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बुध का मीन राशि में गोचर - 12 अप्रैल, 2019

नव ग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार ग्रह का पद दिया जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध एक सौम्य और शुभ ग्रह है। बुध ग्रह जिस भी ग्रह के साथ होते हैं उसके अनुसार ही फल प्रदान करते हैं। अर्थात बुध अगर क्रूर ग्रह के साथ विराजमान हैं तो परिणाम भी क्रूर देंगे वहीं, अगर शुभ ग्रहों के साथ विद्यमान हैं तो परिणाम भी शुभ देंगे। सौरमंडल के सबसे छोटे ग्रह बुध सूर्य के सबसे निकट हैं। सूर्य के साथ मिलकर यह प्रभावशाली बुधादित्य योग बनाते हैं। काल पुरुष की कुंडली में बुध ग्रह मिथुन और कन्या राशियों के स्वामी हैं। कन्या राशि में बुध ग्रह अपनी उच्च अवस्था में विराजमान रहते हैं, इसी लिए कन्या इनकी स्वराशि है। मीन राशि में बुध देव नीच अवस्था में रहते हैं। अपने स्वभाव के अनुसार कुछ ग्रह दिन में, तो कुछ रात में बली रहते हैं जबकि बुध देव सर्वदा बली रहते हैं क्योंकि बुध देव दिन और रात दोनों समय बली रहते हैं।

बुध ग्रह का प्रभाव

बुध ग्रह को बुद्धि, नाते रिश्तों में हमारी बहन, शरीर की त्वचा, बोलने की हमारी क्षमता, लोगों से सम्पर्क करने में हमारी योग्यता अर्थात हमारी संवाद शैली, तार्किक क्षमता, यात्रा, लेखन, गणित, ज्योतिष आदि का कारक माना जाता है। जिस जातक की कुंडली में बुध अच्छी स्थिति में होता है उस जातक की तार्किक क्षमता और बुद्धि प्रखर होती है। वहीं अगर बुद्ध अच्छी स्थिति में न हो तो त्वचा संबंधी विकार होते हैं और ऐसा व्यक्ति खुद को अच्छी तरह से व्यक्त भी नहीं कर पाता है। ऐसे लोग किसी तरह की कोई मानसिक तकलीफ़ का शिकार हो सकते हैं। ऐसे लोगों को ज्योतिष के अनुसार विधारा मूल धारण करना चाहिए। इसके अलावा पन्ना और चार मुखी रुद्राक्ष भी बुध को शांत करने में कारगर साबित होते हैं।

गोचर का समय

बुध का मीन राशि में गोचर

बुध ग्रह उत्तर दिशा पर अपना आधिपत्य रखते हैं और अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती इनके मुख्य नक्षत्र हैं। यह सूर्य, शुक्र और राहु को अपना मित्र मानते हैं तो चंद्रमा को अपना शत्रु। इसके अतिरिक्त शनि, मंगल और बृहस्पति ग्रह से यह तटस्थ अर्थात सम संबंध रखते हैं। इसके अलावा इनका वक्री होना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसका सीधा प्रभाव हमारे तर्क शक्ति, व्यापार और संवाद शैली पर पड़ता है। जिनके प्रभावित होने से जीवन में विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। कम्युनिकेशन, व्यापार तथा त्वचा का कारक ग्रह बुध ने 25 फरवरी 2019 दिन सोमवार को प्रातः 8 बजकर 43 मिनट पर कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश किया था। मीन राशि में 5 मार्च 2019 दिन मंगलवार को बुध ने वक्री स्थिति प्रारम्भ की थी और 15 मार्च 2019 दिन शुक्रवार को प्रातः 9 बजे कुंभ राशि में वापस लौट गये थे। इसके पश्चात 28 मार्च 2019 बृहस्पतिवार से बुध ने अपनी मार्गी गति प्रारंभ की थी। अब 12 अप्रैल 2019, शुक्रवार को बुध देव पुनः मीन राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में बुध देव के इन गोचरों का प्रभाव निश्चित रूप से सभी राशियों पर पड़ेगा। तो आइए जानते हैं कि बुध के मीन राशि में गोचर का आपकी राशि पर क्या विशेष प्रभाव पड़ेगा और इस गोचर के दौरान आपको किस प्रकार के शुभाशुभ परिणामों की प्राप्ति होगी?

