शुक्र का मीन राशि में गोचर (02 मार्च 2026)
शुक्र का मीन राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, सौहार्द, विलासिता, रचनात्मकता, आनंद और भौतिक सुविधाओं का कारक माना जाता है। अब यह 02 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 38 मिनट पर मीन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। यह मनुष्य जीवन में रोमांस, विवाह, कला, कामुकता, सामाजिक जीवन और धन-समृद्धि का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र महाराज मज़बूत स्थिति में होते हैं, तो वह आकर्षक व्यक्तित्व, अच्छी पसंद, भावनात्मक रूप से संतुलित और जीवन का आनंद लेने में सक्षम होता है। वहीं, कुंडली में शुक्र देव की स्थिति कमज़ोर होती है, तो वह जातक के प्रेम जीवन में समस्याएं, आत्म संदेह या आर्थिक समस्याओं का कारण बनता है।
शुक्र देव राशि चक्र में तुला राशि और वृषभ राशि के भी स्वामी हैं जो स्थिरता, सुंदरता, संतुलन और कूटनीति का प्रतीक मानी जाती है। वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह वैवाहिक और निजी जीवन में खुशियाँ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह मीन राशि में उच्च अवस्था में होते हैं जिसके स्वामी देवगुरु बृहस्पति है।
वैज्ञानिक दृष्टि से, सूर्य के बाद शुक्र दूसरा ग्रह है और यह आकाश में चंद्रमा के बाद सबसे ज्यादा चमकने वाला ग्रह है। सामान्य रूप से, शुक्र को आसमना में सुबह या शाम के समय देखा जा सकता है। शुक्र ग्रह का वायुमंडल कार्बन डाइऑक्साइड से बना है जिसके चारों ओर सल्फ्यूरिक एसिड की मोती परत बनी हुई है जिसकी वजह से यह सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह बन जाता है, बुध से भी ज्यादा गर्म।
शुक्र ग्रह को जो बात सबसे अलग बनाती है वह है कि यह बहुत कम वक्री होते हैं और ज्यादातर मार्गी अवस्था में ही भ्रमण करते हैं। साथ ही, शुक्र ग्रह का एक दिन धरती के एक साल से भी ज्यादा लंबा होता है। शुक्र ग्रह के यह खोगीलीय लक्षण ज्योतिष में शुक्र की विशेषताओं से मेल खाते हैं जैसे कि गहरी भावनाएं, इच्छा और आकर्षण आदि।
एस्ट्रोसेज एआई का यह आर्टिकल आपको “शुक्र का मीन राशि में गोचर’ जीवन के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों को किस तरह से प्रभावित करेगा, इसके बारे में विस्तार से बताएगा। आइए अब हम बिना देर किए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं सभी 12 राशियों पर शुक्र गोचर का प्रभाव।
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शुक्र का मीन राशि में गोचर: राशि अनुसार प्रभाव और उपाय
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके आपके सातवें और दूसरे भाव के स्वामी हैं। बता दें कि कुंडली में सातवां भाव विवाह और दूसरा भाव धन का होता है। अब शुक्र का मीन राशि में गोचर आपके बारहवें भाव में होने जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, जो जातक अभी तक सिंगल है और एक अच्छा प्रस्ताव मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं, उनके लिए इस समय को अच्छा कहा जाएगा। अगर आप विवाह बंधन में बंधने के बारे में सोच-विचार कर रहे हैं, तो शुक्र का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा। वहीं, इस राशि के शादीशुदा जातकों को अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा क्योंकि आपके सातवें भाव के स्वामी के रूप में शुक्र का बारहवें भाव पर प्रभाव आपकी सेहत को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने का काम कर सकता है और ऐसे में, आपको स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं।
