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सूर्य देव का कुम्भ राशि में गोचर और उसका प्रभाव (13 फ़रवरी, 2020)

सूर्य देव प्रत्यक्ष देवता हैं, जिन्हें हम अपनी आंखों से देख सकते हैं। वे समस्त जगत को आलोकित करते हैं और प्रकाश मान बनाते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य को ग्रह की संज्ञा दी गई है और नव ग्रह मंडल में उन्हें राजा नियुक्त किया गया है क्योंकि सभी ग्रह उन्हीं से प्रकाश प्राप्त करते हैं, इसीलिए वे राजा के पद के वास्तविक हक़दार भी हैं। सूर्य देव जगत को आरोग्य प्रदान करते हैं और इसलिए उत्तम सूर्य व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक होता है

सूर्य का कुंभ में गोचर

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Read in English: The Sun Transit in Aquarius

वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में अच्छे सूर्य की स्थिति व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र की नौकरी अथवा सरकारी क्षेत्र से लाभ देती है। एक उत्तम सूर्य व्यक्ति को रोगों से बचाता है और व्यक्ति के मान सम्मान में बढ़ोतरी दिलाता है। इसके अतिरिक्त सूर्य देव पित्त प्रकृति के ग्रह हैं जोकि ऊष्मा का कारक भी हैं और कुंडली में पिता और पिता तुल्य लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार सूर्य देव का गोचर लगभग प्रतिमाह होता है क्योंकि वह एक राशि में लगभग एक माह तक स्थित रहते हैं। सूर्य देव के गोचर को ही संक्रांति कहा जाता है, इसलिए अब जबकि सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं तो इसे कुंभ संक्रांति कहा जाएगा।

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ज्योतिष में सूर्य देव को बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है और यही वजह है कि व्यक्ति की कुंडली में सूर्य का बलवान होना और शुभ फल प्रदान करना काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि ऐसे व्यक्ति जीवन में उच्च पदों पर सुशोभित होते हैं और समाज में उनकी ख्याति बढ़ती है। किसी परिवार में पिता और देश के लिए राजा सूर्य के ही प्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं। जिस प्रकार सूर्य के प्रकाश से सभी प्रकार का अंधकार समाप्त हो जाता है, ठीक उसी प्रकार उच्च अथवा मजबूत सूरज शरीर के रोगों का नाश करता है और व्यक्ति की सभी समस्याओं का अंत कर देता है और सूर्य देव उसका पिता की तरह पालन करते हैं।

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गोचर काल का समय

समस्त संसार को उत्तम आरोग्य और जीवन प्रदान करने वाले सूर्य देव 13 फरवरी, बृहस्पतिवार को दोपहर 2 बज कर 53 मिनट पर अपने पुत्र शनि की दूसरी राशि कुम्भ में प्रवेश करेंगे। यह एक वायु तत्व की राशि है। इस प्रकार एक अग्नि तत्त्व प्रधान सूर्य का प्रवेश वायु तत्व प्रधान राशि में होगा। तो आईये जानते हैं कि सूर्य के कुम्भ राशि में गोचर का सभी राशि के जातकों पर कैसा प्रभाव डालने वाला है:

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मेष राशि

आपकी राशि के लिए सूर्य देव आपके त्रिकोण भाव अर्थात पांचवें भाव के स्वामी हैं और गोचर की इस अवधि में भी आप के ग्यारहवें भाव में विराजमान होंगे, जहां से वे पंचम भाव को पूर्ण दृष्टि से देखकर बलशाली बनाएँगे। इस गोचर के प्रभाव से आपकी आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी और लाभ के कई मार्ग आपको दिखाई देने लगेंगे। शासन और प्रशासन का सहयोग तो आपके साथ होगा ही, आप जहां काम करते हैं, वहां के बॉस भी आपसे खुश रहेंगे और इसकी वजह से आपको कुछ अच्छी सुख सुविधाएँ भी प्राप्त होंगी। यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो इस दौरान उसमें भी मुनाफ़े के योग बनेंगे। आप अपने शत्रुओं के मुकाबले मजबूत रहेंगे, इसलिए उनकी ओर से आपको कोई परेशानी नहीं होगी। शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी यह गोचर सोने पर सुहागा का काम करेगा और आपको शिक्षा संबंधित बेहतर परिणाम मिलेंगे। यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान इस दौरान जीवन में तरक्की की बुलंदियों को छुएगी और यदि आप किसी प्रेम संबंध में हैं तो प्रेम जीवन में इस दौरान खट्टे मीठे अनुभव आपको प्राप्त होंगे। इस प्रकार यह गोचर आपके लिए काफी अनुकूल रह सकता है।

