मंगल का कुंभ राशि में गोचर (23 फरवरी 2026)
मंगल का कुंभ राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में मंगल देव को युद्ध के देवता कहा जाता है जो 23 फरवरी 2026 की सुबह 11 बजकर 33 मिनट पर कुंभ राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इन्हें पुरुष स्वभाव का उग्र ग्रह माना गया है। एस्ट्रोसेज एआई का यह आर्टिकल आपको “मंगल का कुंभ राशि में गोचर” के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करेगा। साथ ही, मंगल का यह गोचर सभी राशि के जातकों को शुभ या अशुभ किस तरह के परिणाम देगा, इस बारे में भी हम बात करेंगे।
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अगर मंगल महाराज अपनी स्वयं की राशि मेष में उपस्थित होते हैंजो कि इनकी मूल त्रिकोण राशि भी है, तो यह आपको अत्यंत शुभ परिणाम प्रदान करते हैं। बता दें कि मंगल महाराज मेष या वृश्चिक राशि में अधिपति देव हैं हैं इसलिए इन दोनों राशियों में मंगल की उपस्थिति आपको कई तरह से शुभ फल देती है। इसी क्रम में, मंगल देव को कुंडली में लग्न भाव और आठवें भाव पर आधिपत्य प्राप्त हैं। ऐसे में, इनकी स्थिति आपको जीवन में अधिकार और पद प्रदान करती है।
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को सामान्य रूप से गतिशील ग्रह कहा जाता है जिन्हें अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। मंगल देव उग्र ग्रह हैं जो प्रशासनिक क्षमताओं और सिद्धांतों का प्रतीक माने जाते हैं। यह राजसी गुणों के कारक हैं। शायद ही आप जानते होंगे कि मंगल देव की कृपा के बिना कोई व्यक्ति करियर के क्षेत्र में सफलता नहीं प्राप्त कर सकता है और न ही वह शक्तिशाली बन सकता है।
कुंडली में मंगल महाराज की मज़बूत स्थिति जातक को जीवन में हर तरह का सुख, संतुष्टि, अच्छी सेहत और तेज़ बुद्धि का आशीर्वाद देती है। वहीं, जिन लोगों की कुंडली में मंगल अच्छी स्थिति में होता है, उन्हें करियर में मान-सम्मान मिलने के साथ-साथ करियर में भी उच्च पद की प्राप्ति होती है। जब मंगल ग्रह शुभ होता है और इन पर लाभकारी ग्रह जैसे गुरु ग्रह की दृष्टि होती है, तब यह आपको शारीरिक और मानसिक रूप से सुख प्रदान करते हैं।
हालांकि, मंगल देव के अशुभ और पापी ग्रहों जैसे राहु-केतु के साथ बैठे होने पर व्यक्ति को जीवन में नकारात्मक प्रभावों का सामना करना पड़ता है जैसे कि स्वास्थ्य समस्याएं, तनाव और हानि आदि। अगर कोई जातक अपने जीवन में मंगल देव की कृपा और आशीर्वाद पाना चाहता है, तो वह मंगल ग्रह का रत्न मूंगा धारण कर सकता है। इसके अलावा, मंगल गायत्री मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ करना कल्याणकारी सिद्ध होता है।
चलिए अब हम आगे बढ़ते हैं और जानते हैं वर्ष 2026 में मंगल का कुंभ राशि में गोचर आपके जीवन को किस तरह से प्रभावित करेगा। साथ ही जानेंगे, आप इसके नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए किन उपायों को अपना सकते हैं।
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मंगल का कुंभ राशि में गोचर: राशि अनुसार राशिफल और उपाय
आइए अब हम बिना देर किए आपको अवगत करवाते हैं मंगल गोचर के सभी राशियों पर प्रभाव और उनसे बचने के अचूक उपाय से।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह पहले और आठवें भाव के स्वामी हैं जो समस्याओं और स्वास्थ्य का भाव है। अब इनका गोचर आपके ग्यारहवें भाव में होने जा रहा है।
करियर के क्षेत्र में आपको कार्यों में बेहद शुभ परिणामों की प्राप्ति होगी। संभव है कि आपको ऑनसाइट नौकरी के अवसर भी मिलें और ऐसे मौके आपके लिए फलदायी साबित होंगे। साथ ही, आपको प्रमोशन, इंसेंटिव और अन्य लाभ मिलने के योग बनेंगे। इसके अलावा, आपको सरकारी नौकरी मिलने की संभावना है।
अगर आप व्यापार करते हैं, तो मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान आपको कुछ लाभ भी मिल सकता है जबकि कामों को पूरा करने में आपको समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ भी, आपको प्रतिद्वंदियों की तरफ से कड़ी टक्कर मिल सकती है, लेकिन आपको सफलता मिल जाएगी। इस दौरान आपको नई योजनाओं का बनाना लाभ देगा।
