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शुक्र का कुंभ में गोचर - 22 मार्च, 2019

शुक्र ग्रह को अंग्रेजी में वीनस और उर्दू में ज़ोहरा के नाम से जाना जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार नैसर्गिक रूप से इसे एक शुभ ग्रह और जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुखों को देने वाला माना गया है। शुक्र की कृपा से ही विभिन्न प्रकार की सुख सुविधाएँ जीवन में प्राप्त होती है और व्यक्ति का दांपत्य जीवन भी खुशहाल रहता है। स्त्रियोचित गुणों को प्रदान करने में शुक्र ग्रह का प्रमुख योगदान होता है। वैदिक ज्योतिष में इसे वृषभ तथा तुला राशि का अधिपति ग्रह माना गया है। इसके अतिरिक्त मीन राशि में ये उच्च का तथा कन्या राशि में नीच का होता है। तुला इसकी स्वराशि होने के साथ-साथ मूल त्रिकोण राशि भी होती है। भरणी, पूर्वाफाल्गुनी तथा पूर्वाषाढ़ा शुक्र के नक्षत्र हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार शुक्र ग्रह को ज्येष्ठ मास का स्वामी माना जाता है। शुक्र की प्रिय वस्तुएँ चाँदी, हीरा तथा चमकदार श्वेत वस्त्र हैं। शनि और बुध शुक्र के मित्र हैं तथा सूर्य और चंद्र शत्रु। यह दक्षिण पूर्व दिशा का स्वामी माना जाता है तथा वसंत ऋतु और जल तत्व पर अधिपत्य रखता है। शुक्र के प्रभाव को बढ़ाने के लिए हीरा रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। इसके अतिरिक्त शुक्र यंत्र धारण करने अथवा स्थापित करने से भी शुक्र ग्रह का अनुकूल प्रभाव प्राप्त होता है। गाय की सेवा करने से शुक्र प्रसन्न होता है तथा स्त्रियों का सम्मान करने से भी शुक्र ग्रह से संबंधित अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं।

शुक्र का कुंभ में गोचर

कुंडली में शुक्र की स्थिति

कुंडली में शुक्र की मजबूत स्थिति व्यक्ति को सभी सुखों की प्राप्ति कराती है जिससे जीवन में प्रेम की वृद्धि होती है। वहीं दूसरी ओर यदि कुंडली में शुक्र कमजोर स्थिति में हो तो व्यक्ति यौन रोगों से पीड़ित हो सकता है तथा उसके दांपत्य जीवन और प्रेम जीवन में कठिनाइयाँ आती है और व्यक्ति सुख सुविधाओं के लिए तरस जाता है। इसके अलावा शुक्र के दुष्प्रभावों के फलस्वरुप व्यक्ति को कील मुहांसों की समस्या, नपुंसकता, अपच, भूख ना लगना तथा त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। जिस प्रकार देव गुरु बृहस्पति हैं, उसी प्रकार शुक्र को दैत्य गुरु माना जाता है। शुक्र ग्रह की महादशा सबसे अधिक 20 वर्ष की होती है। शनि के लग्नों अर्थात मकर और कुंभ के लिए शुक्र योग कारक ग्रह माना जाता है जो जातकों को राज योग देता है। इसे प्रेम, कला और सामाजिक जीवन का कारक कहा जाता है। शुक्र के शुभ प्रभाव से सौंदर्य, जीवन शक्ति और भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।

पढ़ें : शुक्र ग्रह के उपाय!

यह विलासिता, सुख, समृद्धि, वाहन, अभिनय, विभिन्न प्रकार की कलाओं प्रदाता ग्रह है। जो मनुष्य की इच्छाओं में वृद्धि करता है और उनकी प्राप्ति के लिए उन्हें प्रोत्साहित भी करता है। वर्ष 22 मार्च 2019, शुक्रवार को शुक्र ग्रह प्रातः 03:34 बजे कुंभ राशि में गोचर करेगा और 16 अप्रैल 2019, मंगलवार सुबह 00:55 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा, जिसके चलते शुक्र के कुंभ राशि में होने वाले गोचर का सभी राशियों पर असर होगा। शुक्र ग्रह विवाह, आपसी संबंध और व्यावसायिक साझेदारी का कारक भी होता है इसलिए इसके गोचर के दौरान प्रत्येक राशि के लोगों के वैवाहिक और व्यावसायिक जीवन पर इसका सीधा असर देखा जाएगा। आइए अब जानते हैं कि इस गोचर का आपके जीवन पर क्या प्रभाव होगा?

