March, 2026 का वृश्चिक राशिफल - अगले महीने का वृश्चिक राशिफल
March, 2026
सामान्य
यह महीना वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कई मामलों में अनुकूल रहने की संभावना है लेकिन कुछ क्षेत्रों में आपको विशेष सावधानियां बरतनी होंगी। शनि महाराज पूरे महीने पंचम भाव में विराजमान रहेंगे तो वहीं बृहस्पति अष्टम भाव और केतु दशम भाव में विराजमान रहेंगे। महीने की शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होंगे, जहां से शुक्र दो तारीख को पंचम भाव में और 26 तारीख को छठे भाव में चले जाएंगे। वहीं सूर्य 15 तारीख को पंचम भाव में गोचर करेंगे। नौकरी में आपको उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा और कई बाधाएं आपके सामने आएंगी। व्यापार करने वाले जातकों के लिए महीना अनुकूल रह सकता है और आपको उत्तम सफलता प्राप्त हो सकती है। विद्यार्थी वर्ग के लिए मेहनत से सफलता प्राप्त करने का अच्छा समय चल रहा है। आपके अंदर अच्छी ऊर्जा देखने को मिलेगी जो शिक्षा प्राप्त करने में आपकी मदद करेगी। आर्थिक दृष्टिकोण से यह महीना अच्छा रहेगा। घर के सुख-संसाधनों में बढ़ोतरी होगी। पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव के बावजूद आपसी सामंजस्य और प्रेम की भावना बनी रहेगी जिससे घर का माहौल खुशनुमा रहेगा। छाती से जुड़े रोग और पेट से जुड़ी बीमारियां स्वास्थ्य को कमजोर बना सकती हैं इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। विदेश गमन के योग बन सकते हैं। महीने के उत्तरार्ध में आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। शेयर बाजार से लाभ प्राप्ति के विशेष योग बनेंगे।
कार्यक्षेत्र
करियर के दृष्टिकोण से यह महीना उतार-चढ़ाव से भरा रहने की संभावना है। दशम भाव में पूरे महीने केतु महाराज विराजमान रहेंगे और महीने की शुरुआत में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु जैसे पांच ग्रहों का प्रभाव दशम भाव पर रहेगा। इनमें छठे भाव के स्वामी मंगल भी शामिल होंगे। इसके परिणामस्वरूप काम में अनेक चुनौतियां आएंगी। आसपास का माहौल आपके काम की क्षमता को प्रभावित करेगा। आपको कई कामों में विरोधाभास दिखेगा। आपके मन में शक पैदा होगा कि आपका काम सही दिशा में जा भी रहा है या नहीं, ऐसी स्थितियों में आपको शांति और धैर्य से काम लेना होगा। परिस्थितियों से तालमेल बिठाकर ही आप अच्छी सफलता प्राप्त कर पाएंगे। महीने के उत्तरार्ध में 26 तारीख से शुक्र आपके छठे भाव में आ जाएंगे, तब आपको कार्यक्षेत्र में महिलाओं से विशेष रूप से अच्छा व्यवहार करना होगा नहीं तो उनमें से किसी के कारण नौकरी में समस्या हो सकती है। अपने सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार, आपको कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाएगा। व्यापार करने वाले जातकों के लिए यह महीना अच्छा रहेगा। सप्तम भाव के स्वामी शुक्र महाराज महीने की शुरुआत में चतुर्थ भाव में, 2 तारीख से पंचम भाव में जाकर शनि देव से युति करेंगे और 15 तारीख को सूर्य भी उनके साथ युति करेंगे। इसके बाद 26 तारीख से शुक्र आपके छठे भाव में आ जाएंगे। महीने का पूर्वार्ध व्यापार में विशेष उन्नति देगा लेकिन उत्तरार्ध में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
