बुध का कुंभ राशि में उदय
बुध का कुंभ राशि में उदय: ग्रहों के राजकुमार के नाम से विख्यात बुध ग्रह 10 फरवरी 2026 की सुबह 04 बजकर 08 मिनट पर कुंभ राशि में उदित हो जाएंगे। हालांकि, कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि बुध ग्रह के अस्त होने का संसार और जीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। वर्ष 2026 में बुध देव कुंभ राशि में रहते हुए दो बार अस्त और उदित होंगे। सबसे पहली बार यह 10 फरवरी 2026 को अपनी अस्त अवस्था से बाहर आएंगे। इसके बाद, बुध ग्रह पुनः 28 फरवरी 2026 को अस्त होंगे और फिर 13 मार्च को यह उदित हो जाएंगे।
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एस्ट्रोसेज एआई का यह आर्टिकल आपको “बुध का कुंभ राशि में उदय ’ के माध्यम से जीवन के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों पर इसके प्रभाव के बारे में बताएगा। आइए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं सभी 12 राशियों को बुध का उदित होना किस तरह प्रभावित करेगा।
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बुध का कुंभ राशि में उदय: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए बुध ग्रह को शुभ ग्रह नहीं कहा जा सकता है जो आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं। कुंडली में तीसरा भाव भाई-बहन, संचार कौशल, साहस और छठा भाव शत्रुओं, रोगों और कड़ी मेहनत का होता है। ऐसे में, बुध देव अब आपके ग्यारहवें भाव में उदित हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, जो जातक व्यापार करते हैं, अपना स्टार्टअप या एंटरप्रेन्योरशिप हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल रहेगा। अगर आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको सफलता मिलने की प्रबल संभावना है।
बुध का कुंभ राशि में उदय का समय सामाजिक मेलजोल बढ़ाने और ब्रांड प्रमोशन, मार्केटिंग, या अपनी एक अलग पहचान बनाने की दृष्टि से अच्छा रहेगा। जो जातक नौकरी की तलाश कर रहे हैं या कोई अवसर ढूंढ रहे हैं, या किसी व्यक्ति की सहायता से आगे बढ़ना चाहते हैं, तो बुध महाराज का आपके ग्यारहवें भाव में उदित होना आपके लिए शुभ रहेगा और ऐसे में, आपको सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
उपाय: छोटी कन्याओं को हरे रंग का कोई उपहार भेंट करें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुध देव एक शुभ ग्रह है जो आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं। बता दें कि कुंडली में दूसरे भाव धन, परिवार और पांचवें भाव का संबंध बुद्धि, शिक्षा, प्रेम, और संतान आदि से है। ऐसे में, यह दोनों भाव छात्रों या हाल-फिलहाल में ग्रेजुएट हुए लोगों जो इंटर्नशिप या नौकरी के किसी अवसर की तलाश में हैं, उनके लिए बुध देव का दसवें भाव में उदित होना काफी हद तक फलदायी साबित होगा।
जिन जातकों का जुड़ाव बुध ग्रह से संबंधित किसी व्यापार जैसे कि ट्रेडिंग, ट्रैवल और टूरिज़्म, कम्युनिकेशन, मीडिया, मार्केटिंग, जर्नलिज़्म आदि से है, तो ये समय आपके लिए बहुत लाभदायक रहेगा।
इसके अलावा, बुध का कुंभ राशि में उदय होने की अवधि में इन जातकों को विदेश से कोई बड़ी ज़िम्मेदारी भी मिलने की संभावना है, जिसे आप बहुत अच्छे से निभाने में सक्षम होंगे। साथ ही, आपकी नेटवर्किंग स्किल्स, मिलनसार स्वभाव, और कम्युनिकेशन की सराहना आपके बॉस द्वारा की जा सकती है।
बता दें कि कुंडली में पांचवां भाव सट्टेबाजी को भी दर्शाता है और ऐसे में, आय भाव के स्वामी बुध ग्रह होने के नाते आप भविष्य के लिए योजना बनाते हुए कोई बड़ा धन निवेश कर सकते हैं जिससे आपको अच्छा ख़ासा लाभ मिल सकता है। लेकिन, आपको हद से ज्यादा लालच करने से बचना होगा क्योंकि राहु देव की मौजूदगी आपको छलकपट का शिकार बना सकती है, विशेष रूप से अगर कुंडली में दशा अनुकूल न हो।
वृषभ राशि के छात्रों के लिए यह समय सहायक रहेगा और ऐसे में, अगर आप किसी विषय, कॉलेज या फिर यूनिवर्सिटी को लेकर असमंजस में थे, तो अब आप बुध उदित होने के दौरान सही फैसले लेने में सक्षम होंगे। ऐसे में, आप अपनी क्षमताओं का उपयोग कर सकेंगे।