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मेष राशि

शुक्र देव आपकी राशि के लिए द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी हैं और आपके 11वें भाव में गोचर कर रहे हैं। इस गोचर के दौरान आपको अचानक अप्रत्याशित आय के योग बनेंगे और आप अपने जीवन में कोई नई उपलब्धि हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। शुक्र ग्रह का ये गोचर आपकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में पूरा सहयोग करेगा तथा आपकी लव लाइफ भी बेहद खुशनुमा रहेगी। आपके रिश्ते में प्यार और रोमांस की वृद्धि होगी तथा आपका प्रेम परवान चढ़ेगा। समाज में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आपकी तरक्की होगी तथा घर पर समृद्धि और खुशहाली आएगी। इस गोचर के दौरान आपको अपने प्रियतम के साथ बढ़िया वक्त बिताने का पूरा पूरा मौका मिलेगा और इससे आपके बीच की दूरियाँ कम होंगी और नज़दीकियों में वृद्धि होगी। इस गोचर के परिणाम स्वरुप आपको अपने भाई बहनों और मित्रों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा और ये गोचर आपकी राशि के लिए अनुकूल साबित होगा। इस गोचर से आपको मुख्य रूप से अपने व्यक्तिगत मामलों में और आर्थिक तथा व्यावसायिक मामलों में अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। इस दौरान आप खुलकर भौतिक सुख-सुविधाओं का आनंद उठाएंगे और इस दौरान मुमकिन है कि आपका कोई नया संबंध स्थापित हो। यानी कि आपके जीवन में कोई नया व्यक्ति दस्तक दे सकता है जिससे आपकी नजदीकियाँ काफी बढ़ेंगी। इस दौरान आपकी आमदनी में वृद्धि होगी और आपको विपरीत लिंग के लोगों का पूरा समर्थन हासिल होगा और उनकी सहायता से आप जीवन में तरक्की करेंगे। महिलाओं से अच्छा व्यवहार करना आपके लिए बेहतर रहेगा। इस दौरान आपको जीवन में आगे बढ़ने के कई अवसर मिलेंगे और आपको उत्तम धन लाभ होगा। आपको इस दौरान विशेष रूप से हिदायत दी जाती है कि आप अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें और वित्तीय प्रबंधन पर ध्यान दें ताकि किसी तरह की कोई समस्या ना आए। यदि आप व्यापार में निवेश करना चाहते हैं तो उसके लिए काफी अच्छा समय है आपको उस पर अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है। आपके वैवाहिक जीवन में भी ख़ुशियाँ आएँगी और दांपत्य जीवन मजबूत बनेगा तथा जीवन साथी की ओर से आपको कोई शिकायत नहीं होगी। शुक्र देव के आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर करने के कारण आपको अपनी संतान को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है क्योंकि उनके लालन-पालन में या उनकी शिक्षा के संबंध से जुड़े मामलों में आपको कुछ समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपके लिए अच्छा होगा कि उनके साथ प्यार से पेश आएं और किसी भी तरह की ज़बरदस्ती या गुस्सा ना दिखाए। इस गोचर के दौरान आपको अपनी सेहत पर भी ध्यान देने की आवश्यकता पड़ेगी क्योंकि जरा सी लापरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है।

उपाय: अपने घर के अंदर सफेद रंग के फूल वाले पौधे लगाएँ और नियमित रूप से उनकी देखभाल करें।

वृषभ राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि और षष्टम भाव के स्वामी हैं और 10वें भाव में गोचर कर रहे हैं। दशम भाव आपकी आजीविका और आपके प्रोफेशन तथा कर्म के बारे में बताता है। शुक्र देव के इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपके पारिवारिक जीवन में इस दौरान ख़ुशियों की बरसात होगी और परिवार का वातावरण काफी सुख और शांति से भरा हुआ रहेगा। बीच-बीच में परिवार के लोगों में कुछ तनाव बढ़ सकता है लेकिन आप अपनी सूझबूझ से काम लेंगे और सभी समस्याएं आसानी से दूर कर पाने में सफल होंगे। हालांकि इस दौरान आपको अपनी संतान की शिक्षा से संबंधित चिंता हो सकती हैं। इसलिए इस पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। आपको अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की आवश्यकता होगी और जीवन में सामंजस्य बना कर चलना आपको लाभ देगा। सभी परिवार वाले मिलजुल कर रहेंगे और सद्भाव की वृद्धि होगी। इस गोचर से आपको व्यवसाय में ज़बरदस्त सफलता मिलेगी और यदि आप नौकरी करते हैं तो आपकी कार्य क्षमता में भी वृद्धि होगी जिससे आप कार्यस्थल पर अपनी पहचान बना पाने में सफल होंगे। इस दौरान आपको अपने कार्यस्थल पर व्यर्थ की गप्पे-बाजी करने तथा दूसरों की बुराई करने से दूर रहना चाहिए अन्यथा यह आपके कार्यस्थल के वातावरण को दूषित करेगा और इसका असर आपकी नौकरी पर पड़ सकता है। महिला सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार आपको आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगा। यदि आपके पारिवारिक जीवन की बात की जाए तो शुक्र का ये गोचर आपके जीवनसाथी से मिलने वाले हर सुख को बढ़ाएगा। यदि आप दोनों के बीच किसी पुरानी बात को लेकर अनबन चल रही थी तो वह समाप्त हो जाएगी और उससे आप बहुत कुछ सीखेंगे। शुक्र का गोचर आपके लिए मुख्यतः शुभ और अनुकूल परिणाम देने वाला होगा। संभव है कि इस दौरान आपको विदेश में काम करने का कोई मौका मिल जाए। इसके अलावा आपकी सामाजिक प्रतिबद्धता बढ़ेगी और व्यवसाय में भी सुधार होगा। यदि आप टूर और ट्रेवल्स का काम करते हैं तो आपके लिए ज़बरदस्त सफलता का योग बनेगा। जहां पर भी काम करेंगे वहीं पर आपको प्रशंसा मिलेगी और आपके काम की तारीफ अवश्य होगी। इस दौरान आपका पूरा फोकस आपके करियर पर होगा और आप अपने काम को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। आप अपने ज्ञान और बुद्धि का प्रयोग चतुराई से करेंगे जिससे कार्य स्थल पर आपको सफलता मिलेगी और आपके वरिष्ठ अधिकारी भी आपके पक्ष में होंगे। हालांकि इस दौरान आपके विरोधी आप पर कुछ हावी हो सकते हैं लेकिन आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि वह चाहकर भी आपको हानि नहीं पहुँचा पाएंगे। शुक्र देव का यह गोचर आपको और आपके जीवनसाथी को कार्यस्थल में प्रमोशन दिलवा सकता है और आपको कई सकारात्मक परिवर्तन अपने पेशेवर जीवन में देखने को मिलेंगे। प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी लेकिन उसी के साथ साथ आपकी लगन और कर्तव्यनिष्ठा भी बढ़ेगी जिसका सीधा लाभ आपको मिलेगा।

