Personalized
Horoscope
  • Talk To Astrologers

शुक्र का तुला राशि में गोचर (18 अक्टूबर 2022)

एस्ट्रोसेज के इस लेख में आपको शुक्र का तुला राशि में गोचर (18 अक्टूबर 2022) होने के कारण सभी 12 राशियों के जीवन पर आने वाले बदलावों के बारे में सही एवं सटीक भविष्यवाणियां पढ़ने को मिलेंगी। जो पूर्ण रूप से वैदिक ज्योतिष पर आधारित हैं और हमारे सर्वश्रेष्ठ एवं विद्वान ज्योतिषियों द्वारा शुक्र ग्रह की स्थिति एवं चाल का विश्लेषण कर प्रदान की गई हैं। आइए जानते हैं कि शुक्र का तुला राशि में गोचर आपकी राशि को किस प्रकार प्रभावित करेगा।

शुक्र का तुला राशि में गोचर

शुक्र का तुला राशि में गोचर 18 अक्टूबर 2022 को होगा। वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को शुभ ग्रह माना गया है, जिन्हें प्रेम संबंधों, सुख-सुविधाओं,जीवनसाथी, कामुक विचारों और सभी प्रकार के भौतिक सुखों का कारकतत्व प्राप्त है। इसलिए जिस भी जातक की कुंडली में शुक्र की स्थिति शुभ होती है तो वो व्यक्ति जीवन में समस्त सांसारिक सुखों व भौतिक सुखों का लाभ उठाता है। परंतु कुंडली में शुक्र के दुर्बल होने के कारण जातक को वैवाहिक जीवन में परेशानियां, जीवनसाथी के साथ मतभेद, जीवन भर दरिद्रता और भौतिक सुखों का अभाव आदि कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा वृषभ और तुला राशि शुक्र की स्वामित्व राशि कहलाते हैं। वहीं मीन इसकी उच्च तो कन्या इसकी नीच राशि होती हैं। शुक्र लगभग 23 दिन की अवधि में अपना राशि परिवतर्न करते है अर्थात शुक्र का गोचर क़रीब 23 दिन में होता है। जहाँ वे सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप से प्रभाव ज़रूर डालते हैं।

एस्ट्रोसेज वार्ता से दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें फोन पर बात

शुक्र का तुला राशि में गोचर: तिथि, समय व अवधि

शुक्र का तुला राशि में गोचर 18 अक्टूबर 2022 मंगलवार रात 9 बजकर 24 मिनट पर होगा जब शुक्र ग्रह अपनी नीच राशि कन्या राशि से निकलकर स्वराशि तुला में गोचर करेंगे।

शुक्र के तुला राशि में होने वाले इस गोचर का असर हर जातक पर देखने को मिलेगा। तो आइए अब विस्तार से जानते हैं शुक्र के इस गोचर का आपकी राशि पर ज्योतिषीय प्रभाव:-

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। यहाँ क्लिक कर चंद्र राशि कैलकुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि।

Read in English: Venus transit in Libra - 18 October 2022

मेष

मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके धन, नेत्र, मुख, वाणी, परिवार आदि के द्वितीय भाव और विवाह, जीवनसाथी आदि के सप्तम भाव के स्वामी हैं। अब वे 18 अक्टूबर को अपनी स्वराशि में गोचर करते हुए आपके सप्तम भाव में ही विराजमान होंगे। ऐसे में शुक्र का ये गोचर मिलाजुला फल देगा।

कार्यक्षेत्र पर आपको अपार सफलता मिलेगी। इससे आपके पद और आमदनी में वृद्धि संभव है। हालांकि इस समय आपकी कामयाबी आपके स्वभाव में कुछ अहंकार लाने का कार्य करेगी। ऐसे में आपको कार्यस्थल पर अपनी सफलता को अपने सिर पर चढ़ने न देते हुए किसी भी कर्मी के साथ विवाद करने से बचना होगा। खासतौर से महिला कर्मियों का सम्मान करें क्योंकि इससे आपकी छवि में भी सुधार आएगा।