उपाय: कार्यक्षेत्र पर मनी प्लांट लगाएं।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में बुध का कुंभ राशि में उदय होना महत्वपूर्ण माना जाएगा क्योंकि आपके लग्न भाव के स्वामी के रूप में उदित हो रहे हैं। बता दें कि आपके लग्न भाव के स्वामी अपनी अस्त अवस्था से बाहर आ जाएंगे। ऐसे में, बुध की अस्त अवस्था आपके लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, आत्मविश्वास में कमी या मानसिक थकान जैसी परेशानियां लेकर आ सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, बुध का कुंभ राशि में उदय होना आपको ऊर्जावान बनाएगा और अगर आपका जुड़ाव इम्पोर्ट–एक्सपोर्ट, इमिग्रेशन, विदेश, ट्रैवल बिज़नेस या फिर यात्रा में जुड़ा है,तो आपके लिए यह समय काफी शुभ रहेगा।
इस राशि के जो जातक किसी नई जगह शिफ्ट होने, नया घर लेने, या तीर्थयात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं, तो इसके लिए समय को अनुकूल कहा जाएगा। बुध महाराज आपके चौथे भाव के भी स्वामी हैं जो अब आपके नौवें भाव में उदित होने जा रहे हैं जिसके चलते आपको घर-परिवार में शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है, लेकिन ऐसा तब ही होगा जब कुंडली में दशा अनुकूल होंगी। हालांकि, हम आपको याद दिलाना चाहेंगे कि बुध कुंभ राशि में केतु के साथ युति करेंगे और ऐसे में, कुंडली में दशा अनुकूल न होने पर आपको सावधान रहने की सलाह दी जाती है।
उपाय: रोज़ाना कम से कम 10 मिनट धार्मिक पुस्तकें पढ़ें।
कर्क राशि
कर्कराशि वालों के लिए बुध महाराज आपके तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं। बता दें कि कुंडली का तीसरा भाव भाई-बहनों, रुचि, छोटी दूरी की यात्राओं और बात करने की क्षमताओं का प्रतिनिधित्व करता है। अब बुध देव आपके आठवें भाव में उदित होने जा रहे हैं और ऐसे में, अगर आपको बुध अस्त के दौरान भाई-बहनों के साथ मतभेद और संचार कौशल से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, तो अब वह दूर हो सकेंगी।
हालांकि, बारहवें भाव के स्वामी के रूप में बुध का कुंभ राशि में उदित होना आपके खर्चों में वृद्धि करवा सकता है। बता दें कि बुध की यह स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं कही जा सकती है, परंतु फिर भी यह आपके जीवन में उत्पन्न आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याओं से राहत प्रदान करेंगे।
इन जातकों को बिना सोचे-समझें धन निवेश करने या कोई जोख़िम उठाने से बचना होगा, अन्यथा आपको धन हानि हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ, बुध के उदित होने से आपको अपनी सेहत को लेकर सजग रहना होगा और अपना ध्यान रखना होगा। बीते समय में अगर आपके ससुराल पक्ष के साथ कोई मतभेद चल रहे थे, तो अब वह दूर हो जाएंगे।
उपाय: ट्रांसजेंडरों का सम्मान करें और उन्हें हरे रंग की चूड़ियां भेंट करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए बुध महाराज को शुभ ग्रह माना जाता है क्योंकि यह आपके आय, बचत, निवेश, लाभ, अवसर और परिवार के वातावरण आदि क्षेत्रों को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में, अब बुध देव का आपके सातवें भाव में उदित होना आपके लिए कई तरह से फायदेमंद रहेगा। ऐसे में, बुध का कुंभ राशि में उदय होना धन से जुड़े मामलों के लिए काफ़ी अच्छा कहा जाएगा, विशेष रूप से उन जातकों के लिए जिनका जुड़ाव व्यापार से है या जो बिज़नेस पार्टनरशिप में व्यापार करते हैं। बुध ग्रह का सातवें भाव में उदित होना विवाह और रिश्ते के लिए बेहद शुभ रहेगा। आप जीवनसाथी पर धन और ऊर्जा दोनों खर्च करते हुए दिखाई देंगे जिससे आप दोनों का रिश्ता मज़बूत होगा।
बुध ग्रह आपके दूसरे भाव के भी स्वामी हैं और ऐसे में, इनके उदित होने का प्रभाव आपके बातचीत करने की क्षमता पर भी पड़ेगा। आप अपनी बातों से दूसरों को प्रभावित कर सकेंगे जिसके चलते आप उन विवादों को सुलझाने में सक्षम होंगे जो काफ़ी समय से निजी और पेशेवर जीवन में चले आ रहे थे।
