वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर (07 जुलाई 2026)
वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: शिक्षा और व्यापार के कारक ग्रह, जिनका वाणी और बुद्धि पर विशेष अधिपत्य है; ऐसे बुध ग्रह 7 जुलाई 2026 की सुबह 10:32 के करीब मिथुन राशि में पुनः लौट रहे हैं। जी हां जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मिथुन राशि बुध ग्रह की स्वयं की राशि है और इसी साल यानी की 2026 में ही 29 में 2026 से लेकर 22 जून 2026 तक बुध ग्रह मिथुन राशि में गोचर कर चुके हैं।
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22 जून 2026 को बुध ग्रह कर्क राशि में आए थे लेकिन 29 जून 2026 को ही ये वक्री हो गए और वक्री अवस्था में यानी की मान्यता के अनुसार लगभग उल्टा चलने वाली स्थिति में, उल्टा चलते-चलते ये 7 जून 2026 को पुनः मिथुन राशि में लौट रहे हैं। क्योंकि बुध ग्रह 24 जुलाई 2026 तक वक्री रहेंगे, साथ ही साथ यह 30 जून से अस्त चल रहे हैं और 25 जुलाई 2026 तक अस्त भी रहेंगे। 24 जुलाई 2026 को ये मार्गी होंगे और 25 जुलाई 2026 को ये उदित होंगे। इसके बाद ये सीधी चाल चलते हुए 5 अगस्त को पुन: कर्क राशि में पहुंच जाएंगे लेकिन 7 जुलाई 2026 से लेकर 5 अगस्त के बीच मिथुन राशि में अधिकांश समय वक्री और अस्त रहते हुए बुध ग्रह देश दुनिया और आपको कैसे परिणाम देंगे आइए जानते हैं।
इस अवधि में बुध ग्रह भले ही अपनी राशि में रहें लेकिन क्योंकि लगभग 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह वक्री और अस्त रहेंगे। इस कारण से बुध के भीतर की ऊर्जा उलझी हुई रहेगी, भ्रम पैदा करने वाली रहेगी। इसलिए गलत खबरों और अफवाहें में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है। सरकारी बयान बदलने या वापस लेना जैसी घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। टेक्नोलॉजी में गड़बड़ी, यात्रा के साधनों, संसाधनों में देरी इत्यादि भी देखने को मिल सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत में गलतफहमी, समझौतों का बदलना, पुराने मुद्दों का फिर से उठना जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। टेक एवं कम्युनिकेशन सेक्टर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम में बदलाव और विमान से जुड़ी घटनाएं भी संभावित है। भारत के व्यापार, शिक्षा, मीडिया और आई.टी. सेक्टर भी प्रभावित रह सकते हैं। 25 जुलाई 2026 के बाद जब बुध ग्रह स्वस्थ और मजबूत अवस्था में हो जाएंगे तब यही रहते रहते, इन्हीं तमाम क्षेत्रों में अच्छी अनुकूलता भी देना शुरू कर देंगे।
बात की जाय की बुध के अपनी राशि यानी मिथुन में रहने का विभिन्न राशियों पर कैसा असर होगा तो सबसे पहले चर्चा की जाएगी मेष राशि की…
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वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके तीसरे भाव में रहने वाले हैं। वैसे भी तीसरे भाव में बुध ग्रह के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता लेकिन अपनी राशि में होने के कारण आपको बुध अपने लेवल पर अच्छे परिणाम दे सकते थे लेकिन 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त और वक्री रहेंगे। इस कारण से बुध अच्छाइयां देने में थोड़े पीछे रह सकते हैं। बुध की अच्छाइयों के ग्राफ को और अधिक बढ़ने के लिए आपको जल्दबाजी के निर्णय से बचना चाहिए। यात्राओं की अवधि में सावधानी बरतनी चाहिए।