स्वास्थ्य के दृष्टि से भी आपको अपने खानपान के प्रति सावधानी बरतनी होगी क्योंकि आशंका है कि शुक्र का तुला राशि में गोचर आपकी कामुक शक्ति कमज़ोर कर सकता है। इसके कारण हो सकता है कि आपको कुछ समस्याओं से दो-चार होना पड़े। साथ ही इस दौरान किडनी या आँखों से सबंधित समस्या भी संभव है।

साथ ही इस दौरान शुक्र आपके लग्न भाव पर भी दृष्टि डालेंगे और इसके चलते शादीशुदा जातकों के स्वभाव में कुछ उतार-चढ़ाव देखे जाएंगे। परंतु शाम को साथी के साथ आप आपसी हर विवाद को सुलझाते हुए अपने रिश्ते में रोमांस की वृद्धि करने में भी सफल रहेंगे। ऐसे में संभव हो तो साथी/पार्टनर के साथ कही बाहर किसी डेट या घूमने जाने का प्लान करें। वहीं यदि आप अविवाहित हैं और किसी रिलेशन में हैं तो आपके मन में अपने प्रेमी से विवाह करने का विचार आ सकता है।

उपायः शुक्रवार के दिन मां दुर्गा की उपासना कर उन्हें सफेद चंदन अर्पित करें।


वृषभ

वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके लग्न व षष्ठम भाव के स्वामी ग्रह हैं। कुंडली में जहाँ लग्न से हम जातक का जन्‍म, स्वभाव व उसका व्यक्तित्व देखते हैं तो वहीं छठे भाव से हमे जातक की रोग, शत्रु व ऋण से जुड़ी जानकारी मिलती है। अब शुक्र देव वर्तमान में आपकी राशि से षष्ठम भाव में ही संचरण करेगा। ऐसे में शुक्र का ये गोचर आपको मिश्रित फल देने वाला है।

स्वास्थ्य के लिहाज़ से शुक्र का तुला राशि में गोचर वृषभ राशि के जातकों को सेहत से जुड़ी समस्याएं दे सकता है। इस दौरान यदि आपको कोई पुरानी समस्या थी तो वो पुनः परेशान कर सकती है। इसलिए अच्छा खान-पान लेते हुए ज़रूरत पड़ने पर किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेना भी आपके लिए बेहतर रहने वाला है।

कार्यक्षेत्र की बात करें तो यूँ तो आप अपने कार्यों के प्रति अधिक केंद्रित दिखाई देंगे। परंतु बावजूद इसके आपको शुरुआत से ही अपने विरोधियों की हर चाल पर नज़र बनाने की ज़रूरत होगी। क्योंकि आशंका है कि वे सक्रिय होंगे और लगातार कार्यस्थल पर आपकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। कई जातकों को वैवाहिक जीवन में भी धन से जुड़ी समस्या के कारण कष्ट संभव है। इस कारण आप कोई कर्ज या किसी से उधार धन लेने के बारे में भी विचार करेंगे।

हालांकि इस दौरान शुक्र की दृष्टि आपके द्वादश भाव पर भी होगी, जो खर्चा, नुकसान, मोक्ष आदि का भाव होता है। ऐसे में इस दौरान किसी भी यात्रा पर जाने से परहेज करें। अन्यथा धन खर्च या किसी वस्तु के खो जाने से आपको परेशानी हो सकती है। इस अवधि में आपके लिए धन की बचत करना करीब-करीब असंभव रहेगा। इसलिए आपको एक सही बजट प्लान बनाने और उसी के अनुसार अपना धन खर्च करने की सलाह दी जाती है।

उपाय: गरीबों व ज़रूरतमंदों में गर्म वस्त्रों का दान करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।


