August, 2026 का वृश्चिक राशिफल - अगले महीने का वृश्चिक राशिफल
August, 2026
सामान्य
यह महीना वृश्चिक राशि के जातकों के लिए ठीक-ठाक रहने की संभावना है। आपकी राशि से चतुर्थ स्थान में राहु, दशम स्थान में केतु, एकादश स्थान में शुक्र, वक्री शनि पंचम भाव में और बृहस्पति नवम भाव में पूरे महीने बने रहने वाले हैं। नवम भाव में उच्च राशि के बृहस्पति 12 तारीख से अस्त अवस्था से निकलकर उदित अवस्था में आ जाएंगे। सूर्य महीने की शुरुआत में आपके नवम भाव में होंगे जहां से 17 तारीख को वह आपके दशम भाव में प्रवेश करेंगे और बुध महीने की शुरुआत में अष्टम भाव में मंगल के साथ होंगे। 5 तारीख को वह नवम भाव में चले जाएंगे और 22 तारीख को दशम स्थान में गोचर करेंगे। ग्रहों की स्थिति के कारण कार्यक्षेत्र में उतार चढ़ाव बने रहेंगे। महीने का पूर्वार्ध कमजोर रहेगा लेकिन उत्तरार्ध में स्थिति अनुकूल रहेगी। व्यापार करने वाले जातकों को व्यापार में विशेष सफलता मिलने के योग बनेंगे। विद्यार्थी वर्ग के लिए कठिन चुनौतियों और मेहनत से भरा समय रहने की संभावना है। आपको अपनी कमियों को दूर करने का प्रयास करना होगा। आर्थिक तौर पर यह महीना ठीक-ठाक रहने की संभावना है। स्वास्थ्य को लेकर आपको बहुत ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि आप बीमार पड़ सकते हैं। प्रेम संबंधों में रूमानियत भी बढ़ेगी और थोड़ी समस्याएं भी होंगी। विवाहित जातकों के लिए वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। धार्मिक क्रियाकलापों में खूब मन लगेगा और तीर्थ स्थान पर जाने के योग बनेंगे।
कार्यक्षेत्र
करियर के दृष्टिकोण से यह महीना आपको मिश्रित परिणाम देगा। महीने की शुरुआत में केतु महाराज दशम भाव में विराजमान रहेंगे और पंचम भाव में वक्री शनि उपस्थित होंगे। इससे आपका मन काम में कम लगेगा और नौकरी बदलने की इच्छा होगी। समस्याएं बढ़ेंगी लेकिन 17 तारीख से सूर्य महाराज के दशम भाव में जाने से काम में मजबूती आएगी। आप अपने काम पर ज्यादा ध्यान देंगे और आपकी परिपक्वता बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त 22 तारीख से बुध भी सूर्य के साथ गोचर करेंगे और सूर्य, बुध तथा केतु दशम भाव में विराजमान रहेंगे। इससे आपको कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता और अपनी काबिलियत दिखाने का मौका मिलेगा जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति प्रबल होगी। आपको पदोन्नति मिलने की स्थिति बन सकती है लेकिन अपनी ओर से कोई भी काम ऐसा न करें, जो लापरवाही से भरा हो क्योंकि उसके कारण आपको समस्या भी हो सकती है। छठे भाव के स्वामी मंगल महाराज का अष्टम भाव में विराजमान रहना यह बताता है कि आप बहुत ज्यादा मेहनत करेंगे और यह मेहनत अभी कुछ समय आपको दिखाई नहीं देगी लेकिन महीने के उत्तरार्ध में आपको उसका लाभ मिल सकता है। व्यापार करने वाले जातकों के लिए महीना लाभदायक साबित होगा। सप्तम भाव के स्वामी शुक्र का एकादश भाव में बैठना व्यापार में वृद्धि और उत्तम धन लाभ की ओर संकेत करता है जिससे व्यापार की स्थितियां अनुकूल रहेंगी। वक्री शनि की दृष्टि सप्तम भाव पर होने के कारण व्यावसायिक साझेदार से संबंधों में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं लेकिन आप अपने व्यवसाय को अनुशासित रूप से चलाएंगे तो व्यापार में उत्तम सफलता मिल जाएगी।