धन से जुड़े मामलों में आपको सोच-समझकर फैसले लेने होंगे क्योंकि दूसरे भाव के स्वामी बारहवें भाव में उपस्थिति आपके खर्चों को बढ़ा सकते हैं। इस अवधि में आप बेकार की खरीदारी करते हुए नज़र आ सकते हैं। साथ ही. आप लंबी दूरी की यात्रा पर काफ़ी धन ख़र्च कर सकते हैं। कुल मिलाकर, आपको शुक्र का मीन राशि में गोचर के दौरान स्वास्थ्य और आर्थिक जीवन में संतुलन बनाकर चलने की सलाह दी जाती है।
उपाय: घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में चांदी से बनी लक्ष्मी माता की मूर्ति रखें।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज आपके लग्न भाव के स्वामी हैं जो अब आपके ग्यारहवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। बता दें कि कुंडली में ग्यारहवां भाव इच्छाओं की पूर्ति का होता है जहाँ शुक्र ग्रह उच्च अवस्था में होते हैं। इसके परिणामस्वरूप, शुक्र का मीन राशि में गोचर का समय आपके लिए बेहद शुभ कहा जाएगा। अगर आपका काम या व्यापार का संबंध शुक्र ग्रह से जुड़ा है, तो यह समय आपके लिए कई सुनहरे अवसर लेकर आएगा।
इस अवधि में आप अपने दोस्तों के साथ कुछ महत्वपूर्ण बातें करते हुए नज़र आ सकते हैं। साथ ही, आपको अपने दोस्तों, करीबियों और बिज़नेस नेटवर्क से निमंत्रण मिलने की संभावना है। आख़िरकार अब आप जान सकेंगे कि आप अपने जीवन में किस तरह का भौतिक सुख प्राप्त करना चाहते हैं। साथ ही, आप निजी और पेशेवर जीवन में प्रगति प्राप्त करने के इच्छुक होंगे।
शुक्र का यह गोचर आपके ताऊ या चाचा के साथ-साथ आपकी बहन को भी लाभ करवा सकता है और आपका उनके साथ रिश्ता काफ़ी मज़बूत होगा। बता दें कि शुक्र देव आपके छठे भाव के भी स्वामी हैं इसलिए इस समय आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। इसके अलावा, वृषभ राशि के जातकों का रिश्ता अपने मामा के साथ अच्छा रहेगा और आपकी सहायता से उन्हें आर्थिक लाभ की प्राप्ति होगी।
जो लोग किसी विवाद या क़ानूनी मामलों में फंसें हैं, उनके लिए यह समस्य अनुकूल रहेगा और आप अपने दुश्मनों को दोस्त बनाने में सक्षम होंगे। कुल मिलाकर, वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र का मीन राशि में गोचर ख़ुशियों से पूर्ण और फलदायी रहेगा क्योंकि इस दौरान आपके लक्ष्य और सपने दोनों पूरे होंगे।
उपाय: शुक्रवार के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें कमल का फूल अर्पित करें।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र देव पांचवें और बारहवें भाव के अधिपति देव हैं जो अब आपके दसवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। दसवों भाव का संबंध नौकरी और करियर से होता है और ऐसे में, इस भाव में शुक्र का मीन राशि में गोचर का होना आपके करियर के लिए बहुत शुभ कहा जाएगा। इस दौरान आपकी रचनात्मक में वृद्धि होगी और आप करियर के संबंध में सही फैसले लेने में सक्षम होंगे। आप अपनी क्षमताओं का सदुपयोग कर सकेंगे और आपको अपनी वरिष्ठों एवं सहकर्मियों से प्रशंसा और सराहना की भी प्राप्ति होगी। इन जातकों का रिश्ता अपने सहकर्मियों के साथ सौहार्दपूर्ण बना रहेगा। इसके अलावा, आपको नौकरी के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे, विशेष रूप से विदेश से या फिर आपको काम के सिलसिले में विदेश यात्रा करनी पड़ सकती है।