आर्थिक भविष्यफल रिपोर्ट से पाएं धन संबंधी हर समस्या का ज्योतिषीय समाधान।

मिथुन

मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र संतान, बुद्धि आदि के पंचम भाव और खर्चा, नुकसान, मोक्ष आदि के द्वादश भाव की अध्यक्षता करते हैं और अब वे 18 अक्टूबर को आपकी राशि से पंचम भाव में ही गोचर करने जा रहे हैं। ऐसे में आपके लिए ये गोचर शुभ फलदायी सिद्ध होने वाला है।

शुक्र का तुला राशि में गोचर कार्यक्षेत्र पर आपको सफल बनाएगा। जिससे आप इस दौरान कार्यस्थल पर अपने सभी विरोधियों व शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हुए उन्हें भी अपना मित्र बनाने में सक्षम होंगे। यदि आपकी बॉस कोई महिला हैं तो आप उन्हें अपनी ओर आकर्षित कर सकेंगे।

साथ ही सेहत में भी सुधार आने से आप खुलकर जी सकेंगे। जो छात्र विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करने के इच्छुक हैं, उन्हें कोई शुभ समाचार मिलेगा। परंतु इसके लिए प्रयास करते रहने की ज़रूरत होगी। प्रेम संबंधों के लिहाज़ से शुक्र देव की कृपा आपके प्रेम जीवन में रोमांस की अनुभूति करेगी। ऐसे में रिश्ते को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रियतम के साथ समय व्यतीत करें। वहीं शादीशुदा जातकों के जीवनसाथी को अपने करियर में सफलता मिलने से आपका मन भी प्रसन्न रहेगा।

इसके अलावा इस दौरान शुक्र देव आपके लाभ और अभिलाषा पूर्ति आदि के एकादश भाव पर भी अपनी दृष्टि डालेंगे। इसलिए इस समय आर्थिक जीवन में आपको अच्छा धन लाभ होने की संभावना रहेगी। यदि कोई धन कहीं अटका हुआ था तो वो भी आपको वापस मिल सकेगा। इससे कई जातक अपनी कोई अधूरी इच्छा पूर्ति करते हुए अपना कुछ धन भी खर्च कर सकते हैं। वाहन खरीदने के लिए अवधि अनुकूल रहेगी।

उपायः शुक्र ग्रह को मजबूत बनाने के लिए शुक्र ग्रह के मंत्र "ॐ शुं शुक्राय नमः" का जाप करें।


कर्क

कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके माता, सुख, वाहन, प्रॉपर्टी, घर आदि के चतुर्थ व लाभ, अभिलाषा पूर्ति आदि के एकादश भाव के स्वामी होते हैं और अब आपकी राशि से वे चतुर्थ भाव में अपना गोचर करेंगे। शुक्र का ये गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए सामान्य से अधिक सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।

साथ ही शुक्र आपके कर्म यानी दशम भाव पर भी अपनी दृष्टि डालेंगे और इसके परिणामस्वरूप आपको कार्यक्षेत्र पर सफलता मिलेगी। खासतौर से जिन जातकों को कार्यों को पूरा करने में समस्या आ रही थी वे अब हर कार्यों को समय से पहले पूरा करने में सक्षम होंगे। हालांकि कार्यस्थल पर किसी के साथ भी विवाद में पड़ने से बचें अन्यथा आपके लिए समस्या बढ़ सकती है।

शुक्र देव आपकी आमदनी में वृद्धि भी होने से आपका मन प्रसन्न करेंगे। ये समय आपके आर्थिक जीवन में समृद्धि के योग बनाएगा। कई जातक इस समय अपनी कई अधूरी इच्छाओं को पूरा करते दिखाई देंगे। ऐसे में वे किसी वाहन अथवा घर की ख़रीदारी का प्लान भी कर सकते हैं। कुछ धन आप घर पर वस्तुओं की खरीदारी पर भी ख़र्च करेंगे।