उपाय: प्रतिदिन नियम से स्वयं भोजन करने से पूर्व आटे के पेड़े में गुड़ भरकर गौ माता को खिलाएँ।

मिथुन राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से द्वादश और पंचम भाव का स्वामी है और 9वें भाव में संचरण कर रहा है। इसी लिए शुक्र देव के इस गोचर का प्रभाव आपके जीवन पर ऐसा होगा कि आपका भाग्य आपका पूरा साथ देगा और जीवन में जो कार्य अटके पड़े थे, वे अब बनने लगेंगे। आपको किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है जिसके बाद आपकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहेगा। आपका मन धार्मिक गतिविधियों में लगेगा और आप परोपकार के कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे जिससे समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोगों का सम्मान करेंगे। आपने आज तक जो मेहनत की है और जो प्रयास किए हैं वह अब आपको उचित प्रतिफ़ल दिलाएंगे और जीवन में सफलता के मार्ग पर आगे बढ़ाएंगे। आपको विपरीत लिंगी लोगों का विशेष रूप से सहयोग प्राप्त होगा और आप अपने कर्म के बल पर आगे बढ़ेंगे तथा जीवन में सफलता अर्जित करेंगे। चूँकि नवम भाव हमारे भाग्य का स्थान होता है और सुदूर यात्राएँ भी नवम भाव के द्वारा ही देखी जाती हैं। इसके अलावा इस भाव से हमारा धार्मिक विश्वास भी पता चलता है। ऐसे में इस गोचर के दौरान आपकी लंबी यात्रा की इच्छा भी पूरी होगी और संभव है कि किसी रोमांटिक स्थल या किसी दर्शनीय स्थल पर आप जाएँ अथवा विदेश यात्रा की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। आपके प्रेम जीवन के लिए यह गोचर काफी अनुकूल सिद्ध होगा और आप अपने प्रियतम के साथ खुशी-खुशी अच्छा वक्त बिताएंगे। इस दौरान आपको नई चीजें सीखने का मौका मिलेगा और आउटिंग भी करेंगे। जिसके कारण मन का तनाव खत्म होगा और आप ऊर्जा तथा उत्साह का अनुभव करेंगे। वृषभ राशि के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे और उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का मौका भी मिल सकता है। इस दौरान की गई यात्रा आपके लिए सुखद परिणाम लेकर आएँगी। आप अपने दोस्तों के साथ या फिर अपने ऑफिस के साथियों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। आपकी मानसिक क्षमता और आंतरिक क्षमता में वृद्धि होगी इसका प्रभाव आपके जीवन के प्रत्येक क्षेत्र पर सकारात्मक रूप से पड़ेगा। मुख्य रूप से शुक्र देव का ये गोचर आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी होगा और आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी तथा इस दौरान आप जीवन में आगे बढ़ने के लिए कुछ नए कदम भी उठाएंगे। यदि आप व्यापार को विस्तार देना चाहते हैं तो उसके लिए समय अनुकूल है। इस दौरान समाज के गणमान्य और अच्छे लोगों से मिलने जुलने का मौका मिलेगा और उनसे आपके संबंध बढ़िया होंगे तथा भविष्य में इनका आपको सकारात्मक लाभ प्राप्त होगा। इस दौरान आप अपने पारिवारिक और पेशेवर जीवन में कुशलता के साथ सामंजस्य बिठा पाने में सक्षम होंगे और इसकी वजह से आप दोनों ही जगह प्रशंसा के पात्र बनेंगे। हालांकि इस दौरान आपको अपने जीवन साथी के साथ अपने रिश्ते को बढ़िया बनाने का प्रयास करना चाहिए और यदि कोई तनाव चल रहा है तो उसे दूर करने के लिए पुरजोर कोशिश करें। परिवार में आपके पिता की तबीयत बिगड़ सकती है इसलिए उनकी सेहत का पूरा ध्यान रखें और अपने घर के प्रति समस्त जिम्मेदारियों को पूरा करें जिससे घरेलू सामान पर आपका धन खर्च होगा। आप घर की साज-सज्जा पर भी अच्छा खासा खर्च करेंगे और आप अपने घर को सुंदर बनाने का हर संभव प्रयास अवश्य करेंगे। आपकी शारीरिक क्षमता में वृद्धि होगी और मानसिक क्षमता का विकास होगा और इसकी वजह से आप अपने शत्रु और विरोधियों पर हावी रहेंगे। आपकी अपने मित्रों और अपने भाई बहनों के साथ अच्छी बनेगी और आप लोग एक दूसरे के काम आएँगे।

उपाय: शुक्रवार के दिन स्फटिक माला से शुक्र मंत्र “ॐ शुं शुक्राय नमः” का जाप करें।

