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बुध का वृषभ राशि में गोचर (18 मई 2019)

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को मुख्य रूप से बुद्धि और वाणी का कारक माना गया है। कुंडली में इसके शुभ प्रभाव से व्यक्ति बुद्धिमान होता है और उसका अपनी वाणी पर बेहतर नियंत्रण होता है। बुध प्रधान जातकों के लिए संसार के ज्ञान से बढ़कर कोई धन नहीं होता है। यह लोग संगीत प्रेमी भी होते हैं और अपनी मधुर वाणी से सबका मन मोह लेने वाले होते हैं। बुध प्रधान जातक आमतौर पर डॉक्टर, वकील, व्यापारी और अर्थशास्त्र आदि क्षेत्रों में अधिक निपुणता रखते हैं। बुध को त्वचा का कारक भी माना गया है इसलिए बुध के बलशाली होने से त्वचा अच्छी रहती है। वहीं इसके निर्बल होने की वजह से त्वचा संबंधी विकार होने लगते हैं। ऐसी स्थिति में बुध ग्रह की शांति के उपाय करने चाहिए।

budha gochar vrishabha

बुध ग्रह मिथुन एवं कन्या राशि का स्वामी माना जाता है। यह कन्या राशि में उच्च का और मीन राशि में नीच का होता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह को एक तटस्थ ग्रह माना गया है। इसलिए जब यह किसी क्रूर ग्रह के संपर्क में आता है तो अशुभ फल देता है और शुभ ग्रह के संपर्क में आता है तो इससे अच्छे परिणामों की प्राप्ति होती है।

गोचर की समयाविधि

बुध ग्रह 18 मई 2019, शनिवार को रात्रि 23:25 बजे वृषभ राशि में गोचर करेगा और 2 जून 2019, रविवार प्रातः 00:08 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। आईये जानते हैं बुध के वृषभ राशि में होने वाले गोचर का सभी राशियों पर क्या प्रभाव होगा?

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यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए

मेष

बुध ग्रह आपकी राशि से द्वितीय भाव में संचरण करेगा। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन आदि का विचार किया जाता है। इसे कुटुंब भाव और धन भाव भी कहा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपकी संवाद शैली में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। आप अपनी वाणी से लोगों को प्रभावित करेंगे। दूसरों के सामने अपनी बातों को प्रखरता से रखेंगे। हालाँकि भाषा में कटुता आपकी छवि को धूमिल कर सकती है। लिहाज़ा सभी से प्रेम से बातचीत करें। इस अवधि में भाई-बहन से आर्थिक सहयोग प्राप्त होने की संभावना है। आय साधनों में वृद्धि की संभावना है। पारिवारिक जीवन की दृष्टि से देखें तो, परिजनों के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा लेकिन निजी कारणों के चलते किसी से वाद-विवाद होने की संभावना है। ऐसी स्थिति में ठंडे दिमाग से काम लें और विवाद को समाप्त करने का प्रयास करें।

उपाय: किसी ब्राह्मण को शुद्ध घी का दान करें।

वृषभ

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि में हो रहा है। इस दौरान बुध आपके लग्न भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। कुंडली में यह पहला भाव भी होता है इस भाव से जातक के स्वभाव, शारीरिक संरचना एवं स्वास्थ्य जीवन को देखा जाता है। इस गोचर के फलस्वरूप आपके व्यक्तित्व में एक आकर्षण पैदा होगा। आप अपनी कुशल संवाद शैली की मदद से दूसरों पर अमिट छाप छोड़ेंगे। आप दूसरों के सामने बेबाक तरीक़े से अपनी राय पेश करेंगे। आपके व्यवहार में उदारता, कोमलता एवं सौम्यता दिखाई देगी। इस दौरान आपकी तार्किक क्षमता भी निखर कर सामने आएगी। वाणिज्य व्यापार से संबंध रखने वाले जातकों को जबरदस्त लाभ होने की संभावना है। वाद-विवाद प्रतियोगिता में आप अव्वल आएंगे। वैवाहिक जीवन और भी सुखदमय होगा। वैचारिक रूप से गोचर आपके लिए अनुकूल होने के संकेत दे रहा है। प्रेम जीवन में लव पार्टनर के साथ मधुऱ संबंध स्थापित होंगे।