मंगल गोचर का समय आपकी आर्थिक स्थिति के लिए फलदायी रहेगा। इस दौरान आपकी आय में वृद्धि होगी, लेकिन आपके खर्चे बढ़ाने की भी आशंका है। ऐसे में, आप पैसों की बचत करने में असफल रह सकते हैं। आपको पर्याप्त धन लाभ होने के योग बनेंगे, परंतु आप बचत नहीं कर पाएंगे।
बात करें प्रेम जीवन की, तो इन जातकों को अपने रिश्ते में कुछ मधुर पल देखने को मिलेंगे जिससे आप दोनों प्रसन्न दिखाई देंगे। ऐसे में, आपके बीच आपसी तालमेल और सौहार्द मज़बूत होगा।
स्वास्थ्य के मामले में आप ऊर्जावान बने रहेंगे जिसकी वजह आपका साहस और दृढ़ता होगी। आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी बनी रहेगी।
उपाय: प्रतिदिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 27 बार जाप करें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल महाराज आपके सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली में इन दोनों भावों का संबंध जीवनसाथी, रिलेशनशिप और खर्चों से होता है। अब मंगल देव आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं।
इसके परिणामस्वरूप, इन लोगों को बिजनेस पार्टनर, दोस्तों और साथी के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, परिवार में आपके सामने एक के बाद एक खर्चें आ सकते हैं इसलिए धन का प्रबंधन सोच समझकर करें।
बात करें करियर की, तो इस समय आप अपनी मौजूदा नौकरी से पूरी तरह संतुष्ट न हो। साथ ही, आपको काम में समस्याओं और दबाव का सामना करना पड़ सकता है, जिससे आप चुनौतियों से घिरा हुआ महसूस कर सकते हैं।
जब बात आती है व्यापार की, तो मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान आपको औसत लाभ मिलने की संभावना है जिसकी वजह प्रतिद्वंदियों से आपको मिलने वाली कड़ी टक्कर होगी। व्यापार में पुरानी या अप्रभावी नीतियों को अपनाने के कारण मुनाफ़ा कमाना आपके लिए कठिन हो सकता है।
आर्थिक जीवन को देखें, तो इस अवधि में आपको आय में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। साथ ही, लाभ की तुलना में नुकसान अधिक हो सकता है इसलिए आपको आर्थिक स्थिति को समझदारी से संभालना होगा। ऐसे में, बचत कर पाना इस समय मुश्किल रहेगा।
प्रेम जीवन की बात करें, तो वृषभ राशि वालों को अपने साथी के साथ रिश्ते में संचार कौशल से जुड़ी समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है जिसकी वजह से आपकी पार्टनर के साथ बहस हो सकती है। ऐसे में, रिश्ते में ख़ुशियाँ बनाए रखने के आपके प्रयास नाकाम रह सकते हैं।
बात करें स्वास्थ्य की, तो इन जातकों को अपने पार्टनर की सेहत पर काफ़ी पैसा ख़र्च करना पड़ सकता है क्योंकि उन्हें पैरों में दर्द की शिकायत रह सकती है या फिर साथी को मासिक धर्म से जुड़े रोग परेशान कर सकते हैं।
उपाय: प्रतिदिन “ॐ दुर्गाय नमः” का 42 बार जाप करें।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों की कुंडली में मंगल देव आपके छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। वर्तमान समय में यह गोचर करके आपके नौवें भाव में जा रहे हैं। बता दें कि मंगल महाराज का छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी के रूप में आपके नौवें भाव में जाना आपके लिए सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के परिणाम लेकर आ सकता है।
मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान इन जातकों के करियर की रफ़्तार थोड़ी सुस्त रह सकती है। साथ ही, नौकरी में मिलने वाले अवसर भी सामान्य रह सकते हैं। विदेश में काम करने के अवसर भी इस समय आसानी से प्राप्त नहीं हो पाएंगे।
जिन लोगों का अपना व्यापार है, उनके लिए यह समय ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता हैम विशेष रूप से लाभ कमाने की दृष्टि से। इस दौरान आपके लिए प्रतिस्पर्धियों को टक्कर देना कठिन लग सकता है, जिससे मनचाहा लाभ प्राप्त नहीं हो पाएगा।