बात करें व्यापार की, तो बुध उदित का यह समय आपके व्यापार में कुछ बदलाव लेकर आ सकता है जो नए मार्केट में प्रवेश करना, आय के स्रोत, स्पॉन्सरशिप या फंडिंग या नई कोलैबरेशन के रूप में आपको मिल सकते हैं। ऐसे में, आपको इस अवधि में अपने व्यापार को प्राथमिकता देनी होगी क्योंकि यह समय आपके लिए शानदार रहेगा। लेकिन, इस पूरे समय में आपको अहंकार से बचना होगा और अपने पार्टनर को प्रसन्न रखना होगा। साथ ही, व्यापार से जुड़े हर फैसले में आप दोनों की भागीदारी बराबर की होनी चाहिए इसलिए हर काम को अकेले करने का प्रयास न करें।
उपाय: आप अपने बेडरूम में हाउस प्लांट रखें।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए बुध का कुंभ राशि में उदय बेहद महत्वपूर्ण माना जाएगा क्योंकि यह आपके लग्न भाव और दसवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके छठे भाव में उदित होने जा रहे हैं। बुध का कुंभ राशि में उदय होने से आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ पेशेवर जीवन में भी निश्चित रूप से सुधार आएगा। यह अवधि आपके दैनिक जीवन के लिए सहायक बनेगी। अगर आप जीवन में कोई बड़ा फैसला लेने का सोच रहे हैं, तो बुध की उदित अवस्था आपके लिए उपयोगी बनेगी। अगर आप किसी बड़े पद या लीडरशिप से जुड़ी भूमिका में हैं, तो अब आपकी क्षमताएं मज़बूत होंगी और आप कुछ बड़े फैसले ले सकेंगे।
कन्या राशि के जो जातक प्रतियोगी परीक्षा में भाग लेने जा रहे हैं या फिर आपको किसी प्रतियोगिता में भाग लेना है, तो उसका परिणाम आपके पक्ष में आने की संभावना है। लेकिन एक बात का आपको खास ध्यान रखना होगा कि इस दौरान आपका स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा, परंतु राहु और बुध की युति आपकी कुंडली के छठे भाव में होने के कारण आपको स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरतने से बचना होगा। बता दें कि बुध महाराज आपके लग्न भाव के स्वामी हैं और इनका संबंध त्वचा से है इसलिए आपको अपनी त्वचा का ध्यान रखना होगा क्योंकि आपको कुछ समस्याएं परेशान कर सकती हैं। बता दें कि इस समय उत्पन्न होने वाली समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है। हालांकि, इस अवधि में आपका जीवन सामान्य रूप से चलता रहेगा। आप अपनी इच्छा से अपनी दिनचर्या, खानपान और काम करने के तौर-तरीके में बदलाव लेकर आने के बारे में सोच-विचार कर सकते हैं।
उपाय: संभव हो, तो आप 5-6 कैरेट का पन्ना रत्न धारण करें और इसे बुधवार के दिन पंचधातु या सोने की अंगूठी में जड़वाकर पहनें। अगर ऐसा न कर सकें, तो आप अपने पास हरे रंग का रूमाल रखें।
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तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए बुध का कुंभ राशि में उदय होना शुभ कहा जाएगा जो आपके नौवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। अब इनका उदिता होना आपको मिलेजुले परिणाम दे सकता है। हालांकि, इस दौरान आपको पूरा-पूरा अपने भाग्य का साथ मिलेगा, परंतु आपके खर्चों में भी वृद्धि होगी। बुध देव आपके पांचवें भाव में उदित होंगे और ऐसे में, यह राहु के साथ युति का निर्माण करेंगे। ग्रहों की यह स्थिति शिक्षा से जुड़े बड़े फैसले लेने में आपकी सहायता करेगी। जिन जातकों का संबंध कला, मनोरंजन, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्रों से है, तो कार्यों के परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे।
जब बात आती है प्रेम जीवन की, तो अगर आप किसी नए रिश्ते में आने या फिर मनपसंद व्यक्ति के सामने अपनी भावनाओं का इज़हार करने के बारे में सोच रहे हैं, तो इस अवधि में आप इस दिशा में कदम उठा सकते हैं। कुल मिलाकर, यदि आपका संबध अध्यात्म से जुड़ी शिक्षा से है, तो आपके लिए यह समय अनुकूल रहेगा। हालांकि, इस दौरान आपको निवेश से जुड़े किसी भी तरह के बड़े फैसले लेने से बचना होगा या फिर बहुत सोच-समझकर निर्णय लेने होंगे, अन्यथा आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर, बुध का कुंभ राशि में उदित होना तुला राशि के जातकों के लिए अनुकूल कहा जाएगा, लेकिन आपको यह बात ध्यान रखनी होगी कि इन जातकों को लंबी और दीर्घकालिक योजनाओं को लागू करने के लिए सही समय का इंतज़ार करना होगा। इन जातकों को हर फैसले में भाग्य का साथ मिलेगा।
