सूर्य का कर्क राशि में गोचर (16 जुलाई 2026)
सूर्य का कर्क राशि में गोचर: ग्रहों के राजा सूर्य, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र में मान-सम्मान, पद प्रतिष्ठा, शासन-प्रशासन, आत्मबल, नेतृत्व क्षमता और ऊर्जा का प्रमुख कारक ग्रह माना गया है। स्वाभविक है कि इनका राशि परिवर्तन, इन क्षेत्रों में बड़ा बदलाव दे सकता है। ऐसे महत्वपूर्ण ग्रह सूर्य 16 जुलाई 2026 को कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। वैसे तो कर्क राशि चंद्रमा की राशि है और सूर्य तथा चंद्रमा के संबंध सामान्यतः मित्रवत या कम से कम औसत माने जाते हैं।
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नैसर्गिक और तात्कालिक मित्रता के सिद्धांतों के अनुसार परिस्थितियाँ बदलती रहती हैं, लेकिन सामान्यत: ये दोनों ग्रह आपस में सहयोगी ही माने जाते हैं। अत: सूर्य का यह गोचर पूर्णतः नकारात्मक नहीं माना जाएगा लेकिन फिर भी यह ध्यान रखना आवश्यक है कि सूर्य अग्नि तत्व का ग्रह है और कर्क राशि जल तत्व की राशि होती है। अग्नि और जल का स्वभाव भिन्न होता है, आपस में नहीं मिलता। इसलिए कर्क राशि में सूर्य के गोचर के दौरान सूर्य के कुछ मूल गुणों में कुछ कमी या कुछ असंतुलन देखने को मिल सकता है।
ऐसे में जन सामान्य का आत्मविश्वास बना तो रहेगा, परंतु उसमें भावनात्मकता का भाव भी मिला हुआ भी दिखाई दे सकता है। निर्णय लेने में संवेदनशीलता बढ़ सकती है और लोग व्यावहारिकता के साथ-साथ भावनात्मक पहलुओं को भी महत्व दे सकते हैं। हालांकि सूर्य की स्थिति हर व्यक्ति की जन्म कुंडली में अलग-अलग होती है, इसलिए इस गोचर के परिणाम भी प्रत्येक राशियों और व्यक्तिगत कुंडलियों के अनुसार अलग अलग होंगे लेकिन सबसे पहले यह समझ लिया जाय कि सूर्य के इस गोचर का प्रभाव भारत देश पर किस प्रकार से पड़ सकता है।
सूर्य का कर्क राशि में गोचर: भारत पर प्रभाव
मेदिनी ज्योतिषी यानी कि मुंडेन एस्ट्रोलॉजी के अनुसार जब सूर्य कर्क राशि में प्रवेश करता है तो उसका प्रभाव देश की जनता, आंतरिक स्थिति, भूमि, कृषि और शासन से जुड़े मामलों पर अधिक पड़ता है। क्योंकि स्वतंत्र भारत की कुंडली में सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी होते हैं। और चतुर्थ भाव जनता, आंतरिक शांति और भूमि तथा गृहस्थ सुख का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे चौथे भाव के स्वामी होकर सूर्य भारतवर्ष की कुंडली के तीसरे भाव में गोचर करने वाले हैं। तीसरा भाव साहस, संचार, मीडिया और परिवहन का भाव है और सामान्य तौर पर तीसरे भाव में सूर्य के गोचर को सकारात्मक माना जाता है।
यहां पहुंचा सूर्य का गोचर निर्णय क्षमता, साहस और सक्रियता को बढ़ाता है। इसलिए इस अवधि में सरकार कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है और प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज हो सकती हैं लेकिन चतुर्थ भाव के स्वामी का तीसरे भाव में जाना यह भी संकेत देता है कि जनता के मन में कुछ असंतोष रह सकता है। ऐसे में लोग अपने नेताओं से फिर उनकी नीतियों से असहमति जताते हुए दिखाई दे सकते हैं। कुछ स्थानों पर सरकार का विरोध या प्रदर्शन भी देखने को मिल सकते हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ पहले से ही जनता में कुछ असंतोष बना हुआ है।
चतुर्थ भाव पर राहु या केतु जैसे ग्रहों का प्रभाव पहले से ही बना हुआ है, ऐसे में आंतरिक अशांति, यातायात से जुड़ी घटनाएँ देखने को मिल सकती है। हालांकि चतुर्थेश सूर्य तीसरे भाव में उच्च के बृहस्पति के साथ है ऐसे में संचार सेवाओं में बाधाओं को दूर करने के प्रयास तेज हो सकते हैं। इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या परिवहन व्यवस्था को अपग्रेड करने का प्रयास हो सकता है। और आइए अब जानते हैं कि सूर्य के इस गोचर का आपकी राशियों पर किस प्रकार प्रभाव पड़ सकता है।
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सूर्य का कर्क राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में पांचवें भाव के स्वामी होते हैं और फिलहाल सूर्य आपके चौथे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। यानी कि सूर्य अपने से द्वादश भाव में जा रहे हैं। यह दोनों ही स्थितियां अच्छी नहीं मानी गई हैं। चतुर्थ भाव में सूर्य के गोचर को भी अच्छा नहीं माना जाता और पंचमेश का अपने से द्वादश भाव में जाना भी अच्छा नहीं है। यानी की यह गोचर अनुकूलता में कमी देने का काम कर सकता है। ऐसे में यदि आप विद्यार्थी हैं तो शिक्षा को लेकर अथवा अपनी पढ़ाई लिखाई को लेकर कुछ चिंताएं रह सकती हैं। हालांकि सूर्य की युति उच्च के बृहस्पति के साथ रहेगी। अत: बड़े बुजुर्गों का मार्गदर्शन या फिर गुरुजनों का आशीर्वाद शिक्षा में कोई बड़ी समस्या नहीं आने देगा लेकिन फिर भी इस अवधि में शिक्षा के प्रति जागरूक रहना जरूरी रहेगा।