आर्थिक जीवन में मगल गोचर के दौरान आपको धन कमाने में भाग्य का साथ न मिलने की आशंका है इसलिए आप मनचाहा लाभ प्राप्त करने में पीछे रह सकते हैं।
प्रेम जीवन की दृष्टि से, मिथुन राशि वालों के रिलेशनशिप के लिए मंगल का यह गोचर ज्यादा शुभ नहीं रहेगा। साथ ही, जीवनसाथी के साथ आपसी समझ कम रह सकती है जिसकी मुख्य वजह रिश्ते में अहंकार का होना हो सकता है।
स्वास्थ्य के मामले में आपको जीवनसाथी की सेहत पर धन खर्च करना पड़ सकता है क्योंकि उन्हें हाइपरटेंशन की समस्या हो सकती है।
उपाय: प्रतिदिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 21 बार जाप करें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए मंगल ग्रह आपके पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान इन जातकों को परिवार की प्रगति और सदस्यों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस समय धन हानि होने की भी आशंका है और साथ ही, परिवार में परेशानियां बनी रह सकती हैं।
करियर के लिहाज़ से, मंगल गोचर को आपके लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। इस दौरान काम में भी स्थिरता कम रह सकती है। सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपके रिश्ते नकारात्मक रह सकते हैं। मान-सम्मान या प्रमोशन मिलने की संभावना भी कम रहेगी।
यदि आपका अपना व्यापार है, तो आपको हानि उठानी पड़ सकती है। साथ ही, व्यापार को बढ़ाने की संभावना भी कम रह सकती है। आप बिज़नेस में सिद्धांत लेकर चलेंगे, लेकिन फिर भी अपेक्षित लाभ प्राप्त नहीं कर पाएंगे।
आर्थिक जीवन में मंगल का यह गोचर आपके लिए खर्चे लेकर आ सकता है जिसके चलते आपकी बचत सीमित हो सकती है।
प्रेम जीवन में आपको नकारात्मक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है और ऐसे में. जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखना आपके लिए मुश्किल रहने के आसार है। साथ ही, इन सब परिस्थितियों के कारण आप साथी के साथ आनंद के पल नहीं बिता पाएंगे।
स्वास्थ्य को लेकर मंगल का यह गोचर प्रतिकूल रह सकता है क्योंकि आपमें उत्साह की कमी हो सकती है। साथ ही, आपको अपनी आंखों की जाँच करवाने की सलाह दी जाती है।
उपाय: प्रतिदिन “ॐ दुर्गाय नमः” का 11 बार जाप करें।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों की कुंडली में मंगल महाराज आपके चौथे और नौवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके सातवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, इन लोगों का झुकाव रिलेशनशिप के प्रति अत्यधिक बढ़ सकता है। आपके लिए स्थिर और पर्याप्त मात्रा में धन कमाना भी संभव होगा।
करियर की बात करें, तो मंगल का कुंभ राशि में गोचर आपके लिए अच्छी प्रगति लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी और आपका प्रदर्शन भी मजबूत रहेगा। विदेश यात्रा के साथ-साथ नए अनुभवों से सीखने के अवसर भी आपको मिल सकते हैं। सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रिश्ते अच्छे बनाए रखने में आप सफल रहेंगे।
जो जातक खुद का व्यापार करते हैं, उन्हें अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। इस दौरान व्यापार विस्तार की संभावनाएं मजबूत रहेंगी। अगर आप बिज़नेस में अपने सिद्धांतों पर काम करेंगे, तो प्रतिद्वंदियों पर जीत हासिल कर सकते हैं। ऐसे में, व्यापार के क्षेत्र में आप अपना दबदबा कायम कर सकते हैं।
आर्थिक जीवन में मंगल ग्रह का यह गोचर आपके लिए आय और व्यय दोनों लेकर आ सकता है। इस दौरान कभी आपकी आय अधिक रहेगी, तो कभी आपके खर्चे। ऐसे में, धन की बचत करने की संभावना कम रह सकती है।
जब बात आती है रिश्ते की, तो इन जातकों का प्रेम जीवन सामान्य रहेगा। ऐसे में, आप साथी के साथ रिश्ते को प्रेम और सौहार्द से पूर्ण बनाए रखेंगे। साथ ही, घर-परिवार में कोई ,मांगलिक कार्य होने के योग बनेंगे।
बात करें आपकी सेहत की, मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान आपका स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा। आप उत्साह और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे।
