राहु ग्रह का गोचर 2027

Author: Acharya Hanuman Mishra | Updated Tue, 6 Oct 2026 04:44 PM IST

वैदिक ज्योतिष में राहु को रहस्य, भ्रम और महत्वाकांक्षा का कारक माना गया है। साथ ही साथ राहु को तकनीक, विदेशी संबंधों और अप्रत्याशित रूप से होने वाले घटनाक्रम अर्थात अचानक से होने वाले घटनाक्रम तथा परिवर्तनों का कारक भी माना जाता है। साल 2027 में राहु पूरे वर्ष भर मकर राशि में ही गोचर करते रहेंगे। हालांकि मकर राशि में गोचर करते हुए राहु क्रमशः धनिष्ठा, श्रवण और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र से गुजरेंगे।


साल की शुरुआत के समय राहु की स्थिति धनिष्ठा नक्षत्र में रहेगी। राहु यहीं पर 9 अप्रैल 2027 तक रहने वाले हैं। क्योंकि धनिष्ठा मंगल का नक्षत्र है और धनिष्ठा नक्षत्र को महत्वाकांक्षा, संसाधन, धन संगठन और प्रतिष्ठा के साथ-साथ उपलब्धि से जुड़ा हुआ नक्षत्र माना गया है। ऐसे में जनवरी से अप्रैल के मध्य धनिष्ठा में राहु के होने की स्थिति में राहु जन सामान्य के मन मस्तिष्क में किसी भी सफलता को पाने के लिए बेचैनी के स्तर को बढ़ा सकता है।

2027 में क्या बदलेगी आपकी किस्मत? हमारे विशेषज्ञ ज्योतिषियों से कॉल पर करें बात और जानें सबकुछ

वहीं 10 अप्रैल 2027 से 17 दिसम्बर 2027 के मध्य राहु श्रवण नक्षत्र में विचरण करेंगे। श्रवण नक्षत्र में रहने की स्थिति में राहु इंटरनेट जगत में प्रभाव डाल सकता है। क्योंकि श्रवण नक्षत्र का संबंध सूचना, मीडिया, संचार, ज्ञान, सुनना, प्रचार प्रसार और जनमत आदि से माना गया है। ऐसे में अप्रैल से दिसंबर के बीच में जब राहु का प्रभाव श्रवण नक्षत्र पर रहेगा तब मीडिया, सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, डिजिटल कम्युनिकेशन, ए. आई., प्रचार प्रसार आदि से जुड़ा हुए मामले, जनमत, निर्माण इत्यादि को विशेष रूप से राहु ग्रह प्रभावित कर सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि राहु इस वर्ष सबसे अधिक इसी नक्षत्र में रहने वाला है तो ऐसे में तो ऐसे में इस वर्ष इंटरनेट जगत और इंटरनेट से जुड़ी हुई चीजों से संबंधित चर्चाएं अधिक रह सकती हैं।

Click here to read in English: Rahu Transit 2027

वहीं इस वर्ष के आखिरी महीने के आखिरी कुछ दिनों के लिए अर्थात 18 दिसंबर से आगे के समय में राहु उत्तराषाढ़ा नक्षत्र अर्थात सूर्य के नक्षत्र में रहेगा और इस अवधि में राहु, सत्ता, नेतृत्व, सरकार, प्रतिष्ठा और अधिकार से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है।

मकर राशि में होने के कारण राहु; सत्ता, शासन प्रशासन, राजनीति, करियर, महत्वाकांक्षा, संस्था की शक्तियों, बड़ी कंपनियों, सरकारी व्यवस्थाओं एवं सामाजिक प्रतिष्ठा आदि से जुड़े विषयों को असामान्य रूप से सक्रिय करने का काम कर सकता है। क्योंकि मकर राशि का स्वामी शनि ग्रह होता है ऐसे में शनि की राशि में राहु का गोचर केवल अचानक सफलता ही नहीं देगा बल्कि सिस्टम के भीतर रहकर असामान्य तरीके से सफलता एवं असफलता से संबंधित चीजों को आगे बढ़ाने की इच्छा भी पैदा कर सकता है। राहु ग्रह का यह गोचर आपकी राशि या लगन को किस तरह से प्रभावित करेगा यह जानने से पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस फलादेश को आप लग्न राशि के अनुसार देखेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

दूसरे विकल्प के रूप में आप इसे चंद्र राशि से भी देख सकते हैं। यदि दो इन बातों की जानकारी आपको नहीं है तो आप अपने नाम की राशि के अनुसार भी देख सकते हैं लेकिन ध्यान रहे की सर्वाधिक प्रभाव लग्न राशि या फिर चंद्र राशि का ही पड़ता है और यह फलादेश एक सामान्य फलादेश है। व्यक्तिगत कुंडली में आपकी लग्न या राशि कौन-कौन सी हैं। आपकी जन्म कुंडली में राहु की क्या स्थिति है। आप किस दशा अंतर्दशा के प्रभाव में हैं एवं अन्य गोचर आपको किस तरह से प्रभावित कर रहे हैं इसके अनुसार ही वास्तविक फलादेश हो पाता है। यह फलादेश एक सामान्य फलादेश है जो राहु के गोचर की स्थिति के अनुसार बताया जा रहा है।

आइए अब जानते हैं कि राहु के मकर राशि में गोचर करने का आपकी लग्न या आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

