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राहू ग्रह का 12 भावों में फल लाल किताब के अनुसार

लाल किताब में राहु ग्रह को नष्टकारी ग्रह बताया गया है। राहु का प्रभाव टेवा (कुंडली) के 12 खानों में भिन्न-भिन्न रूप से पड़ता है। परंतु ऐसा नहीं है कि राहु व्यक्ति को सदैव बुरे फल देता है। यदि यह ग्रह कुंडली में उत्तम हो तो जातक को इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। जैसा कि हम जानते हैं कि कुंडली के 12 भाव व्यक्ति के जीवन से लेकर मरण तक की यात्रा को बताते हैं। इसलिए हमारे लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि लाल किताब के अनुसार राहु का 12 भावों में प्रभाव किस प्रकार से पड़ता है :-

लाल किताब में राहु ग्रह का महत्व

लाल किताब के अनुसार राहु ग्रह का 12 भावों में प्रभाव ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में लाल किताब अपने आसान उपाय के लिए अधिक प्रचलित है। हालाँकि ज्योतिष से संबंधित इस किताब में विस्तृत ज्ञान है। परंतु यह वैदिक ज्योतिष से भिन्न है। लाल किताब के अनुसार राहु ग्रह सब कुछ नष्ट करने वाला ग्रह है। परंतु यह अच्छे और बुरे विचारों को जन्म देने वाला ग्रह है।

वहीं वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहु एक छाया ग्रह है जिसका कोई भी भौतिक स्वरूप नहीं है। हिन्दू ज्योतिष में राहु को एक पापी ग्रह माना गया है। ज्योतिष में राहु ग्रह को किसी भी राशि का स्वामित्व प्राप्त नहीं है। लेकिन मिथुन राशि में यह उच्च होता है और धनु राशि में यह नीच भाव में होता है।

लाल किताब के अनुसार, सूर्य के साथ शनि या शुक्र हो तो राहु का प्रभाव मंदा हो जाता है। हालाँकि कमजोर राहू चंद्रमा के उपाय के लिए सहायक है। क्योंकि चंद्रमा से राहु शांत होता है। परंतु राहु को शांत करने में चंद्रमा का प्रभाव कमज़ोर हो जाता है।

यदि किसी जातक की टेवा में मंगल मजबूत हो तो वह राहू को दबाकर रखेगा। लाल किताब के अनुसार, बुध शनि और केतु राहु के मित्र ग्रह हैं। जबकि सूर्य, मंगल और शुक्र राहु के दुश्मन ग्रह माने जाते हैं।

राहु ग्रह के कारकत्व

मनुष्य के मस्तिष्क में राहु अच्छे-बुरे विचारों को जन्म देता है। इसका वर्ण नीला है। इसलिए नीले रंग का विष, नीला थोथा आदि जो अपना प्रभाव दिखाकर नीला रंग देते हैं वे सभी राहु का प्रतिनिधित्व करते हैं। हाथी, बिल्ली, सिक्का, शत्रु, बिजली, मक्कारी व नीचता ये सभी राहु ग्रह के प्रतीक माने जाते हैं।

लाल किताब के अनुसार राहु ग्रह का संबंध

लाल किताब के अनुसार, राहु ग्रह का संबंध विद्या की देवी माँ सरस्वती से है। इसके साथ ही राहु ख़ुफ़िया पुलिस, ख़ुफ़िया महकमा, जेल, ससुराल, भूचाल, जौं, सरसों, जंगली चूहा, चालबाज़, कच्चा कोयला, काला कुत्ता, गंदी नाली, लोहे में लगने वाली जंग, काना, लंगड़ा, प्लेग, बुखार, भय आदि चीज़ों का संबंध राहु ग्रह से दर्शाया जाता है। राहु का संबंध गोमेद रत्न, आठ मुखी रुद्राक्ष और नागरमोथा की जड़ी से है।

लाल किताब के अनुसार राहु ग्रह का प्रभाव

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु ग्रह मजबूत होता है तो जातक को इसके बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। यह व्यक्ति को आध्यात्मिक क्षेत्र में सफलता दिलाता है तथा मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। राहु ग्रह अपने मित्र ग्रहों के साथ बली होता है। जबकि इसके विपरीत यदि किसी जातक की कुंडली में राहु की स्थिति कमज़ोर होती है अथवा वह पीड़ित है तो जातक के लिए यह अच्छा नहीं माना जाता है।

राहु अपने शत्रु ग्रहों के साथ कमज़ोर होता है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि व्यक्ति के जीवन में राहु का प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से पड़ता है। आइए जानते हैं राहु के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव क्या हैं:

  • सकारात्मक प्रभाव - यदि राहु किसी जातक की कुंडली में शुभ हो तो व्यक्ति के मस्तिष्क में शुभ विचार उत्पन्न होते हैं जिससे वह अच्छे कार्यों को अंजाम देता है। यदि किसी जातक की बुद्धि सही दिशा में लगे वह ऊँचाइयों को प्राप्त कर सकता है। राहु के सकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति बुद्धि से काम लेता है और यदि कोई व्यक्ति अपनी बुद्धि के कार्य करता है तो बड़े से बड़ा पहाड़ हिला सकता है।

  • नकारात्मक प्रभाव - किसी व्यक्ति के टेवा में कमज़ोर राहु के कारण उसे कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ये समस्याएँ मानसिक और शारीरिक रूप से भी हो सकती हैं। पीड़ित राहु के कारण हिचकी, पागलपन, आँतों की समस्या, अल्सर, गैस्ट्रिक आदि की समस्याएँ जन्म लेती हैं। अतः कुंडली में राहु ग्रह को मजबूत करना चाहिए।

राहु ग्रह के लिए लाल किताब के उपाय

ज्योतिष में लाल किताब के उपाय को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। अतः लाल किताब में राहु ग्रह की शांति के टोटके जातकों के लिए बहुत ही लाभकारी और सरल होते हैं। अतः इन्हें कोई भी व्यक्ति आसानी से स्वयं कर सकता है। राहु ग्रह से संबंधित लाल किताब के उपाय करने से जातकों को राहु ग्रह के सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। राहु ग्रह से संबंधित लाल किताब के उपाय निम्नलिखित हैंः

  • चाँदी का सिक्का सदैव अपने पास रखें
  • चलते दरिया (बहते हुए पानी) में राहु की वस्तुओं को बहाएँ
  • गंगा स्नान करें
  • काले कुत्ते को पालें अथवा उसे खाना खिलाएँ
  • अंधे लोगों का सहारा बनें
  • मांस-मछली एवं शराब इत्यादि मादक पदार्थों का सेवन न करें
  • भ्रष्टाचार से सदैव दूर रहें
  • निर्धन व्यक्ति की आर्थिक रूप से सहायता करें
  • लोहे का छल्ला अथवा कड़ा पहनना लाभदायक रहेगा।

लाल किताब के उपाय ज्योतिष विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित हैं। अतः ज्योतिष में इस पुस्तक को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उम्मीद है कि राहु ग्रह से संबंधित लाल किताब में दी गई यह जानकारी आपके कार्य को सिद्ध करने में सफल होगी।

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