शुक्र का तुला राशि में गोचर आपके पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति लाएगा। इसके अलावा सामाज में भी कई लोगों से आपको बातचीत करने का अवसर मिलेगा। वहीं शुक्र देव का आशीर्वाद आपके किसी पुराने रोग में भी सही सुधार देते हुए आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य करेगा।

उपायः रोजाना सुबह शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और सफ़ेद चंदन का तिलक लगाएं।


सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके छोटे भाई-बहनों के तृतीय भाव व कर्म यानी दशम भाव के स्वामी हैं। अब अपना ये गोचर करते हुए वे आपकी राशि से तृतीय भाव में संचरण करेंगे। ऐसे में ये गोचर सबसे अधिक आपके साहस में वृद्धि करेगा। इसका सकारात्मक परिणाम कार्यक्षेत्र पर आपकी कार्य क्षमता में सुधार लाएगा और आप हर कार्य के प्रति पहले से अधिक सक्रिय दिखाई देंगे। मीटिंग व योजना बनाते समय भी आपके सहकर्मी व अधिकारी आपसे खुश होंगे।

हालांकि शत्रु सक्रिय होंगे परंतु आप उन पर विजय प्राप्त कर उन्हें भी अपना मित्र बना लेंगे। शुक्र का तुला राशि में गोचर आपका रुझान धार्मिक कार्यों में बढ़ाएगा और आप कई धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते दिखाई देंगे। परिवार में भी छोटे भाई-बहन अपने कार्यक्षेत्र पर अच्छा प्रदर्शन देते हुए लाभ अर्जित करेंगे।

साथ ही शुक्र की आपके भाग्य भाव पर दृष्टि होने से आपको भी आर्थिक जीवन में धन लाभ होने के योग बन रहे हैं। कई जातक अपने किसी निवेश या किसी पालिसी से धन अर्जित करेंगे। यदि नौकरीपेशा जातक अपनी वतर्मान नौकरी बदलने का सोच रहे थे तो उन्हें अधिक वेतन के साथ नई नौकरी मिलने की संभावना है। सामाजिक क्षेत्र में आपका रुतबा बढ़ेगा और कई लोग आपसे सलाह-मशवरा लेते दिखाई देंगे। आप अपना कुछ समय दोस्तों के साथ भी व्यतीत करेंगे।

इसके अलावा वो जातक जो अपनी कलात्मक प्रतिभा को आगे बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए ये अवधि विशेष उत्तम रहेगी। वहीं सेहत के लिहाज़ से भी शुक्र देव का ये गोचर आपको खुद को सेहतमंद रखने के लिए जागरूक करेगा।

उपायः हर शुक्रवार के दिन गोवंश को चारा खिलाना आपके लिए शुभ रहेगा।


कन्या

कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके धन यानी द्वितीय भाव व भाग्य यानी नवम भाव के स्वामी होते हैं। अब वे अपने इस गोचर के दौरान आपकी राशि से द्वितीय भाव में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप ये गोचर सबसे अधिक आपके आर्थिक जीवन में कुछ बदलाव लेकर आने वाला है।

यदि आपको पूर्व में किसी आर्थिक तंगी से दो-चार होना पड़ सकता है। हालांकि विभिन्न स्रोतों से अपनी आय में वृद्धि करते हुए कुछ हद तक आप अपनी तंगी से निजात पा सकेंगे। इस समय आप अपना कुछ धन कहीं निवेश करने का भी सोच सकते हैं। परंतु किसी भी नए निवेश से अभी परहेज करना ज़्यादा उचित रहेगा। घर-परिवार में कोई शुभ या मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन संभव है और संभावना अधिक है। इससे आपको परिजनों व मेहमानों से मिलने का मौका मिलेगा। समाज में भी आपकी छवि व मान-सम्मान बढ़ेगा।