2027 में राहु के गोचर का मेष राशि पर प्रभाव

मेष राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके दशम भाव में रहने वाला है इसलिए साल 2027 आपके करियर और प्रोफेशन के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण वर्ष रह सकता है या बन सकता है। गोचर शास्त्र में दशम भाव के राहु को यानी कि राहु के गोचर को मानसिक चिंता देने वाला कहा गया है। स्वाभाविक है कि मानसिक चिंता तब रहती है जब किसी बात को लेकर कोई संदेह रहता है। क्योंकि राहु दशम भाव में है तो ऐसे में कार्यक्षेत्र को लेकर कोई संदेह रह सकता है। सफलता को लेकर, स्थिरता को लेकर या फिर मान सम्मान को लेकर कोई डाउट इस वर्ष आपके मन मस्तिष्क में रह सकता है।

यहां पर राहु के गोचर को खर्च करवाने वाला भी माना गया है। दशम भाव में राहु के गोचर को पति-पत्नी से संबंधित मामलों में कुछ परेशानियां देने वाला कहा गया है। इस गोचर को लेकर कलह, नौकरी/व्यापार व्यवसाय में व्यवधान, अपमान कामों में असफलता, राज्य से परेशानी जैसी बातें गोचर शास्त्र में लिखी गई हैं। हालांकि शनि की राशि में होने के कारण उपरोक्त परेशानियां छोटी मात्रा में रह सकती हैं लेकिन फिर भी संबंधित मामलों में जागरूक रहने की आवश्यकता रहेगी। हो सकता है कि राहु आपको नया पद दिलवाए, क्योंकि राहु का काम पद परिवर्तन करवाना है। यह परिवर्तन सकारात्मक रूप में भी हो सकता है। बशर्ते आपके कर्म और आपकी कोशिशें सकारात्मक दिशा की होनी चाहिए। नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं।

अलबत्ता उन जिम्मेदारियां को निभाने में आपको कठिनाई का अनुभव हो सकता है। अचानक से प्रसिद्धि मिल सकती है लेकिन उस प्रसिद्ध पर कायम रहना, यानी उस प्रसिद्ध को मेंटेन करना थोड़ा सा कठिन रह सकता है। यदि आप डिजिटल माध्यम से कोई व्यापार व्यवसाय करते हैं तो राहु का यह गोचर आपको काफी अच्छे परिणाम भी दे सकता है। व्यवसाईयों को नए बाजार, विदेशी संपर्क इत्यादि मिल सकते हैं। दशम में होने के कारण राहु महत्वाकांक्षा की सीमा को पार करवाने की कोशिश भी कर सकता है। ऐसे में ऑफिस पॉलिटिक्स, गलत सलाह और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले निर्णयों से बचना जरूरी रहेगा। क्योंकि इस वर्ष सबसे अधिक समय राहु श्रवण नक्षत्र में विचरण कर रहा है जो कि अप्रैल से अक्टूबर के बीच रहेगा। अतः इस विशेष टाइम ड्यूरेशन में मीडिया, कम्युनिकेशन और पब्लिक इमेज से जुड़े हुए मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह जरूरी रहेगा।

उपाय:शनिवार के दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाना अथवा किसी भी मंदिर में काले तिल का दान करना, साथ ही साथ पिता एवं वरिष्ठ अधिकारियों का/ वरिष्ठ लोगों का सम्मान करना भी उपाय की तरह काम करेगा।

मेष साप्ताहिक राशिफल

2027 में राहु के गोचर का वृषभ राशि पर प्रभाव

वृषभ राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके भाग्य भाव में रहने वाला है। राहु के गोचर को भाग्य की हानि करने वाला या कराने वाला कहा गया है। ऐसा गोचर असफलता देता है, ऐसी बाते भी गोचर शास्त्र में लिखी गई हैं। इसके अलावा गोचर शास्त्र कहता है कि नवम भाव का राहु शत्रुओं की मात्रा को बढ़ाता है। धार्मिक कामों में व्यवधान देता है। साथ ही साथ यात्राओं में भी व्यवधान देखने को मिलते हैं। विशेष कर लंबी दूरी की यात्राएं व्यवधान भरी रह सकती हैं। अब ऐसा नहीं की ये तमाम नकारात्मक परिणाम ही आपको मिलेंगे। कुछ सकारात्मक परिणाम भी आपको मिल सकते हैं। राहु ग्रह शनि की राशि में है और इस वर्ष शनि ग्रह साल के अधिकांश समय आपके लाभ भाव में रहने वाले हैं। अतः कुछ सकारात्मक परिणाम भी आपको मिल सकेंगे।

नवम भाव का राहु यानी नवम भाव में राहु का गोचर भाग्य, उच्च शिक्षा, विदेश यात्रा, धार्मिक क्रियाकलाप, गुरुजन और जीवन दर्शन इत्यादि के मामले में विशेष प्रभाव डाल सकता है। यानी इन मामलों में कुछ परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। ये परिवर्तन सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रह सकते हैं। इनकी दिशा आपके कर्मों, आपकी नीयत और आपके प्रयासों के अनुरूप रह सकती है। बेहतर होगा पिता और गुरुजनों की बातों को ध्यान से सुना जाय और उनमें से अनुकूल सकारात्मक बातों को आत्मसात भी किया जाय। क्योंकि हो सकता है कि गुरुजनों, वरिष्ठों और पिता के द्वारा कही गई बातों में आपकी रुचि न रहे और इससे आपको नुकसान देखना पड़े।