भाई, बंधु और पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखना चाहिए और लिखा पढ़ी वाले कामों की दोबारा जांच भी करनी चाहिए। इन सावधानियां को अपनाने की स्थिति में ही आप इनसे संबंधित मामलों में होने वाले नुकसान से बच सकेंगे। यानी की उपरोक्त मामलों में बुध के गोचर की यह स्थिति कमजोर परिणाम देने वाली मानी गई है। उन सावधानियां को अपनाने के बाद आप नकारात्मकता से बच सकेंगे और 25 जुलाई के बाद भाई बंधुधों का अच्छा सपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे। कहीं से कोई अच्छी खबर भी मिल सकेगी और आप प्रतिस्पर्धा में भी आगे निकल सकेंगे लेकिन उसके पहले सावधानियां की आवश्यकता बनी रहेगी।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में पक्षियों को दान चुगाना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर वृषभ राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में दूसरे तथा पांचवें भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध आपके दूसरे भाव में रहने वाले हैं। गोचर शास्त्र का नियम कहता है कि दूसरे भाव में बुध का गोचर सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देता है। ऊपर से बुध ग्रह अपनी राशि में रहेंगे यह और अच्छी स्थिति है लेकिन क्योंकि 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह वक्री और अस्त हैं। इसलिए बुध ग्रह की अच्छाई का ग्राफ थोड़ा सा नीचे रह सकता है लेकिन फिर भी बुध ग्रह अपने लेवल पर आपको अच्छे परिणाम देने का प्रयास करेंगे।
इस अवधि में अच्छे वस्त्र या फिर आभूषण इत्यादि खरीदने में आपकी मदद बुध ग्रह कर सकते हैं। विद्यार्थियों को भी उनकी मेहनत के अनुरूप काफी हद तक अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। यदि आपका काम बोलने से संबंधित है या फिर लिखाई पढ़ाई का है तो इस मामले में भी आपका प्रदर्शन काफी हद तक अच्छा रह सकता है। बुध का यह गोचर आपको रुचिकर भोजन करने का मौका भी देगा। यदि आप अपनी बातचीत के तौर तरीके को अच्छा बनाए रखेंगे तो संबंधियों के साथ आपके संबंध भी अच्छे बने रहेंगे। अन्य लोग भी आपकी बातचीत के शैली से प्रभावित होंगे बस वक्री और अस्त होने के कारण कुछ मामलों में कुछ अव्यवस्थाएं रह सकती हैं लेकिन ओवरऑल परिणाम फ़ेवर के ही रहने चाहिए।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मांस, मदिरा व अंडे इत्यादि का सेवन न करें, आपका यह त्याग उपाय की तरह काम करेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर मिथुन राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए बुध आपकी लग्न या राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके चौथे भाव के भी स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में यह आपके पहले भाव में ही रहने वाले हैं। गोचर शास्त्र के सामान्य नियम के अनुसार पहले भाव में बुध ग्रह के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। हालांकि अपनी राशि में होने के कारण बुध ग्रह जिन-जिन भागों के स्वामी हैं, उन भावों में कुछ हद तक अनुकूलता भी देना चाहेंगे। सबसे पहले बात करते हैं कि बुध ग्रह के बारे में गोचर शास्त्र क्या कहता है? गोचर शास्त्र के नियम के अनुसार पहले भाव में बुध का गोचर अप्रिय वाणी बोलने के लिए प्रेरित करता है। तो ऐसे में अपनी बातचीत के तौर तरीके को साफ सुथरा और सौम्य रखना है। किसी की निंदा या चुगली नहीं करनी है।
ऐसा करने की स्थिति में बुध ग्रह की नकारात्मकता शांत होगी। ऊपर से दूसरे भाव में उच्च अवस्था में बृहस्पति का गोचर भी आपकी मदद कर देगा। अतः भले ही गोचर शास्त्र इस गोचर को नकारात्मक कहता है लेकिन उम्मीद है कि आपको नकारात्मक परिणाम बहुत कम मात्रा में मिलेंगे। घर गृहस्थी पर ध्यान देने की स्थिति में वहां की स्थितियों को भी बेहतर किया जा सकेगा। हालांकि चतुर्थ भाव पर शनि की दृष्टि भी लगातार बनी हुई है जो कुछ दिक्कतें देगी लेकिन बुध का उन दिक्कतों से कोई लेना देना नहीं रहेगा बल्कि बुध अपने लेवल पर दिक्कतों को शांत भी करना चाहेगा। फिजूल खर्ची से बचने की कोशिश करेंगे तो आर्थिक मामले में भी संतुलन बना रहेगा। कहने का मतलब यह है की बुध का यह गोचर आपको मिले-जुले परिणाम दे सकता है। वहीं सावधानियां रखने की स्थिति में परिणाम औसत से बेहतर भी हो सकते हैं।