उपाय: शुक्रवार के दिन देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना करें और उन्हें पांच लाल रंग के फूल चढ़ाएं।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली के लिए बुध देव को शुभ नहीं कहा जा सकता है। हालांकि, यह आपके नौवें भाव और बारहवें भाव के स्वामी हैं इसलिए इनके उदित होने को अच्छा नहीं कहा जा सकता है। बुध देव आपके चौथे भाव में उदित होंगे जहां यह राहु के साथ युति करेंगे। इसके परिणामस्वरूप, आपकी भावनाओं में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इस दौरान यह जातक परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर तनाव या चिंतित नज़र आ सकते हैं या फिर आपको परिवार में कुछ समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है जिसके चलते आप परेशान रह सकते हैं।
बुध का कुंभ राशि में उदय की अवधि में आपको एक बात को ध्यान में रखना होगा कि आपको कोई भी बड़ा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना होगा, क्योंकि इस दौरान आपके भीतर दिल और दिमाग की जंग चल रही होगी। बता दें कि आपके आठवें भाव के स्वामी का उदित होना आपके जीवन में अचानक से अनिश्चितता लेकर आ सकता है।
वहीं, दूसरी तरफ आपके ग्यारहवें भाव के स्वामी के रूप में बुध महाराज का आपके चौथे भाव में उदित होना आपको संपत्ति के माध्यम से धन लाभ प्रदान कर सकता है। यह समय आपको खुद को दूसरों के सामने सही तरीके से व्यक्त करने, नई योजनाओं का निर्माण करने, नए संपर्क बनाने और समाज या कार्यक्षेत्र में अपनी पकड़ मज़बूत करने की दृष्टि से शानदार रहेगा। साथ ही, बुध उदित की अवधि निजी और सामाजिक जीवन के लिए अनुकूल रहेगी जबकि आपको पारिवारिक जीवन में सदस्यों के साथ कुछ अप्रिय घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है।
उपाय: बुधवार के दिन अपने घर में तुलसी का पौधा लगाएं और नियमित रूप से उसकी देखभाल एवं श्रद्धाभाव से पूजा करें।
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धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपके सातवें और दसवें भाव के अधिपति देव हैं जो अब आपके तीसरे भाव में उदित होने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, बुध का कुंभ राशि में उदय होना आपके लिए सकारात्मक परिणाम और पेशेवर जीवन में नए अवसर लेकर आएगा। साथ ही, इस राशि के सिंगल जातकों को विवाह के अच्छे प्रस्ताव मिल सकते हैं।
बता दें कि बुध की उदित अवस्था उन जातकों के लिए अच्छी रहेगी जो परफॉर्मर, फ्रीलान्सर, अपना काम करते हैं या फिर जिनका संबंध सेल्स, मीडिया, मार्केटिंग, जर्नलिज्म या ट्रैवल आदि से है, तो इस अवधि को नौकरी और व्यापार करने वालों के लिए सर्वश्रेष्ठ कहा जाएगा। इस दौरान नौकरी के सिलसिले में की गई यात्रा आपके लिए फलदायी साबित होगी। साथ ही, आप अपने सहकर्मियों के साथ मेलजोल बढ़ाएंगे।
उपाय: बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके छठे भाव और नौवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके दूसरे भाव में उदित होने जा रहे हैं। मकर राशि के जातकों के लिए बुध की उदित अवस्था को शुभ माना जाएगा, क्योंकि इस दौरान आपको हर कदम पर भाग्य का साथ मिलेगा जो इनके अस्त अवस्था में होने के कारण नहीं मिल रहा था।
बुध का कुंभ राशि में उदय होने से आपको अपने पिता, मेंटर या गुरु का सहयोग मिलेगा जिससे आप लंबे समय से चल रहे विवादों या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बाहर निकलने में सफल होंगे। मकर राशि के छात्रों के लिए यह समय बहुत अच्छा कहा जाएगा, विशेष रूप से उनके लिए जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं जिसकी वजह छठे भाव के स्वामी का आपके दूसरे भाव में उदित होना होगा।