कई जातक कोर्ट-कचहरी से जुड़े अपने किसी मामले में फैसला अपने पक्ष में पाएंगे। किसी सरकारी विभाग या अधिकारी से भी सहयोग व कोई पुरूस्कार मिलेगा। लेकिन आपको कुछ भी कानून के विरुद्ध जाकर करने से बचना होगा, अन्यथा आप अपने लिए समस्या बढ़ा लेंगे। शुक्र का तुला राशि में गोचर आपकी वाणी में भी सुधार लाएगा और आप इसकी मदद से कार्यक्षेत्र पर दूसरों को प्रभावित करेंगे।

हालांकि शुक्र आपके अष्टम भाव पर दृष्टि डालेंगे और इस कारण वाहन चलाते समय या सड़क पर चलते समय आपको विशेष सावधानी बरतनी होगी। साथ ही इस दौरान आपको इसी भी प्रकार की यात्रा करने से भी परहेज करना होगा, अन्यथा आपके साथ कोई दुर्घटना होने की आशंका रहेगी।

उपायः भगवान शिव और मां पार्वती की आराधना कर उन्हें सफ़ेद मिठाई का भोग लगाएं।


तुला

शुक्र देव आपके राशि स्वामी होने के साथ-साथ आपके अष्टम भाव यानी आयु, खतरा, दुर्घटना आदि के भाव को भी नियंत्रित करते हैं। अब शुक्र का ये गोचर आपकी ही राशि अर्थात आपके प्रथम भाव में होगा। ऐसे में इस दौरान सबसे अधिक आपके स्वास्थ्य और स्वभाव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

आपका मन स्वादिष्ट पकवान खाने का करेगा। परंतु आपको ज्यादा खाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। क्योंकि किसी भी चीज़ का ज़रूरत से ज्यादा सेवन आपको बीमार कर सकता है। इसके अलावा इस अवधि में आप अपने व्यक्तित्व में सही विकास करेंगे। जिसकी मदद से आपको अलग-अलग माध्यमों से अचानक लाभ होने की संभावना बढ़ेगी। कुछ जातकों में शत्रुओं व विरोधियो को लेकर कुछ भय उन्हें परेशान कर सकता है। इसलिए शुरुआत से ही उनके प्रति अपनी नज़र बनाकर रखें।

शुक्र देव व्यक्ति में वासनात्मक विचारों के कारक होते हैं और अब उनका आपके प्रथम भाव में गोचर आपकी काम-वासना में वृद्धि करेगा। ऐसे में इन विचारों पर नियंत्रण रखें। इसके अलावा इस दौरान शुक्र की आपके विवाह, जीवनसाथी, पार्टनर आदि के सप्तम भाव पर दृष्टि होगी। इसलिए शादीशुदा जातकों के लिए समय शुभ रहेगा और वे अपने दाम्पत्य जीवन में विस्तार करने का प्लान कर सकते हैं। वहीं यदि आप अविवाहित हैं लेकिन विवाह योग्य हैं तो आप भी अपने लिए कोई अच्छा जीवनसाथी ढूढ़ने में सफल रहने वाले हैं। हालांकि इसके लिए आपको अपने परिजनों की मदद लेनी पड़ सकती है।

पार्टनरशिप के व्यापार से जुड़े जातकों को भी ये अवधि व्यापार में लाभ होने के योग बनाएगी। स्वास्थ्य जीवन यूँ तो अच्छा रहेगा, लेकिन आपको अपने अहंकार का त्याग करने की सख्त सलाह दी जाती है। अन्यथा इसके कारण आप स्वयं को बेकार का तनाव देते रहेंगे।

उपायः धार्मिक स्थल या किसी मंदिर में श्रद्धानुसार दान-पुण्य करना आपके लिए उचित रहेगा।


वृश्चिक

शुक्र आपके खर्चा, नुकसान, मोक्ष आदि के द्वादश भाव व साझेदारी के सप्तम भाव के स्वामी हैं और अब वे अपने इस गोचर के दौरान आपकी राशि से अपने ही द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। ऐसे में ये गोचर सबसे अधिक आपको अपने संबंधों में लाभ देने के योग बनाएगा।