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मेष

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में बारहवां भाव मीन राशि का होता है और इस भाव को हानि भाव भी कहा जाता है। यह भाव कारक होता है व्यय का, अचेतन मन का, विदेश यात्रा और मोक्ष का। ऐसे में बुध के बारहवें भाव में गोचर की वजह से आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है। इस वक्त आपको अच्छा बजट प्लान बनाने की जरूरत है जिससे आप अपने अनचाहे ख़र्चों पर लगाम लगा सकें। इसके साथ ही इस दौरान निवेश करने से भी बचें क्योंकि यह समय निवेश के लिए बहुत अच्छा नहीं है। जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें इस दौरान अच्छे फल मिलने की उम्मीद है। अगर आपने कोई परीक्षा दी है तो उसका सकारात्मक परिणाम आ सकता है। विदेश जाने का प्लान बनाने वाले इस राशि के लोगों के सपने भी इस दौरान पूरे हो सकते हैं और जो लोग विदेशों में बसना चाहते हैं उनकी मुराद भी पूरी हो सकती है। इस राशि के कुछ जातक अपने परिवार के साथ किसी धार्मिक यात्रा पर जाएं तो अच्छा फल मिलेगा। आध्यात्मिक विषयों में इस राशि के जातकों की रूचि इस दौरान बढ़ सकती है और किसी आध्यात्मिक गुरु से मिल सकते हैं।

उपाय: भगवान शंकर की आराधना करें।

वृषभ

वाणी, बुद्धि और तार्किक क्षमता का कारक बुध ग्रह आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर करेगा। कुंडली में एकादश भाव कुंभ राशि का होता है और इसे लाभ का भाव भी कहा जाता है। इस भाव से हम आमदनी, जीवन में मिलने वाली उपलब्धियों, बड़े भाई-बहनों से रिश्ते और लाभ के बारे में विचार करते हैं। बुध का गोचर आपके एकादश भाव में होने से आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा और नौकरी पेशा से जुड़े लोगों की आमदनी में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही, आपको अपने सीनियर्स का भी इस दौरान सहयोग मिलेगा। जो लोग नए व्यवसाय को शुरू करने का विचार बना रहे हैं वो इस दौरान नया व्यवसाय खोल सकते हैं। निवेश करना भी इस दौरान बहुत अच्छा रहेगा। इस राशि के जो लोग प्रेम संबंधो में पड़े हैं उन्हें भी इस दौरान अच्छे फल मिलेंगे और कुछ प्रेमी जातक विवाह के बंधन में भी बंध सकते हैं। हालांकि इस राशि के विवाहित लोगों के लिए समय थोड़ा विपरीत है इस दौरान जीवनसाथी के साथ आपके मतभेद हो सकते हैं। छात्रों के लिए समय अच्छा है शिक्षा के क्षेत्र में आ रही परेशानियां दूर होंगी और इस समयावधि में आप गणित और विज्ञान जैसे तार्किक विषयों में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। बेरोजगार लोगों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे।

