बुध का वृषभ राशि में उदय (26 मई 2026)
बुध का वृषभ राशि में उदय: वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क और संचार कौशल का कारक ग्रह माना जाता है जो 26 मई 2026 की रात 11 बजकर 19 मिनट पर वृषभ राशि में उदित होने जा रहे हैं।ऐसे में, बुध देव की स्थिति में होने वाले इस परिवर्तन का असर राशि चक्र की सभी 12 राशियों के साथ-साथ संसार को भी प्रभावित करेगा। एस्ट्रोसेज एआई का यह विशेष लेख आपको “बुध का वृषभ राशि में उदय” से जुड़ी विस्तृत जानकारी आपको प्रदान करेगा। इसके अलावा, बुध की उदिता अवस्था के दौरान शुभ परिणाम पाने के लिए सरल एवं अचूक उपाय भी प्रदान किए जाएंगे। तो आइए शुरुआत करते हैं “बुध का वृषभ राशि में उदय” के इस आर्टिकल की।
यह भी पढ़ें: राशिफल 2026
विद्वान ज्योतिषियों से फोन पर बात करें और जानें बुध का वृषभ राशि में उदय का अपने जीवन पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध एक ऐसा ग्रह है जो कभी भी सूर्य से 28 डिग्री से दूर नहीं जाता है इसलिए एक वर्ष में यह कई बार अस्त हो जाता है। हालांकि, कई ज्योतिषियों का मानना है कि बुध ग्रह का अस्त होना देश-दुनिया को ज्यादा प्रभावित नहीं करता हैं। लेकिन इसके प्रभाव दैनिक जीवन में, विशेषकर गोचर के दौरान महसूस किए जा सकते हैं। अब जल्द ही बुध महाराज वृषभ राशि में उदित होने जा रहा है। चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं बुध की उदित अवस्था सभी राशियों को किस तरह से प्रभावित करेगी।
To Read in English Click Here: Mercury Rise in Taurus
यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें
बुध का वृषभ राशि में उदय: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए बुध महाराज तीसरे और छठे भाव के अधिपति देव हैं। कुंडली में तीसरा भाव संचार कौशल, प्रयासों, साहस और छोटे भाई-बहनों का होता है जबकि छठा भाव शत्रु, रोग, मेहनत और प्रतियोगिता का होता है। ऐसे में, मेष राशि वालों के लिए बुध को ज्यादा अच्छा ग्रह नहीं कहा जा सकता है। हालांकि, बुध का वृषभ राशि में उदय आपके दूसरे भाव में होने जा रहा है जो आपके लिए शुभ समाचार लेकर आ सकता है, विशेष रूप से उन जातकों के लिए जिनका संबंध बैंकिंग और फैमिली बिज़नेस से होगा।
साथ ही, बुध की स्थिति में होने वाला यह बदलाव भाषा गणित, टीचर या ट्रेनिंग आदि से संबंध रखने वालों के लिए भी अनुकूल रहेगा क्योंकि बुध के दूसरे भाव में उदित होने से आपके कार्यों में सुधार और प्रगति देखने को मिलेगी।
बात करें आर्थिक जीवन की, तो यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा। साथ ही, बुध उदित की अवधि में की गई यात्राएं आपके लिए काफ़ी फलदायी रहने की संभावना है। परिवार के साथ आपने जो भी यात्राओं की योजना बनाई होंगी, वह पूरी होंगी।
उपाय: रोज़ाना तुलसी की एक पत्ती का सेवन करें और अच्छे स्वास्थ्य के लिए अपने भोजन में हरी सब्जियां शामिल करें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुध देव आपके लिए भाग्यशाली ग्रह माने जाते हैं जो आपके दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी भी हैं। पांचवें भाव के स्वामी के रूप में यह बुद्धि, शिक्षा, रोमांस, रिलेशनशिप, रचनात्मकता और संतान आदि से संबंध रखते हैं। वहीं, कुंडली का दूसरा भाव धन और परिवार का प्रतिनिधित्व करता है और अब यह आपके लग्न भाव/पहले भाव में उदित होने जा रहे हैं। ऐसे में, बुध का वृषभ राशि में उदय आपके लिए काफ़ी हद तक शुभ रहेगा।