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में नियमित रूप से गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर कर्क राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए बुध ग्रह आपकी कुंडली में तीसरे तथा द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और यह मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में द्वादश भाव में ही रहने वाले हैं। द्वादश भाव में सामान्य तौर पर बुध ग्रह के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से बुध अपनी राशि में रहेंगे। यानी कि नकारात्मकता मजबूत रहेगी। अतः 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह का अस्त और वक्री होना थोड़ी सी राहत देने का ही काम करेगा। वैसे आमतौर पर अस्त और वक्री होने की स्थिति में हम बुध के कमजोर होने की बात करते हैं लेकिन क्योंकि कमजोरी देने वाला ग्रह खुद कमजोर हो रहा है जाएगा ऐसे में आपकी सकारात्मक ज्यादा बाधित नहीं होगी।
द्वादश भाव में बुध ग्रह के गोचर को स्त्री से संबंधित कष्ट देने वाला तथा मानसिक कष्ट देने वाला कहा गया है। अतः यदि किसी भी तरीके से आपका काम स्त्रियों से संबंधित है तो उनके साथ मेल मिलाप में कमजोरी न लाएं। स्त्रियों का सम्मान करते रहें। योजनाबद्ध तरीके से कम करें। ध्यान, योग, मेडिटेशन करें, बुजुर्गों का सत्संग करें; तो परिणाम बेहतर हो सकेंगे। विद्यार्थियों को इस अवधि में अपने सब्जेक्ट पर पूरा फोकस बनाए रखने की भी जरूरत रहेगी। कहने का तात्पर्य है कि बुध ग्रह का यह गोचर बहुत अनुकूल नहीं है। अतः बुध ग्रह से संबंधित मामले, जिनका उल्लेख मैंने कर दिया है, उनमें सावधानी बरतना बेहतर परिणाम दिलाने में सहायक बनेगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में माथे पर नियमित रूप से केसर का तिलक लगाना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर सिंह राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में दूसरे तथा लाभ भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके लाभ भाव में अपने ही राशि में रहेंगे। सामान्य तौर पर इस स्थिति को अच्छा कहा जाएगा। हालांकि 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त व वक्री रहेंगे। इसलिए अच्छाइयों का ग्राफ मामूली स्तर पर नीचे रह सकता है लेकिन ओवरऑल इस गोचर से काफी हद तक अच्छे परिणाम की उम्मीद की जा सकती है। इस गोचर के कारण आप अपने ज्यादातर कामों को बड़ी ही सूझबूझ के साथ संपन्न करेंगे। स्वाभाविक है कि ऐसा करने से आपकी आमदनी में बढ़ोतरी भी होगी। यदि आप व्यापार व्यवसाय से जुड़े हुए व्यक्ति हैं तो व्यापार में आपको अच्छा लाभ मिल सकता है।
नौकरी में भी सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम मिलने की अच्छी उम्मीदें हैं। स्वास्थ्य सामान्य तौर पर ख्याल रखने की स्थिति में अच्छा बना रहेगा। भाई बंधु और मित्रों का भी सपोर्ट मिलेगा लेकिन आपको भी उनकी भावनाओं की कद्र करनी पड़ेगी। हालांकि 25 तारीख के बाद अच्छाई का ग्राफ और ज्यादा बढ़ेगा लेकिन उसके पहले के समय में अपनी तरफ से भी पूरा प्रयास जरूरी रहेगा। संतान, मित्र और प्रेम प्रसंग इत्यादि के मामले में भी आपको काफी हद तक अनुकूलता देखने को मिल सकती है। आर्थिक मामले में भी बुध ग्रह के इस गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाएगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में नियमित रूप