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बुध का मीन राशि में गोचर - 25 फरवरी 2019

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह को एक सौम्य और शुभ ग्रह माना जाता है। नव ग्रहों में इसे राजकुमार का पद भी दिया गया है और यह अपनी संगति के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं। अर्थात यदि यह किसी कुंडली में शुभ ग्रहों के साथ संबंध बनाते हैं, तो शुभ प्रभाव देते हैं और यदि अशुभ ग्रहों से संबंध बनाते हैं, तो अपना अशुभ प्रभाव दे सकते हैं। यह सौरमंडल के सबसे छोटे ग्रह हैं और सूर्य से सबसे अधिक निकट हैं। यह प्राय सूरज के साथ स्थित होने पर अस्त रहते हैं और अधिकतम सूर्य से एक भाव आगे या पीछे ही रह सकते हैं। सूर्य देव के साथ मिलकर यह बुधादित्य योग बनाते हैं जो कि एक बहुत प्रभावशाली योग है। बुध देव मिथुन तथा कन्या राशि पर अधिपत्य रखते हैं तथा कन्या राशि में अपनी उच्च अवस्था में भी स्थित होते हैं। कन्या राशि इनकी स्वराशि भी है, मूल त्रिकोण राशि भी और उच्च राशि भी। वहीं दूसरी ओर मीन राशि में बुध की उपस्थिति उनकी नीच अवस्था कहलाती है। इसके साथ ही जहां कुछ ग्रह अपनी प्रकृति और स्वभाव के अनुसार दिन में तो वहीं कुछ रात में बली होते हैं, लेकिन बुध देव दिन और रात दोनों समय में बली होने से सर्वदा बली कहलाते हैं।

बुध का मीन राशि में गोचर

बुध ग्रह के कारकत्वों के अंतर्गत हमारी बुद्धि, रिश्तों में हमारी बहन, हमारे शरीर की त्वचा, तंत्रिका तंत्र, हमारी बोलने की शक्ति अर्थात वाणी, कम्युनिकेशन अर्थात संवाद शैली, तर्क करने की क्षमता, यात्रा, लेखन, ज्योतिष, सांख्यिकी, गणित, टेलिफोन, ई-मेल, कोरियर, टेलीग्राफ तथा पोस्ट से संबंधित कार्य आते हैं। कुंडली में बुध की उत्तम स्थिति व्यक्ति को बुद्धिमान, तर्क-वितर्क करने में कुशल और समझदार बनाती है तथा ऐसा व्यक्ति बेहद अच्छी विश्लेषणात्मक क्षमता रखता है। इसके अलावा जिस कुंडली में बुध कमजोर होता है उस व्यक्ति को त्वचा से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। वाणी संबंधित दोस्त, तुतलाना, बोलने में परेशानी, किसी प्रकार का जुनून, अपनी सुध बुध खो देना, दिमागी बीमारी, चक्कर आना तथा समझने की शक्ति में कमी और स्मरण शक्ति का ह्रास आदि समस्याएं भी बुध के कमज़ोर होने से हो सकती हैं। इसलिए ज्योतिष व्यक्ति को विधारा मूल धारण करने की सलाह देते हैं। इसके अलावा बुध को शांत करने के लिए पन्ना अथवा चार मुखी रुद्राक्ष भी कारगर साबित होते हैं।

बुध ग्रह उत्तर दिशा पर अपना अधिपत्य रखते है और अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती इनके मुख्य नक्षत्र हैं। यह सूर्य, शुक्र और राहु को अपना मित्र मानते हैं तो चंद्रमा को अपना शत्रु। इसके अतिरिक्त शनि, मंगल और बृहस्पति ग्रह से यह तटस्थ अर्थात सम संबंध रखते हैं। इसके अलावा इनका वक्री होना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसका सीधा प्रभाव हमारे तर्क शक्ति, व्यापार और संवाद शैली पर पड़ता है। जिनके प्रभावित होने से जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अब यही कम्युनिकेशन, व्यापार तथा त्वचा का कारक ग्रह बुध 25 फरवरी 2019 दिन सोमवार को प्रातः 8 बजकर 43 मिनट पर कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेगा। इसी मीन राशि में 5 मार्च 2019 दिन मंगलवार को वक्री स्थिति प्रारम्भ करेंगे और 15 मार्च 2019 दिन शुक्रवार को प्रातः 9 बजे कुंभ राशि में वापस लौट जायेंगे। इसके पश्चात 28 मार्च 2019 बृहस्पतिवार से यह अपनी मार्गी गति प्रारंभ करते हुए 12 अप्रैल 2019, शुक्रवार को पुनः मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस प्रकार बुद्ध देव 25 फरवरी से 12 अप्रैल के मध्य मीन और कुंभ राशियों में आते जाते रहेंगे और वक्री तथा मार्गी भी होंगे। ऐसे में बुध देव के इन गोचरों का प्रभाव निश्चित रूप से सभी राशियों पर पड़ेगा। तो आइए जानते हैं कि बुध के मीन राशि में गोचर का आपकी राशि पर क्या विशेष प्रभाव पड़ेगा और इस गोचर के दौरान आपको किस प्रकार के शुभाशुभ परिणामों की प्राप्ति होगी?