कर्क राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से एकादश और चतुर्थ भाव के स्वामी हैं और आपके 8वें भाव में प्रवेश कर रहे हैं। ये भाव जीवन में होने वाले विभिन्न परिवर्तनों को दर्शाता है और अचानक घटित होने वाली घटनाएँ भी इसी भाव के अंतर्गत आती हैं। यह हमारी आयु का भी अभाव होता है। इसी लिए आपके खर्चों में भी इस दौरान काफी वृद्धि होगी हालांकि उनको सहन करने की क्षमता भी आपके पास आएगी और आपकी आमदनी में भी वृद्धि होगी। इस दौरान आप थोड़ी सी थकान और साथ ही थोड़ा मानसिक तनाव महसूस करेंगे। गोचर काल के समय आप परिजनों के साथ किसी तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं। आपको अपनी काबिलियत को पहचानने की आवश्यकता होगी। कोई भी ऐसा कार्य नहीं जो आपकी पहुंच से बाहर हो, इसलिए जी तोड़ मेहनत करें और जो आप प्राप्त करना चाहते हैं उसके लिए आगे बढ़ें। यदि इस दौरान कोई आपसे कुछ बुरा भला भी कहता है या आपका अपमान करता है तो भी आपको परेशान नहीं होना चाहिए। शुक्र के अष्टम भाव में गोचर करने से आपके मन में विलासिता पूर्ण विचारों की वृद्धि हो सकती है इसलिए मर्यादित आचरण करना आपके लिए बेहतर रहेगा ताकि आपको किसी भी प्रकार की हानि ना हो। आपको यह मानना चाहिए कि जीवन में वही आगे बढ़ता है जो आने वाली चुनौतियों और समस्याओं का सामना कर सके क्योंकि समाज में आपकी बुराई करने वाले और आपकी राह में काँटे बोने वाले लोग बहुत होते हैं। लेकिन अगर आप इन सब से ऊपर उठना चाहते हैं तो आपको इन बातों पर ध्यान ना देकर अपने लक्ष्य के प्रति ही अपना सारा ध्यान केंद्रित करना होगा। इस दौरान आपके बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और उनकी पढ़ाई लिखाई में भी कुछ समस्याएं आ सकती हैं इसलिए उनका भी ध्यान रखें। इस दौरान आपको अपने भीतर झाँकना चाहिए और देखना चाहिए कि आपने जो कुछ भी किया उसमें सही क्या था और गलत क्या, उसी अनुसार जीवन में आगे सफर आपको तय करना होगा। आपके प्रेम जीवन के लिए समय थोड़ा सा कष्टदायी रह सकता है। हालांकि आपके रोमांस में कोई कमी नहीं आएगी लेकिन किसी प्रकार की धन हानि और मानसिक अशांति रह सकती है तथा किसी बात को लेकर आप दोनों के बीच गरमा-गरम बहस छिड़ सकती है। शुक्र के गोचर के दौरान कर्क राशि के जातक अपनी आमदनी और खर्चों के बीच तालमेल बिठाकर चले ताकि आर्थिक स्थिति बद से बदतर ना होने पाए। गोचर के समय समाज और अपने परिवार के बीच अच्छा तालमेल बनाकर रखें और जरूरत पड़ने पर दूसरों के काम आए। अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें और संतुलित डाइट का पालन करें। अपने निकटतम लोगों के साथ अच्छा बोले जिससे आप उनके मन को छू पाने में कामियाब रहे। इस दौरान आपकी अपने लोगों से किसी ग़लतफ़हमी को लेकर लड़ाई हो सकती है इसलिए समय रहते इसका ध्यान रखें और वाहन बेहद सावधानी से चलाएँ।

उपाय: सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को माता जी को चावल की खीर का भोग लगाएँ और फिर स्वयं ग्रहण करें।

सिंह राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से दशम और तृतीय भाव के स्वामी हैं और आपके 7वें घर में गोचर कर रहे हैं। सप्तम भाव साझेदारी का भाव है चाहे फिर वह व्यवसायिक साझेदारी हो अथवा पूरे जीवन की साझेदारी अर्थात वैवाहिक जीवन का। इसीलिए यदि आप किसी को पसंद करते हैं तो इस गोचर के दौरान उन्हें प्रपोज कर सकते हैं, सफलता मिलने की पूरी संभावना है। वहीं अगर आप सिंगल हैं तो इस दौरान आपका विवाह होने की संभावना काफी बढ़ जाएगी और कुंडली में विवाह के योग बनेंगे। यदि आप किसी प्रेम संबंध में है तो आपका पूरा समय अपने प्रियतम के साथ बीतेगा और आप अधिक से अधिक समय उनके साथ बिताना पसंद करेंगे। इसके अलावा आप अपने प्रियतम को जीवन साथी बनाने के लिए भी प्रयास करेंगे। व्यवसायिक जीवन में सफलता प्राप्त होगी और आपके संबंध नए लोगों से बनेंगे जो आपके बिज़नेस को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होंगे। अपने व्यावसायिक साझेदार से अच्छे संबंध बनाने का प्रयास करें क्योंकि आप दोनों के बीच इस दौरान मतभेद हो सकते हैं। यदि आप शादीशुदा हैं तो दांपत्य जीवन में प्यार भरे पल आएँगे और आपका दांपत्य जीवन रोमांस और अपनेपन तथा स्नेह से भर जाएगा। आप अपने जीवन साथी की खुशी के लिए दिल खोल कर खर्च करेंगे, क्योंकि आप दिल से अपने जीवनसाथी को खुश रखने का हर प्रयास करेंगे। इसके अलावा इस दौरान एक पहलू और भी है जिस पर आपको विशेष ध्यान देना होगा। दरअसल, गोचर के दौरान आपको कोई अन्य व्यक्ति पसंद आ सकता है और उसका असर आपके दांपत्य जीवन पर आने वाले समय में पड़ सकता है इसलिए ऐसी स्थिति में सोच समझ कर ही कोई कदम बढ़ाएँ। कार्यस्थल में स्थिति आपके अनुकूल साबित होंगी और वरिष्ठ अधिकारी भी आपके पक्ष में ही नजर आएँगे। आप अपनी किसी हॉबी को आगे बढ़ाएंगे तथा आपका कोई मित्र आपके कार्य अथवा व्यवसाय में आपकी सहायता करेगा। घर परिवार में आपकी स्थिति काफी मजबूत होगी और परिवार में समृद्धि आएगी जिससे सभी प्रसन्न रहेंगे। इस दौरान आप अपना घर भी ख़रीद सकते हैं तथा घरेलू जिम्मेदारियों का पूरी तरह से निर्वहन करेंगे। शुक्र देव के इस गोचर के दौरान आपको अपने निजी संबंधों में थोड़ा सावधानी बरतनी होगी क्योंकि जरा सी गलती भी आपके रिश्ते में किसी बड़े विवाद का कारण बन सकती है। हालांकि कार्यस्थल पर आपका वर्चस्व रहेगा लेकिन आपको दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान आपकी सोच समझ में कुछ बदलाव आ सकता है और आपकी भाषा शैली भी बदल सकती है लेकिन ध्यान रखें ऐसा कुछ ना करें जिससे दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचे। क्योंकि इसका ख़ामियाज़ा आप ही को भुगतना पड़ेगा। अपने परिवार के लोगों के स्वास्थ्य पर आपको ध्यान देना होगा और विशेषकर अपने पिताजी के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतनी आवश्यक होगी। क्योंकि शुक्र आपके दशम भाव का स्वामी भी है इसलिए इस गोचर की स्थिति में आप अपने स्वयं प्रयासों से कार्य स्थल पर पदोन्नति अर्जित करेंगे और कार्यक्षेत्र में आपके अधिकारों का विस्तार होगा।