आर्थिक जीवन की बात करें, तो यह निवेश और सट्टेबाजी जैसे क्षेत्रों के लिए फलदायी साबित होगा। इस राशि के छात्रों के लिए भी यह समय विशेष रूप से अनुकूल रहेगा क्योंकि इस दौरान आप एक साथ कई कार्यों को अच्छे से पूरे कर पाएंगे। अगर आपका संबंध किसी ऐसे क्षेत्र से है जिसमें वाणी और संचार कौशल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है या फिर आप स्टेज परफॉरमेंस से जुड़े हैं, तो यह अवधि आपके लिए सफलता लेकर आने वाली है।
बुध की अस्त अवस्था के दौरान आप घबराहट, स्टेज फियर, तनाव, त्वचा या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी जिन भी समस्याओं का सामना कर रहे थे, तो बुध के उदित होने से आपको उनसे राहत मिल सकती है।
बुध का वृषभ राशि में उदय की अवधि में आपकी बात करने और अपने विचार व्यक्त करने की क्षमता बेहतरीन रहेगी जिससे आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। इस दौरान आप अपने प्रियजनों और करीबियों से दिल खोलकर बात करते हुए दिखाई देंगे जिससे आपका रिश्ता उनके साथ मज़बूत होगा। कुल मिलाकर, वृषभ राशि में बुध का उदय आपके जीवन के कई क्षेत्रों में उन्नति, सकारात्मक परिणाम और अच्छे बदलाव लेकर आएगा।
उपाय: आप स्वयं को प्रकृति के नज़दीक रखें और घर पर पेड़-पौधे लगाएं।
करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में बुध महाराज आपके लग्न भाव के स्वामी हैं इसलिए यह आपके लिए एक महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। जैसे कि हम जानते हैं कि बुध अपनी अस्त अवस्था से बाहर आते हुए वृषभ राशि में उदित हो रहे हैं जो कि सबसे अच्छी बात मानी जाएगी। ,बुध के अस्त होने पर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां, मानसिक तनाव या आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा।
वहीं, बुध का वृषभ राशि में उदित होना आपको मज़बूत बनाएगा और जीवन के हर क्षेत्र में आपकी सहायता करेगा। हालांकि, बुध उदित होने के बाद भी आपके जीवन से समस्याएं पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी क्योंकि इनका उदय आपके बारहवें भाव में हो रहा है। लेकिन, अगर आपका संबंध बारहवें भाव से जुड़े व्यापार जैसे कि आयात-निर्यात, विदेश व्यापार, इमिग्रेशन, विदेश में बसने या विदेशी यूनिवर्सिटी से जुड़ा है, तो इस दौरान सफलता मिलने के योग बन सकते हैं।
दूसरी तरफ, इस अवधि में आपके खर्चों में अचानक से बढ़ोतरी हो सकती है इसलिए आपको धन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। साथ ही, आपको अपने खर्चों पर भी नज़र बनाए रखनी होगी। बुध महाराज आपके चौथे भाव के भी स्वामी हैं और ऐसे में, पारिवारिक जीवन में समस्याएं बनी रह सकती हैं जिसके चलते आप तनाव में नज़र आ सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपको पारिवारिक जीवन के रिश्तों को बहुत समझदारी और धैर्य से संभालना होगा। इसके अलावा, आपको अपनी माता की सेहत का ध्यान रखना होगा।
उपाय: गायों को हरा चारा खिलाएं।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों की कुंडली में बुध ग्रह आपके लिए मिलेजुले परिणाम लेकर आ सकते हैं क्योंकि यह आपके बारहवें और तीसरे भाव के स्वामी हैं। कुंडली का तीसरा भाव भाई-बहनों के साथ रिश्ते, रुचि, छोटी दूर की यात्राओं और बात करने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में, बुध का वृषभ राशि में उदय होना आपके भीतर साहस को बढ़ाने का काम करेगा। साथ ही, यह आपकी बात करने की क्षमता और भाई-बहनों के साथ रिश्ते को बेहतर बनाएगा।