उपायः आपको प्रतिदिन सूर्य देव को समर्पित आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।

वृषभ राशि

आपकी राशि के लिए सूर्य देव चतुर्थ भाव के स्वामी हैं और अपने इस गोचर की अवधि में वे आपके दशम भाव में प्रभाव दिखाएँगे क्योंकि दशम भाव में स्थापित होकर दिग्बल से युक्त हो जाएंगे और आपको कार्य क्षेत्र से संबंधित जबरदस्त लाभ प्रदान करेंगे। उनके इस गोचर के प्रभाव से आपको अपने कार्यक्षेत्र में असीमित अधिकार मिल सकते हैं। आपके अधिकारों में बढ़ोतरी हो सकती है। आपका प्रभाव बढ़ेगा और आपको मान सम्मान के साथ साथ कार्य क्षेत्र में लोगों पर नेतृत्व करने का मौका मिल सकता है। केवल इतना ही नहीं, इस दौरान आपको पदोन्नति और सैलरी में वृद्धि के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। जो लोग सरकारी नौकरी करते हैं, उन्हें इस दौरान जबरदस्त लाभ होने की संभावना बनेगी। इसके अतिरिक्त सूर्य देव का यह गोचर शासन द्वारा सहयोग की ओर भी इशारा कर रहा है, जिसकी वजह से आपको किसी सरकारी मकान या सरकारी वाहन का लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन काफी अच्छा रहेगा और इस दौरान परिवार के लोगों को आपके कार्यों के लिए आप पर गर्व होगा। आपको माता-पिता का आशीर्वाद मिलेगा और पिता के मार्गदर्शन में आप कुछ नया काम भी प्रारंभ कर सकते हैं। व्यापार के दृष्टिकोण से भी यह समय लाभदायक रहेगा। आप पूरी तरह से शक्तिशाली बनेंगे और इस गोचर में समृद्धि की ओर बढ़ेंगे।

उपायः आपको सोने का सूरज बनवा कर अपने गले में रविवार के दिन धारण करना चाहिए।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य देव तीसरे भाव के स्वामी होकर अपने इस गोचर काल में आपके नवम भाव में विराजमान होंगे। सूर्य देव के इस गोचर के प्रभाव से आपको मान और सम्मान की प्राप्ति होगी। समाज में आप की स्थिति बेहतर बनेगी और आपका सामाजिक स्तर ऊंचा होगा। आपको धन और धान्य का लाभ होगा और कार्यों में सफलता के चलते आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा। सरकारी क्षेत्र से उत्तम लाभ के योग बनेंगे और कुछ लोगों को, जिनकी कुंडली में अनुकूल दशा हो, सरकारी नौकरी मिलने की भी संभावना बनेगी। इस गोचर का दूसरा पक्ष यह होगा कि आपके पिताजी का स्वास्थ्य इस दौरान खराब हो सकता है और उन्हें किसी प्रकार की चुनौतियाँ परेशान कर सकती हैं। सामाजिक सरोकार के कार्य में आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और पिता तुल्य व्यक्ति का सहयोग आपके लिए वरदान का कार्य करेगा।भाई बहनों को लेकर आप थोड़े चिंतित रहेंगे और उनके भले के लिए प्रयास करेंगे। दूर देश की यात्राएं आपके लिए फ़ायदेमंद रहेंगी।

उपायः प्रतिदिन सूर्य नारायण को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें।

कर्क राशि

सूर्य देव आपकी राशि के लिए दूसरे भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के समय में वे आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे। यह भाव अचानक से होने वाली घटनाओं के लिए भी जाना जाता है। सूर्य देव के इस भाव में गोचर करने से आपको मिले जुले परिणाम प्राप्त होंगे, जिसमें एक ओर आपको कोई पैतृक संपत्ति प्राप्त होने की संभावना बनेगी तो दूसरी ओर आपके पिताजी का स्वास्थ्य भी इस दौरान काफी खराब हो सकता है, इसलिए आपको उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना होगा। इस दौरान यदि आपने कोई गलत कार्य किया, जो कानून के विरुद्ध हो तो आपको प्रशासन की ओर से दंडित भी किया जा सकता है। इसके अलावा कोई पुराना राज बाहर आ सकता है, जिसका असर आपकी छवि पर पड़ेगा। कुछ लोगों को इस समय में ससुराल पक्ष से आर्थिक लाभ होने की स्थिति भी बनेगी और ससुराल के लोगों के साथ मिलकर कोई नया काम भी शुरू कर सकते हैं। आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य इस दौरान कमजोर हो सकता है और आपको भी अपने स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। बिज़नेस में निवेश करने के लिए यह समय उपयुक्त नहीं होगा, इसलिए ऐसे किसी निर्णय को कुछ समय के लिए स्थगित कर देना ही बेहतर होगा।