अगर आप किसी मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं, तो आप काफी यात्राएं करते हुए नज़र आ सकते हैं जो आपके लिए फलदायी रहने की संभावना है। बता दें कि शुक्र का मीन राशि में गोचर पेशेवर जीवन में प्रगति के लिए बहुत शुभ रहेगा क्योंकि आपके नौवें भाव के स्वामी शनि देव भी इस भाव में विराजमान होंगे। इस अवधि में आपकी मुलाकात किसी ख़ास से हो सकती है, लेकिन यह किसी दूसरे धर्म का हो सकता है।
उपाय: रात भर चाँदी के गिलास में जल भरकर चाँद की रोशनी में रखें और इस पानी को सुबह पिएं।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके ग्यारहवें भाव और चौथे भाव के स्वामी हैं। बता दें कि कुंडली में ग्यारहवां भाव इच्छाओं की पूर्ति और धन लाभ का होता है जबकि चौथे भाव का जुड़ाव आंतरिक शांति, भावनाओं, पारिवारिक ख़ुशी और माँ एवं देश की चिंता से होता है। ऐसे में, शुक्र का मीन राशि में गोचर आपके घर यानी कि नौवें भाव में होने जा रहा है जिसे आपके लिए शानदार कहा जाएगा।
शुक्र का मीन राशि में गोचर की अवधि में स्त्री ऊर्जा से जुड़े कार्यों में भाग लेना आपके लिए फलदायी साबित होगा। साथ ही, आपका झुकाव धार्मिक कार्यों के प्रति बढ़ेगा। यह समय धार्मिक या आध्यात्मिक यात्राओं की योजना बनाने के लिए भी उत्तम रहेगा। कार्य से संबंधित यात्राएं, विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्राएं, इस दौरान आर्थिक रूप से लाभदायक रहेंगी। साथ ही, यह आपको मानसिक संतुष्टि देने का काम करेंगी। परिवार या मित्रों के साथ की गई यात्राएं भी आपके लिए शुभ रहेंगी। शुक्र गोचर के दौरान आप परिवार से जुड़े लक्ष्यों को हासिल करने में समर्थ होंगे और ऐसे में, आप कोई बड़ी खरीद जैसे कार, घर या सजावट का कोई सामान खरीद सकते हैं।
उपाय: कार्यक्षेत्र पर श्रीयंत्र रखें और उसकी नियमित रूप से पूजा करें।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज आपके आठवें भाव में गोचर करने जा रहे हैं। आपकी कुंडली में शुक्र आपके दसवें भाव और तीसरे भाव के स्वामी हैं। बता दें कि दसवां भाव करियर और नौवें भाव का संबंध साहस, संचार कौशल और छोटे भाई-बहन से होता है। ऐसे में, शुक्र का मीन राशि में गोचर आपके लिए बहुत शुभ रहेगा और इस दौरान आपका व्यक्तित्व आकर्षक बनेगा इसलिए दूसरे लोग आपकी तरफ आसानी से आकर्षित हो सकते हैं। यह समय उन लोगों के लिए विशेष रहेगा जिनका संबंध सोशल मीडिया, कंटेंट क्रिएटर, फिल्म, टेलीविज़न, मीडिया या मास कम्युनिकेशन से है।
बता दें कि आठवें भाव में बैठे शुक्र महाराज की दृष्टि आपके दूसरे भाव पर होगी और ऐसे में, आपको अच्छा ख़ासा लाभ होगा। यह अवधि आपके लिए प्रगति लेकर आएगी, विशेष रूप से उनके लिए जो बैंक, बीमा या रेवेन्यू सेक्टर से संबंध रखते हैं। आपका प्रभावी संचार कौशल बड़े पद पर बैठे लोगों को ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने में सफल रहेगा जिसकी सहायता से आप करियर में तरक्की पाने में सक्षम होंगे। हालांकि, आठवें भाव को ज्यादा अच्छा नहीं माना जाता है और इस भाव में शुक्र महाराज की उपस्थिति आपको सकारात्मक परिणाम देने का काम करेगी। साथ ही, इस दौरान जीवनसाथी के साथ संयुक्त संपत्ति में वृद्धि होगी और आपका रिश्ता ससुराल पक्ष के साथ मधुर बना रहेगा। हालांकि, आपको आलस से बचने की सलाह दी जाती है।