अतः पहले बातों को सुनिए, समझिए और यदि आपकी फायदे की बातें हो तो उन पर गौर भी करिए। नवम भाव का राहु विदेशी की यात्राएं भी करवा सकता है और विदेशी संस्थानों से जुड़ने के अवसर भी दे सकता है लेकिन पुराने संबंधों या पुरानी जगह के प्रति विश्वास कम होने लग जाता है। फलस्वरूप इंसान परिवर्तन करने की सोचने लग जाता है। किसी स्थान से जुड़े रहने की स्थिति में उस स्थान को बदलना इतना कठिन नहीं होता जितना गुरु या पिता से अलगाव का मामला कठिन होता है। अतः गुरु और पिता से वैचारिक मतभेद आएं तो उन्हें छोटे लेवल पर ही शांत करने और सुलझाने का प्रयास जरूरी रहेगा। धार्मिक या आध्यात्मिक क्षेत्र में आप अलग या असामान्य मार्ग की ओर आकर्षित हो सकते हैं। अतः इस वर्ष ऐसे लोगों से बचाव भी जरूरी रहेगा जो धार्मिक चोला उड़कर अपना स्वार्थ साधन कर रहे हैं। यानी किसी भी व्यक्ति पर विश्वास करने से पूर्व उस व्यक्ति के बारे में अच्छी तरह से पड़ताल करना जरूरी रहेगा। धर्म के नाम पर स्वयं के भीतर उन्माद के भाव नहीं पनपने देने हैं।

उपाय: पिता, गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करें। शनिवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति को कंबल या फिर काले तिल का दान करें।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

बृहत् कुंडली में छिपा है, आपके जीवन का सारा राज, जानें ग्रहों की चाल का पूरा लेखा-जोखा

2027 में राहु के गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

मिथुन राशि वालों, राहु का गोचर इस वर्ष आपकी कुंडली के अष्टम भाव में रहने वाला है। गोचर शास्त्र में राहु के गोचर को अष्टम भाव में धन हानि करवाने वाला माना गया है। स्वाभाविक है कि जब राहु का गोचर अष्टम भाव में रहता है तो केतु का गोचर दूसरे भाव में होता है और उसका धन के मामले में प्रभाव पड़ता है। विशेषकर संचित या बचाए हुए धन पर सीधा प्रभाव पड़ने की प्रबल संभावना रहती है। इसके अलावा अष्टम भाव में गोचर कर रहा राहु कब्ज, बवासीर जैसे गुप्त रोग भी दे सकता है। विशेष कर गुदा या पेट से संबंधित रोग होने की संभावनाएं अधिक रहती हैं।

अल्बत्ता कुंडली में भी ऐसे योग होना चाहिए, दशाएं, ऐसी होनी चाहिए जो इस तरह के रोगों को बढ़ावा दे रही हों। तो ऐसे में अष्टम में गोचर करने वाला राहु गुप्त या गुदा से संबंधित समस्याएं दे सकता है। कामों में रुकावटें, असफलताएं जैसे लक्षण भी राहु के द्वारा उत्पन्न किए जा सकते हैं। जीवन साथी या जीवन संगिनी को कष्ट मिल सकता है। शासन प्रशासन से संबंधित मामलों में भी अड़चने मिल सकती हैं या सरकारी विभागों द्वारा दंड मिलने का भय रहता है। व्यापार व्यवसाय करने वाले लोगों को भी बाधाओं का सामना करना पड़ता है। पिता को कष्ट, परिवार में अनबन, शिक्षा प्राप्ति में बाधा तथा संतान संबंधी मामलों में परेशानियां देखने को मिलती हैं; ऐसा गोचर शास्त्र का कहना है। हालांकि ये सब नकारात्मकताएं तभी मिलेगी जब आपकी दशाएं भी प्रतिकूल हों और अन्य गोचर भी सपोर्ट नहीं कर रहे हों, यह केवल एक ग्रह के गोचर का प्रभाव है; जिसे हम आपके समक्ष रख रहे हैं।

आधुनिक समय में ये गोचर अचानक से परिवर्तन देने का काम कर सकता है। कुछ हद तक तनाव देने का काम भी कर सकता है। बेहतर होगा इस गोचर के ड्यूरेशन में अपने टैक्सेज वगैरह प्रॉपर तरीके से जमा करें। आर्थिक मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। इस गोचर से राहु की सकारात्मक बात यह रहेगी कि रिसर्च के कामों में यह आपकी मदद कर सकता है। प्राचीन विधाओं के प्रति आपकी रुचि बढ़ सकती है। ज्योतिष, तंत्र मंत्र, साइकोलॉजी के अलावा गुप्त विधाओं में आपकी अच्छी रुचि रह सकती है। यानी भले ही गोचर शास्त्र इस गोचर को अच्छा नहीं मानता लेकिन ज्योतिष, अनुसंधान, साइबर टेक्नोलॉजी और रहस्यमई विषयों से जुड़े हुए लोगों को इस गोचर के द्वारा सकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं लेकिन इन सबके बावजूद भी आर्थिक मामले में किसी भी तरीके का रिस्क नहीं लेना है। बेहतर होगा निवेश इत्यादि से बचें लेकिन यदि निवेश करना बहुत जरूरी हो तो एक्सपर्ट एडवाइस जरूर लें।

उपाय: नियमित रूप से शिवजी की पूजा उपासना करें। खानपान संयमित और उचित रखें तथा शनिवार के दिन काले तिल का दान किया करें।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