उपाय: प्रतिदिन “ॐ भास्कराय नमः” का 11 बार जाप करें।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए मंगल देव आपके तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप, इन जातकों का सारा ध्यान अपने काम में किए जा रहे प्रयासों पर केंद्रित होगा जिससे आप करियर को लेकर जागरूक बनेंगे।
मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान आपका करियर प्रगति के मार्ग पर सुगमता से आगे बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में स्थिरता बनी रहेगी और आपका प्रदर्शन भी शानदार रहेगा। इन जातकों के विदेश यात्रा के योग बनेंगे और साथी ही, आपको नए अनुभवों की प्राप्ति होगी। इसके अलावा, सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपके रिश्ते मधुर बने रहेंगे।
जिन लोगों का जुड़ाव व्यापार से है, उन्हें इस दौरान अच्छा लाभ मिलने की संभावना हैं। अगर आप बिज़नेस में अपने सिद्धांतों पर चलते हुए आगे बढ़ेंगे, तो प्रतिद्वंदियों पर जीत हासिल करने में सक्षम रहेंगे। साथ ही, आप नए बिज़नेस कांटेक्ट के माध्यम से व्यापार के नए अवसर प्राप्त होंगे।
आर्थिक जीवन की बात करें, तो यह समय कन्या राशि के जातकों के लिए आय और व्यय दोनों लेकर आएगा। मंगल गोचर की अवधि में कभी आपकी आय अधिक रहेगी, तो कभी आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। ऐसे में, धन की बचत करने की संभावना कम रह सकती है।
प्रेम जीवन को देखें, तो इन लोगों को रिश्ते में सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी और ऐसे में, आपका रिश्ता साथी के साथ प्रेम से पूर्ण रहेगा। साथ ही, आप उनके साथ यादगार लम्हें बिताते हुए दिखाई देंगे।
इस अवधि में आपका स्वास्थ्य ज्यादा अच्छा नहीं रहने का अनुमान है क्योंकि आपमें कभी-कभी ऊर्जा और उत्साह की कमी रह सकती है। हालांकि, किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या की संभावना नहीं है।
उपाय: प्रतिदिन “ॐ बुधाय नमः” मंत्र का 11 बार जाप करें।
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तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए मंगल देव दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके पांचवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, आपको होने वाला धन लाभ औसत रह सकता है, परंतु कई बार खर्चों के साथ आप सामंजस्य बिठाने में सक्षम होगा।
बात करें करियर की, तो मंगल का कुंभ राशि में गोचर आपके करियर के लिए उत्साहजनक रह सकता है। साथ ही, आपको कार्यों में किए गए प्रयासों का फल मिल सकता है। आपकी मेहनत के कारण प्रमोशन मिलने के भी योग बनेंगे।
तुला राशि के व्यापार करने वाले जातकों के लिए मंगल गोचर का समय आपको औसत रूप से लाभ करवाने का काम कर सकता है। इस दौरान आप नए व्यापार के क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। साथ ही, सट्टेबाजी के माध्यम से धन लाभ कमाने में भी आप सक्षम होंगे।
आर्थिक दृष्टि से मंगल का यह गोचर आपको औसत लाभ दे सकता है। ऐसे में, धन कमाने के साथ-साथ आपके बचत की संभावना भी सीमित रहेगी।
प्रेम जीवन में इस राशि के जातकों को इस अवधि में जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाए रखना थोड़ा मुश्किल लग सकता है जिसकी वजह आप दोनों के बीच अहंकार का होना हो सकता है।
स्वास्थ्य के लिहाज़ से, मंगल गोचर के दौरान आपमें ऊर्जा और उत्साह की कमी नज़र आ सकती है। ऐसे में, आप बच्चों के साथ समय बिताना पसंद करेंगे।
उपाय: शुक्रवार के दिन लक्ष्मी-नारायण पूजा करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए मंगल ग्रह आपके पहले और छठे भाव के स्वामी हैं जो अब आपके चौथे भाव में प्रवेश करने जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, इन लोगों को पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ावों का सामना करना पड़ सकता है और घर-परिवार में मतभेद और कानूनी विवाद भी जन्म ले सकते हैं।