उपायः आपको रविवार के दिन गौमाता को गुड़ और गेहूं खिलाना चाहिए।

सिंह राशि

सूर्य देव आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए सूर्य देव का गोचर आपके लिए विशेष प्रभाव लेकर आएगा। सूर्य देव के कुंभ राशि में गोचर के कारण वे आपकी राशि से सातवें भाव में विराजमान होंगे। इस गोचर का असर मुख्य रूप से आपके स्वास्थ्य, आपके व्यक्तित्व और आपके दांपत्य जीवन तथा अन्य गतिविधियों पर पड़ेगा। जहां आपके स्वास्थ्य में ताज़गी आएगी और आप पहले के मुकाबले खुद को ज्यादा चुस्त दुरुस्त महसूस करेंगे और पुरानी किसी स्वास्थ्य समस्या से आपको निजात मिलेगी, तो वहीं दूसरी ओर, इस दौरान दांपत्य जीवन में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। आप अपनी ओर से अपने जीवनसाथी के प्रति समर्पित रहकर व्यवहार करेंगे, लेकिन जीवन साथी के स्वास्थ्य में अहम की भावना और कुछ गुस्सा बढ़ सकता है, जिससे दांपत्य जीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं व्यापार करने वाले लोगों के लिए यह गोचर अनुकूल फल लेकर आएगा और आपके व्यापार में आशातीत सफलता के योग बनेंगे। समाज में आपको प्रसिद्धि भी मिल सकती है।

उपायः आपको उत्तम गुणवत्ता का माणिक्य रत्न तांबे की अंगूठी में रविवार के दिन अपनी अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य देव बारहवें भाव के स्वामी होते हैं और इस गोचर के दौरान आपके छठे भाव में जाएंगे। आमतौर पर छठे भाव में सूर्य का गोचर अनुकूल परिणाम देता है। यदि आपके लिए इसके प्रभाव की विवेचना की जाए तो इस गोचर काल में आपको विभिन्न प्रकार के कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे और आप अपने विरोधियों को धूल चटा देंगे। आपके खर्चों में सामंजस्य आएगा और केवल आवश्यक खर्च ही आप इस दौरान करेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने लगेगी। इस दौरान कानून के विरुद्ध जाकर कोई भी कार्य करना आपको नुकसान दे सकता है, इसलिए विशेष ध्यान दें। स्वास्थ्य को लेकर इस दौरान थोड़ी सी सावधानी बरतना बेहतर होगा। विशेष रूप से मौसमी बुखार आपको परेशान कर सकता है। कुछ लोगों को इस समय खंड में विशेष यात्रा या विदेश जाने का मौका मिल सकता है और जो लोग प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह काल अत्यंत शुभ होने की ओर संकेत दे रहा है, इसलिए अपने प्रयासों को बढ़ाइये और अधिक मेहनत कीजिए।

उपायः आपको मां चंडी की उपासना करनी चाहिए और उन्हें लाल पुष्प अर्पित करने चाहियें।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य देव ग्यारहवें भाव के स्वामी होते हैं और इसलिए लाभ प्रदान करने वाले ग्रह हैं। अपने इस गोचर काल में वे आप के पांचवे भाव में विराजमान होकर अपने एकादश भाव को पूर्ण दृष्टि से देखेंगे, जिससे आपको आर्थिक तौर पर मज़बूती प्रदान करेंगे और आपको अनेक प्रकार के लाभ मिलने की ओर अग्रसर करेंगे। शासन पक्ष से आपको लाभ मिलेगा और सरकारी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों के लिए भी यह गोचर अनुकूलता लेकर आएगा। हालांकि कुछ लोगों को इस दौरान असामयिक ट्रांसफर का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन वह ट्रांसफर भी बाद में उनके लिए प्रभावी रूप से फल देगा, जिससे वे प्रसन्न हो जाएंगे। प्रेम जीवन को लेकर यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं है, इसलिए आपको इस दौरान विशेष ध्यान रखना होगा क्योंकि जरा सी बात का बतंगड़ बनने से आपका प्रेम जीवन परेशानियों के बादलों में घिर सकता है। इस दौरान आपको अपनी बुद्धि से निर्णय लेने की शक्ति मिलेगी और जो निर्णय आप लेंगे, वे आपके हित में ही जाएंगे।