उपाय: रोज़ाना गौ माता की सेवा करें।

मिथुन

आपकी राशि से दशम भाव में बुध ग्रह का गोचर होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव मकर राशि का होता है और इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। यह भाव कारक होता है कर्म का, पिता का और समाज में आपकी प्रतिष्ठा का। आपके दशम भाव में बुध ग्रह के गोचर से आपके अंदर की कला बाहर आ सकती है, अगर आप लेखन या जनसंचार के क्षेत्र से जुड़े हैं तो यह समय आपके लिए शुभ फलदायी है। आपकी एकाग्रता इस दौरान गजब की होगी और आप हर काम को मन लगाकर करेंगे और इसीलिए आपको अच्छे नतीजे भी मिलेंगे। परिवार के लोगों के बीच आपकी स्थिति सुधरेगी, आपके द्वारा दी गई सलाह को आपके घर के लोग अहमियत देंगे। पिता के साथ इस समयावधि में आपकी अच्छी निभेगी। विवाहित लोगों के जीवन में प्रेम के फूल खिल सकते हैं। आपका जीवनसाथी न सिर्फ आपके शब्दों को बल्कि आपकी चुप्पी को भी समझेगा। वाणी पर आपको इस दौरान नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है, खासकर सामाजिक जीवन में इस बात का ख़ास ख्याल रखें नहीं तो मानहानि हो सकती है। छात्रों की बौद्धिक क्षमता इस दौरान बढ़ेगी। सकारात्मक विचार आपके व्यक्तित्व को निखारेंगे। इस गोचर के दौरान खासतौर से आपको गलत संगति से बच के रहने की सलाह दी जाती है।

उपाय: भगवान विष्णु को पीला चंदन चढ़ाएं।

कर्क

ज्योतिषशास्त्र में बुध ग्रह को संचार और लेखन का कारक माना जाता है। बुध ग्रह आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेंगे। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव धनु राशि का है और इस भाव को धर्म भाव भी कहा जाता है। बुध ग्रह की नवम भाव में स्थिति आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगी। बुध का यह गोचर आपको लेखन और अभिनय की ओर जाने के लिए प्रेरित करेगा और आप इन कामों को करने के लिए अपना समय भी दे सकते हैं। कारोबारी वर्ग और छात्र/छात्राओं को इस दौरान विदेशों से अच्छी खबर प्राप्त हो सकती है। जो छात्र विदेश जाकर पढ़ना चाहते हैं उनके सपने पूरे हो सकते हैं। बुध ग्रह का यह गोचर वैसे तो इस राशि के सब लोगों को फायदा पहुँचाएगा लेकिन ग्लैमर और मीडिया के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय कामयाबी लेकर आएगा और जिस सफलता की इन क्षेत्रों से जुड़े लोग उम्मीद करते थे वही सफलता उनको मिल सकती है। यह समय केवल आपके लिए ही नहीं बल्कि आपके भाई-बहनों के लिए भी शुभफलदायी होगा। अगर आप किसी मानसिक परेशानी से जूझ रहे थे तो वो भी इस दौरान दूर हो जाएगी। स्वास्थ्य में सुधार होने से सकारात्मक ऊर्जा आपके हर काम में देखने को मिलेगी।

उपाय: मां की सेवा करें और उनका ध्यान रखें।

सिंह

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव वृश्चिक राशि का होता है। इस भाव में बुध के गोचर के चलते आपकी स्थिति सामान्य रहेगी। इस दौरान आपके हालात बहुत बुरे नहीं होंगे लेकिन बहुत अच्छे भी नहीं नज़र आएंगे। आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के प्रयास इस दौरान आपको करने होंगे। किसी को उधार देने से बचें नहीं तो दूसरे की आर्थिक स्थिति तो अच्छी हो जाएगी लेकिन आप मजधार में फंस जाएंगे। हालांकि इस राशि के कुछ लोगों को इस दौरान गुप्त धन की प्राप्ति हो सकती है जिससे उनके हालात सुधर जाएंगे। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को कार्यक्षेत्र में इस दौरान संभलकर चलने की जरूरत है। ऐसे में बेवजह की बहसों में पड़ने से इस दौरान बचें और कार्यक्षेत्र में होने वाली राजनीति से भी खुद को दूर रखें। स्पष्टवादी बनें और भावनाओं में बहकर कोई भी फैसला न लें। काम के प्रति समर्पण दिखाए, लेकिन इस हद तक नहीं कि आपका स्वास्थ्य ही गड़बड़ा जाए। दिमाग को फ़ालतू विचारों से न भरें और अच्छे स्वास्थ्य के लिए योग ध्यान करें।