उपाय: प्रतिदिन कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र देव आपके सातवें भाव में गोचर करेंगे और ऐसे में, यह समय आपकी सामाजिक छवि के लिए बहुत अच्छा रहेगा। शुक्र का मीन राशि में गोचर आपकी छवि में सुधार होगा और दूसरों की निगाहें इस दौरान आप पर टिकी रहेंगी। सातवें भाव में बैठकर शुक्र ग्रह की दृष्टि आपके लग्न भाव पर पड़ रही होगी जिसके चलते आप खुश, प्रेमपूर्ण और आनंदित दिखाई देंगे। इस दौरान शुक्र आपको आर्थिक जीवन को बेहतर बनाने के भी अवसर प्रदान करेगा क्योंकि यह आपके धन भाव अर्थात दूसरे भाव और सौभाग्य कजे भाव यानी कि नौवें भाव के भी स्वामी हैं।
शुक्र गोचर के दौरान जीवनसाथी के सहयोग से आपको धन लाभ होने की संभावना है। अविवाहित लोगों के लिए आर्थिक निर्णय लेते समय पिता, गुरु या मेंटर की सलाह लेना लाभकारी साबित होगा। सातवें भाव में शुक्र ग्रह की मौजूदगी की वजह से आप और जीवनसाथी एक-दूसरे के साथ ख़ुश दिखाई देंगे। इस राशि के जो जातक अविवाहित हैं, उनके लिए यह समय सगाई करने या विवाह की तारीख तय करने के लिए उत्तम साबित हो सकता है। हालांकि, आपके लिए अपने खर्चों को नियंत्रण में करना बेहद कठिन होगा क्योंकि आपके सामने एक के बाद एक खर्चे आ सकते हैं। शुक्र गोचर की अवधि को व्यापार करने वाले जातकों के लिए अच्छा कहा जाएगा क्योंकि इस दौरान आपको कमर्शियल पार्टनरशिप से लाभ प्राप्त होगा।
उपाय: आप अपनी जेब या पर्स में चांदी का चौकोर टुकड़ा रखें।
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तुला राशि
तुला राशि वालों की कुंडली में शुक्र महाराज छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं और इस भाव में यह उच्च अवस्था में होंगे। इसके परिणामस्वरूप, इन जातकों को अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। शुक्र का मीन राशि में गोचर के दौरान आपके अपने मामा और चाचा के साथ रिश्ते काफ़ी अच्छे रहेंगे और आपकी सहायता से उन्हें अच्छा लाभ प्राप्त होगा। सहकर्मियों के साथ आपके रिश्ते सकारात्मक रहेंगे जिससे कार्यस्थल का वातावरण अच्छा बना बेहतर बनेगा। जो जातक रचनात्मक, फैशन या डांस से जुड़ी किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए तैयारी करने जा रहे हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल रहेगा।शुक्र देव आपके आठवें भाव के स्वामी हैं और ऐसे में, छठे भाव में इनकी मौजूदगी आपके लिए विपरीत राजयोग का निर्माण करेगी। शुक्र का मीन राशि में गोचर बैंकिंग, पीआर, बीमा और रेवेन्यू से जुड़े क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा। अगर आप काफ़ी समय से समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो अब परिस्थितियां इन चुनौतियों को अवसर में बदलने का मौका देंगी।
उपाय: दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली में अच्छी गुणवत्ता का हीरा या ओपल रत्न धारण करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र महाराज आपके सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। कुंडली में सातवां भाव प्रेम जीवन और बारहवां भाव खर्चों का होता है। शुक्र का मीन राशि में गोचर आपके पांचवें बाव में उच्च अवस्था में होने जा रहा है। बता दें कि शुक्र देव का संबंध आनंद, प्रेम, सुख, संतुष्टि और रोमांस से होता है और ऐसे में, जब यह पांचवें भाव में प्रवेश करेगा, तब इस स्थिति को वृश्चिक राशि वालों के लिए अनुकूल कहा जाएगा।