उपाय: शुक्रवार के दिन प्रातः काल स्नान करके शुद्ध होकर माता महालक्ष्मी जी को कमलगट्टे की माला अर्पित करें और श्री सूक्त का पाठ करें।

कन्या राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से नवम और द्वितीय भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के समय आपके छठे घर में संचरण कर रहे हैं। छठा भाव आपको होने वाले रोग, कर्ज़, विरोधी, प्रतियोगिताएँ तथा आपके स्वास्थ्य को परिभाषित करता है और जीवन में होने वाले संघर्ष को भी बताता है। इस गोचर के कारण आपको जो कुछ भी प्राप्त होगा वह कड़े परिश्रम के बाद ही प्राप्त होगा और यदि आप बिना मेहनत किए ही कुछ प्राप्त करना चाहेंगे तो उसकी संभावना लगभग समाप्त होगी। इस गोचर के दौरान आप एक ऊर्जा अपने अंदर महसूस करेंगे जिसके चलते परिवार में अपनी उम्र और अन्य लोगों के साथ उस ऊर्जा के कारण टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसीलिए बेहतर यही होगा कि विवाद को बढ़ने ना दें, अन्यथा घर की शांति भंग हो सकती है। अति हर चीज की बुरी होती है इसलिए आपको अति आत्मविश्वास से बचना चाहिए वरना यही आपको किसी परेशानी में डाल सकता है। आपकी स्वयं की काबिलियत ही आपको आगे लेकर जाएगी। वैवाहिक जीवन के नैसर्गिक कारक शुक्र का छठे भाव में जाना दांपत्य जीवन में परेशानियों का कारण बन सकता है इसलिए आप और आपके जीवनसाथी के बीच में तनातनी हो सकती है। इसके अलावा जीवन में अन्य क्षेत्रों की बात की जाए तो आपके विरोधी इस समय थोड़े सबल होंगे और आपको उनकी ओर से सावधान रहना होगा। शुक्र महिलाओं का प्रतिनिधित्व करता है इसलिए उनके साथ अच्छे संबंध और अच्छा व्यवहार बनाए ताकि आपको कोई समस्या ना हो। इस दौरान आपके खर्चों में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हो सकती है और किसी प्रकार की धन हानि भी हो सकती है। आपको अपने कार्य में सफलता पाने के लिए पहले के मुकाबले अधिक मेहनत करनी होगी, लेकिन निश्चिंत रहें उस मेहनत का फल भी आपको अवश्य मिलेगा। विदेशी संपर्क से आपके व्यापार में लाभ होगा और इस दौरान आप कोई अचल संपत्ति खरीदने की योजना बना सकते हैं, लेकिन आपके लिए बेहतर होगा कि इसे कुछ समय के लिए आगे बढ़ा दें। इस गोचर के परिणामस्वरूप आपके अंदर धार्मिक कार्यों में सम्मिलित होने की लालसा बढ़ेगी और आप अपने परिवार वालों के साथ धार्मिक स्थलों की सैर पर जा सकते हैं। आपको अपने कार्यक्षेत्र में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा और आपके विरोधी आपकी प्रतिस्पर्धा को और अधिक बढ़ा देंगे। हालांकि आप अपने तार्किक क्षमता और अच्छी सोच के चलते विरोधियों को धूल चटा देंगे और कार्यस्थल पर सफलता अर्जित करेंगे। आपको अपने गुप्त विरोधियों से सतर्क रहना होगा विशेषकर ऐसे लोग जिन्हें आप अपना पक्का मित्र समझते हैं, वही आपको धोखा दे सकते हैं। इस गोचर के दौरान आपको अपनी योजनाओं का क्रियान्वयन सोच समझ कर करना चाहिए और हर कसौटी पर अपनी योजना को सही से परखना चाहिए।

उपाय: “ॐ दुं दुर्गायै नमः” मंत्र का जाप करें और माँ दुर्गा को लाल रंग के पुष्प अर्पित करें।