2027 में राहु के गोचर का कर्क राशि पर प्रभाव

कर्क राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके सप्तम भाव में रहने वाला है। गोचर शास्त्र में सप्तम भाव में राहु के गोचर को आजीविका में बाधा देने वाला कहा गया है। इसके अलावा सप्तम भाव में राहु का गोचर दांत या फिर मुख से संबंधित कुछ परेशानियां भी दे सकता है। जननेंद्रियों से संबंधित परेशानियां, मूत्र विकार, पथरी, यात्रा में कष्ट, दुर्घटनाएं, जीवनसाथी या जीवन संगिनी को कुछ परेशानियां या विवाद जैसे लक्षण; सप्तम भाव का राहु दे सकता है। हालांकि इन बातों से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि इतने नकारात्मक परिणाम सामान्य तौर पर नहीं मिलते हैं। यदि किसी की कुंडली में दशाएं नकारात्मक हों, अन्य ग्रहों के गोचर भी नकारात्मक हों, तभी ऐसे नकारात्मक परिणाम मिलते हैं अन्यथा दशाओं की अनुकूलता या फिर अन्य गोचरों की अनुकूलता के चलते इस तरह के नकारात्मक परिणाम नहीं मिलते। फिर भी इन मामलों को लेकर सचेत रहना ही समझदारी का काम होता है।

सप्तम भाव विवाह और साझेदारी का है। बिजनेस पार्टनरशिप और पब्लिक डीलिंग जैसे महत्वपूर्ण मामले इसी भाव से देखे जाते हैं। ऐसे में राहु का गोचर इन मामलों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इन मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह जरूरी रहेगा। क्योंकि राहु को विजातीयता का कारक माना गया है, ऐसे में अविवाहित लोगों को असामान्य या फिर अलग कल्चर या स्थान में रहने वाले व्यक्ति के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। जिन लोगों की कुंडली में गैर परंपरागत विवाह के योग हैं, उनको राहु अंतरजातीय विवाह या दूसरे कल्चर में विवाह के लिए प्रोत्साहित भी कर सकता है। विदेश से संबंध रखने वाले लोगों को, विशेषकर विदेश से व्यापारिक या कार्य व्यापार वाले संबंध रखने वाले लोगों को कोई बाहरी पार्टनरशिप भी ऑफर हो सकती है।

ध्यान रहे कि सप्तम भाव का राहु भ्रमित करता है इसलिए केवल आकर्षित होकर किसी रिलेशनशिप या पार्टनरशिप में नहीं पड़ना है बल्कि विभिन्न तथ्यों और विभिन्न पहलुओ की पहली बात जांच करनी है। विवाहित लोगों को भी आपसी संदेश से बचने की जरूरत रहेगी। कम्युनिकेशन गैप बिल्कुल भी नहीं रखना है और थर्ड पर्सन के इंटरफ़ेयरेंस से भी बचना जरूरी रहेगा। इन सावधानियां को अपनाकर आप राहु के दुष्प्रभाव को रोकने में कामयाब भी हो सकेंगे।

उपाय: शनिवार के दिन सरसों के तेल का दान करना तथा दांपत्य जीवन में पारदर्शिता रखने उपाय की तरह काम करेगा।

 कर्क साप्ताहिक राशिफल

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

2027 में राहु के गोचर का सिंह राशि पर प्रभाव

सिंह राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके छठे भाव में रहने वाला है छठे भाव में राहु के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला माना गया है। ऐसे में यदि आपकी दशाएं भी अनुकूल हों तथा अन्य गोचर भी अनुकूल होंगे तो आपको राहु का यह गोचर बहुत अच्छे परिणाम भी दे सकता है। क्योंकि छठे भाव में राहु के गोचर को धन और अन्न अर्थात सुख और समृद्धि में हर तरह से वृद्धि करने वाला माना गया है। आरोग्यता देने वाला माना गया है। यानी कि यदि आपका स्वास्थ्य पहले से कमजोर रहा है तो आपकी स्वास्थ्य समस्या का निदान आपको मिल सकता है।

आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर करते हुए देखे जाएंगे। आपको संपत्ति का लाभ भी मिल सकता है। हालांकि मामा या मौसी को कष्ट हो सकता है लेकिन ज्यादातर मामलों में आपको अनुकूल परिणाम देखने को मिलेंगे। क्योंकि छठा भाव प्रतिस्पर्धात्मक कामों का होता है, प्रतिस्पर्धात्मक मामलों का होता है; ऐसे में प्रतियोगिता, विरोधी, लिटिगेशन, नौकरी और कंपटीशन में सफलता दिलाने में राहु मददगार बनता है।

इस तरह से हम कह सकते हैं कि जो लोग कॉन्पिटेटिव एग्जाम दे रहे हैं, पॉलिटिक्स में हैं, कॉरपोरेट कॉरपोरेट कंपटीशन में हैं या किसी तरह के लीगल मैटर को लेकर संघर्ष कर रहे हैं; उन्हें राहु विशेष तरह की शक्ति देकर मदद कर सकता है। इतना ही नहीं राहु कर्ज और शत्रुओं से निपटने में भी आपकी मदद कर सकता है। इन मामलों को लेकर आपकी क्षमता और बेहतर रह सकती है। हालांकि राहु को स्वास्थ्य में सुधार करने वाला कहा गया है लेकिन स्वास्थ्य में अनियमितता से बचने की जरूरत रहेगी, तनाव से बचने की जरूरत रहेगी और लाइफ स्टाइल इंबैलेंस से बचना भी समझदारी का काम होगा। यानी जागरूक रहने की स्थिति में ही आप स्वस्थ को बेहतर रख कर पाएंगे।

उपाय: शनिवार के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाएं। भगवान शिव का पूजन अर्चन करें।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