शुक्र गोचर के प्रभाव से प्रभाव से आपका जीवन आनंदमय हो सकता है, विशेष रूप से यदि आप अपने जीवनसाथी या बच्चों के साथ समय बिताएंगे। अविवाहित जातकों की किसी दूसरे देश या अलग संस्कृति के व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है, जो आगे चलकर रिश्ते में बदल सकती है। इस समय रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी फायदा होगा। साथ ही, जिन जातकों का संबंध सोशल मीडिया, फिल्मों और एंटरटेनमेंट जगत से हैं, उनके लाभ में अपार वृद्धि होने की संभावना है। इस दौरान की गई यात्राएं भी आपको मानसिक शांति प्रदान करेंगी जिससे यह समय कुल मिलाकर आनंददायक और फलदायी साबित होगा।
उपाय: शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए प्रत्येक शुक्रवार भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें।
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धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके ग्यारहवें भाव और छठे भाव के स्वामी हैं। सामान्य शब्दों में कहें, तो शुक्र महाराज आपके सपनों, इच्छाओं, भौतिक सुख और सामाजिक जीवन को नियंत्रित करते हैं। हालांकि, शुक्र देव आपके लग्न भाव के स्वामी गुरु के साथ शत्रुत्व भाव का रखते हैं, लेकिन फिर भी इनका चौथे भाव से गोचर करना आपके लिए अत्यंत शुभ माना जाएगा। ऐसे में, शुक्र का मीन राशि में गोचर आपके लिए कार जैसी बड़ी खरीद के योग बना सकता है।
शुक्र का यह गोचर वृश्चिक राशि के उन जातकों के लिए प्रगति लेकर आएगा जिनका संबंध आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिज़ाइन, सेल्स या कार की खरीद-बिक्री, होम हर्निशिंग या रियल एस्टेट से है। संभव है कि यह जातक अपने प्रियजनों या करीबियों को अपने घर पर आमंत्रित कर सकते हैं और ऐसे में, आप ख़ुशी के पल बिताते हुए दिखाई देंगे। शुक्र गोचर की अवधि में आप पारिवारिक जीवन भी आनंद लेंगे और आपको सदस्यों का हर कदम पर साथ मिलेगा। साथ ही, आप अपनी माता के साथ समय बिताना पसंद करेंगे।
उपाय: आप अपनी माता और परिवार की सभी स्त्रियों का आदर करें। माता लक्ष्मी की पूजा करें।
मकर राशि
मकर राशिवालों के लिए शुक्र महाराज आपके पांचवें और केंद्र भाव यानी कि दसवें भाव के स्वामी हैं जिससे यह आपके लिए योगकारक ग्रह बन जाते हैं। बता दें कि शुक्र का यह गोचर आपके तीसरे भाव में होने जा रहा है और इस भाव का संबंध साहस, संचार कौशल और छोटे भाई-बहनों से है। ऐसे में, शुक्र का मीन राशि में गोचर इन जातकों के करियर के लिए प्रहति लेकर आएगा, विशेष रूप से उन लोगों के लिए रचनात्मक और कलात्मक क्षेत्रों जैसे मीडिया आदि से संबंध रखते हैं इसलिए अब आपको अपनी मेहनत और लगन का परिणाम प्राप्त होगा।
शुक्र गोचर के दौरान आपका भाग्य आपकी मुलाकात कुछ ख़ास लोगों से करवा सकता है और आपको कुछ सुनहरे अवसर भी दे सकता है। इसके अलावा, आप स्वादिष्ट डिनर, पिकनिक और छोटी-छोटी यात्राओं का आनंद ले सकते हैं जो आपको खुशी देने का काम करेंगी। छोटे भाई-बहनों और रिश्तेदारों के साथ समय बिताना भी आपको अच्छा लगेगा।
उपाय: आप अपने घर या कमरे में रोज़ क्वार्ट्ज क्रिस्टल को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें।