यदि आप शादीशुदा है तो आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा और आपके रिश्ते में भी पहले से अधिक प्रेम व रोमांस की वृद्धि देखी जाएगी। हालांकि शुक्र देव का ये गोचर आपको सहज रूप से जीवन व्यतीत करने में मदद करेगा। परंतु उसी समय बीच-बीच में आपके मन में वासनात्मक विचारों की अधिकता भी होने से आपका जीवनसाथी कुछ असहज हो सकता है। इसलिए अपने विचारों को नियंत्रित करें।

कार्यक्षेत्र पर भी यूँ तो आप ऊर्जावान होंगे। परंतु फिर भी आपको हर कार्यों को करते समय सावधान रहना होगा, अन्यथा नुकसान हो सकता है। इसके अलावा ये समय व्यापारी खासतौर से पार्टनरशिप के व्यापार से जुड़े जातकों को किसी विदेश संबंध से अच्छा अवसर मिलने के योग बनाएगा। कुछ जातकों को किसी लंबी दूरी की यात्रा पर भी जाने का अवसर मिल सकता है।

आर्थिक जीवन में यूँ तो आप आमदनी में वृद्धि कर सकेंगे। लेकिन इसके साथ-साथ आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी होने से आपको कुछ तनाव मिल सकता है। आशंका अधिक है कि ये खर्चा आप अपनी जीवन शैली को बेहतर करने के लिए अपने पहनावें में बदलाव कर करेंगे।

हालांकि इस समय शुक्र आपके रोग यानी छठे भाव पर दृष्टि भी डालेंगे। इसलिए कई जातकों को किसी प्रकार की कोई शारीरिक समस्या होने से उन्हें अपने धन का एक बड़ा भाग भी ख़र्च करना होगा। जीवनसाथी को भी स्वास्थ्य कष्ट संभव है, इसलिए उनकी सेहत का ध्यान रखें।

उपायः हर शुक्रवार छोटी कन्याओं में खीर का दान करना आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा।


बृहत् कुंडली: जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

धनु

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके रोग, शत्रु, ऋण आदि के छठे भाव के और लाभ, इच्छा अभिलाषा पूर्ति आदि के ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। अब इस दौरान शुक्र आपकी राशि से गोचर करते हुए आपके एकादश भाव में ही विराजमान होंगे। ऐसे में शुक्र का ये गोचर आपके लिए आर्थिक जीवन में अपार लाभ मिलने के योग बनाएगा।

इस दौरान आप अपने घरवालों के साथ समय व्यतीत करते हुए खुद का मनोरंजन करते दिखाई देंगे। क्योंकि इस समय आपके जीवन में समृद्धि आने की प्रबल संभावना बनेगी। आप इस गोचर काल के दौरान कई प्रकार की भौतिक सुख-सुविधाओं का जमकर आनंद भी लेंगे और इससे आपका मन प्रसन्न होगा।

प्रेम जीवन में भी ये अवधि आपको प्रेमी का सहयोग देगी जिससे आपका रिश्ता और अधिक मजबूत हो सकेगा। परंतु यदि आप शादीशुदा हैं तो शुक्र का आपकी संतान के पंचम भाव पर दृष्टि डालना आपकी संतान के साथ आपके संबंधों में सुधार लाने की संभावना दर्शा रहा है। इससे आप उनके साथ का आनंद लेते हुए उनके साथ हंसी-मज़ाक करेंगे।

जीवनसाथी के साथ भी मधुर संबंध देखने को मिलेंगे। शुक्र देव सिंगल जातकों का रुझान किसी विपरीत लिंग के व्यक्तियों की ओर बढ़ा सकते हैं। इससे आपको किसी ख़ास के साथ अपनी दोस्ती बढ़ाने में सफलता मिलेगी और संभव है कि वो व्यक्ति आगे चलकर आपका पार्टनर भी बन सकता है।