यदि आप युवा हैं तो अपने लव पार्टनर या फिर संतान इत्यादि को लेकर आप चिंतित रह सकते हैं। इस अवधि में माता के स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी जरूरी रहेगा। साथ ही साथ इस बात का भी ख्याल रखना होगा कि घर परिवार में किसी भी तरीके का कोई विवाद उत्पन्न न होने पाए। आपकी यह कोशिश कामयाब होने की अच्छी संभावनाएं भी रहेंगी क्योंकि सूर्य को उच्च के बृहस्पति का साथ मिल रहा है। क्योंकि जल तत्व की राशि में सूर्य की बहुत अधिक नहीं चलती है इसलिए उच्च के बृहस्पति की कृपा से संतुलन बने रहने की अच्छी संभावनाएं हैं।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में गरीबों की यथा समर्थ मदद करना और उन्हें भोजन करवाना शुभ रहेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का यह गोचर वृषभ राशि वाले लोगों के लिए कैसा रहने वाला है?
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में चौथे भाव के स्वामी होते हैं और यह आपके तीसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे सामान्य तौर पर तीसरे भाव में सूर्य के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है लेकिन जल तत्व वाली राशि यानी की कर्क राशि में होने के कारण सूर्य ग्रह अपने परिणामों को पूरी तरह से देने में कुछ हद तक पीछे रह सकते हैं। फिर भी सूर्य और बृहस्पति की युति आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने का काम करेगी। आपके आसपास के लोग थोड़ी हिचकिचाहट के बाद ही सही लेकिन आपका सहयोग करते हुए देखे जाएंगे। आपको आपकी योजनाओं में सफलता मिलेगी। हालांकि यात्राएं फायदेमंद रहेंगी। फिर भी यात्राओं के दौरान सावधानी से कम लेंगे तो परिणाम और भी अच्छे रहेंगे। विशेषकर यदि आप स्वयं ही वाहन चलाते हैं तो वाहन चलते समय सावधानी जरूर रखें। इस गोचर के चलते कहीं से कोई अच्छा समाचार भी सुनने को मिल सकता है और आपका अच्छा बर्ताव आपके पड़ोसियों के साथ संबंधों को सुधारने में भी मददगार बन सकता है।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में पिता अथवा पिता तुल्य व्यक्ति की सेवा करके उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का कर्क राशि में गोचर मिथुन राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में तीसरे भाव के स्वामी हैं और ये गोचर में आपके दूसरे भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर दूसरे भाव में सूर्य के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना गया है। ऊपर से सूर्य कर्क राशि में भी जा रहे हैं। ये दोनों ही स्थितियां ठीक नहीं कही गई हैं। ऐसे में सूर्य आर्थिक मामलों में कुछ हद तक कठिनाइयां दे सकते हैं। हालांकि यह कठिनाई बहुत बड़ी नहीं होगी। क्योंकि उच्च के बृहस्पति, जो धन के कारक हैं। वो वर्तमान में धन भाव पर ही बने हुए हैं लेकिन फिर भी सूर्य उनकी अनुकूलता के ग्राफ में व्यवधान डालने का काम कर सकता है। इसलिए सूर्य के इस गोचर की अवधि में आर्थिक मामलों में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी।
घर परिवार के लोगों का थोड़ा बहुत मनमुटाव हो सकता है। उनके बीच भावनात्मक असंतुलन देखने को मिल सकता है। ऐसे में कम से कम आपको इस बात का ख्याल रखना होगा कि आपकी वाणी में सभ्यता और सौम्यता बनी रहे, नहीं तो आपकी बातों का कोई और भी मतलब निकाला जा सकता है। यानी कि आपके बोलने जो उद्देश्य रहेगा, उससे अलग कोई मतलब निकालकर आपसे कोई परिजन नाराज हो सकता है। कुछ सावधानियों को अपनाने की स्थिति में बृहस्पति ग्रह, सूर्य के नकारात्मक परिणामों को कम करने की कोशिश करेंगे और आप अपने आर्थिक और पारिवारिक मामलों में संतुलन बिठा सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मंदिर में बादाम चढ़ाना शुभ रहेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का यह गोचर कर्क राशि वाले लोगों के लिए कैसा रहने वाला है?