उपायः आपको विशेष लाभ प्राप्ति के उद्देश्य से रविवार के दिन अपने पिता को कोई भेंट देनी चाहिए।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य देव उनके दशम भाव के स्वामी हैं, अर्थात आपके कर्म के स्वामी। इसलिए आपको यह गोचर विशेष रूप से प्रभावित करेगा। गोचर के इस समय काल में वे आपके चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे और वहां से आपके दशम भाव को पूर्ण दृष्टि से देखेंगे, लेकिन यहां पर उपस्थित सूर्य देव दिग्बल से हीन हो सकते हैं, जिसकी वजह से आपको परिवार में विशेष तनाव का सामना करना पड़ सकता है। आपके अंदर अहम की भावना जाग सकती है कि आप परिवार में सर्वश्रेष्ठ हैं, इसलिए खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए आप बढ़-चढ़कर बातें करेंगे, जिससे परिवार का वातावरण खराब हो सकता है। इस संबंध में आपकी आपकी माता जी से लड़ाई भी हो सकती है, इसलिए विशेष ध्यान रखना बेहतर होगा। कार्यक्षेत्र में आप पूरा फोकस रखकर अपना काम करेंगे, जिसके आपको बेहतर नतीजे प्राप्त होंगे। आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा और ऑफिस में आपके साथ काम करने वाले लोग आपको अच्छे नज़रिए से देखेंगे। इस दौरान सरकारी क्षेत्र से वाहन अथवा भवन का लाभ होने की संभावना बन सकती है, यदि आपकी कुंडली में अनुकूल दशा चल रही हो तो।

उपायः आपको सोने की चेन अथवा लाल रंग के धागे में रविवार के दिन प्रातः काल एक सोने का बना सूरज पहनना चाहिए।

धनु राशि

आपके लिए सूर्य देव राशि के स्वामी बृहस्पति के मित्र भी हैं और आपके भाग्य के स्वामी भी, इसलिए सूर्य देव का यह गोचर आपके जीवन पर विशेष प्रभाव डालने वाला साबित होगा। अपने इस गोचर की अवधि में सूर्य देव आप के तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे। आमतौर पर तीसरे भाव में सूर्य का गोचर अनेक प्रकार के शुभ परिणाम प्रदान करता है। इस गोचर से आपके संबंध अच्छे लोगों से बनेंगे और जो लोग समाज में सम्मानित और ऊँचे ओहदों पर हैं, उनसे अच्छे संपर्क का लाभ आपको मिलेगा। आपके भाग्य में बढ़ोतरी होगी और भाग्य की कृपा से आपके सभी काम बनेंगे, जिससे आपको लाभ भी मिलेगा और समाज में अच्छा सम्मान भी प्राप्त होगा। इस दौरान आप तीर्थाटन अर्थात किसी तीर्थ यात्रा पर भी जा सकते हैं, जिससे मानसिक तौर पर आपको मजबूती मिलेगी और आप शांति का अनुभव करेंगे। आपके साहस और पराक्रम में बढ़ोतरी भी होगी और आप लगभग सभी कार्यों को खुद करना पसंद करेंगे, जिससे निजी प्रयासों के कारण आप की कार्यकुशलता पहले से भी बेहतर बनेगी। शासकीय क्षेत्र से भी अच्छी सफलता मिलने की संभावना दिखाई दे रही है। इस दौरान की जाने वाली यात्राएं आप के प्रभाव को और भी बढ़ा देंगी और आप समाज में लोकप्रिय हो सकते हैं।

उपायः आपको सूर्य रत्न माणिक्य पहनना चाहिए अथवा सूर्य यंत्र स्थापित करके उसकी पूजा करनी चाहिए।