2027 में राहु के गोचर का कन्या राशि पर प्रभाव

कन्या राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके पंचम भाव में रहने वाला है। गोचर शास्त्र में पंचम भाव में राहु के गोचर को भ्रमित करने वाला कहा गया है। स्वाभाविक है कि भ्रमित अवस्था में जो भी योजनाएं बनाई जाएगी उनकी सफलता की संभावना कम रहेगी। यानी पंचम भाव में राहु के गोचर को भ्रम देने वाला और योजनाओं में असफलता देने वाला माना जाता है। शायद भ्रम वाले कारण से ही राहु को पंचम भाव में गोचर करने की स्थिति में धन निवेश में हानि करवाने वाला भी कहा गया है। क्योंकि पंचम भाव को संतान भाव भी कहते हैं, ऐसे पंचम भाव में राहु के गोचर को पुत्र को कष्ट देने वाला भी कहा गया है।

पंचम भाव में राहु का गोचर पेट से संबंधित परेशानियां भी देता है लेकिन यदि आपकी जन्म कुंडली में राहु की स्थिति अच्छी है तो पंचम भाव में गोचर करने की स्थिति में कम मेहनत से अधिक धन दिलवाने में भी राहु सहयोग करता है। क्योंकि पंचम भाव मुख्यतः संतान, प्रेम और शिक्षा के लिए देखा जाता है, इसके अलावा क्रिएटिविटी, स्पैक्यूलेशन और बुद्धि से जुड़े हुए मामलों का विचार भी पंचम भाव से किया जाता है। अतः इन मामलों में राहु का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। कुंडली में अनुकूल स्थिति में होने पर राहु का पंचम भाव में गोचर कुछ अच्छे परिणाम भी दे सकता है। अन्यथा इन मामलों में कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं।

डिजिटल, क्रिएटिविटी, मीडिया, कंटेंट क्रिएशन, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे कामों में राहु सफलता भी दिला सकता है लेकिन क्योंकि पंचम भाव में राहु की गोचर को भ्रमित करने वाला कहा गया है, ऐसे में स्पेकुलेटिव इन्वेस्टमेंट में अत्यधिक जोखिम रह सकता है। यानी ऐसी स्थितियों से यथासंभव बचने की कोशिश करनी चाहिए। प्रेम संबंधों में अट्रैक्शन बहुत तेज हो सकता है लेकिन स्टेबिलिटी कम रह सकती है। इसलिए पंचम भाव में राहु के गोचर को प्रेम संबंधों में कमजोर परिणाम देने वाला माना जाता है। संतान संबंधी मामलों में कोई बड़ा नुकसान तो नहीं होता लेकिन संतान को लेकर चिंताएं रहती हैं और कई बार व्यर्थ की चिंताएं भी रहती हैं। गहरे चिंतन मंथन के पश्चात ही कोई निर्णय लेना अथवा किसी बात पर रिएक्ट करना ही समझदारी का काम होगा।

उपाय: जोखिम भरे कामों में, स्थापित रूल रेगुलेशन का पालन जरूरी रहेगा। नियमित रूप से गणेश जी की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

 अब घर बैठे विशेषज्ञ पुरोहित  से कराएं इच्छानुसार ऑनलाइन पूजा और पाएं उत्तम परिणाम!

2027 में राहु के गोचर का तुला राशि पर प्रभाव

तुला राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके चौथे भाव में रहने वाला है। चौथे भाव में राहु के गोचर को कुसंगति देने वाला कहा गया है। यानी आपकी संगति बिगड़ सकती है, इस बात पर ध्यान देना जरूरी रहेगा। क्योंकि चतुर्थ भाव भूमि और भवन का है अतः चतुर्थ भाव में गोचर करने की स्थिति में राहु स्थान हानि भी करवाता है। स्वजनों से दूरी बनवाने में भी राहु का योगदान रह सकता है। यह दूरी विरोधवश हो सकती है या किसी भी कारण से स्वजनों दूर जाना पड़ सकता है। सुख में कभी, मन में स्वार्थ के भावों का बढ़ना, लोग का उदय होना, वाहन से कष्ट और सीने से संबंधित कुछ परेशानियां रह सकती है।

यदि आपको हृदय से संबंधित कोई परेशानी पहले से है तो राहु के इस गोचर की अवधि में उस मामले में विशेष जागरूक रहने की आवश्यकता रहने वाली है। चतुर्थ भाव में गोचर करने की स्थिति में राहु घर, वाहन, प्रॉपर्टी, माता, भावनात्मक शांति और घरेलू माहौल को प्रभावित कर सकता है। हालांकि प्रॉपर्टी को खरीदने बेचने के अवसर मिल सकते हैं लेकिन कई बार ऐसी स्थितियां अनचाहे रूप में आती है।

यानी हम प्रॉपर्टी को बेचना नहीं चाहते फिर भी बेचने की स्थिति निर्मित होती है, यह एक कमजोर बिंदु है लेकिन यदि आप लंबे समय से किसी प्रॉपर्टी को बेचने की कोशिश कर रहे थे और वह नहीं बिक रही थी तो शायद इस गोचर की अवधि में वह प्रॉपर्टी बिक जाए। प्रॉपर्टी खरीदते समय प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट इत्यादि की जांच भली-भांति करनी जरूरी रहेगा। जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि चतुर्थ भाव में राहु के गोचर को शहर बदलने, विदेश जाने या फिर दूर स्थान पर जाने की स्थितियां निर्मित करने वाला माना गया है। इस गोचर की अवधि में मन में कुछ बेचैनी रहती है। भावनाएं बीच-बीच में आहत हो जाती हैं। यानी काफी कुछ या सब कुछ होने के बावजूद भी मानसिक रूप से शांति नहीं मिलती।

उपाय: शनिवार को शिव मंदिर या फिर शनि मंदिर में काले तिल का दान करना तथा मां और मां समान स्त्रियों की सेवा करते हुए आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा।