उपाय: अपनी कनिष्ठ उंगली में पन्ना धारण करें।

मिथुन

बुध आपकी राशि से द्वादश भाव में संचरण करेगा। ज्योतिष में यह भाव व्यय भाव कहलाता है। इस भाव से ख़र्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा आदि को देखा जाता है। गोचर के दौरान आप विदेश यात्रा भी कर सकते हैं। 12वें भाव में बुध का गोचर यह दर्शाता है कि इस दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी और अनावश्यक रूप से धन ख़र्च होगा। इस दौरान आप आर्थिक प्रबंध कर इन ख़र्चों को रोक सकते हैं। इस दौरान आपको आर्थिक मदद की भी आवश्यकता पड़ सकती है। निवास स्थान में भी परिवर्तन होने की संभावना है। गोचर के परिणाम स्वरूप आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं। लिहाज़ा अपनी सेहत का ख्याल रखें और समय-समय पर चिकित्सक से सलाह लें। निजी समस्या के कारण आपको मानसिक तनाव रह सकता है। इस दौरान स्वयं पर मानसिक तनाव को हावी नहीं होने दें। इसके लिए आप मनोरंजन आदि का सहारा भी ले सकते हैं।

उपाय: बुध यंत्र को स्थापित करें और इसकी पूजा करें।


बुध ग्रह से शुभ फल की प्राप्ति के लिए धारण करें: पन्ना

कर्क

बुध का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपको आर्थिक लाभ होने की संभावना है। आय के स्रोत बढ़ेंगे। अगर आपने किसी व्यक्ति को धन उधार दिया है तो वह धन वापस आ सकता है। इस दौरान विदेश संबंधों से आपको किसी प्रकार का लाभ मिल सकता है। यदि आप व्यापार से संबंध रखते हैं तो मुनाफ़े में बढ़ोतरी की संभावना है। बेहतर प्रयासों की बदौलत आपको अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। इस दौरान बड़े भाई-बहन का सहयोग भी प्राप्त होगा। वहीं प्रेम जीवन में आपको मिश्रित परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इस रिश्ते में संवाद की कमी न आए, इसका अवश्य ध्यान रखें। दोस्त एवं प्रियतम के साथ आपका समय अच्छा गुजरेगा।

उपाय: गाय की सेवा करें और उन्हें हरी सब्जियाँ खिलाएँ।

सिंह

बुध का गोचर आपकी राशि से दशम भाव में होगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। गोचर के परिणाम स्वरूप आपको बौद्धिक रूप से लाभ प्राप्त होगा। ख़ासकर आपको कार्यक्षेत्र में तरक्की मिलेगी। अपने प्रशंसनीय कार्य की वजह से आप चर्चा में आ सकते हैं। ऑफ़िस में सीनियर्स आपके सहयोग के लिए आगे आएंगे। अगर आप वाणिज्य या फिर मीडिया क्षेत्र से संबंध रखते हैं तो यह समय आपके लिए बेहद अनुकूल नहीं रहेगा। आप अपने बौद्धिक क्षमता के कारण बड़े से बड़ा कार्य आसानी से कर गुजरेंगे। वहीं घर का वातावरण भी शांतिपूर्ण होने का संकेत दे रहा है। बड़े भाई-बहनों से करियर के क्षेत्र में मदद मिलने की संभावना है। अपनी आकांक्षाओं को पूर्ण करना ही आपकी प्राथमिकता होगी। पिता जी के साथ अच्छे संबंध स्थापित होंगे। उनके साथ संवाद का सिलसिला भी बढ़ सकता है।