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यह भविष्यफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैलकुलेटर

मेष

बुध ग्रह का आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर होगा। कुंडली का 12वाँ भाव हानि का भाव कहलाता है। ज्योतिष में इस भाव से व्यय, अचेतन मन, मोक्ष और विदेश यात्रा आदि को देखा जाता है। इस भाव में बुध का गोचर आपके खर्चों को बढ़ाएगा। हालाँकि आप अपने शत्रुओं पर हावी होंगे और उन्हें पछाड़ने में कामयाब होंगे। लेकिन ध्यान रहे इस अवधि में आप किसी कानूनी विवाद में फँस भी सकते हैं इसलिए ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे आपको किसी तरह के क़ानूनी मुकदमें का सामना करना पड़े। जहाँ तक आर्थिक पक्ष का सवाल है तो इस दौरान आपको आर्थिक निवेश नहीं करना चाहिए। क्योंकि समय इसके लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है। गोचर के दौरान आप विदेश यात्रा कर सकते हैं, या विदेश में बसने की योजना बना सकते हैं। इसके साथ ही दोस्तों अथवा अपने परिजनों के साथ लंबी दूरी की यात्रा भी संभव है। छात्रों को परीक्षा में सफलता मिलने की संभावना है। इसलिए तैयारी में जुटे रहें।

उपाय: भगवान शंकर की आराधना करें।

वृषभ

बुध ग्रह आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में गोचर करेगा। कुंडली में ग्यारहवाँ भाव लाभ का भाव कहलाता है। कुंडली में इस भाव से आमदनी, लाभ, जीवन में प्राप्त होने वाली उपलब्धियाँ, बड़े भाई-बहनों को देखा जाता है। इस भाव में बुध का गोचर आपकी आमदनी में वृद्धि कराएगा। किसी नए व्यवसाय की शुरुआत या निवेश कर सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय में अचानक लाभ मिलने की संभावना है। कार्यस्थल पर सीनियर्स का सहयोग मिलेगा। आय में बढ़ोतरी होगी और आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा। अगर किसी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है तो प्रियतम के साथ संबंध और मधुर होंगे लेकिन वैवाहिक जीवन में छोटे-मोटे विवाद हो सकते हैं। दोस्तों के साथ अच्छा समय गुजारेंगे। छात्रों के साथ पढ़ाई-लिखाई में आ रही अड़चनें दूर होंगी। इसके अलावा नौकरी और व्यवसाय के क्षेत्र में कई अच्छे अवसर मिलेंगे।

उपाय: रोज़ाना गौ माता की सेवा करें।

मिथुन

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में है। दशम भाव को कर्म भाव भी कहा जाता है। बुध को लेखन और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। आपके दशम भाव में बुध ग्रह के गोचर से आपको अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है। इस दौरान आपकी एकाग्रता में वृद्धि होगी और जिस काम को भी आप अपने हाथ में लेंगे उसे ध्यान मग्न होकर पूरा करेंगे। परिवार के बीच भी आपकी स्थिति में सुधार होगा इसके साथ ही घर के लोगों से आपके रिश्ते भी सुधरेंगे। घर में शांति बनी रहेगी। अगर आपकी माता की तबीयत लंबे वक्त से खराब थी तो इस दौरान उनकी सेहत में अच्छे बदलाव आएँगे। घर के पुनर्निर्माण को लेकर भी आप इस समय फैसला ले सकते हैं। आपका जीवनसाथी आपके प्रति विनम्र रहेगा और सामंजस्य की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखने की भी जरूरत है खासकर सामाजिक जीवन में इस बात का ख़ास ख्याल रखें। इस दौरान आपकी बौद्धिक क्षमता बढ़ने के पूरे योग हैं और इसका कारण है बुध का प्रभाव। इस दौरान आप सकारात्मक विचारों से भरे रहेंगे। इस समयावधि में अनैतिक कार्यों की तरफ बढ़ने से खुद को रोकें।