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य आपके धन भाव के स्वामी हैं और गोचरवश सूर्य आपके पहले भाव में जा रहे हैं। इन दोनों ही स्थितियों को अच्छा नहीं माना जाएगा। विशेषकर स्वास्थ्य के लिहाज से। साथ ही साथ आर्थिक और पारिवारिक मामलों के लिहाज से यह स्थिति अच्छी नहीं कही जाएगी। हालांकि छठे भाव के स्वामी की संगति में होने के कारण सूर्य नौकरीपेशा लोगों को कुछ अच्छे परिणाम दे सकता है। वहीं दूर की यात्राओं में भी कुछ हद तक सहायक भी बन सकता है। विशेषकर धार्मिक यात्राओं या धार्मिक मामलों में सूर्य का रुख सकारात्मक रह सकता है। क्योंकि बृहस्पति सूर्य को गाइड करते रहेंगे लेकिन अन्य मामलों में इस गोचर को अच्छा नहीं माना जाएगा। यह स्थिति आपको अहंकारी बनाने का काम कर सकती है।
क्रोध और अहंकार से बचने का प्रयास करें। शासन प्रशासन से जुड़े हुए लोगों के साथ अपने संबंधों को अच्छा बनाए रखें। इस अवधि में आपको अपने खान-पान को भी संयमित बनाए रखने की जरूरत रहेगी। ऐसा न करने की स्थिति में पेट से संबंधित कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। यानी कि छोटे-मोटे व्यधान रहने की उम्मीद है लेकिन यदि आप अनुशासित और मर्यादित रहेंगे तो बृहस्पति की कृपा से नकारात्मकता का ग्राफ ज्यादा बड़ा नहीं होगा और आप नकारात्मकता को संतुलित करके जीवन का आनंद ले सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में इस महीने गुड़ न खाना उपाय की तरह काम करेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का कर्क राशि में गोचर सिंह राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए सूर्य आपके राशि स्वामी होकर द्वादश भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर सूर्य के गोचर को द्वादश भाव में होने के कारण अच्छा नहीं कहा जाएगा। सूर्य के गोचर को द्वादश भाव में व्यर्थ के खर्च करवाने वाला कहा गया है और क्योंकि सूर्य आपकी लग्न या राशि के स्वामी होकर द्वादश भाव में जा रहे हैं। इसलिए इस गोचर की अवधि में अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी जरूरी रहेगा। विशेषकर यदि आपको पहले से आंखों से संबंधित कोई तकलीफ है तो इस गोचर की अवधि में आपको सजग रहते हुए काम लेना होगा।
सिर दर्द, अनिद्रा जैसी परेशानियां भी सूर्य के इस गोचर के कारण देखने को मिल सकती हैं। इस अवधि में व्यर्थ की यात्राओं को टालना भी जरूरी रहेगा। इतना ही नहीं शासन प्रशासन से जुड़े हुए लोगों के साथ भी इस अवधि में किसी तरीके का विवाद नहीं करना है। वैसे तो इन लोगों से कभी भी विवाद आपको नहीं करना चाहिए लेकिन इस अवधि में अपने लेवल पर आप इनसे विवाद करने से बचने की पूरी कोशिश करते रहना है। ऐसा करने की स्थिति में उच्च का बृहस्पति आपकी समस्याओं को कम करने का काम करेगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में नियमित रूप से मंदिर जाना शुभ रहेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का यह गोचर कन्या राशि वाले लोगों के लिए कैसा रहने वाला है?