उपाय: सूर्य देव को जल चढ़ाएं।


कन्या

बुध देव आपके विवाह भाव में गोचर करेंगे। काल पुरुष की कुंडली में सप्तम भाव को विवाह भाव कहा जाता है। इस दौरान इस राशि के कुछ जातक प्रेम सरोवर में डुबकियां लगा सकते हैं और इस राशि के कुछ जातक प्रेम विवाह भी कर सकते हैं। प्रेमियों के लिए तो यह समय अच्छा रहेगा ही साथ ही इस राशि के विवाहित जातक भी इस दौरान प्रेम में पूर्णता को प्राप्त करेंगे। आपका जीवनसाथी आपके हंसमुख चेहरे को देखकर इस समय ख़ुशी महसूस करेगा। बुध के इस गोचर के दौरान आप अपने प्रेमी से और आपका संगी आपसे खुलकर बात करेगा जिससे ग़लतफहमी के बादल छट जाएंगे। कारोबारी वर्ग के लोगों के लिए भी समय अनुकूल है। साझेदारी में बिजनेस करते हैं तो इस दौरान मुनाफ़ा हो सकता है और साझेदार के साथ भी रिश्ते सुधरेंगे। समाज के बीच इस राशि के लोगों का दर्जा इस दौरान बढ़ेगा। आपकी वाणी की प्रखरता आपको नयी पहचान दिलाएगी। भाग्य से ज्यादा आप इस दौरान कर्म पर भरोसा करेंगे लेकिन कहीं न कहीं भाग्य भी इस दौरान आपके साथ होगा। इस समय का आनंद लें।

उपाय: गुरुवार के दिन बुज़ुर्ग ब्राह्मण को भोजन कराएं।

तुला

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से षष्टम भाव में हो रहा है काल पुरुष की कुंडली में इस भाव को शत्रु भाव भी कहा जाता है। इस भाव में बुध का गोचर आपके लिए सकारात्मक नहीं कहा जा सकता। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को इस गोचर के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आप जो बात अपने सहकर्मियों को कहना चाहेंगे वो उसे उस तरह से नहीं समझ पाएंगे जैसे आप समझाना चाहते हैं इससे ग़लतफ़हमियाँ बढ़ सकती हैं। इस लिए आपको सलाह दी जाती है कि जितना हो सके कार्यक्षेत्र में कम बोलें और अपने काम से काम रखें। आर्थिक पक्ष भी इस दौरान कमजोर हो सकता है इसलिए बिना योजना के धन खर्च न करें। इस राशि के कुछ कारोबारियों को इस वक्त में अनचाही यात्रा करनी पड़ सकती है जिससे उनका मन खिन्न होगा। सामाजिक स्तर पर महिलाओं से बहसबाजी करने से बचें नहीं तो मानहानि हो सकती है। विवाहित लोगों को इस समय अपने जीवनसाथी का विशेष ख्याल रखना चाहिए अगर किसी बात को लेकर वो गुस्सा भी हों तो बहस न करें। ननिहाल पक्ष से इस वक्त अच्छा सहयोग मिलेगा जिससे जीवन की कुछ परेशानियां दूर हो सकती हैं। यह वह समय है जब आपको हर काम में दोगनी मेहनत करके ही अच्छे परिणाम मिलेंगे।