उपाय: भगवान विष्णु को पीला चंदन चढ़ाएं।

कर्क

ज्योतिषशास्त्र में बुध को संचार और लेखन का कारक ग्रह माना जाता है। बुध आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेंगे, इस भाव को धर्म भाव भी कहा जाता है। इस स्थिति से पता चलता है कि यह वक्त आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा। बुध के नवम भाव में गोचर करने की वजह से इस दौरान आपका झुकाव कला, लेखन और अभिनय की ओर बढ़ सकता है। व्यापारियों व छात्रों को इस दौरान विदेशों से खुशखबरी मिल सकती है। लंबी दूरियों पर जाने का भी मौका मिल सकता है। हालांकि बुध के गोचर से इस राशि के सब लोगों को फायदा होगा लेकिन जो लोग मीडिया या ग्लैमर की दुनिया से जुड़े हैं उन्हें ऐसी कामयाबी मिलेगी जिसके बारे में शायद उन्होंने कभी सोचा भी न हो। इस दौरान सिर्फ आपकी ही नहीं बल्कि आपके भाई-बहनों की भी किस्मत चमकेगी और वो आपकी आर्थिक मदद भी कर सकते हैं। जो लोग उच्च शिक्षा प्राप्त करने की आशा लगाए बैठे हैं इस दौरान उनकी इच्छा उच्च शिक्षा प्राप्ति के प्रति और बढ़ेगी।

उपाय: मां की सेवा करें और उनका ध्यान रखें।

सिंह

बुध ग्रह आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करेंगे। बुध के आठवें भाव में गोचर के चलते आपकी स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। इस अवधि में आपको मिलेजुले परिणाम मिलेंगे। कई क्षेत्रों में आपको अच्छे अनुभव होंगे लेकिन कुछ क्षेत्रों में बुरे दौर से भी गुजरना पड़ सकता है। इस दौरान धन हानि होने की संभावना भी है लेकिन साथ ही गुप्त धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं। धन का आवागमन बना रहेगा लेकिन अच्छी बात यह है कि इस दौरान आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। कार्यक्षेत्र में आपको संभलकर चलने की आवश्यकता है। अपने सीनियर्स के साथ इस दौरान आपको किसी भी तरह की बहस नहीं करनी चाहिए ऐसा करके आप खुद को बड़ी मुश्किल में डाल सकते हैं। आपको अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में इस दौरान स्पष्टतावादी रुख अपनाना चाहिए, क्योंकि अगर आप स्पष्ट नहीं रहेंगे तो आपको हानि हो सकती है। महिलाओं के साथ आपके रिश्ते इस दौरान अच्छे होंगे। हालांकि अपने काम के प्रति आप समर्पित हैं फिर भी इस दौरान आपको तनाव की स्थिति से गुजरना पड़ सकता है। यह तनाव की स्थिति आपके स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है इसलिए खुद को एक्टिव रखने की कोशिश करें और योग व व्यायाम करें।

उपाय: सूर्य देव को जल चढ़ाएं।


कन्या

बुध आपकी राशि से सातवें भाव में गोचर करेंगे, इस भाव को विवाह भाव भी कहा जाता है। आपके सप्तम भाव में बुध के गोचर के चलते आपके वैवाहिक और प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। आपका जीवन साथी इस दौरान आपके व्यवहार को देखकर बहुत खुश होगा क्योंकि आप अपने प्रेमी या जीवनसाथी के प्रति समर्पित होंगे। आपके व्यवहार को देखकर आपका संगी भी आपको पूरा सम्मान देगा और हर मुश्किल परिस्थिति में आपके साथ खड़ा रहेगा। यह वो समय होगा जब आप अपने मन की बातों को खुलकर अपने साथी से शेयर कर पाएंगे। कला के क्षेत्र से जुड़े इस राशि के लोग इस समयावधि में अच्छे फल प्राप्त करेंगे। कारोबारियों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा, जो लोग साझेदारी में नया व्यवसाय शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं उनके लिए भी यह समय अनुकूल है। कुछ कारोबारियों की सामाजिक स्थिति में इस दौरान अच्छे परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। इस समय आपका भाग्य तो अच्छा रहेगा ही आपके जीवन साथी को भी आपकी वजह से सम्मान मिलेगा।