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और यह गोचर में आपके लाभ भाव में जा रहे हैं। लाभ भाव में सूर्य ग्रह के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। यानी कि ऐसे में सूर्य को आपको हर मामले में अच्छा लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी मिलती है लेकिन क्योंकि सूर्य कर्क राशि में रहेंगे, जल तत्व की राशि में रहेंगे; ऐसे में उनके परिणामों का ग्राफ थोड़ा सा नीचे रह सकता है लेकिन सामान्य तौर पर सूर्य अपने स्तर पर आपको अधिक से अधिक लाभ दिलाने की कोशिश करेंगे। यदि आपका संबंध विदेश से है या किसी दूर के स्थान से है तो ऐसी स्थिति में सूर्य ग्रह आपको और भी अच्छा लाभ दिला सकते हैं।
आर्थिक मामलों के लिए सूर्य के इस गोचर को काफी अच्छे परिणाम देने वाला माना जाएगा। विशेषकर नौकरी और व्यवसाय से संबंधित मामलों में सूर्य का यह गोचर आपको अच्छे परिणाम देने का काम कर सकता है। यानी कि व्यापार व्यवसाय में आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन हो सकता है अथवा प्रमोशन दिलाने वाली कोई ऐसी घटना हो सकती है जिसके आधार पर भविष्य में आपको लाभान्वित किया जा सकेगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मांस, मदिरा, अंडे व अश्लीलता इत्यादि का त्याग करके शुद्ध और सात्विक रहना उपाय की तरह काम करेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का कर्क राशि में गोचर तुला राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में लाभ भाव के स्वामी होते हैं और यह आपके कर्म भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कर्म स्थान यानी दशम भाव में भी सूर्य के गोचर को काफी अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। ऊपर से बृहस्पति की संगति में होने के कारण सूर्य आपको और अच्छे परिणाम देने की कोशिश करेंगे लेकिन यहां पर कमजोर बिंदु यह है कि सूर्य कर्क राशि में रहेंगे। अतः जिस लेवल के परिणाम देने की जिम्मेदारी उनकी बनती है, शायद परिणाम उस लेवल से थोड़े से कम रहें लेकिन फिर भी काफी हद तक अच्छे परिणाम रहेंगे।
सूर्य का यह गोचर लाभ भाव से कनेक्शन बना रहा है, ऐसे में न केवल काम बनेंगे बल्कि कामों में सफलता मिलने का अच्छा लाभ भी आपको मिल सकेगा। अलबत्ता सूर्य के कर्क राशि में होने के कारण कभी-कभी आप कुछ मामलों में असंतुष्ट रह सकते हैं लेकिन सामान्य तौर पर अच्छी उपलब्धियों के योग बन रहे हैं।
यदि आप नौकरी पेशा व्यक्ति हैं तो नौकरी में प्रमोशन होने के योग बनेंगे अथवा ऐसी स्थिति निर्मित होगी जिससे भविष्य में आपका प्रमोशन हो सके। व्यापार व्यवसाय में सफलता की योग भी निर्मित होंगें। सामाजिक मान प्रतिष्ठा दिलाने में भी सूर्य का यह गोचर अच्छा सहायक बनेगा। किसी नए काम की शुरुआत करवाने में भी इस गोचर को अच्छा माना जाएगा। बृहस्पति के मार्गदर्शन से उस काम को दूरगामी कहा जाएगा। यानी इस समय शुरू किया गया काम अस्थाई नहीं बल्कि बल्कि लंबे समय तक चलने वाला अच्छा काम होगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में शनिवार के दिन किसी गरीब को काले कपड़े का दान करना और भोजन करवाना शुभता देगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का यह गोचर वृश्चिक राशि वाले लोगों के लिए कैसा रहने वाला है?