आपकी कुंडली के दूसरे भाव में ग्रहों की यह स्थिति आपके जीवन में चल रही धन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का काम करेगी। इस दौरान आपको धन लाभ होने के साथ-साथ बचत में वृद्धि और जीवनसाथी के साथ संयुक्त संपत्ति बढ़ने के योग बनेंगे। मकर राशि के जातकों की वाणी और दूसरों से बातचीत करने की क्षमता मधुर और प्रभावशाली रहेगी जिससे आपके विचार और आपके शब्दों को दूसरों से सम्मान की प्राप्ति होगी।
बुध उदित के दौरान परिवार के सदस्यों के साथ आपके रिश्ते मज़बूत बनेंगे। साथ ही, आप अपने प्रियजनों के साथ परिपक्व होकर बात करेंगे। कुल मिलाकर, बुध का कुंभ राशि में उदय होना आपके जीवन में कई तरह के सकारात्मक और लाभकारी परिवर्तन लेकर आएगा।
उपाय: प्रतिदिन तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें और तुलसी की एक पत्ती का सेवन करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए बुध महाराज का उदय आपके लग्न भाव में होना जो आपकी कुंडली में आपके पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं। इसके फलस्वरूप, बुध का कुंभ राशि में उदय होना आपको जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, प्रेम जीवन और पारिवारिक जीवन में शुभ परिणाम प्रदान करेगा। इस दौरान छात्रों को शिक्षा में चली आ रही परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं, प्रेम जीवन में आपका रिश्ता साथी के साथ भावनात्मक रूप से मज़बूत होगा।
इसके अलावा, इस राशि के माता-पिता अपने बच्चों के साथ समय बिताकर आनंद से पूर्ण नज़र आएंगे और ऐसे में, आप उनके साथ कई यादगार लम्हें बिताएंगे। हालांकि, आपके आठवें भाव के स्वामी का आपके लग्न भाव में उदिता होना आपके जीवन में कुछ अनिश्चितता लेकर आ सकता है, परंतु बुध देव की शुभ दृष्टि का प्रभाव नकारात्मकता को काफी हद तक कम करेगा। कुल मिलाकर, कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध का उदित होना फलदायी कहा जाएगा। बता दें कि आपके लग्न भाव में बैठकर बुध देव आपको व्यक्तिगत विकास और पेशेवर जीवन में तरक्की पाने में सहायता करेंगे।
उपाय: भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें और उन्हें दूर्वा घास अर्पित करें।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके बारहवें भाव में उदित होने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, बुध का कुंभ राशि में उदय आपके पारिवारिक जीवन में चल रहे मतभेदों का अंत करेगा और ऐसे में, आपको मानसिक शांति की प्राप्ति होगी। साथ ही, आपकी माता या फिर जीवनसाथी के स्वास्थ्य में सुधार आएगा, लेकिन इसके बावजूद आपको अपनी माता या साथी की सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा।
जैसे कि बुध देव आपके बारहवें भाव में उदित हो रहे हैं इसलिए आपको अपनी सेहत को लेकर भी सावधानी बरतनी होगी और किसी भी तरह की लापरवाही से बचना होगा। बता दें कि कुंडली में बारहवें भाव का संबंध विदेश, विदेशी कंपनियों, स्वास्थ्य सेवाओं, एकांत और खर्चों से होता है। इसके फलस्वरूप, मीन राशि के जातकों को विदेशी कंपनी में नौकरी लग सकती है या फिर आप विदेश में किसी दूसरी संस्कृति के साथ रिश्ते में आ सकते हैं। लेकिन फिर भी आपको खर्चों को लेकर सावधान रहना होगा, विशेष रूप से स्वास्थ्य पर। ऐसे में, आपको खर्चों को बहुत संभालकर करने की सलाह दी जाती है ताकि आप आर्थिक दबाव से बच सकें।
उपाय: प्रतिदिन गाय को हरा चारा खिलाएं।
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हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 2026 में बुध का कुंभ राशि में उदय कब होगा?
बुध ग्रह 10 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में उदित हो जाएंगे।
2. कुंभ राशि का स्वामी कौन है?
राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि कुंभ के स्वामी शनि देव हैं।
3. ग्रह का उदय होना किसे कहते हैं?
ज्योतिष के अनुसार, जब कोई ग्रह सूर्य से एक निश्चित दूरी पर आ जाता है, तब ग्रह अपनी अस्त अवस्था से उदित हो जाता है।
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