इसके विपरीत, बुध देव बारहवें भाव को भी नियंत्रित करते हैं इसलिए यह आपके खर्चों में वृद्धि करवा सकते हैं। हालांकि, बुध महाराज शुभ स्थिति में होंगे और ऐसे में, धन और स्वास्थ्य को लेकर आपकी समस्याएं कम होंगी। लेकिन फिर भी आपको सतर्क रहने की सलाह दी जाती है और किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश को करने से बचें, अन्यथा आपको सदस्यों से दो-चार होना पड़ सकता है।
बता दें कि बुध का वृषभ राशि में उदय आपके ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, सुख-सुविधाओं की दृष्टि से यह समय शुभ रहने वाला है, विशेष रूप से उनके लिए जिनका जुड़ाव मीडिया, मार्केटिंग, इवेंट मैनेजमेंट या व्यापार से है, उनके लिए यह अवधि शानदार रहेगी और आपको प्रगति प्राप्त होगी।
उपाय: हर बुधवार के दिन गणेश जी के मंदिर जाएं और उन्हें बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए बुध महाराज महत्वपूर्ण ग्रह माने जाते हैं जो आपकी कुंडली में दो प्रमुख भावों, धन और आय के स्वामी हैं। अब यह आपके दसवें भाव में उदित होने जा रहे हैं और ऐसे में, एक बात सुनिश्चित है कि बुध का वृषभ राशि में उदय होने की अवधि को व्यापार और करियर की दृष्टि से शुभ कहा जाएगा क्योंकि वृषभ राशि में मौजूद बुध महाराज आपके लग्न भाव के स्वामी सूर्य देव के साथ युति का निर्माण करेंगे।
हालांकि, यह अपनी अस्त अवस्था से बाहर होने के कारण आपके संचार कौशल को प्रभावशाली बनाने का काम करेंगे। अगर आप अपने आर्थिक जीवन में कोई बड़ा बदलाव लेकर आने की योजना बना रहे हैं या फिर धन प्रबंधन एक नए सिरे से शुरू करना चाहते हैं, तो बुध उदित का समय आपके लिए अनुकूल साबित होगा।
जिन जातकों को अपने काम के अंतर्गत बड़ी टीम को संभालना या एक साथ कई कामों को करना है, उनके लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। चाहे कितना भी दबाव क्यों न हो, आप उसे अच्छे से संभालते हुए पूरा कर पाएंगे।
बुध का वृषभ राशि में उदय के दौरान की गई यात्राएं, कोई जरूरी मीटिंग या पेशेवर जीवन से जुड़ा कोई भी कार्य आपके पक्ष में रहने का अनुमान है। दूसरे भाव के स्वामी का उदय होना परिवार के साथ आपके रिश्ते को सुधारने का काम करेगा और आपके रिश्ते में उत्पन्न समस्याएं, मतभेद और विवाद अब दूर हो सकेंगे।
उपाय: कार्यस्थल पर बुध यंत्र की स्थापना करें और नियमित रूप से उसकी पूजा करें।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए बुध महाराज आपके लग्न भाव के स्वामी हैं जो अब आपके नौवें भाव में उदित होने जा रहे हैं। ऐसे में, सभी राशि के जातकों की तुलना में बुध का वृषभ राशि में उदित होना आपको राहत देने का काम करेगा। कन्या राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज आपके दो महत्वपूर्ण केंद्र भावों लग्न और दसवें भाव को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में, बुध महाराज के अस्त अवस्था में होने की वजह से आपकी छवि कमज़ोर पड़ने लगी थी। साथ ही, आपका स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था और आपके प्रयासों को उचित महत्व नहीं मिल रहा था।
अब बुध के उदय से वह भारी बोझ हटता हुआ महसूस होगा। स्वास्थ्य में सुधार आएगा और आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे। नौकरी और करियर में सकारात्मक बदलाव संभव हैं। ऑफिस या रोज़मर्रा के कार्यों में रुके हुए कार्य अब धीरे-धीरे पटरी पर आने लगेंगे और आगे बढ़ेंगे। यदि आप कोई बड़ा निर्णय लेने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपको सही दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देगा।