जब बात आती है करियर की, तो मंगल का कुंभ राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल नहीं कहा जा सकता है। इस दौरान आपको थोड़ा सावधान रहना होगा क्योंकि कार्यक्षेत्र में आपको वरिष्ठों के साथ मतभेदों या फिर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अगर आपका खुद का व्यापार है, तो आपको मिलने वाला लाभ औसत रह सकता है। ऐसे में, आप मनचाहा लाभ कमाने में पीछे रह सकते हैं।
आर्थिक जीवन के लिए मंगल के इस गोचर को शुभ नहीं कहा जा सकता है क्योंकि इस दौरान आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है जिन्हें पूरा करने के लिए आपको मशक्कत करनी पड़ सकती है।
प्रेम जीवन की बात करें, तो इस समय इन लोगों का रिश्ता साथी के साथ थोड़ा कमज़ोर रह सकता है जिसके चलते आपकी उनके साथ बहस या मतभेद हो सकती है। इन परिस्थितियों की वजह आपसी प्रेम की कमी हो सकती है और ऐसे में, आप रिश्ते का आनंद नहीं ले पाएंगे।
स्वास्थ्य के लिहाज़ से, मंगल गोचर के दौरान आपकी सेहत सामान्य रहेगी। लेकिन, आपके भीतर ऊर्जा की कमी रह सकती है और साथ ही, आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमज़ोर रहने की आशंका है। ऐसे में, आप परेशान नज़र आ सकते हैं।
उपाय: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।
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धनु राशि
धनु राशि के जातकों की कुंडली में मंगल ग्रह आपके बारहवें और पांचवें भाव के स्वामी हैं। अब यह आपकेतीसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, मंगल का यह गोचर आपको कार्यों में मिलेजुले परिणाम प्रदान कर सकता है यानी कि परिणाम सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रह सकते हैं।
करियर को देखें, तो मंगल का कुंभ राशि में गोचर आपको नौकरी में लाभ देने का काम करेगा। ऐसे में, आपको प्रमोशन, वेतन में वृद्धि और नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, आपको ऑनसाइट नौकरी के अवसर मिलेंगे।
जब बात करें व्यापार की, तो इन जातकों का अच्छी मात्रा में लाभ मिलने की संभावना है। यह समय आपके लिए शुभ रहेगा और ऐसे में, आपको उच्च मुनाफा होगा।
आर्थिक जीवन के लिए मंगल का कुंभ राशि में गोचर अनुकूल रहेगा और ऐसे में, आप धन की बचत पर्याप्त कर पाएंगे। यह गोचर विशेष रूप से विदेश यात्रा के लिए फलदायी रहेगा क्योंकि इस दौरान आपको हर कदम पर आपको भाग्य का साथ मिलेगा।
बात करें प्रेम जीवन की, तो इस अवधि में आप जीवनसाथी के साथ मधुर रिश्ता बनाए रखने में सक्षम होंगे। इसके परिणामस्वरूप, आप दोनों का रिश्ता मज़बूत होगा और ख़ुशियों में भी वृद्धि होगी।
बात करें स्वास्थ्य की, तो इन जातकों की सेहत मंगल गोचर के दौरान अच्छी रहेगी। लेकिन, आपको अपने बच्चों की सेहत पर पैसा खर्च करना पड़ सकता है जिसकी वजह से आप चिंतित दिखाई दे सकते हैं।
उपाय- गुरुवार के दिन भगवान रुद्र के लिए यज्ञ/हवन करें।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए मंगल महाराज आपके चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान आप पर नकारात्मक विचार हावी रह सकते हैं जिसके कारण आप अपनी क्षमताओं का पूरी तरह से उपयोग करने में असमर्थ होंगे। ऐसे में, आपको अपने लक्ष्यों को हासिल करने में कठिनाइयों का अनुभव कर सकते हैं। साथ ही, इस दौरान आपकी सुख-सुविधाओं में भी कमी आ सकती है।
करियर के लिए मंगल गोचर की अवधि औसत रहने का अनुमान है। ऐसे में, इस समय आपको अपनी योग्यताओं को साबित करने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। साथ ही, आपको कार्यक्षेत्र में अच्छे काम के लिए सराहना मिलना कठिन होगा।
जिन जातकों का अपना व्यापार है, उन्हें इस समय बिज़नेस को बढ़ाने के मार्ग में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में, आपके लिए अच्छा लाभ कमाना कठिन हो सकता है। इस दौरान आपको लाभ और हानि दोनों झेलनी पड़ सकती है। इसके फलस्वरूप, आपके लिए व्यापार को चलाना मुश्किल हो सकता है।