तुला साप्ताहिक राशिफल

2027 में राहु के गोचर का वृश्चिक राशि पर प्रभाव

वृश्चिक राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपकी कुंडली के तीसरे भाव में रहेगा। गोचर शास्त्र में तीसरे भाव में राहु के गोचर को सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देने वाला माना गया है। गोचर शास्त्र में कहा गया है कि राहु का तीसरे भाव में गोचर आरोग्यता देता है, मित्रों का लाभ करवाता है, व्यापार व्यवसाय के माध्यम से लाभ करवाता है, आपके कॉन्फिडेंस को बेहतर करता है। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर करते हुए देखे जाते हैं। आपका पराक्रम बेहतर होता है। अच्छे समाचार सुनने को मिलते हैं। इतना ही नहीं भाग्य भी बेहतर तरीके से सपोर्ट करता है। भाई-बहन, पड़ोसियों आदि के माध्यम से सुख मिलता है।

साथ ही साथ शासन प्रशासन से संबंधित मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिलते हैं। इस वर्ष राहु आपको काफी सक्रिय रख सकता है। आपकी नेटवर्किंग बढ़ सकती है। सोशल मीडिया के माध्यम से आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। यदि आप मार्केटिंग से जुड़े हुए व्यक्ति हैं तो आपको और भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। यानी खुद के प्रयत्न और भी बेहतर होंगे। डिजिटल मीडिया पर काम करने वाले लोगों को काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। सोशल मीडिया पर काम करने वाले लोगों को काफ़ी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

यूट्यूब जर्नलिज्म, डिजिटल मीडिया, एडवरटाइजिंग, सेल्स और ऑनलाइन बिजनेस करने वाले लोगों के लिए राहु का यह गोचर बहुत शानदार परिणाम दे सकता है। कम दूरी की यात्राओं की मात्रा बढ़ सकती है। हालांकि भाई बहनों से कभी-कभी मतभेद भी होते हैं लेकिन सामान्य तौर पर भाई, बंधु और पड़ोसी सपोर्ट करने का काम करते हैं। मतभेद को दूर कर लेने की स्थिति में काफी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो व्यक्ति को अपने दम पर आगे बढ़ाने में राहु का यह गोचर बहुत मददगार सिद्ध होता है।

उपाय: किसी तरह की नकारात्मकता का अनुभव होने की स्थिति में उपाय के रूप में प्रत्येक चौथे महीने रुद्राभिषेक करें या करवाएं। साथ ही साथ शनिवार के दिन श्रमिक या जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करें, विशेषकर उन्हें भोजन इत्यादि करवाएं।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

2027 में राहु के गोचर का धनु राशि पर प्रभाव

धनु राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके दूसरे भाव में रहने वाला है। दूसरे भाव में राहु के गोचर को गोचर शास्त्र में अनुकूल नहीं कहा गया है। गोचर शास्त्र में उल्लेख मिलता है कि दूसरे भाव में राहु का गोचर घर परिवार में अशांति और कलह का माहौल पैदा करता है। क्योंकि दूसरा भाव धन का भाव भी है, इसलिए राहु के दूसरे भाव में गोचर को चोरी या ठगी के माध्यम से धन हानि करने वाला भी कहा गया है। इतना ही नहीं दूसरे भाव में गोचर करने की स्थिति में राहु नेत्र या दांत से संबंधित कुछ परेशानियां दे सकता है। राहु घर परिवार से अलग करवाने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।

हालांकि इतने नकारात्मक परिणाम सामान्य तौर पर एक साथ देखने को नहीं मिलते हैं। यदि आपकी दशाएं अनुकूल चल रही हों और जन्म कुंडली में राहु ग्रह सकारात्मक हो तो परेशानियां छोटे लेवल पर ही शांत हो जाती है लेकिन सामान्य तौर पर गोचर शास्त्र दूसरे भाव में राहु के गोचर को लेकर कुछ ऐसी ही बातें करता है।

वर्तमान परिपेक्ष में देखें तो क्योंकि दूसरा भाव धन, फैमिली, वाणी और संचित धन का होता है। अतः दूसरे भाव में गोचर करने की अवधि में आपको इन क्षेत्रों में राहु का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि कुंडली में राहु की अनुकूल स्थिति होने की स्थिति में कमाई के नए स्रोत भी बन सकते हैं। विशेषकर ऑनलाइन के माध्यम से कमाई, विदेश से कमाई और अप्रत्याशित रूप से भी कुछ कमाई भी हो सकती है। यदि आपका काम वाणी से संबंधित है तो दूसरे भाव में राहु का गोचर वाणी दोष भी दे सकता है। अतः बातचीत के तौर तरीके को काफी स्वच्छ और सभ्य रखना जरूरी रहेगा। क्योंकि गलत बयानी से न केवल कार्यक्षेत्र में प्रभाव पड़ता है बल्कि पारिवारिक मामलों में भी प्रभाव देखने को मिलता है। अतः अपशब्दों का प्रयोग या गलत तरीके से की गई बातचीत के कारण आर्थिक और पारिवारिक समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। टैक्स को लेकर, बैंकिंग को लेकर और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंटेशन को लेकर; सचेत रहने की आवश्यकता भी रहेगी।

उपाय: चांदी की एक ठोस गोली अपने साथ रखें। माता के साथ अच्छे संबंध रखें। माता तुल्य स्त्रियों का सम्मान करें। झूठ और कठोर बोलने से बचें।