से गणेश चालीसा का पाठ करना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर कन्या राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में आपके लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके कर्म भाव के भी स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके दशम भाव में रहेंगे। बुध ग्रह के गोचर को दशम भाव में सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। अत: बुध ग्रह अपने लेवल पर आपको अच्छे परिणाम ही देना चाहेंगे लेकिन 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त और वक्री रहेंगे। अतः जिस लेवल की अच्छाई बुध ग्रह सामान्य तौर पर देते हैं उसमें मामूली सी कमी देखने को मिल सकती है। फिर भी ओवरऑल अड़चनों के बाद या थोड़े से विलंब के बाद अधिकांश काम पूरे होने चाहिए और अच्छे परिणाम भी मिलने चाहिए।
यदि आप व्यापार व्यवसाय से जुड़े हुए व्यक्ति हैं और विधिवत तरीके से अपने कामों को संपन्न करेंगे तो आपको अच्छा लाभ मिल सकेगा। सामाजिक मामले में भी यदि आप सावधानी पूर्वक निर्वाह करेंगे तो अच्छे परिणाम प्राप्त कर लेंगे। 24-25 तारीख के बाद परिणाम और बेहतर होंगे लेकिन उसके पहले हर एक मामले में सावधानी पूर्वक निर्वाह की जरूरत रहेगी। क्योंकि इस गोचर को प्रतिष्ठा का लाभ करवाने वाला भी माना गया है। अतः आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर कर सकेंगे लेकिन 25 जुलाई से पहले के समय में प्रतिस्पर्धियों को हल्के में लेना ठीक नहीं रहेगा। उसके बाद आपका प्रदर्शन और भी अच्छा हो जाएगा। व्यापार व्यवसाय, काम धंधे में लाभ मिलने की संभावनाएं हैं। साथ ही साथ यश और सफलता भी मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मंदिर में दूध और चावल का दान करना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर तुला राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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तुला राशि
तुला राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में भाग्य तथा द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके भाग्य भाव में रहने वाले हैं। वैसे तो भाग्य भाव में बुध ग्रह के गोचर को भाग्य की हानि करवाने वाला कहा गया है, साथ ही साथ बाधाएं देने वाला भी माना गया है लेकिन क्योंकि बुध ग्रह आपके भाग्य भाव के स्वामी होकर भाग्य भाव में जा रहे हैं; इसलिए आपको नकारात्मक परिणाम देखने को नहीं मिलेंगे। ऊपर से 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त और वक्री भी रहेंगे, यही कारण है की बुध ग्रह की नकारात्मकता काफी हद तक शांत रहेंगी।
हालांकि बुध ग्रह खुलकर कोई बड़ा सपोर्ट भी नहीं कर पाएंगे फिर भी भाग्येश का अपने घर में आना भाग्य का कुछ हद तक सपोर्ट दिलाएगा। फ़लस्वरूप मेहनत करने वाले लोगों को भाग्य का सपोर्ट मिल जाने से चीजें तुलनात्मक रूप से ज्यादा आसानी से हो सकेंगी और परिणाम भी कुछ हद तक अनुकूल रहेंगे। कामों में आ रही बाधाओं में कमी देखने को मिलेगी। कुछ धन परोपकार में भी खर्च हो सकता है। हालांकि मान सम्मान बढ़ाने की योग मजबूत होंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में संभव हो तो प्रतिदिन नहीं तो कम से कम बुधवार के दिन गणेश जी को हरी दूब चढ़ाएं, ऐसा करना आपके लिए शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर वृश्चिक राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में आठवें तथा लाभ भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके आठवें में भाव में ही रहेंगे। वैसे तो अधिकांश ग्रहों को आठवें भाव में अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता लेकिन बुध ग्रह को आठवें भाव में अच्छे परिणाम देने वाला कहा गया है। ऊपर से बुध ग्रह अपनी राशि में रहेंगे, इस कारण से बुध ग्रह अपने लेवल पर आपको अनुकूल परिणाम देना चाहेंगे। हालांकि यह अनुकूलता पूरी तरह से आपको डिलीवर नहीं हो पाएगी, क्योंकि 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त और वक्री हैं लेकिन फिर भी कभी कभार प्रत्यक्ष रूप से और अप्रत्याशित रूप से धन लाभ मिल सकता है। कामों में रूकावटों के बाद सफलता मिल सकती है।