मकर राशि

शनिदेव के आधिपत्य वाली मकर राशि के लिए सूर्य देव अष्टम भाव के स्वामी हैं। सूर्य देव के इस गोचर में वे आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे, जिसकी वजह से स्वास्थ्य संबंधित परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं और विशेष रूप से तेज बुखार से आप पीड़ित हो सकते हैं या पित्त प्रकृति की अन्य समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं, इसलिए इस दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। अचानक से धन प्राप्ति होने से आपका मन प्रफुल्लित भी होगा, इसलिए आपको कुछ अच्छे नतीजे भी प्राप्त होंगे। कुछ लोगों को अपने ससुराल पक्ष से भी अच्छे नतीजे मिलेंगे और किसी प्रकार की आर्थिक मदद मिल सकती है, जो आपके लिए काफी फ़ायदेमंद साबित होगी। इस अवधि में कुछ लोगों को ऐसा धन प्राप्त हो सकता है, जो किसी सरकारी आदेश से रुका हुआ था। इसके अतिरिक्त कुछ विशेष लोगों को इस दौरान किसी प्रकार का मुआवजा भी मिल सकता है, जिससे आपको अचानक से अधिक धन की उपलब्धता हो सकती है। कुटुंब में किसी बात को लेकर चर्चा का विषय गरम बहस में तब्दील हो सकता है, इसका विशेष ध्यान रखें। आप अपनी वाणी में कर्कशता को कम करने का प्रयास करें।

उपायः भगवान श्री गणेश जी की उपासना करें और संभव हो तो गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें।

कुंभ राशि

आपकी राशि के लिए सूर्य देव सातवें भाव के स्वामी हैं जोकि एक मारक स्थान भी है। अपने गोचर की इस अवधि में वे आपकी राशि में ही विराजमान होंगे यानि कि आपके प्रथम भाव में, इसलिए आपके लिए यह गोचर विशेष रूप से प्रभावशाली रहेगा। इस गोचर के प्रभाव से आपके व्यक्तित्व में अनेक प्रकार के बदलाव आएँगे। जहां एक ओर आपके अंदर आत्मविश्वास की बढ़ोतरी होगी और हर काम को आप बेहतर तरीके से निभाएंगे, वहीं दूसरी ओर आपके अंदर अहम की भावना की भी बढ़ोतरी होगी, जो आपके रिश्तों पर असर डालेगी। दांपत्य जीवन पर इस गोचर का असर नकारात्मक रूप से हो सकता है क्योंकि क्रोध की अधिकता से रिश्तो में तल्ख़ियां बढ़ सकती हैं, इसलिए आपको थोड़ा सा ध्यान रखना चाहिए। व्यापार के सिलसिले में यह गोचर आपके लिए काफी फ़ायदेमंद रहेगा और आपका बिज़नेस पार्टनर भी आपकी ओपिनियन को अधिक महत्व देगा, जिससे बिज़नेस को आगे बढ़ाने में सफलता मिलेगी। इस दौरान समाज में आपकी और आपके प्रतिष्ठान की गुडविल भी बढ़ेगी और आप सामाजिक स्तर पर मजबूत होंगे। स्वास्थ्य अवश्य ही कमजोर रह सकता है, इसलिए उसके प्रति सावधानी बरतना अपेक्षित होगा।

उपायः आपको रविवार के दिन गेहूँ अथवा गुड़ का दान करना चाहिए।

मीन राशि

मीन राशि के स्वामी बृहस्पति के परम मित्र सूर्य देव आपकी राशि के लिए छठे भाव के स्वामी होकर अपने इस गोचर काल में आपके बारहवें भाव में विराजमान होंगे। बारहवाँ भाव हानि भाव और खर्चों का भाव भी कहलाता है, इसलिए सूर्य देव के इस गोचर काल में आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है। चूंकि इस भाव से विदेश का संबंध भी देखा जाता है, इसलिए कुछ लोग इस दौरान विदेश जाने में सफल होंगे, लेकिन ऐसा केवल उन्हीं के साथ होगा, जिन्होंने इस संदर्भ में पहले से ही बहुत प्रयास किए हुए हैं। आप अपने विरोधियों के प्रति थोड़े सावधान रहें। हालांकि वे आपका कुछ अहित नहीं कर पाएंगे, लेकिन फिर भी आपको मानसिक तनाव दे सकते हैं। नौकरी के सिलसिले में किए गए प्रयास सार्थक होंगे और आपको कार्यस्थल पर उत्तम प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी। जो लोग व्यापार करते हैं, उन्हें इस दौरान सुदूर राज्य और देशों से संपर्क साधने का प्रयास करना चाहिए, ताकि उनके बिज़नेस का विस्तार हो सके। कुछ लोग इस तरह कर्ज लेकर किसी का धन चुका सकते हैं। कोर्ट कचहरी के मामलों में आपको काफी खर्च करना पड़ सकता है और यदि आप किसी पर मुकदमा दायर करना चाहते हैं तो उसके लिए अभी थोड़ा रुक जाएँ।

उपायः अपने मस्तक पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएँ और सूर्य आराधना करें।


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2020 गोचर

मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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