बुध की उदित अवस्था आपको जीवन में सही मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेगी। इन जातकों को विदेश यात्रा, विदेश से जुड़े कार्य या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाले अवसरों के माध्यम से लाभ मिल सकता है। इस समय जो सबसे महत्वपूर्ण बात रहेगी कि आपको अपने भाग्य का पूरा-पूरा साथ मिलेगा, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ आप पिछले कुछ समय से फंसा हुआ महसूस कर रहे थे। जो जातक इस अवधि में भ्रमित थे या गलत दिशा में आगे बढ़ रहे थे, वह पुनः सही मार्ग पर आगे बढ़ सकेंगे। कुल मिलाकर, यह समय आपके लिए काफी शुभ और प्रगति देने वाला रहेगा।
उपाय: बुधवार के दिन पंचधातु या सोने की अंगूठी में 5-6 कैरेट का पन्ना रत्न धारण करें। अगर ऐसा करना संभव न हो, तो आप अपने पास हरे रंग का रुमाल रखें।
कुंडली में मौजूद राज योग की समस्त जानकारी पाएं
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए बुध देव आपके नौवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। ऐसे में, बुध का वृषभ राशि में उदय आपके लिए मिलेजुले परिणाम लेकर आ सकता है। एक तरफ, जहाँ बुध आपके भाग्य को मज़बूत बनाने का काम करेंगे, तो वहीं दूसरी तरफ, यह खर्चों में वृद्धि भी करवा सकते हैं।
बुध का आपके आठवें भाव में उदित होना आपके लिए काफ़ी हद तक शुभ साबित होंगा। बता दें कि आठवें भाव पर बुध का प्रभाव होने की वजह से यह अवधि ध्यान, धार्मिक अनुष्ठान और मंत्र आदि के लिए बहुत अनुकूल मानी जाएगी क्योंकि बुध देव आपके नौवें भाव के स्वामी हैं जिसका संबंध धर्म और आध्यात्मिकता से होता है। ऐसे में, इस दौरान किए गए धार्मिक कार्य आपको सकारात्मक परिणाम देने का काम करेंगे।
अगर आप कोई पब्लिक फिगर हैं या फिर हाल-फिलहाल में आपका नाम किसी स्कैंडल में आया है, तो अब परिस्थितियाँ धीरे-धीरे आपके पक्ष में आने लगेंगी। रिश्तों में चल रही गलतफहमियाँ और झगड़े भी कम हो सकते हैं। बुध का उदय होना आपको मानसिक शांति और सुकून देने का काम करेगा।
उपाय: किन्नरों का सम्मान करें और उन्हें कोई चीज़ भेंट करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध ग्रह को ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है। लेकिन आपको एक बात समझनी होगी कि संचार कौशल, सोच विचार करने और जानकारी का उपयोग करने की क्षमता को बुध देव द्वारा नियंत्रित किया जाता है। ऐसे में, बुध के अस्त होने पर आपके जीवन में उत्पन्न गलतफहमियां, नकारात्मकता और असमंजस का अंत होगा।
अब बुध का वृषभ राशि में उदय आपके सातवें भाव में हो रहा है और ऐसे में, इसे व्यापार को दृष्टि से बहुत शुभ माना जाएगा फिर चाहे आप अपना व्यापार करते हों, फ्रीलांसर हों या फिर परफॉर्मर आर्टिस्ट हों। बुध आपके आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी भी हैं इसलिए आपको अचानक से कई बेहतरीन अवसर मिलेंगे या यात्राओं पर जाने के योग बन सकते हैं। इस दौरान की गई यात्राएं व्यापार और निजी जीवन के रिश्तों के लिए लाभकारी रहेंगी। कुल मिलाकर यह अवधि आपके लिए काफी हद तक शुभ रहने की संभावना है।
उपाय: आप अपने बेडरूम में इनडोर पौधों को रखें।
बृहत् कुंडली : जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय
धनु राशि
धनु राशि वालों की कुंडली में बुध महाराज आपके सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके छठे भाव में उदित होने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, बुध का वृषभ राशि में उदय होना सामान्य रूप से व्यापार करने वाले जातकों को राहत देने का काम करेगा। इस दौरान आप मल्टीटास्किंग क्षमताओं का उपयोग करने के साथ-साथ काम के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होंगे।
धनु राशि के जिन जातकों का संबंध टॉप मैनेजमैंट से है या फिर इस समय कोई बड़ा प्रोजेक्ट संभाल रहे हैं, तो आप टीम को बहुत अच्छे से संभालने में सक्षम होंगे। साथ ही, जूनियर और सहकर्मियों को एक साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। ऐसे में, कार्यस्थल पर सब आपसे प्रसन्न दिखाई देंगे और आप हर काम को बहुत खूबी से कर पाएंगे। इन परिस्थितियों के आधार पर बुध का वृषभ राशि में उदय आपके लिए अनुकूल रहेगा।
बता दें कि बुध की उदित अवस्था आपके वैवाहिक जीवन के लिए भी अच्छी रहेगी। वहीं, इस राशि के सिंगल जातकों को विवाह के अच्छे प्रस्ताव मिलेंगे। वैवाहिक लोगों के जीवन में भी सुधार आएगा।
उपाय: प्रतिदिन बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए बुध शुभ ग्रह माना जाता है जो आपके छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में यह आपके पांचवें भाव में उदित होने जा रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप, बुध का वृषभ राशि में उदय होना आपके लिए बहुत शुभ रहेगा। बता दें कि बुध के अस्त होने के दौरान आपको जीवन में असमंजस, गलतफहमी और स्वयं की पहचान खोजने जैसी नकारात्मक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था, तो अब आपको उनसे राहत मिलेगी। साथ ही, परिस्थितियां भी आपके पक्ष में आने लगेंगी। चाहे आप विद्यार्थी हों, कलाकार हों, निवेश या सट्टेबाजी से जुड़े हों या अपने पेशेवर जीवन में किसी बड़े बदलाव या कुछ बड़ा करने के बारे में योजना बना रहे हों, तो यह समय आपके लिए सहयोगी साबित होगा।
इस राशि के जो जातक धर्म-कर्म, जप-तप और ध्यान आदि में रुचि रखते हैं, तो यह समय उनके लिए भी सकारात्मक रहेगा। मकर राशि के जो लोग रिश्ते में हैं, उनके प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और रिश्ते में सुखद समय व्यतीत करने के अवसर मिलेंगे। कुल मिलाकर, बुध की स्थिति में होने वाला।यह परिवर्तन आपके लिए स्वस्थ, रचनात्मक और प्रगति देने वाला साबित होगा।
उपाय: नेत्रहीन कन्याओं को स्टेशनरी का सामान भेंट करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध देव शुभ ग्रह माने गए हैं क्योंकि यह आपके पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं जो आपके जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकते हैं, विशेष रूप से शिक्षा, प्रेम और पारिवारिक जीवन आदि में। बुध का वृषभ राशि में उदय होने के दौरान इस राशि के छात्रों के लिए शिक्षा में उत्पन्न समस्याओं से निपटना आसान रहेगा।
वहीं बात करें प्रेम जीवन की, तो इस अवधि में आपके रिश्ते में प्रेम, शांति और आपसी तालमेल बढ़ेगा। साथ ही, माता-पिता अपनी संतान के प्रति अधिक जुड़ाव और स्नेह महसूस करेंगे और उनके साथ अच्छा समय बिताने के अवसर मिलेंगे। ऐसे में, आप उनके साथ कई यादगार लम्हें बिताते हुए दिखाई देंगे।