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में कर्म स्थान का स्वामी होकर भाग्य भाव में गोचर करने जा रहा है। भाग्य भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता लेकिन कर्म स्थान के स्वामी का भाग्य भाव से कनेक्शन कुछ मामलों में अच्छे परिणाम भी दिलाएगा। तो ऐसे में हम कह सकते हैं कि सूर्य का यह गोचर आपको मिले-जुले परिणाम दे सकता है। विशेषकर व्यापार व्यवसाय के लिए यात्राएं करवाने में यह गोचर मददगार बन सकता है।
यात्राएं सामान्य तौर पर सफलता देने का काम करेंगी। वहीं यदि आप नौकरीपेशा व्यक्ति हैं और नौकरी में बदलाव करना चाह रहे हैं तो यह गोचर उस बदलाव में आपकी मदद कर सकता है लेकिन क्योंकि सामान्य तौर पर भाग्य भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता इसलिए नौकरी को लेकर किसी भी तरीके का रिस्क नहीं लेना है। किसी धार्मिक व्यक्ति से विवाद भी नहीं करना है। धर्म या आस्था पर कोई विवादित टिप्पणी भी नहीं करनी है। यदि कहीं पर किसी मामले में कोई दिक्कत नजर आती है या कहीं पर आप स्वयं को फंसा हुआ महसूस करते हैं तो वरिष्ठों से सलाह जरूर लें विशेषकर पिता की सलाह इस अवधि में आपका फायदा करवा सकती है और आप नुकसान से स्वयं को बचा सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में इस महीने नमक कम खाना है, विशेषकर रविवार के दिन नमक नहीं खाना है, यह उपाय की तरह काम करेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का कर्क राशि में गोचर धनु राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए सूर्य की कुंडली में भाग्य भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। आठवें भाव में सूर्य ग्रह के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से भाग्येश का अष्टम भाव में जाना भी एक कमजोर बिंदु है। इसलिए इस गोचर की अवधि में सूर्य से संबंधित परिणामों में कुछ कमजोरी देखने को मिल सकती है। फलस्वरूप भाग्य का पूरा सपोर्ट शायद न मिल सके। इसलिए अपनी कर्मठता को बढ़ाने की आवश्यकता रहेगी।
यदि नौकरी में कोई बदलाव करना चाह रहे हैं तो यह समय बहुत अच्छा नहीं है। बेहतर होगा इस अवधि में शांत रहें। पैतृक संपत्ति को लेकर के भी किसी भी तरीके का रिस्क नहीं लेना है। यदि पिता का स्वास्थ्य पहले से कमजोर हो तो उनके स्वास्थ्य पर इस समय और अधिक ध्यान देने की जरूरत रहेगी। इस समय यात्राओं से बचना भी हितकर रहेगा। विशेषकर व्यर्थ की यात्राएं बिल्कुल न करें। बहुत जरूरी यात्राओं में सावधानी पूर्वक निर्वाह किया जा सकेगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में स्वयं को हर तरह के विवाद से बचाना तथा क्रोध और अहंकार का त्याग करना उपाय की तरह काम करेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का यह गोचर मकर राशि वाले लोगों के लिए कैसा रहने वाला है?
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में आठवें भाव के स्वामी होते हैं और यह गोचर में आपके सप्तम भाव में जा रहे हैं। सप्तम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से आठवें भाव के स्वामी का सप्तम भाव में जाना, सप्तम भाव से संबंधित परिणामों में कमजोरी देने का काम कर सकता है। हालांकि उच्च का बृहस्पति सप्तम भाव में पहले से बने हुए हैं, जो सूर्य की नकारात्मकता को नियंत्रित करने में मददगार बनेगे लेकिन फिर भी स्थितियां तुलनात्मक रूप से कमजोर हो सकती हैं। यानी कि सूर्य जो बड़ी कमजोरी देने की इरादे में थे, बृहस्पति के चलते अधिक कमजोरी नहीं आएगी लेकिन फिर भी छोटी-मोटी समस्याएं रह सकती है।
विशेषकर यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी या जीवन संगिनी के स्वास्थ्य का ख्याल रखना जरूरी रहेगा। साथ ही साथ उनकी भावनाओं का भी ख्याल रखें। सूर्य के इस गोचर के चलते विवाद होने की स्थितियां निर्मित हो रही हैं। यदि आप सावधानी रखेंगे तो बृहस्पति की कृपा से स्थितियां नियंत्रण में आ जाएगी। रोजमर्रा के कामों में कुछ कठिनाइयां देखने को मिल सकती हैं। इस अवधि में यात्राओं से बचना समझदारी का काम होगा। व्यापार व्यवसाय में, यदि कोई महत्वपूर्ण निर्णय समय लेना हो तो अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें। ऐसा करने से परिणाम तुलनात्मक रूप से बेहतर हो सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में सूर्योदय से पूर्व उठकर सूर्य