उपाय: गुरुवार के दिन बुज़ुर्ग ब्राह्मण को भोजन कराएं।

तुला

बुध आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहे हैं इस भाव को शत्रु भाव भी कहा जाता है। बुध का यह गोचर आपके लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता। बुध के इस गोचर के चलते आपको कार्यक्षेत्र में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आपको हर काम को करने में दोगनी ताकत लगानी पड़ेगी तभी आपको उचित परिणाम मिलेंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से भी बुध का यह गोचर आपके लिए फायदेमंद नहीं है। इस समय आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। बिना योजना के आपको किसी यात्रा पर भी जाना पड़ सकता है जिससे आपका मन खिन्न होगा। अपनी सेहत के साथ-साथ आपको अपने जीवन साथी की सेहत का भी ख्याल रखने की जरूरत है। इस दौरान आपको महिलाओं से दूर रहने की सलाह दी जाती है क्योंकि संभावना है कि किसी महिला के साथ आपका विवाद हो सकता है। आपके ननिहाल पक्ष से इस वक्त आपको प्यार मिलेगा और आप ननिहाल के लोगों से मिलने का प्लान भी बना सकते हैं।

उपाय: बहन को कोई उपहार देकर उन्हें खुश करें।

वृश्चिक

बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। इस समयावधि में अपने प्रेम संबंधो को लेकर आपके मन में प्रसन्नता रहेगी। अपने संगी को खुश करने के लिए आप इस दौरान कई स्वांग रच सकते हैं। उनके विश्वास को जीतने के लिए आप उनसे कोई ख़ास वादा भी इस दौरान कर सकते हैं। कुछ प्रेमी जोड़े इस समय शादी के बंधन में भी बंध सकते हैं। छात्रों के लिए यह वक्त अनुकूल है इसलिए उन्हें इस दौरान लगन से पढ़ाई करने की आवश्यकता है। अगर एकाग्रता बार-बार भंग होती है तो उन्हें योग और ध्यान का सहारा लेना चाहिए। बुध के गोचर के दौरान आपको बेवजह के विवादों में नहीं पड़ना चाहिए नहीं तो आपके कुछ करीबी आपसे दूर हो सकते हैं। अचानक से धन प्राप्ति के योग भी इस दौरान बन सकते हैं। अगर आप लॉटरी या सट्टे में पैसे लगाते हैं तो इस वक्त आपको जबरदस्त फायदा हो सकता है।

उपाय: भगवान बाल कृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाकर, बच्चों में प्रसाद बांटे।

धनु

बुध के मीन राशि में गोचर से आपको मनमाफिक फल मिलने की उम्मीद है। बुध आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर करेंगे इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है। इस दौरान आप नया मकान या नया वाहन खरीदने के बारे में सोच सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग इस वक्त मिलेगा और आपके कारण उनको कार्यक्षेत्र या व्यवसाय में फायदा हो सकता है। माता के स्वास्थ्य के प्रति इस दौरान ज्यादा चिंतित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके स्वास्थ्य में इस दौरान अच्छे परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। आपके विचार इस दौरान प्रखर होंगे जिसके कारण आपको कार्यक्षेत्र में एक नयी पहचान मिल सकती है। बुध के इस गोचर के चलते आपके अंदर की चंचलता कम होगी और आपके अंदर संतुष्टि का भाव रहेगा। यह अच्छा वक्त है क्योंकि इस दौरान आप जिस क्षेत्र में भी मेहनत करेंगे उसके अच्छे परिणाम आपको आने वाले वक्त में मिलेंगे। अपने संबंधियों से भी आपके रिश्ते इस वक्त अच्छे रहेंगे।

