदिर में सफेद मिठाई का दान करें।
मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप, शुक्र का मेष राशि में गोचर प्रगति के मार्ग में समस्याएं पैदा करने का काम करेंगे। साथ ही, आपमें आत्मविश्वास की कमी रह सकती है और मन मुताबिक लाभ भी नहीं मिलने की आशंका है।
करियर की बात करें, तो इस अवधि में आप नौकरी में बदलाव का मन बना सकते हैं क्योंकि इस समय आप कुछ समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं। जब बात आती है व्यापार की, तो शुक्र गोचर के दौरान आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है जिसकी वजह योजनाओं की कमी हो सकती है। निजी जीवन को देखें, तो आपको जीवनसाथी के साथ शब्दों का इस्तेमाल बहुत सोच समझकर करना होगा और उन्हें कुछ भी बोलने से बचना चाहिए। अगर आप ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो आपके रिश्ते से खुशियां नदारद हो सकती हैं।
स्वास्थ्य के मामले में मीन राशि के जातक संतुलित डाइट नहीं ले रहे होंगे और ऐसे में, आपको पाचन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है इसलिए आपको अपना ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
उपाय: घर या कार्यस्थल पर लक्ष्मी यंत्र की स्थापना करें। साथ ही, दूध या दही का दान करें।
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1. शुक्र का मेष राशि में गोचर कब होगा?
शुक्र का मेष राशि में गोचर 26 मार्च 2026 को होगा।
2. मेष राशि के स्वामी कौन हैं?
मेष राशि के अधिपति देव मंगल ग्रह हैं।
3. क्या मंगल और शुक्र ग्रह मित्र ग्रह हैं?
ज्योतिष में मंगल और शुक्र के संबंध अनुकूल नहीं माने जाते हैं।