उपायः नियमित रूप से श्री सूक्त का जाप करें।


मकर

मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी संतान के पंचम व कर्म अर्थात दशम भाव के स्वामी हैं। अब वर्तमान में वे अपना गोचर करते हुए आपके दशम भाव में ही संचरण करने जा रहे हैं। ऐसे में शुक्र का ये गोचर सबसे अधिक आपकी संतान के लिए अनुकूल सिद्ध होगा। वे अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर करती दिखाई देगी और इससे आपको उनपर गर्व की अनुभूति होगी। हालांकि पीढ़ियों का अंतर होने के कारण कुछ मुद्दों में आप दोनों की सोच भी एक-दूसरे से कुछ भिन्न हो सकती है।

साथ ही ये सोचर आपकी बुद्धि का विकास भी करेगा जिससे आप अपने कार्य में अच्छा करेंगे। परंतु बावजूद इसके आपको अपने काम से संतुष्टि नहीं मिलेगी और इस कारण कुछ जातक अपनी नौकरी में बदलाव का सोच सकते हैं। ऐसे में किसी भी बड़े फैसले को जल्दबाजी में लेने से बचें अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता है।

इसके अलावा शुक्र इस समय आपके माता, सुख, वाहन, प्रापर्टी, घर आदि के चतुर्थ भाव को दृष्टि करेंगे और इसके चलते घर-परिवार में सुख-समृद्धि आएगी। आप कई त्योहार घरवालों के साथ हंसी-ख़ुशी मनाते दिखाई देंगे। कुछ जातक कोई घर या वाहन खरीदने का प्लान भी कर सकते हैं और संभावना है कि इसमें अपनी मां से आपको सहयोग मिलेगा।

वहीं शुक्र देव की ये स्थिति प्रेमी जातकों को अपनी लव लाइफ में कुछ समस्या दे सकती है। इस कारण आपको कुछ हद तक मानसिक तनाव भी होगा। ऐसे में योग व ध्यान की मदद से आप खुद को तनाव मुक्त रख सकते हैं।

उपायः मां दुर्गा की सच्चे मन से आराधना करना आपके लिए अनुकूल रहेगा।


कुंभ

कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र उनके सुख अर्थात चतुर्थ भाव व भाग्य अर्थात नवम भाव के स्वामी हैं और अब इस समय शुक्र आपकी राशि से नवम भाव में ही अपना गोचर करेंगे। ऐसे में शुक्र का ये गोचर आपको विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा लाभ होने के योग बनाएगा।

खासतौर से वो जातक जो विदेश या किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने का इच्छुक थे, उन्हें इस दौरान यात्रा करने का अवसर मिलेगा। संभव है कि ये यात्रा आपके लिए लाभकारी सिद्ध हो। आर्थिक जीवन में भी स्थिति पहले से बेहतर होगी और इससे समाज में आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा। कई जातक घर पर ही किसी धार्मिक कार्यों का आयोजन करेंगे। इससे घर पर खुशहाली का वातावरण बनने में मदद मिलेगी। मां के साथ संबंध भी पहले से मधुर होंगे और आप उनके साथ कुछ खरीदारी भी करेंगे।

कार्यक्षेत्र की बात करें तो कार्यस्थल पर किसी महिला सहकर्मी या किसी महिला मित्र की मदद से आपको अपने करियर में अच्छा प्रदर्शन देने का मौका मिलेगा। हालांकि घर पर व्यस्तता के कारण आपको खुद को अपने लक्ष्यों के प्रति केंद्रित रखने की भी सलाह दी जाती है। परंतु शुक्र आपके साहस और मानसिक संतुलन के तृतीय भाव पर अपनी दृष्टि भी डालेंगे। इसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य जीवन में आपका साहसिक व्यक्तित्व आपकी सेहत में सुधार करेगा। परंतु कुछ निजी जीवन में उत्पन्न होने वाले खर्चें आपको मानसिक तनाव दे सकते हैं। इसलिए सही बजट प्लान के अनुसार ही अपने धन का इस्तेमाल करना आपके लिए उचित रहने वाला है।