तुला राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि के स्वामी होने के साथ साथ अष्टम भाव के स्वामी भी हैं और आपके 5वें भाव में गोचर कर रहे हैं। पंचम भाव हमारी बुद्धि, हमारे रुझान, हमारी शिक्षा, हमारे प्रेम संबंध, हमारी संतान और पूर्व जन्म के कर्मों के बारे में बताता है। शुक्र के इस गोचर के दौरान आपका जीवन खुशियों से भर जाएगा और जीवन में समृद्धि आएगी। आप जो भी काम शुरू करेंगे या जो काम पहले से आपने अपने हाथ में लिया हुआ है उसमें आपको सफलता मिलेगी और इससे आपकी खुशी और ज्यादा बढ़ जाएगी। जिस चीज की भी आपने कल्पना की थी वह चीज आपको प्राप्त होगी इससे आपकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहेगा। भाग्य आपका पूरा साथ देगा और जीवन में समरसता आएगी। आपके कार्यों के मनोवांछित परिणाम आपको प्राप्त होंगे। धन की अभिवृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। इस दौरान आपकी आमदनी भी बढ़ेगी और ख़र्च भी बढ़ेंगे इसलिए कोई बड़ी समस्या नहीं आएगी। आपके पास एक से अधिक साधनों से धन आने की संभावना बनेगी हालांकि इस दौरान आपको किसी भी प्रकार का निवेश करने से बचना चाहिए। यदि आप विवाहित हैं तो इस दौरान आपको धैर्य से काम लेना होगा क्योंकि जीवन साथी से किसी बात को लेकर बहस बाजी या झगड़ा हो सकता है इसलिए रिश्ते की मर्यादा को बनाए रखें और एक दूसरे को पूरा सम्मान दें ताकि आपका रिश्ता अच्छे से चलता रहे। गोचर काल के दौरान आपकी मानसिक स्थिति में सक्रियता बढ़ेगी और आप जीवन मूल्यों के प्रति और भी अधिक मुखर होकर आगे बढ़ेंगे। यदि आप व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं या कोई नया व्यापार प्रारंभ करना चाहते हैं तो इस बारे में थोड़ा सावधानी पूर्वक आगे बढ़े और एक रणनीति के तहत पहले अपने कार्य को अंजाम दे। धीरे-धीरे अपने काम को विस्तार देना आपके लिए बेहतर रहेगा। अपने कार्य क्षेत्र में आप अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे और आपको कुछ नई परियोजनाओं के साथ काम करने का मौका मिलेगा। शुक्र के इस गोचर के परिणामस्वरुप आपकी संतान भी उत्साहित रहेगी और जीवन में तरक्की करेगी। उनकी ऐसी स्थिति को देखकर आपको मानसिक संतुष्टि प्राप्त होगी। हालांकि उनका स्वास्थ्य आपको चिंता में डाल सकता है इसलिए समय रहते उनके स्वास्थ्य पर ध्यान दें। परिवार के लोग बच्चों की शैतानियों से परेशान होंगे और इसके लिए आपको प्रयास करने पड़ेंगे। यदि आप एक विद्यार्थी हैं तो यह गोचर आपकी शिक्षा में बाधा डाल सकता है और आपका मन भटका सकता है। ऐसे में आपको और अधिक एकाग्रता के साथ पढ़ने का प्रयास करना चाहिए ताकि आप पढ़ाई की रस से ना हटें। शुक्र जो कि मुख्य रूप से प्रेम का कारक ग्रह माना जाता है अपने गोचर के दौरान आपके जीवन में प्यार और रोमांस की वृद्धि करेगा तथा आपको अपने प्यार में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। आप अपने प्रियतम के साथ क्वालिटी वक्त बिताएंगे और यह समय आपके जीवन के खुशनुमा समय में से होगा। इस दौरान आपके अंदर वासनात्मक विचार भी आ सकते हैं जिन पर नियंत्रण रखना और मर्यादित आचरण करना बेहतर परिणाम देगा और आपके प्रियतम के दिल में भी आपके प्रति सम्मान की भावना बढ़ेगी। इसलिए अपने प्रेम संबंधों में आपको संयम बरतना चाहिए और अपने प्रियतम के प्रति पूरी तरह से ईमानदारी दिखानी चाहिए।

उपाय: शुक्र देव के बीज मंत्र “ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः” का जाप करें।

वृश्चिक राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से सप्तम और द्वादश भाव के स्वामी हैं और आपके चौथे भाव में संचरण कर रहे हैं। चौथा भाव हमारे जीवन में सुख सुविधाओं, घर, वाहन, माता और हमारे आज के बारे में पूरी जानकारी देता है। शुक्र देव का ये गोचर आपकी राशि के चतुर्थ भाव में होने से आपका पारिवारिक जीवन काफी अच्छा रहेगा और आपके निजी जीवन में भी सुकून भरे पल आएँगे। लंबे समय से जीवन में जो तनाव चला रहा था अब आपको उससे राहत मिलेगी और आप अपने परिवार के लोगों के साथ सुकून भरा जीवन बिताएंगे। इस गोचर के कारण ही आपको अपनी इनकम बढ़ाने के अच्छे अवसर मिलेंगे और इस दौरान आप कुछ अच्छा निवेश भी कर पाएंगे जो दीर्घावधि लाभ के लिए बेहतर विकल्प होगा। यदि आप व्यवसाय करते हैं तो उसमें आपको अचानक से लाभ होने की उम्मीद बढ़ेगी और यदि आप जॉब करते हैं तो भी आपका करियर अच्छे से चलेगा। आपकी योजनाएं और आपके सोचने का ढंग आपकी अलग पहचान बनाएगा और आपके कार्यक्षेत्र में आपको प्रगति दिलाएगा। इस दौरान आप कोई संपत्ति ख़रीद सकते हैं या कोई नया वाहन अपने घर ला सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप अपने घर में सजावट कर सकते हैं। आप अपने शत्रुओं पर भी भारी पड़ेंगे और वह आपके सामने सर उठाने की हिम्मत नहीं करेंगे। आपको अनेक प्रकार की सुख सुविधाएँ प्राप्त होंगी और आप आभूषण, वस्त्र आदि भी खरीदेंगे। यदि आप किसी प्रकार का ट्रैवल से संबंधित कार्य करते हैं तो इस गोचर के दौरान आपको जबरदस्त लाभ होने की उम्मीद रहेगी। शुक्र के इस गोचर के परिणामस्वरुप विदेशी स्रोतों से भी आपको कोई अच्छी खबर मिल सकती है और यदि आप विदेश में रहते हैं या विदेश में नौकरी करते हैं तो आप अपना एक अलग घर भी ख़रीद सकते हैं। आपके वैवाहिक जीवन के लिए भी यह गोचर काफी अनुकूल परिणाम देगा। यदि आप एक शिक्षार्थी हैं तो आपको अच्छी सफलता मिलेगी और पढ़ाई में किए गए आपके प्रयास रंग दिखाएँगे। यदि आप किसी जॉब में हैं तो आप को पदोन्नति मिलने की पूरी संभावना रहेगी और इसके लिए आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि बड़बोलापन न दिखाए और अपने कार्यस्थल पर सभी से अच्छा व्यवहार बनाए रखें।