उपाय: बहन को कोई उपहार देकर उन्हें खुश करें।

वृश्चिक

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में हो रहा है काल पुरुष की कुंडली में यह भाव सिंह राशि का होता है और इसे विद्या भाव भी कहा जाता है। बुध के पंचम भाव में गोचर के चलते इस राशि के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे। जिन लोगों का ध्यान पढ़ाई से बार-बार भटकता है वो योग ध्यान करके अपनी एकाग्रता को प्रबल कर सकते हैं। प्रेम जीवन के लिए यह गोचर बहुत अच्छा रहेगा। जो लोग प्रेम की नौकाओं में सवार हैं उन्हें इस दौरान किनारे मिल सकते हैं। आपको रिझाने के लिए आपका प्रेमी स्वांग रचेगा और उनकी भाव-भंगिमाओं को देखकर आपका मन प्रफुल्लित होगा। लंबे समय से प्रेम की डोर से जुड़े इस राशि के जातक शादी के बंधन में बंध सकते हैं। अपने करीबी रिश्तेदारों से इस वक्त सोच समझकर बात करें, अगर आप उनसे छोटे हैं तो मर्यादा रुपी दहलीज को न लांघें नहीं तो रिश्तों में खटास आ सकती है। आर्थिक पक्ष इस दौरान मजबूत होगा, अगर आपके ऊपर कोई कर्जा है तो इस दौरान उसे उतार पाएंगे। वैसे लॉटरी या सट्टेबाज़ी में पड़ना अच्छा नहीं है लेकिन आपके तारे बता रहे हैं कि इस दौरान आपको सट्टेबाज़ी से मुनाफ़ा हो सकता है।

उपाय: भगवान बाल कृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाकर, बच्चों में प्रसाद बांटे।

धनु

बुध का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में होगा। इस भाव को सुख भाव भी कहा जाता है। इस गोचर के दौरान आपको मनमाफिक फल मिलने की उम्मीद है। जो लोग लंबे समय से किराये के मकानों में रह रहे हैं वो अब अपना आशियां बना सकते हैं। इस राशि के कुछ लोग इस दौरान वाहन भी खरीद सकते हैं। आपके मन में शांति का भाव होगा और मन की यह शांति सिर्फ आप ही महसूस नहीं करेंगे बल्कि आपके आसपास रहने वाले लोग भी महसूस करेंगे। विवाहित लोगों को उनके जीवनसाथी का इस दौरान भरपूर सहयोग मिलेगा। अगर आपकी माता स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं तो इस दौरान उन्हें आराम मिल सकता है। अपनी माँ को अच्छा महसूस कराने के लिए आप उनके साथ छोटे बच्चे की तरह व्यवहार कर सकते हैं। वैचारिक रूप से आप प्रखर होंगे और इसी वजह से कार्यक्षेत्र में आपकी तूती बोलेगी। समाज के बीच भी आप अच्छी छवि बनाने में कामयाब होंगे। हालांकि आपको अहम भाव से बचना चाहिए , याद रखिये जो काम आप लोगों को दिखाने के लिए करते हैं उससे आपको क्षणिक सुख मिल सकता है लेकिन धीरे-धीरे आप परेशान होने लगते हैं। इसलिए अच्छे काम कीजिये, लेकिन आत्म संतुष्टि के लिए नाकि दूसरों की नजरों में खुद को बेहतर दिखाने के लिए। छात्रों के लिए समय अच्छा है क्षिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे।

उपाय: जीवन साथी को इत्र या परफ्यूम गिफ्ट करें।

मकर

बुध का गोचर आपकी राशि से तृतीय भाव में हो रहा है। काल पुरुष की कुंडली में यह भाव मिथुन राशि का होता है। बुध का यह गोचर आपके लिए बहुत लाभदायक रहेगा। लंबे समय से यदि किसी संस्था में कार्यरत हैं और नौकरी बदलने का विचार बना रहे हैं तो यह समय अच्छा है कोशिश करें सफलता मिलेगी। इस समय आपके जीवन में कोई ऐसी घटना घटित हो सकती है जिससे आपके जीवन में परिवर्तन आ जाएगा और यह बदलाव सकारात्मक होगा। एकाग्रचित होकर किसी काम को करना आपकी खूबी है, इस दौरान आपकी यह खूबी और भी निखरेगी और आप जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह समय आपकी स्थिति को लोगों के बीच मजबूत करेगा। कई लोग आपसे इस दौरान सलाह लेते नज़र आएँगे। आपकी सामाजिक परिधि का विस्तार होगा। विवाहित लोगों को अपने जीवनसाथी की बातों को ध्यान से सुनने की जरूरत है। अगर आप बातों को पूरी तरह से जाने बिना कोई निर्णय लेते हैं तो आने वाले वक्त में यह आपके लिए ही परेशानी का सबक बन सकता है। इस राशि के कुछ जातकों का मन इस दौरान धार्मिक कार्यों पर लगेगा।