आर्थिक
यदि आपकी आर्थिक स्थिति को देखा जाए तो तो यह महीना आपके लिए कई तरीके से अनुकूल साबित हो सकता है और आपकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाने में मददगार साबित होगा। पूरे महीने एकादश भाव में शुक्र महाराज का विराजमान रहना आपको लगातार आमदनी प्रदान करेगा। सुख - सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। आप अपनी खुशी से अपनी इच्छाओं को पूरा कर पाएंगे और उसके लिए आपके पास पर्याप्त मात्रा में धन भी होगा। इसके अतिरिक्त नवम भाव में बैठे बृहस्पति महाराज भी आपकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएंगे। महीने के उत्तरार्ध से सूर्य महाराज का दशम भाव में जाना भी आर्थिक समृद्धि को बढ़ाने वाला साबित होगा। इस के अतिरिक्त अष्टम भाव में बैठे मंगल की दृष्टि भी आपके दूसरे और एकादश भाव पर होगी जिससे आर्थिक लाभ होंगे और अचानक से धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं। वक्री शनि एकादश भाव पर पूर्ण दृष्टि डालेंगे जिससे आपकी आमदनी बढ़ती जाएगी। लगातार आमदनी में बढ़ोतरी होना आपको आर्थिक तौर पर मजबूत बनाएगा। खर्च नियंत्रण में रहेंगे जो आपके लिए सबसे बड़ा सिर दर्द थे, इससे आपकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। यदि आप निवेश करना चाहते हैं तो अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ से सलाह लेकर निवेश करें। आपको इस दौरान निवेश करने से भी अच्छा खासा लाभ प्राप्त हो सकता है। इसके अतिरिक्त व्यापार से भी उत्तम धन लाभ के योग बनेंगे जिससे आपकी आर्थिक समृद्धि का द्वार खुलेगा।
स्वास्थ्य
यह महीना स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से मध्यम रहने की संभावना है क्योंकि ग्रहों की स्थिति यह इंगित करती है कि इस महीने आप बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। आपकी राशि के स्वामी मंगल महाराज पूरे महीने अष्टम भाव में विराजमान रहेंगे और महीने की शुरुआत में उनके साथ बुध महाराज होंगे जिससे त्वचा संबंधित समस्याएं और रक्त जनित समस्याएं परेशान कर सकती हैं। अनियमित रक्तचाप भी परेशानी का कारण बन सकता है। आपको वाहन सावधानीपूर्वक चलाना चाहिए, किसी प्रकार की चोट लगने की स्थिति बन सकती है। इसके अतिरिक्त पंचम भाव में वक्री शनि पूरे महीने विराजमान रहेंगे, उनके ऊपर एकादश भाव में बैठे शुक्र और नवम भाव में बैठे बृहस्पति की दृष्टि होगी जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं महीने की शुरुआत में जोर पकड़ेंगी जो महीने के उत्तरार्ध में धीरे-धीरे कम हो सकती हैं लेकिन आपको महीने की शुरुआत से ही अपने खान-पान पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप बीमारियों का शिकार हो सकते हैं। पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। आपको विशेष रूप से अपने उदर रोगों के प्रति सावधानी बरतनी चाहिए और आवश्यक होने पर चिकित्सीय देखभाल भी करनी चाहिए। आप कसरत कर सकते हैं इससे आपको मानसिक तनाव को कम करने में मदद मिलेगी और शारीरिक स्वास्थ्य ठीक होगा।
प्रेम व वैवाहिक