इसके अलावा प्रतिस्पर्धात्मक कामों में आप बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने की स्थिति में मान सम्मान भी मिलेगा। इन सबके बावजूद भी वाणी पर संयम रखेंगे तो परिणाम और अच्छे रहेंगे। क्योंकि इस समय वाणी स्थान पर शनि की दृष्टि भी बनी हुई है, साथ ही साथ काफी समय तक मंगल का प्रभाव भी वाणी स्थान पर रहेगा। अतः वाणी पर संयम रखने से अनुकूलता का ग्राफ और बढ़ेगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में ध्यान योग की मुद्रा में बैठकर कम से कम 5 मिनट या उससे अधिक समय तक ओम का उच्चारण करना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर धनु राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में सातवें तथा दशम भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके सप्तम भाव में रहेंगे। सप्तम भाव में बुध ग्रह के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। हालांकि बुध ग्रह अपनी राशि में रहेंगे। इस लिहाज से कुछ अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती थी लेकिन क्योंकि 24-25 जुलाई तक यानी कि इस गोचर के अधिकांश समय बुध ग्रह अस्त भी रहेंगे और वक्री भी रहेंगे, इस कारण से बुध ग्रह से अनुकूल परिणामों की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।
गोचर शास्त्र में सप्तम भाव में बुध के गोचर के लिए कहा गया है कि ऐसा गोचर स्त्री से विवाद करवा सकता है। साथ ही साथ शारीरिक पीड़ा भी दे सकता है। इतना ही नहीं शासन प्रशासन से संबंधित मामलों में नकारात्मक परिणाम देने की बात भी इस गोचर के बारे में कही गई है। यात्रा में व्यवधान और हानि देने का काम भी यह गोचर कर सकता है। कभी कभार चिंताएं भी रह सकती हैं।
हालांकि यदि आप पार्टनर की सुनने की कोशिश करेंगे और पार्टनर की बात पर जल्दी गुस्सा या इरिटेट नहीं होंगे तो स्थितियां संतुलित बने रहेंगी। साझेदारी के कामों में धैर्य पूर्वक काम लेना है, व्यापार व्यवसाय में कोई बड़ा रिस्क नहीं लेना है। यदि आप इन सावधानियां को अपनाएंगे साथ ही साथ थोड़ा सा योग व्यायाम भी करेंगे तो आपको बेहतर अनुकूलता देखने को मिल सकेगी।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में गाय को हर पालक खिलाना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर मकर राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में छठे तथा भाग्य भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके छठे भाव में ही रहेंगे। सामान्य तौर पर छठे भाव में बुध ग्रह के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है, ऊपर से बुध ग्रह अपनी ही राशि में रहेंगे। यह और भी अच्छी स्थिति है लेकिन 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त और वक्री रहेंगे, यह एक कमजोर बिंदु है। यानी बुध ग्रह आपको अनुकूल परिणाम देने की नियति रखेंगे लेकिन पूरी तरह से अनुकूलता देने में पीछे रह सकते हैं।