बता दें कि आठवें भाव के स्वामी के रूप में बुध के उदित होने के कारण आपके मन में अनिश्चित भावनाएं जन्म ले सकती हैं, फिर भी बुध का सकारात्मक प्रभाव परिस्थितियों को आपके पक्ष में बनाने में आपकी मदद करेगा। अब जब यह आपके चौथे भाव में अपनी अस्त अवस्था से बाहर आएंगे, तो इसके प्रभाव से घर-परिवार का वातावरण सकारात्मक, सुखद और शांति से पूर्ण रहेगा। जब बात आती है पेशेवर जीवन की, तो डेयरी, कृषि, खेती, निर्माण कार्य, रियल एस्टेट, वाहन खरीद-बिक्री आदि से जुड़े लोगों को विशेष रूप से लाभ मिलने के योग बनेंगे।
बुध के उदित होने से आपके घर-परिवार का वातावरण सकारात्मक रहेगा और इस दौरान आप अपने घर पर कोई पार्टी भी आयोजित कर सकते हैं जिसमें आप अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों को आमंत्रित कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह समय कुंभ राशि के जातकों के लिए अनुकूल रहेगा।
उपाय: घर पर तुलसी का पौधा लगाएं और रोज़ना उसके सामने दीपक जलाएं।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं। अब यह अपनी अस्त अवस्था से बाहर आते हुए आपके तीसरे भाव में उदित होने जा रहे हैं। हालांकि, बुध का वृषभ राशि में उदय होना आपके लिए राहत लेकर आएगा क्योंकि इनकी अस्त अवस्था के दौरान परिवार में आपको जिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, अब उनका अंत होगा। साथ ही, तनाव भी दूर होगा।
अगर आपकी माता या जीवनसाथी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो अब उनकी सेहत में सकारात्मक परिवर्तन नज़र आने लगेंगे। बता दें कि इस समय बुध अपनी मित्र राशि में विराजमान हैं और साथ ही, तीसरे भाव में इनकी स्थिति को बहुत शुभ माना जाता है। इसके फलस्वरूप, यह समय फ्रीलांसर, व्यापारी, कलाकार, सेल्स, मीडिया या मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए नए प्रोजेक्ट शुरू करने की दृष्टि से अनुकूल रहेगा।
इसके अलावा, बुध का वृषभ राशि में उदय के दौरान की गई कोई भी यात्रा आपके लिए फलदायी साबित होगी और ऐसे में, आप तरोताज़ा महसूस करेंगे। जैसे कि हम जानते हैं कि बुध सोच-विचार करने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करते हैं इसलिए अगर बीते समय में आप सही से सोच-विचार करने में सक्षम नहीं थे, तो अब आप सही दिशा में आगे बढ़ते हुए जीवन में तरक्की प्राप्त करेंगे।
उपाय: छोटे भाई-बहन या कजिन को उपहार दें।
सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर
हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. बुध का वृषभ राशि में उदय कब होगा?
बुध ग्रह 26 मई 2026 को वृषभ राशि में उदित होने जा रहे हैं।
2. वृषभ राशि का स्वामी कौन है?
राशि चक्र की दूसरी राशि वृषभ के स्वामी शुक्र ग्रह हैं।
3. बुध उदित किसे कहते हैं?
ज्योतिष में जब बुध ग्रह सूर्य से एक निश्चित दूरी पर आकर पुनः अपनी शक्तियां प्राप्त कर लेते है, इसे ही बुध का उदित होना कहते हैं।
Astrological services for accurate answers and better feature
Astrological remedies to get rid of your problems
AstroSage on MobileAll Mobile Apps
- Horoscope 2026
- राशिफल 2026
- Calendar 2026
- Holidays 2026
- Shubh Muhurat 2026
- Saturn Transit 2026
- Ketu Transit 2026
- Jupiter Transit In Cancer
- Education Horoscope 2026
- Rahu Transit 2026
- ராசி பலன் 2026
- राशि भविष्य 2026
- રાશિફળ 2026
- রাশিফল 2026 (Rashifol 2026)
- ರಾಶಿಭವಿಷ್ಯ 2026
- రాశిఫలాలు 2026
- രാശിഫലം 2026
- Astrology 2026