उपाय: बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।

कन्या

बुध आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धान्तों का विचार किया जाता है। इस स्थिति में आपकी किस्मत चमक सकती है। भाग्य आपका साथ देगा और आप अपने क्षेत्र में सफलता अर्जित करेंगे। हालाँकि हर एक कार्य के लिए भाग्य के भरोसे भी न बैठें और अपनी मेहनत पर विश्वास रखें। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आपकी पहचान एक प्रभावी व्यक्ति के तौर पर होगी। गोचर के दौरान आपको आर्थिक लाभ होने के शुभ संकेत मिल रहे हैं। कार्यक्षेत्र में अच्छा अवसर प्राप्त होने पर आप अपनी मौजूदा जॉब में परिवर्तन कर सकते हैं। या फिर आपको किसी अच्छे संस्थान से नई जॉब का ऑफर आ सकता है। धार्मिक क्रियाओं में आपकी रुचि बढ़ेगी। धर्म-कर्म के कार्यों में आपका मन लगेगा। वहीं लंबी यात्रा होने के भी योग हैं। गोचर की अवधि आपके लिए सकारात्मक साबित हो सकती है।

उपाय: बुधवार के दिन अपनी कनिष्ठ उंगली में पन्ना धारण करें।

तुला

बुध ग्रह आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करेगा। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है। इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएं, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। इस दौरान आपको सावधानी से काम करने की आवश्यकता होगी। क्योंकि अचानक धन हानि होने के संकेत मिल रहे हैं। वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें। नशे की हालत में वाहन चलाना दुर्घटना को निमंत्रण देने जैसा हो सकता है। किसी बात या रहस्य को जानने के लिए आप उत्सुक रह सकते हैं। वहीं इच्छा के विरुद्ध यात्रा पर जाना पड़ सकता है। ऐसे में नकारात्मक सोच से बचें। क्योंकि संघर्ष के बाद आपको अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी और आप अपने कार्य में सफल होंगे। जीवनसाथी धन का संचय कर सकता है। किसी तरह के विवाद अथवा क़ानूनी केस का फ़ैसला आपके हक़ में आ सकता है। ससुराल पक्ष से आपको किसी तरह का तोहफ़ा मिल सकता है।

उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का जाप करें।

वृश्चिक

बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में संचरण करेगा। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले साझेदारों का विचार किया जाता है। इस भाव को विवाह भाव भी कहते हैं। इस दौरान नकारात्मक भाषा शैली के कारण आपका किसी से विवाद संभव है। वैवाहिक जीवन में किसी ग़लतफ़हमी के कारण जीवनसाथी से आपके संबंध कटु हो सकते हैं। ऐसे में उनके साथ प्रेम से बातचीत करें और ग़लतफ़हमी को तुरंत दूर करने का प्रयास करें। किसी व्यक्ति के साथ आप प्रेम संबंध बना सकते हैं। यदि आप साझेदारी में व्यवसाय कर रहे हैं तो लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। अपने बिजनेस पार्टनर से अच्छे संबंध बनाए रखें और उन पर भरोसा जताएँ। ध्यान रखें धैर्य और सकारात्मक दृष्टि ही आपकी वास्तविक ताक़त है। अपनी सेहत पर खास ध्यान दें।

उपाय: बुधवार के दिन हरे कपड़े एवं हरी सब्जियाँ दान में दें।

धनु

बुध ग्रह आपकी चंद्र राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। इसके प्रभाव के कारण आपके जीवनसाथी की सेहत में गिरावट आने की संभावना है। ऐसी स्थिति में उनकी सेहत का ख्याल रखें। इसके अलावा दोनों के बीच किसी तरह का विवाद भी संभव है। ख़र्च में बढ़ोतरी होगी। इसलिए धन सोच-समझकर ख़र्च करें। ख़ासकर अनावश्यक चीज़ों में धन व्यय न करें। कार्यक्षेत्र में आपका प्रदर्शन अच्छा रहने वाला है और परिणाम स्वरूप आपका प्रमोशन भी हो सकता है। लेकिन इस बीच आपका कोई शत्रु आपके ख़िलाफ़ साज़िश रच सकता है। इसलिए थोड़ा चौकन्ना रहें। हालाँकि आप अपने बौद्धिक बल से शत्रुओं को मात देने में कामयाब होंगे। गोचर के दौरान अपनी सेहत का ख़्याल रखें। क्योंकि सेहत के प्रति लापरवाही बरतना आपके लिए ठीक नहीं होगा। बुध का गोचर आपको कंपटीशन में सफलता दिलाएगा।