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कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह आपके चौथे भाव अर्थात त्रिकोण भाव के स्वामी हैं जो पारिवारिक जीवन, माता, गृह और आंतरिक संतुष्टि का भाव होता है। साथ ही, शुक्र आपके नौवें भाव के भी अधिपति देव हैं और इस भाव का संबंध धन और भाग्य से होता है। शुक्र देव अब आपकी कुंडली में मज़बूत स्थिति में होते हैं और इनका गोचर आपके दूसरे भाव में उच्च अवस्था में होगा। यह भाव धन से संबंधित होता है। शुक्र का मीन राशि में गोचर आपकी आर्थिक स्थिति को मज़बूत बनाने के लिए शानदार रहेगा। इस दौरान आप खुद को मिलने वाले आय में वृद्धि के अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम होंगे। साथ ही, आपको अपने माता-पिता के माध्यम से भी लाभ की प्राप्ति होगी।
अगर आप धन से जुड़ा कोई बड़ा फैसला लेने के बारे में सोच रहे हैं, तो आप शुक्र का मीन राशि में गोचर की अवधि में इस दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। इस समय आपके द्वारा किए गए फैसले आपको भावनात्मक संतुष्टि देने का काम करेंगे। शुक्र महाराज की इस भाव में उपस्थिति आपके बातचीत करने की क्षमता को भी प्रभावित करेगी और ऐसे में, आप दूसरों से बहुत विनम्रता से बात करते हुए नज़र आएंगे। इसके अलावा, आपका रिश्ता परिवार के सदस्यों के साथ काफी मज़बूत रहेगा और आप उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताना चाहेंगे।
उपाय: आप ज्यादा से ज्यादा सफ़ेद या गुलाबी रंग के कपड़े पहनें, विशेष रूप से शुक्रवार को।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए शुक्र देव आपके तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं जो अब आपके लग्न भाव में उच्च अवस्था में गोचर करने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, यह समय अपने पर ध्यान देने और अपनी देखभाल करने के लिए श्रेष्ठ रहेगा। शुक्र का मीन राशि में गोचर आपके व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने का काम करेगा और ऐसे में, आप दूसरों को अपनी तरफ आकर्षित करने में सक्षम होंगे। आपका आकर्षक व्यक्तित्व और चेहरे की चमक दूसरों के मन को मोह लेने का काम करेगी। आपके व्यक्तित्व का आकर्षक होना विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद रहेगा जो कैमरा या सोशल मीडिया से संबंध रखते हैं क्योंकि इससे आपके फॉलोअर्स की संख्या में भी वृद्धि होने की संभावना है। शुक्र गोचर के दौरान आपकी सामाजिक छवि में सुधार होगा जो आपके लिए लाभदायक साबित होगा।
शुक्र आपके तीसरे भाव के स्वामी हैं जो आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भाव है जबकि आठवें भाव का संबंध अचानक से होने वाली घटनाओं से होता है। ऐसे में, आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आने के लिए दृढ़ता के साथ बड़े फैसले ले सकेंगे। शुक्र के इस गोचर के दौरान आप ऐश्वर्यपूर्ण जीवन जीने में सक्षम होंगे।
उपाय: रोज़र परफ्यूम लगाएं और शारीरिक साफ़-सफाई का ध्यान रखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. शुक्र का मीन राशि में गोचर कब होगा?
शुक्र का मीन राशि में गोचर 02 मार्च 2026 को होने जा रहा है।
2. सौरमंडल में सूर्य के बाद सबसे चमकीला ग्रह कौन सा है?
खगोल शास्त्र के अनुसार, सूर्य के बाद शुक्र ग्रह को सौमंडल का सबसे चमकीला ग्रह माना जाता है।
3. क्या शुक्र और गुरु ग्रह मित्र हैं?
ज्योतिष में शुक्र और बृहस्पति देव एक-दूसरे के प्रति शत्रुता के भाव रखते हैं।
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