ऐसे में प्रतिस्पर्धात्मक मामलों में तुलनात्मक रूप से अधिक जागरूकता दिखाने की जरूरत रहेगी। तभी आप औरों से आगे निकल सकेंगे। बुध का यह गोचर आपके मान सम्मान को बढ़ाने में भी मददगार बन सकता है। वहीं यदि आपका काम पढ़ाई लिखाई से संबंधित है अथवा आप कला या साहित्य से जुड़े हुए व्यक्ति हैं तो इस अवधि में आपका प्रदर्शन काफी अच्छा रह सकता है। कर्ज के लेन देन से संबंधित मामलों में भी परिणाम तुलनात्मक रूप से बेहतर रह सकते हैं।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में बुधवार के दिन कन्याओं का पूजन करना और उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर कुम्भ राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
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कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में पांचवें तथा आठवें भाव के स्वामी ग्रह होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके पंचम भाव में ही रहेंगे। वैसे तो पंचम भाव में बुध ग्रह के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता लेकिन अपनी राशि में होने के कारण बुध ग्रह कुछ अच्छे परिणाम देते भी परंतु 24-25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त रहेंगे। इस कारण से अच्छाई देने में पीछे रह सकते हैं। पंचमेश का अस्त रहना साथ ही साथ वक्री रहना मन को अशांत करने का काम कर सकता है।
मन में इधर-उधर के व्यर्थ के ख्याल आ सकते हैं। बुध का अस्त होना साथ ही साथ वक्री होना संतान और शिक्षा से संबंधित मामलों में भी कमजोरी दे सकता है। इस कारण से 25 जुलाई तक का समय थोड़ा सा कमजोर कहा जाएगा। बाद के समय को तुलनात्मक रूप से बेहतर कहा जाएगा। बुध का यह गोचर योजनाओं में कठिनाई या असफलता देने का काम भी कर सकता है। अतः जल्दबाजी की बजाय अच्छी योजना बनाएं, साथ ही साथ एक्सपर्ट एडवाइस भी लेते चलें। ऐसा करने की स्थिति में परिणाम तुलनात्मक रूप से बेहतर हो सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में गाय को हरा चारा खिलाना शुभ रहेगा। आइए अब जान लिया जाय कि बुध का मिथुन राशि में गोचर मीन राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए बुध आपकी कुंडली में चौथे तथा सातवें भाव के स्वामी होते हैं और मिथुन राशि में गोचर करने की अवधि में बुध ग्रह आपके चौथे भाव में ही रहने वाले हैं। बुध ग्रह के गोचर को सामान्य तौर पर चौथे भाव में अच्छे परिणाम देने वाला माना गया है। ऊपर से बुध ग्रह अपनी ही राशि में रहेंगे, यह और भी अच्छी स्थिति होती लेकिन 25 जुलाई तक बुध ग्रह अस्त और वक्री स्थिति में रहेंगे। इस कारण से अनुकूलता देने में पीछे रह सकते हैं। हालांकि बुध का यह गोचर घर गृहस्थी के सुख को बढ़ाने की कोशिश करेगा लेकिन प्रत्यक्ष परिणाम 25 जुलाई के बाद ही देखने को मिलेंगे।
माता से संबंधित परेशानियों को दूर करने में भी यह गोचर आपकी मदद करना चाहेगा। यदि आप प्रैक्टिकल कोशिश भी कर रहे होंगे तो आपको बेहतर परिणाम मिल सकेंगे। जमीन जायदाद से संबंधित मामलों में भी ऐसे ही परिणाम देखने को मिल सकते हैं। घरेलू सुख शांति के अलावा बड़े लोगों से मित्रता करवाने में भी बुध ग्रह का यह गोचर आपकी मदद करना चाहेगा। यानी कि सामान्य तौर पर बुध ग्रह का यह गोचर आपकी मदद करना चाहेगा लेकिन मदद का अधिकांश भाग व्यर्थ हो सकता है। हालांकि 25 जुलाई के बाद परिणाम काफी अच्छे रह सकते हैं।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में भगवान गणेश की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर कब होगा?
वक्री बुध 07 जुलाई 2026 को मिथुन राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
2. मिथुन राशि का स्वामी कौन है?
मिथुन राशि के अधिपति देव बुध ग्रह है इसलिए इनका गोचर अपनी राशि में होगा।
3. ग्रह की वक्री अवस्था किसे कहते हैं?
ज्योतिष में जब कोई अपने परिक्रमा पथ पर चलता हुआ उल्टा प्रतीत होता है, तो इसे ग्रह का वक्री होना कहा जाता है।
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