उपायः "ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः" मंत्र का जाप करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।


करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

मीन

मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके तृतीय भाव (साहस, छोटे भाई-बहन, मानसिक संतुलन आदि) व अष्टम भाव (आयु, खतरा, दुर्घटना आदि) को नियंत्रित करते हैं और अब शुक्र आपकी राशि से अष्टम भाव में ही प्रवेश करेंगे। इस दौरान आपका मन कामुक विचारों से भरा रहेगा।

खासतौर से शादीशुदा जातक वासनात्मक विचारों की वृद्धि होने से अपने साथी के साथ किसी यात्रा या कहीं घूमने जाने का प्लान कर सकते हैं। शुक्र देव आपकी भौतिक सुख-सुविधाओं में भी वृद्धि करेंगे और इससे आप जमकर आनंद लेते दिखाई देंगे। घर-परिवार में भी आप घरवालों के साथ हंसी-खुशी से समय व्यतीत करेंगे। इससे आपको सदस्यों के साथ संबंध बेहतर करने में मदद मिलेगी।

परंतु कार्यक्षेत्र पर किसी कार्य को करते समय आपका लापरवाह स्वभाव आपको हानि पहुंचा सकता है। इसलिए सतर्कता बरतें और ज़रूरत पड़ने पर किसी बड़े अधिकारी या विशेषज्ञ की मदद ज़रूर लें। वहीं ये समय आपको एक से अधिक माध्यम से अचानक उच्च लाभ प्राप्ति कराएगा। इसलिए प्रयासरत रहकर कोशिश जारी रखें।

वहीं शुक्र देव आपके द्वितीय भाव पर अपनी दृष्टि डालेंगे। कुंडली में इस भाव से हम नेत्र, मुख, वाणी आदि का विचार करते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य जीवन में इस समय आपको सबसे अधिक अपनी आंखों और मुँह की स्वछता को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी। साथ ही दूसरों से बातचीत करते समय भी अपनी वाणी के प्रति सतर्क रहें अन्यथा न चाहते हुए भी आपका मज़ाक दूसरों को आहत कर सकता है।

उपायः मां दुर्गा को चावल की खीर का भोग लगाकर उसे प्रसाद के रूप में गरीबों में बाटें।


सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

Astrological services for accurate answers and better feature

33% off

Dhruv Astro Software - 1 Year

'Dhruv Astro Software' brings you the most advanced astrology software features, delivered from Cloud.

Brihat Horoscope
What will you get in 250+ pages Colored Brihat Horoscope.
Finance
Are money matters a reason for the dark-circles under your eyes?
Ask A Question
Is there any question or problem lingering.
Career / Job
Worried about your career? don't know what is.
AstroSage Year Book
AstroSage Yearbook is a channel to fulfill your dreams and destiny.
Career Counselling
The CogniAstro Career Counselling Report is the most comprehensive report available on this topic.

Astrological remedies to get rid of your problems

Red Coral / Moonga
(3 Carat)

Ward off evil spirits and strengthen Mars.

Gemstones
Buy Genuine Gemstones at Best Prices.
Yantras
Energised Yantras for You.
Rudraksha
Original Rudraksha to Bless Your Way.
Feng Shui
Bring Good Luck to your Place with Feng Shui.
Mala
Praise the Lord with Divine Energies of Mala.
Jadi (Tree Roots)
Keep Your Place Holy with Jadi.

Buy Brihat Horoscope

250+ pages @ Rs. 599/-

Brihat Horoscope

AstroSage on MobileAll Mobile Apps

AstroSage TVSubscribe

Buy Gemstones

Best quality gemstones with assurance of AstroSage.com

Buy Yantras

Take advantage of Yantra with assurance of AstroSage.com

Buy Feng Shui

Bring Good Luck to your Place with Feng Shui.from AstroSage.com

Buy Rudraksh

Best quality Rudraksh with assurance of AstroSage.com

Reports