उपाय: गौ माता की हर संभव सेवा करें और उन्हें हरा चारा तथा पालक खिलाएं।

धनु राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से षष्टम और एकादश भाव के स्वामी हैं और आपके तीसरे घर में गोचर कर रहे हैं। तीसरा भाव आपके द्वारा किए गए प्रयासों को बताता है इसके अतिरिक्त यह आपके छोटे भाई बहन, छोटी दूरी की यात्राओं, मार्केटिंग तथा कम्युनिकेशन के साधनों के बारे में भी ज्ञात करवाता है। इसी लिए शुक्र के इस गोचर के दौरान आप अपने प्रयासों को बढ़ाएंगे और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए कठिन परिश्रम करेंगे। इस दौरान आपके जीवन में किसी नए रिश्ते की शुरुआत हो सकती है लेकिन आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले उसके बारे में पूरी तरह से सोच विचार कर लें। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बनने शुरू हो जाएंगे। शुक्र का गोचर आपके जीवन में अभिनय, संगीत, कला तथा अन्य कलात्मक और रचनात्मक कार्यों में वृद्धि प्रदान करेगा। इस दौरान आप अपनी किसी रुचि को आगे बढ़ाने के लिए धन खर्च भी करेंगे। शुक्र का गोचर आपके दांपत्य जीवन के लिए काफी अच्छा साबित होगा क्योंकि यदि आपका जीवनसाथी कार्यरत है तो उन्हें कोई उपलब्धि हासिल हो सकती है और भाग्य का साथ मिलने से आप दोनों को जीवन में तरक्की मिलेगी तथा आप दोनों साथ में कहीं घूमने जा सकते हैं। यह यात्रा आपके बीच रोमांस और नज़दीकियों को बढ़ाने वाली साबित होगी। आपकी प्रोफेशनल लाइफ के बारे में बात की जाए तो आपके वेतन में बढ़ोतरी हो सकती है और काम के सिलसिले में कुछ यात्राएँ भी हो सकती हैं। आपको अपने सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से पूरा सहयोग मिलेगा और वह आपके काम की तारीफ करेंगे। इस दौरान आप अपने भाई बहन की जरूरत को पूरा करने के लिए सहायता करेंगे तथा उन पर खर्च भी करेंगे। आपके परिवार में किसी वृद्ध व्यक्ति की सेहत बिगड़ सकती है।

उपाय: शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से आरंभ करके प्रत्येक शुक्रवार को सवा मुट्ठी चावल का दान करें।

मकर राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से पंचम और दशम भाव के स्वामी हैं और आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। दूसरा भाव हमारा धन संचय का भाव होता है। इस भाव के द्वारा हमारी वाणी, हमारा भोजन, हमारा अपने कुटुंब के लोगों से संबंध, आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। शुक्र के इस गोचर के कारण आप धन संचय कर पाने में सफल होंगे और जो भी काम करेंगे उसमें सफलता अर्जित करेंगे। आपके परिवार में कोई शादी विवाह या किसी बड़े मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। इस दौरान परिवार में ख़ुशियाँ आएँगी और आपको तरह तरह के पकवान खाने का मौका मिलेगा। परिवार के लोगों के बीच आपसी सामंजस्य बना रहेगा और सभी खुशी-खुशी रहेंगे। गोचर के दौरान आपका व्यवहार लोगों को आकर्षित करेगा और वह आपके मुरीद बन जाएंगे। इससे आपको अच्छा लाभ भी मिलेगा और आपके मान सम्मान में भी वृद्धि होगी। हालांकि सबके बावजूद आपकी मानसिक चिंताएं बढ़ेंगी। यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो उन्हें इस दौरान अपने परिवार वालों से मिलवा सकते हैं लेकिन इस दौरान आपको इस बात का डर रहेगा कि कहीं आपके परिवार वाले उन्हें नापसंद ना कर दें। हालांकि आपको घबराने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है, ये मुलाक़ात अच्छी साबित होगी। यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपके लिए समय काफी अनुकूल रहेगा और आपकी शिक्षा के परिणाम भी आपके पक्ष में आएँगे तथा आपको कुछ नया आधुनिक सीखने को मिलेगा। आपके मन में नकारात्मक विचार जन्म लेंगे जो भविष्य में आपको आगे ले जाने में मार्ग दर्शक साबित होंगे।

उपाय: शुक्रवार को गले में स्फटिक माला धारण करें और माता महालक्ष्मी के किसी भी मंत्र का जाप करें।