यदि आप किसी प्रेम संबंध में हैं तो आपके लिए महीना धूप छांव की स्थितियां लेकर आएगा। पूरे महीने वक्री शनि पंचम भाव में विराजमान रहेंगे जिससे आपके प्यार की परीक्षा होगी। कई बातों को लेकर विरोधाभास जन्म लेगा और कई बातों पर लेकर तल्ख़ियां भी बढ़ेंगी लेकिन एकादश भाव में बैठे शुक्र की दृष्टि पूरे महीने पंचम भाव पर बनी रहेगी जिससे रूमानियत भरे पल बिताने का मौका मिलेगा। आपस में प्रेम बढ़ेगा और आपके प्रेम जीवन को मजबूती मिलेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि नवम भाव में बैठे पंचमेश बृहस्पति की दृष्टि भी पंचम भाव पर होगी और वह अपनी दृष्टि से पंचम भाव को मजबूत करेंगे जिससे आपके रिश्ते की सभी समस्याएं धीरे-धीरे दूर होती जाएंगी और आपका रिश्ता मजबूत होगा। आप और आपके प्रियतम के बीच मजबूत रिश्ते की स्थिति बनेगी जो आपकी सभी चिंताओं को दूर कर देगी। आपको थोड़ा संयम से काम लेना होगा। यदि आप विवाहित हैं तो आपके लिए महीना अनुकूल रहेगा। सप्तम भाव के स्वामी शुक्र महाराज एकादश भाव में विराजमान रहेंगे जिससे जीवन साथी और आपके बीच अच्छी स्थितियां बनेंगी, आपस में प्रेम बढ़ेगा, रूमानियत बढ़ेगी, एक-दूसरे के लिए प्रेरक का काम करेंगे। जीवनसाथी के माध्यम से धन लाभ प्राप्त होने की स्थिति भी बन सकती है। उनके साथ सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सेदारी करेंगे और आपका सामाजिक दायरा विस्तृत होगा जिसमें आपके जीवनसाथी का भी प्रमुख योगदान रहेगा।
पारिवारिक
यह महीना पारिवारिक तौर पर उथल-पुथल से भरा रहने की संभावना है क्योंकि पूरे ही महीने चौथे भाव में राहु और दशम भाव में केतु विराजमान रहेंगे। इसके अतिरिक्त दूसरे भाव के स्वामी बृहस्पति महाराज पूरे महीने नवम भाव में विराजमान रहेंगे तो अष्टम भाव में बैठे मंगल की दृष्टि पूरे महीने आपके दूसरे और तीसरे भाव पर बनी रहेगी। हालांकि बृहस्पति की दृष्टि तीसरे भाव पर बनी रहने से कुछ समस्याएं कम होंगी और भाई - बहिनों से संबंध अच्छे बने रहेंगे। बड़े भाई - बहिनों से आपके संबंध मधुर रहेंगे। छोटे भाई - बहिनों को आपका सहयोग मिलेगा। आपसी अपनापन तो बढ़ेगा, माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर कुछ उतार-चढ़ाव की स्थितियां बन सकती हैं इसलिए आपको उन पर ध्यान देना होगा। परिवार में आपसी सामंजस्य कुछ कम होगा जिस पर सभी का ध्यान जाना चाहिए अन्यथा समस्याएं बढ़ सकती हैं। महीने के उत्तरार्ध में परिवार वालों के साथ तीर्थ यात्रा पर जाने की स्थिति बनेगी और परिवार के लोग एक साथ समय बिताएंगे जिससे आपसी दूरियां कम होंगी, सामंजस्य बढ़ेगा और परिवार के बुजुर्ग सदस्यों के प्रति आदर सम्मान की भावना में बढ़ोतरी होगी जिससे परिवार का विकास होगा और कुछ छोटे-मोटे विवाद भी इस दौरान दूर हो जाएंगे। हालांकि संपत्ति संबंधित यदि कोई विवाद चल रहा है तो वह अभी समाप्त होने की बजाय जोर पकड़ सकता है इसलिए उस पर ध्यान अवश्य दें, आपके पिताजी को स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता होगी।
उपाय
आपको मंगलवार के दिन श्री हनुमान जी के मंदिर जाकर श्री बजरंग बाण का पाठ करना चाहिए।
शनिवार के दिन पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का एक दीपक जलाएं।
सोमवार के दिन भगवान शंकर जी को दुग्ध मिश्रित जल अर्पित करें।
मंगलवार के दिन छोटे बालकों को गुड़ और चने का प्रसाद बांटें।
यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। इसके अलावा व्यक्तिगत भविष्यवाणी जानने के लिए ज्योतिषियों के साथ फ़ोन पर या चैट पर जुड़े।