आर्थिक
यदि आपकी आर्थिक स्थिति को देखा जाए तो आपके लिए यह महीना मिले-जुले परिणाम लेकर आने वाला है क्योंकि दूसरे भाव के स्वामी बृहस्पति महाराज अष्टम भाव में विराजमान रहेंगे और दूसरे भाव को देखेंगे तथा चतुर्थ स्थान को भी देखेंगे जिससे आपके धन संचय करने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। धन को निवेश करने का आप प्रयास करेंगे जिससे आपको धन लाभ होगा। घर के सुख संसाधनों में बढ़ोतरी होगी, उन पर धन खर्च भी होगा और घर में सुख शांति की प्राप्ति होगी। एकादश भाव के स्वामी बुध महाराज पूरे महीने चतुर्थ स्थान में बने रहेंगे जिससे परिवार के प्रति आपका रुझान ज्यादा रहेगा और आप उनकी जरूरत के लिए और परिवार की आवश्यकताओं पर विशेष रूप से खर्च करेंगे। दीर्घकालीन निवेश की योजनाएं बनाना आपके लिए बेहतरीन साबित होगा और इससे आपको अच्छे धन लाभ की प्राप्ति होगी। महीने के पूर्वार्ध में व्यापार से भी अच्छा लाभ मिल सकता है।
स्वास्थ्य
यह महीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मध्यम रहने की संभावना दिखाई देती है। चौथे भाव में बहुत सारे ग्रहों का प्रभाव, पंचम भाव में शनि और अष्टम भाव में बृहस्पति का प्रभाव स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है। हालांकि, वह बहुत गंभीर प्रकृति की तो नहीं दिखती हैं फिर भी आपको अपनी ओर से चुनौतियों को कम करने पर ध्यान देना होगा। चौथे भाव में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु जैसे ग्रहों के प्रभाव के कारण छाती में जलन, जकड़न और किसी तरह का संक्रमण होने की संभावना रहेगी। आपको जलन सी महसूस होगी जो शरीर में एसिडिटी के कारण भी हो सकती है। पेट से जुड़ी समस्याएं और वसा जनित रोग आपको परेशान कर सकते हैं। इस समयावधि में आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ज्यादा तेज और गरम मसाले के प्रयोग से बचना चाहिए। हल्का और सुपाच्य भोजन करें तथा स्वास्थ्य के लिए सुबह के समय सैर करें। 2 तारीख को शुक्र के भी पंचम भाव में आ जाने और 15 तारीख को सूर्य के वहां आ जाने से पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ेंगी। गर्मी सर्दी से होने वाली समस्याएं भी आपको परेशान कर सकती हैं। उसके बाद शुक्र के 26 तारीख से छठे भाव में चले जाने से आपको ऐहतियात बरतनी होगी क्योंकि किसी प्रकार का संक्रमण आपको परेशान कर सकता है। यदि आप किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित हैं तो महीने के उत्तरार्ध में वह जोर पकड़ सकती है इसलिए सचेत रहें और आवश्यक होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
प्रेम व वैवाहिक
यदि आप किसी प्रेम संबंध में हैं तो आपके लिए यह महीना मध्यम रूप से फलदायक रहेगा। पंचम भाव में पूरे महीने शनि देव विराजमान रहेंगे और उनके ऊपर वक्री बृहस्पति की दृष्टि बनी रहेगी। इससे आपके प्यार में मजबूती आने के साथ-साथ एक दूसरे के प्रति विश्वास बढ़ेगा। प्यार में धैर्य बढ़ेगा। चुनौतियों को सहन करने की क्षमता बढ़ेगी। आपके प्यार की परीक्षा भी होगी। जब आपको एक-दूसरे के प्रति परखा जाएगा लेकिन आप अपने रिश्ते को संभालने में कामयाब रहेंगे। 