उपाय: जीवन साथी को इत्र या परफ्यूम गिफ्ट करें।

मकर

आपकी राशि से तीसरे भाव में बुध का गोचर है इस भाव को पराक्रम भाव भी कहा जाता है। यह समय बेहद लाभदायक है। इस दौरान आपके करियर में उछाल आ सकता है और आपको तरक्की भी मिल सकती है। अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं तो यह समय अच्छा है इस वक्त आप किसी बड़े संगठन से जुड़ सकते हैं। इस वक्त आपके जीवन में एक अहम मोड़ आएगा जिससे आपकी ज़िंदगी की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। वैसे तो आप हर काम को एकाग्रता से करते हैं लेकिन इस वक्त आपकी एकाग्रता में इज़ाफा होगा और काम करने की आपकी गति बढ़ेगी। अगर आपके अंदर कोई ऐसा हुनर या कला है जिसे आप आजीविका का साधन बनाना चाहते हैं तो इस समयावधि में इस कला को निखारने की आपको आवश्यकता है क्योंकि आपको इसके जरिये कोई बड़ा मौक़ा हाथ लग सकता है। सामाजिक जीवन में इज़ाफा होने की संभावना है इस दौरान आप कई लोगों से मुलाक़ात करेंगे और अपनी बातों से लोगों का दिल जितने में भी सक्षम होंगे। आपका मन आपको धार्मिक कार्यों की तरफ भी प्रेरित करेगा।

उपाय: शनिवार के दिन किसी ज़रुरतमंद और दिव्यांग व्यक्ति की मदद करें।

कुंभ

वाणी और संचार के कारक, बुध ग्रह आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। इस गोचर के कारण आपकी वाणी में मिठास आएगी और आप अपनी बातों को स्पष्टता से कह पाएंगे। आपकी स्पष्टता लोगों को आपकी ओर आकर्षित करेगी। हालांकि हमारी सलाह है कि बेवजह की बातों में अपना समय खराब करने से इस दौरान बचें, जो लोग आपकी बातों को समझने में समर्थ नहीं हैं उनके सामने अपनी तर्क शक्ति को बर्बाद करने की आपको आवश्यकता नहीं है। मूर्खों को उपदेश देकर कोई फायदा नहीं होता। इस राशि के जो जातक गायन या लेखन करते हैं उनके गायन और लेखन में इस दौरान निखार आएगा। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों की आमदनी इस दौरान बढ़ सकती है। समय अच्छा है लेकिन इस वक्त आपको कुछ ऐसी चीजों पर भी ख़र्चा करना पड़ेगा जिनपर आप धन खर्च करना नहीं चाहते। छात्रों के लिए वक्त अनुकूल है इस अवधि में शिक्षा के क्षेत्र में आप अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। परिवार को लेकर थोड़ा संवेदनशील रहने की जरूरत है नहीं तो तक़रार की स्थिति बन सकती है।

उपाय: छोटी बच्चियों को खुश रखें और कन्या भोज व कन्या पूजन करें।

मीन

बुध ग्रह आपकी ही राशि यानी आपके लग्न भाव में गोचर करेंगे। यह गोचर आपके लिए अच्छा सिद्ध होगा। परिवार के बीच सामंजस्य की स्थिति बनी रहेगी। घर का हर सदस्य आपको समझाने में समर्थ होगा और आप भी अपनी बात को अच्छी तरह से रख पाएंगे। इस वक्त जीवनसाथी का सहयोग आपके अंदर हर्ष और आनंद का संचार करेगा। वहीं दूसरी ओर इस राशि के प्रेमी जातक अपने संगी के साथ हसीन लम्हे बिताएंगे और अपने मन की बातों को अपने संगी के सामने रखेंगे। पार्टनरशिप में बिज़नेस करने वाले लोगों को इस दौरान ख़ासा मुनाफा हो सकता है और जो लोग नया बिज़नेस करना चाहते हैं उनके लिए भी समय अनुकूल रहेगा। इस दौरान आपके जीवनसाथी को कार्यक्षेत्र में पद्दोन्नति मिलने के भी योग हैं। उनका प्रमोशन आपके लिए सुखद रहेगा। इस समयावधि में आप नए घर का निर्माण कार्य शुरू करवा सकते हैं। कुछ जातकों के परिवार में इस वक्त मांगलिक काम हो सकता है।

उपाय: भगवान श्री कृष्ण को चंदन का टिका लगाएँ और अपने माथे पर सफेद चंदन का तिलक लगाएँ।


आशा करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आयी होगी। हम आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

2019 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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