धनु साप्ताहिक राशिफल

ऑनलाइन सॉफ्टवेयर से मुफ्तजन्म कुंडली प्राप्त करें।

2027 में राहु के गोचर का मकर राशि पर प्रभाव

मकर राशि वालों, साल 2027 में राहु का गोचर क्योंकि मकर राशि में है  इसलिए राहु इस वर्ष आपके पहले भाव में रहने वाले हैं। पहले भाव में राहु के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता है। क्योंकि ऐसा राहू सिर दर्द या मस्तिष्क से संबंधित कुछ परेशानियां देने का काम कर सकता है। जिसमें मस्तिष्क भ्रम और अशांति प्रमुख रूप से रह सकते हैं। यद्यपि अशांति का कारण मन मस्तिष्क के अलावा बाहर भी हो सकता है लेकिन मन मस्तिष्क में अशांति के भाव किसी न किसी कारण से देखने को मिल सकते हैं। विवाद भी हो सकते हैं और गैस या वायु तत्व के कारण स्वास्थ्य में भी कुछ खराबी देखने को मिल सकती है। यानी पेट दर्द, अपच जैसी शिकायतें भी देखने को मिल सकती हैं, ऐसा गोचर शास्त्र का कहना है।

वर्तमान परिपेक्ष में देखें तो राहु आपके व्यक्तित्व में, आपकी सोच में और आपके स्वास्थ्य में विशेष प्रभाव डाल सकता है। इसलिए अपने व्यक्तित्व और अपनी छवि को लेकर हमेशा सचेत रहना है और सकारात्मक कार्य करने हैं। सोच को भी सकारात्मक रखना है। खान-पान, आहार विहार और आचार विचार सभी शुद्ध और पवित्र रखने का प्रयास करें। राहु का यह गोचर कैरियर डायरेक्शन में भी परिवर्तन करवाने का काम भी कर सकता है। आपके जीवन की जो प्राथमिकताएं रही हैं उनमें भी परिवर्तन देखने को मिल सकता है। पहले भाव में राहु की गोचर के कारण महत्वाकांक्षाएं बढ़ सकती हैं अतः उचित अनुचित पर ज्यादा यकीन नहीं रहेगा। यानी स्वयं को बड़ा और सफल बनाने के लिए व्यक्ति किसी भी तरह के कार्य या निर्णय ले सकता है।

ऐसे में आपको वैचारिक मंथन की आवश्यकता रहेगी, जिससे आप उचित मार्ग पर ही चलते रहें और आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर सकें। हालांकि यदि राहु की स्थिति आपकी जन्म कुंडली में अच्छी है और आप टेक्नोलॉजी, फॉरेन कनेक्शंस, राजनीति, मीडिया और बड़े संस्थानों से जुड़ने की पात्रता रखते हैं तो राहु का यह गोचर आपको ऐसी जगहों से जोड़ने का काम भी कर सकता है। इन सब के बावजूद भी ओवरथिंकिंग से बचने की आवश्यकता रहेगी, कन्फ्यूजन से बचने की आवश्यकता रहेगी। यदि आप एक्सपर्ट एडवाइस लेंगे तो गलत निर्णय से भी बच सकेंगे। यानी इस वर्ष राहु के गोचर को देखते हुए आपके लिए यही कहना उचित रहेगा कि साल 2027 में मकर राशि वाले लोगों को यह समझने की जरूरत रहेगी कि हर अवसर वास्तव में अवसर नहीं होता है, जो अवसर आपके समक्ष है वो आपको भविष्य में भी सकारात्मक परिणाम दिलवाएगा इस बात पर चिंतन मंथन जरूरी रहेगा।

उपाय: गले में चांदी धारण करें और प्रत्येक चौथे महीने जटा वाले चार सूखे हुए नारियल अपने शरीर से वार करके बहते हुए शुद्ध जल में बहाएं।

मकर साप्ताहिक राशिफल

2027 में राहु के गोचर का कुम्भ राशि पर प्रभाव

कुम्भ राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपके द्वादश भाव में रहने वाला है। द्वादश भाव में राहु के गोचर को सामान्य तौर पर गोचर शास्त्र में अच्छा नहीं माना गया है। ऐसे गोचर को लेकर गोचर शास्त्र कहता है कि द्वादश भाव में राहु का गोचर धन की हानि करवा सकता है, खर्चों को बढ़ा सकता है, संतान से संबंधित मामलों में परेशानियां दे सकता है, यात्राओं की संख्या को बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं यदि कुंडली में दुर्योग हो तो बंधन योग भी राहु के इस गोचर के चलते बन जाता है। अन्यथा सामान्य तौर पर परिवार से अनबन और भाग्य की प्रतिकूलता का अनुभव भी हो सकता है।

वर्तमान परिपेक्ष में कहें तो इस वर्ष राहु के द्वादश भाव में गोचर करने के कारण दूर की यात्राओं की योग बनेंगे। यदि आप विदेश यात्रा के लिए प्रयास कर रहे थे तो उस मामले में आपको सफलता मिल सकती है। कुंडली में राहु की स्थिति अनुकूल होने और विदेश में बसने के योग होने की स्थिति में इस गोचर के चलते आपका फॉरेन सेटेलमेंट भी हो सकता है। मल्टीनेशनल कंपनीज और ऑनलाइन के माध्यम से आमदनी हो सकती है लेकिन खर्च बढ़े हुए रह सकते हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को तमाम मुक्त रखने की कोशिश हमेशा जरूरी रहेगी। विशेषकर रात्रि में स्वयं को तनाव मुक्त जरूर रखें, जिससे आप अच्छी नींद ले सकें और मानसिक रूप से शांत हो सकें।