उपाय: किन्नरों का आशीर्वाद लें।


तीव्र स्मरण और तार्किक शक्ति के लिए स्थापित करें: बुध ग्रह यंत्र

मकर

बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में इस भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। इस गोचर के फलस्वरूप आपके ज्ञान में वृद्धि होगी। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आप एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने के बारे में सोच रहे हैं विदेश जाने का अवसर मिल सकता है। बच्चे भी गोचर के दौरान स्वस्थ्य रहेंगे। संतान अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेगी। वहीं प्रेम जीवन में भी सुधार देखने को मिल सकता है। लव अथवा लाइफ पार्टनर के साथ रोमांस करने का भरपूर अवसर प्राप्त होगा। प्रेम संबंध में संवाद आपके इस रिश्ते को और भी मजबूत बनाएंगे। हालाँकि प्रेम में अंहकार न आए, इस बात का भी ज़रुरी ख्याल रखें। अगर आप किसी रचनात्मक कार्य से जुड़े हैं तो बुध का गोचर आपके लिए शुभकारी साबित हो सकता है।

उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम स्त्रोत का जाप करें।

कुंभ

बुध आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है। गोचर के कारण आपको अचानक धन लाभ हो सकता है। बुध का यह गोचर आपके सुखों में भी वृद्धि करेगा। वहीं कार्यक्षेत्र में संघर्ष करने पर ही आपको सफलता प्राप्त होगी इसलिए आपको कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता है। गोचर के दौरान वाहन चलाते वक़्त सावधानी बरतें। माता जी के स्वास्थ्य में गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में उनकी सेहत का ख्याल रखें। इस दौरान ऐसा भी संभव है कि माता जी के साथ आपके रिश्तों में खटास पैदा हो। वहीं बच्चों की सेहत खराब रह सकती है। इसलिए उनका ख्याल रखें। छात्रों को पढ़ाई-लिखाई में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। मन पढ़ाई से भटक सकता है। प्रियतम के साथ रिश्ते मधुर बने रहेंगे। इस दौरान वह आपसे किसी चीज़ की डिमांड रख सकता है।

उपाय: मामी अथवा अपनी बहन को तोहफ़ा भेंट करें।

मीन

बुध ग्रह आपकी राशि से तृतीय भाव में संचरण करेगा। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इसके प्रभाव से आप अपने लक्ष्य के प्रति संकल्पबद्ध होंगे। आपकी संवाद शैली में प्रखरता देखने को मिलेगी जिसके कारण आप दूसरों को अपने विचारों से प्रभावित करेंगे। आर्थिक दृष्टि से गोचर का प्रभाव अनुकूल है। कड़ी मेहनत के बल पर आप अपनी आमदनी में इज़ाफ़ा करेंगे। यदि आप शादीशुदा हैं तो जीवनसाथी को इस गोचर का बड़ा लाभ मिल सकता है। समाज में उनकी प्रसिद्धि बढ़ने की संभावना है। गोचर के दौरान आप किसी यात्रा पर भी जा सकते हैं। घर में छोटे भाई-बहन का सहयोग आपको प्राप्त होगा। अपनी सेहत का ध्यान रखें। बुध के गोचर से आपके साहस में वृद्धि होगी। आप निडरता से अपनी बातों को रखेंगे।

उपाय: गाय को गुड़ एवं गेहूँ खिलाएँ।

2019 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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