उपाय: शनिवार के दिन किसी ज़रूरतमंद और दिव्यांग व्यक्ति की मदद करें।

कुंभ

बुध ग्रह जिन्हें लेखन और संचार का कारक ग्रह माना गया है वो आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर कर रहे हैं। इस गोचर के चलते आपकी वाणी में मिठास घुली रहेगी। आप स्पष्टता से अपनी बातों को लोगों के सामने रख पाने में सक्षम होंगे और यही स्पष्टता लोगों को आपकी ओर खींचेगी। इस दौरान आपको भावनाओं में नहीं बहना चाहिए कोई आपकी तारीफ करे तो आप ताड़ के झाड़ पर न चढ़ें, जितने संयमित रहेंगे उतना आपके लिए बेहतर रहेगा। जो लोग आपकी बातों को नहीं समझते उनके सामने अपने शब्दों को बर्बाद न करें। गायन और लेखन के क्षेत्र से जुड़े इस राशि के जातक इस समयावधि में अपनी कला में निखार लाने के लिए जी तोड़ मेहनत कर सकते हैं। आर्थिक पक्ष को देखा जाए तो कुछ बेवजह के खर्चे आपको परेशान कर सकते हैं। छात्रों के लिए वक्त अच्छा है किताबों से दोस्ती बढ़ेगी और वो केवल अपने पाठ्यक्रम की पुस्तकें नहीं पढ़ेंगे बल्कि अच्छे लेखकों की किताबें भी पढ़ेंगे। पारिवारिक मामलों में थोड़ा संभलकर चलें भावनाओं से ज्यादा अपनी समझ से उलझनों को सुलझाएं।

उपाय: छोटी बच्चियों को खुश रखें और कन्या भोज व कन्या पूजन करें।

मीन

बुध ग्रह आपके प्रथम भाव यानि कि आपकी ही राशि में गोचर करेंगे। काल पुरुष की कुंडली में प्रथम भाव मेष राशि का होता है और इसे तनु भाव भी कहा जाता है। इस गोचर के चलते आपको पारिवारिक जीवन में अच्छे फल मिलेंगे। माता-पिता से भविष्य को लेकर बातें हो सकती हैं। अगर आप शादी योग्य हैं तो आपकी शादी की बातें घर में चल सकती हैं। जो लोग शादीशुदा हैं उन्हें जीवनसाथी के साथ वक्त बिताने का पर्याप्त समय मिलेगा। प्रेम में पड़े इस राशि के लोगों के लिए भी यह समय अच्छा है, अगर मन में गलतफहमियों ने जगह बनाई थी तो इस दौरान वो दूर हो जाएंगी। कारोबारी लोगों को अपने कारोबार को बढ़ाने में सफलता मिलेगी। यह समय उन कारोबारियों के लिए बहुत अच्छा है जो साझेदारी में बिज़नेस कर रहे हैं। नौकरी पेशा से जुड़े लोग अपने काम का अच्छा फल इस समय पा सकते हैं और उनकी पदोन्नति हो सकती है। स्वास्थ्य के प्रति ढुलमुल रवैया इस दौरान न अपनाएं अगर आपको छोटी-मोटी बीमारी भी है तो किसी अच्छे चिकित्सक के पास जाकर सलाह लें।

उपाय: भगवान श्री कृष्ण को चंदन का टीका लगाएँ और अपने माथे पर भी सफेद चंदन का तिलक लगाएँ।

2019 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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