2 तारीख को शुक्र आपके पंचम भाव में आ जाएंगे, तब आप और आपके प्रियतम के बीच प्रेम और गहरा होगा। आप रोमांस से भरे पल बिताएंगे। आपको एक-दूसरे के साथ भरपूर समय बिताने का मौका मिलेगा लेकिन 15 तारीख से सूर्य के यहां आ जाने पर आपस में अहम का टकराव भी संभव है क्योंकि सूर्य और शनि का विपरीत प्रभाव शुक्र को कमजोर कर देगा जिससे समस्याएं बढ़ सकती हैं। 26 तारीख को शुक्र आपके छठे भाव में चले जाएंगे और केवल सूर्य और शनि पंचम भाव में रहेंगे इसलिए महीने के पूर्वार्ध में आपको थोड़ा सा सावधान रहना चाहिए और अपने प्रियतम का दिल दुखाने से बचना चाहिए। उनकी बातों को सुनने और समझने से रिश्ता गहरा होगा। सप्तम भाव के स्वामी शुक्र महाराज महीने की शुरुआत में चतुर्थ स्थान में, 2 तारीख से पंचम भाव में और 26 तारीख से छठे भाव में रहेंगे जिससे महीने का पूर्वार्ध आपके वैवाहिक जीवन के लिए अनुकूल रहेगा। समस्याएं कम होंगी। हालांकि, मंगल की दृष्टि आपके सप्तम भाव पर होने से बीच-बीच में कुछ झगड़े की स्थिति आएगी लेकिन वे धीरे-धीरे दूर हो जाएंगी। महीने के उत्तरार्ध में शुक्र के छठे भाव में आ जाने से जीवनसाथी को स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। उनसे झगड़ा न हो, इसका भी ध्यान रखें।
पारिवारिक
यह महीना पारिवारिक तौर पर उथल-पुथल से भरा रहने की प्रबल संभावना है क्योंकि महीने की शुरुआत में ही सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र और राहु, इन पांच ग्रहों की उपस्थिति आपके चतुर्थ भाव में होगी। चतुर्थ स्थान के स्वामी शनि देव पंचम भाव में होंगे और उनकी दृष्टि दूसरे भाव पर होगी जबकि दूसरे भाव के स्वामी बृहस्पति महाराज 11 तारीख तक वक्री अवस्था में और उसके बाद मार्गी अवस्था में अष्टम भाव में होंगे और वहां से आपके दूसरे और चौथे भाव को देखेंगे। इससे पारिवारिक जीवन में प्रेम, अपनापन और सामंजस्य बढ़ेगा लेकिन चतुर्थ स्थान में ग्रहों की उपस्थिति में शुभ ग्रहों बुध और शुक्र के कारण पारिवारिक सामंजस्य मजबूत होगा। आपस में प्रेम बढ़ेगा और चुनौतियों में कमी आएगी जबकि उग्र प्रकृति के ग्रहों सूर्य, मंगल और उनके साथ राहु की उपस्थिति के कारण आपसी तालमेल का अभाव भी हो सकता है इसलिए मिले-जुले परिणाम मिलते रहेंगे, कभी एक-दूसरे पर छींटाकशी होगी तो कभी प्यार जताने का मौका मिलेगा। मां को स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं इसलिए उनकी स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेष रूप से ध्यान दें। 11 तारीख से बृहस्पति के मार्गी हो जाने से पारिवारिक जीवन में प्रेम और बढ़ेगा तथा आपको आपके परिवार के लोगों और परिवार के बुजुर्गों से आशीर्वाद और प्रेम की प्राप्ति होगी। भाई-बहनों से संबंध मधुर बनेंगे, उनसे प्रेम बढ़ेगा और वे हर काम में आपकी मदद के लिए तैयार खड़े रहेंगे। इस कारण से परिवार में खुशहाली का माहौल बना रहेगा।
शुभ रंग
आपको मंगलवार के दिन 9 अनार के पौधे किसी उद्यान या बगीचे में लगाने चाहिए।
बृहस्पतिवार के दिन अपने मस्तक पर केसर अथवा हल्दी का तिलक अवश्य लगाएं।
सोमवार के दिन भगवान श्री शिव शंकर जी को जल अर्पित करें और रुद्राभिषेक करें।
मंगलवार के दिन श्री हनुमान जी को मीठा पान अर्पित करें।
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