कुंभ राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से चतुर्थ और नवम भाव के स्वामी हैं और आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। प्रथम भाव समाज में आपकी छवि को बताता है साथ ही साथ आपके शारीरिक रुप रंग और आपके व्यक्तित्व पर भी प्रकाश डालता है। शुक्र का गोचर आपकी राशि में होने से आपके मन में प्यार और स्नेह बढ़ेगा तथा दूसरों के प्रति लगाव की भावना अधिक रहेगी। आपके शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि होगी और आप अपने आपको और बेहतर दिखाने के लिए प्रयास करेंगे तथा खर्च भी करेंगे। आपके प्रेम संबंधों के लिए यह समय अधिक अनुकूल नहीं है। यदि आपके और आपके प्रियतम के बीच किसी बात को लेकर तनाव पहले से चल रहा है तो समय रहते उसे सुलझा लें अन्यथा आपको बाद में काफी परेशानी हो सकती। यदि आप शादीशुदा हैं तो आपका जीवनसाथी आपको पूर्ण रूप से प्रसन्न रखेगा तथा आपके बीच प्यार बढ़ेगा तथा आपसी समझदारी की वृद्धि होगी। यदि आप 1 विद्यार्थी हैं तो आपको मनपसंद विषय पढ़ने का मौका मिलेगा और पढ़ाई में आपका खूब मन भी लगेगा। यह गोचर आपके व्यापार के लिए अनुकूल रहेगा लेकिन यदि आप साझेदारी में बिज़नेस करते हैं तो अपने पार्टनर के साथ अच्छा संबंध बनाकर रखें क्योंकि इस दौरान आपके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है। साथ ही कोई वाहन अथवा अचल संपत्ति खरीदने का मन भी बन सकता है। परिवार की जिम्मेदारियाँ निभाने के लिए भी आप आगे आएंगे और हर काम में आगे बढ़कर सहयोग करेंगे। भाग्य का साथ आपको पूरी तरह से मिलेगा और हर काम में सफलता मिलेगी तथा परिवार में और आपके कार्यक्षेत्र पर आपको मान सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। यदि आप जॉब करते हैं तो आपको अधिक मेहनत करनी पड़ेगी लेकिन उस मेहनत का फल जब आपको प्राप्त होगा तब आपकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहेगा। आपको मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है अथवा नौकरी बदलना चाहे तो उस दिशा में प्रयास कर सकते हैं। लेकिन आपको अपने विरोधियों से सावधान रहने की आवश्यकता होगी क्योंकि इस दौरान वे आपको परेशान करने का प्रयास कर सकते हैं।

उपाय: शुक्रवार से प्रारंभ करके प्रतिदिन माँ दुर्गा की पूजा, दुर्गा चालीसा का पाठ करते हुए करें।

मीन राशि

शुक्र ग्रह आपकी राशि से तृतीय और अष्टम भाव के स्वामी हैं और आपके बारहवें भाव में संचरण कर रहे हैं। यह भाव हमारी सुदूर यात्राओं, विदेश, अस्पताल, कारागार आदि से संबंधित भाव है। इसके अतिरिक्त इसे व्यय भाव भी कहते हैं। हमारे जीवन में होने वाले खर्चों के बारे में भी यही भाव बताता है। इस दौरान आपके खर्चों में अत्यधिक वृद्धि होगी और आप अपनी सुख सुविधा और विलासिता से जुड़े कार्यों पर अधिक ख़र्चा करेंगे। जीवन के सुखों को भोगने की लालसा बढ़ेगी और इसी कारण आपके खर्चे भी बढ़ जाएंगे। इस गोचर के दौरान आप और आपके भाई बहन विदेश यात्रा पर जा सकते हैं और विदेशी संपर्क से लाभ भी अर्जित कर सकते हैं। अचानक से धन वृद्धि और धन हानि के योग बन सकते हैं तथा कोई अप्रत्याशित यात्रा हो सकती है। इस दौरान आप अपने ससुराल पक्ष के लोगों से मिलने भी जा सकते हैं। यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो इस दौरान अंतरंग पल बिताने का मौका मिलेगा और आप अपने प्रियतम के साथ किसी पसंदीदा जगह पर घूमने जा सकते हैं। आपके विरोधी आपको परेशान करने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए आपको कोई भी ऐसा कार्य करने से बचना चाहिए जिसके कारण आपके मान की हानि हो या आपका स्वास्थ्य बिगड़ जाए। यदि आप अविवाहित हैं तो दांपत्य जीवन में सुख और स्नेह की वृद्धि होगी तथा प्रोफेशनल कार्यों के लिए भी आप यात्रा कर सकते हैं। कार्यस्थल पर आपको अनुकूल परिणाम मिलेंगे और वहाँ का वातावरण भी काफी अच्छा रहेगा। यदि आप बिज़नेस पार्टनरशिप में हैं तो वो गोचर से अच्छा चलेगा और इस दौरान कुछ नए व्यावसायिक संपर्क भी बन सकते हैं। आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए और एक नियमित दिनचर्या का पालन करना ही आपके लिए बेहतर होगा ताकि आप फिट रह सकें। बड़े हुए खर्चों के प्रति उदासीन न बनें और उन पर नियंत्रण पाने का प्रयास करें ताकि आर्थिक स्थिति संतुलन में रहे। इस गोचर के समय में आप अपने जीवन साथी के साथ मिलकर भी किसी व्यापार को आरंभ कर सकते हैं क्योंकि इसमें अत्यधिक लाभ होने की संभावना रहेगी।

उपाय: प्रत्येक सोमवार को भगवान शंकर जी का जल अभिषेक करें और उन्हें श्वेतार्क के पुष्प अर्पित करें।

2019 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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