आर्थिक जीवन की बात करें, तो मंगल का गोचर आपके लिए ज्यादा अच्छा नहीं कहा जा सकता है क्योंकि आप पर पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से आपके खर्च बढ़ सकते हैं।
जब बात आती है प्रेम जीवन की, तो इस समय आपको जीवनसाथी के साथ रिश्ते में सौहार्द बनाए रखना मुश्किल लगेगा जिसके चलते आप दोनों के बीच मतभेद और बहस होने की आशंका है।
स्वास्थ्य को देखें, तो मंगल गोचर का सबसे ज्यादा असर आपकी सेहत को प्रभावित करेगा क्योंकि आपको पैरों में दर्द, आँखों में जलन और पाचन से जुड़ी समस्याएं घेर सकती हैं, इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
उपाय: शनिवार के दिन शनि देव की पूजा-अर्चना करें।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में मंगल देव आपके लग्न और तीसरे भाव के स्वामी हैं। अब यह आपके पहले/लग्न भाव में गोचर करने जा रहे हैं। इन जातकों को पेशेवर जीवन में तरक्की पाने के लिए समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
करियर के क्षेत्र में मंगल का कुंभ राशि में गोचर आपको कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाने या सराहना प्रदान करने में पीछे रह सकते हैं। जिन लोगों का अपना व्यापार है, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है जिसकी वजह आपकी गलत रणनीतियां हो सकती हैं। ऐसे में, आपको बिज़नेस में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
आर्थिक जीवन में आपको धन कमाने की राह में समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। साथ ही, आपके खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना है और ऐसे में, धन की बचत करना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
प्रेम जीवन में आपको जीवनसाथी के साथ कुछ उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है जिसकी वजह गलतफहमी या फिर नकारात्मक विचार हो सकते हैं।
स्वास्थ्य के मामले में आपको अपनी सेहत पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है क्योंकि आपको पैरों में दर्द की समस्या रह सकती है।
उपाय: शनिवार के दिन शनि ग्रह की पूजा-अर्चना करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए मंगल देव आपके दूसरे और नौवें भाव के अधिपति देव हैं जो अब आपके बारहवें भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। बता दें कि मंगल का कुंभ राशि में गोचर के दौरान आपके आत्मविश्वास और दृढ़ता में कमी रह सकती है। इस दौरान आपको भाग्य का साथ कम मिलने की भी संभावना है।
बात करें करियर की, तो मंगल गोचर की अवधि को आपके करियर के लिए अनुकूल नहीं कहा जा सकता है, विशेष रूप से अगर आप इंक्रीमेंट या प्रमोशन की आस लगाए हुए हैं। कुल मिलाकर, इस समय आपको भाग्य का साथ नहीं मिलेगा। अगर आप खुद का व्यापार करते हैं, तो आपको औसत लाभ की प्राप्ति होगी, बल्कि हानि उठानी पड़ सकती है जिनकी वजह व्यापार की गलत रणनीतियां हो सकती हैं।
आर्थिक जीवन के लिए यह समय कठिन रहने का अनुमान है और इस दौरान आपके लिए धन कमाना आसान नहीं होगा। ऐसे में, आपकी आय कम रह सकती है और हानि की आशंका है।
बात करें आपके प्रेम जीवन की, तो आपको जीवनसाथी के साथ रिश्ते में मधुरता बनाए रखने में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिससे आपके प्रेम और ख़ुशियों में कमी रह सकती हैं।
स्वास्थ्य के संबंध में मंगल का कुंभ राशि में गोचर आपके लिए समस्याएं लेकर आ सकता है इसलिए अपनी सेहत का ध्यान रखें।
उपाय: मंगलवार के दिन माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मंगल का कुंभ राशि में गोचर कब होगा?
मंगल देव 23 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
2. मंगल ग्रह की राशि कौन सी है?
राशि चक्र में मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं।
3. कुंभ राशि के स्वामी कौन हैं?
ज्योतिष में कुंभ राशि के स्वामी शनि देव हैं।
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