भगवान को जल देना तथा रविवार के दिन नमक न खाना शुभ रहेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का कर्क राशि में गोचर कुम्भ राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में सप्तम भाव के स्वामी होते हैं और यह आपके छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। छठे भाव में सूर्य के गोचर को काफी अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है लेकिन सप्तमेश का द्वादश में जाना, एक कमजोर बिंदु है। यानी कि अन्य मामलों में सूर्य काफी अच्छे परिणाम देते हुए देखे जा सकेंगे लेकिन वैवाहिक मामलों में और साझेदारी के कामों में शायद कुछ परेशानियां रहें। ऊपर से सूर्य जल तत्व की राशि में हैं, जो इस बात का संकेत है कि सप्तमेश का द्वादश में जाना जिस लेवल का कमजोर माना जाता है, वह कमजोरी उस लेवल की नहीं होगी। यानी कि दिक्कतें आएंगी लेकिन बहुत सूक्ष्म रूप में रहेंगे। इसी तरह अच्छाइयों का ग्राफ भी जिस लेवल का होना चाहिए उसमें थोड़ी सी कमी देखने को मिल सकती है। कहने का तात्पर्य है कि सूर्य का यह गोचर स्वास्थ्य के लिहाज से काफी अच्छा है।
सामान्य तौर पर कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं आनी चाहिए। पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं भी ठीक हो सकती हैं लेकिन जल तत्व से संबंधित समस्याएं, जैसे सर्दी जुकाम इत्यादि की समस्या थोड़ी विलंब से ठीक हो सकती है। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर करते हुए देखे जाएंगे लेकिन कंपटीशन के मामले में भावनात्मक निर्णय ठीक नहीं रहेंगे। यानी कि कंपटीशन के मामले में प्रैक्टिकल होकर के ही निर्णय लेना है। आपकी मेहनत आपको अच्छी उपलब्धि दिलाएगी। शासन प्रशासन से जुड़े मामलों में भी आपको काफी हद तक अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। यदि सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाह रहे हैं, तो उस मामले में भी आपको अच्छे परिणाम मिल सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में बंदरों को गेहूं और गुड़ खिलाएं ऐसा करना शुभ रहेगा। आइए अब जानते हैं कि सूर्य का यह गोचर भचक्र की आखिरी राशि यानी मीन राशि राशि वाले लोगों के लिए कैसा रहने वाला है?
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में छठे भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके पंचम भाव में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे पंचम भाव में सूर्य की गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता है क्योंकि पंचम भाव में सूर्य का गोचर प्रियजनों से मतभेद करवाने का काम करता है। पंचम भाव प्रियजनों का भाव होता है। चाहे आप इस मामले में अपने लव पार्टनर को मान सकते हैं या फिर आप अपने संतान को मान सकते हैं; इन लोगों से यानी जितने भी प्रिय लोग हैं उनके साथ बहुत ही पॉलाइटली पेश आना है। जिससे उनको यह न लगे कि आप अहंकारी हो रहे हैं। अन्यथा आपके मित्र या आपके लव पार्टनर आपसे नाराज हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में स्वयं को पोलाइट बनाए रखना जरूरी रहेगा।
यदि आप विद्यार्थी हैं तो पढ़ाई लिखाई पर पूरा फोकस बनाए रखें। क्योंकि ऐसा करने की स्थिति में ही आप शिक्षा के मामले में अच्छा कर सकेंगे और इस मामले में बृहस्पति भी आपकी मदद कर देंगे। क्योंकि उच्च के बृहस्पति आपके पंचम भाव में चल रहे हैं तो यदि आपका फ़ोकस सब्जेक्ट पर बना रहेगा तो रिजल्ट शानदार रहेंगे। वहीं यदि फोकस बिगड़ा तो बृहस्पति भी आपकी मदद नहीं कर पाएंगे। कहने का मतलब यह है कि सावधानी रखने की स्थिति में सूर्य की नकारात्मकता को शांत करने में बृहस्पति आगे आएंगे और आपको बेहतर परिणाम मिल सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में सरसों के तेल की 8 बूंदे कच्ची मिट्टी में टपकाना शुभता देगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. सूर्य का कर्क राशि में गोचर कब होगा?
सूर्य देव 16 जुलाई 2026 को कर्क राशि में गोचर कर जाएंगे।
2. सूर्य एक राशि में कितने समय तक रहते हैं?
ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रह एक राशि में एक महीने यानी 30 दिनों तक रहते हैं।
3. कर्क राशि का स्वामी कौन है?
राशि चक्र की चौथी राशि कर्क के स्वामी चंद्र देव हैं।
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