व्यर्थ के खर्चों को रोकने की कोशिश बहुत जरूरी रहेगी। धर्म और आध्यात्म के प्रति अथवा प्राचीन विषयों के प्रति आपकी रुचि बढ़ सकती है। यानी कि कुछ विशेष कंडीशंस में राहु का यह गोचर अच्छे परिणाम भी दे सकता है। वैसे सामान्य तौर पर गोचर शास्त्र इस गोचर को बहुत अच्छा नहीं मानता है लेकिन जन्म कुंडली में राहु के गोचर की अनुकूलता और दशाओं का सपोर्ट मिलने की स्थिति में आपको अच्छे परिणाम भी मिल सकेंगे।

उपाय: जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन करवाना और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाना उपाय की तरह काम करेगा।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल 

कालसर्प दोष रिपोर्ट – काल सर्प योग कैलकुलेटर

2027 में राहु के गोचर का मीन राशि पर प्रभाव

मीन राशि वालों, इस वर्ष राहु का गोचर आपकी कुंडली के लाभ भाव में रहेगा। यहां पर राहु के गोचर को काफी अच्छे परिणाम देने वाला माना गया है। गोचर शास्त्र कहता है कि लाभ भाव में गोचर करने की स्थिति में राहु धन और ऐश्वर्य में वृद्धि करवाने का काम करता है, कम मेहनत से अधिक धन भी दिलवाता है, आमदनी में वृद्धि होती है। इतना ही नहीं रोग, ऋण और शत्रुओं से मुक्ति दिलवाने में भी राहु का यह गोचर काफी मदद करता है। कामों में सफलता मिलती है। मित्र भी सामान्य तौर पर सहयोग करते हैं। अन्य गोचर का सपोर्ट मिलने की स्थिति में और अनुकूल दशाओं का सपोर्ट मिलने की स्थिति में; यह गोचर आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकता है।

वर्तमान परिपेक्ष में कहें तो राहु का यह गोचर अच्छा लाभ करवाने का काम कर सकता है। आपकी इनकम बढ़ सकती है। आपकी नेटवर्किंग और मजबूत हो सकती है। आपका सोशल सर्कल भी बड़ा हो सकता है  व्यापार व्यवसाय को विस्तार देने में भी राहु का यह गोचर आपकी अच्छी मदद कर सकता है। हालांकि आपकी महत्वाकांक्षाएं और इच्छाएं भी बढ़ सकती हैं लेकिन अनुकूल बात यह रहेगी कि राहु उन इच्छाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति करवाने में भी सपोर्ट करता रहेगा। नए प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनवाने में भी राहु का यह गोचर आपकी अच्छी मदद करेगा।

डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, टेक्नोलॉजी और विदेशी कनेक्शंस के साथ-साथ बड़े ऑर्गेनाइजेशन से जोड़ने और उनके माध्यम से लाभ करवाने में भी राहु का यह गोचर सकारात्मक परिणाम देता हुआ देखा जा सकेगा लेकिन क्योंकि राहु स्वभाव से बहुत अच्छा ग्रह नहीं माना गया है इसलिए लाभ के पीछे भागते हुए गलत लोगों से जुड़ना अथवा गलत रास्ते पर चले जाना ठीक नहीं रहेगा। यानी जीवन में आगे बढ़ते समय उचित अनुचित वाले इस पक्ष को भी ध्यान में रखते हुए उचित आचरण करने की आवश्यकता रहने वाली है। यानी राहु का यह गोचर अनुकूल परिणाम देगा लेकिन उचित अनुचित का विचार करना भी जरूरी रहेगा।

उपाय: शनिवार के दिन काले तिल या फिर उड़द का दान करना शुभ रहेगा। साथ ही साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना करना भी शुभता देने में सहायक बनेगा।

मीन साप्ताहिक राशिफल     

कहने का तात्पर्य यह है कि इस वर्ष राहु मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वाले लोगों को सकारात्मक परिणाम देने के इरादे में नजर आ रहा है। अलबत्ता संबंधित जातक या जातिका की दशाएं व अन्य गोचर भी अनुकूल होने और कुंडली में राहु की स्थिति भी अनुकूल हो तो परिणाम और भी अच्छे हो सकते हैं। वहीं राहु का यही गोचर सामान्य तौर पर मिथुन, कर्क, तुला, धनु और मकर राशि वाले लोगों को कमजोर परिणाम देने का संकेत कर रहा है। ऐसे में राहु के परिणामों को लेकर जागरूक रहने की आवश्यकता रहेगी। वहीं वृष, कन्या और कुंभ राशि वाले लोगों को राहु के परिणाम मिश्रित रूप में मिल सकते हैं।

उम्मीद है राहु से मिलने वाले परिणामों का अनुमान लग जाने के कारण आप अब बेहतर योजना बनाकर बेहतर परिणाम प्राप्त करने में समर्थ हो सकेंगे।

 सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह लेख ज़रूर पसंद आया होगा। अगर ऐसा है तो आप इसे अपने अन्य शुभचिंतकों के साथ ज़रूर साझा करें। धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. राहु गोचर 2027 कब होगा?

2027 में राहु राशि परिवर्तन करेंगे और इसका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग तरह से पड़ सकता है।

2. राहु गोचर 2027 का किन क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है?

राहु का प्रभाव करियर, धन, रिश्तों, मानसिक स्थिति और महत्वपूर्ण फैसलों पर पड़ सकता है।

3. क्या राहु गोचर 2027 करियर को प्रभावित करेगा?

हां, करियर में अचानक बदलाव या नए अवसर देखने को मिल सकते हैं। परिणाम कुंडली पर निर्भर करेंगे।

4. क्या राहु गोचर 2027 से आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है?

हां, आय और खर्च में बदलाव हो सकते हैं, इसलिए आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेना उचित रहेगा

Talk to Astrologer Chat with Astrologer