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सूर्य का तुला राशि में गोचर (17 अक्टूबर 2022)

एस्ट्रोसेज का यह लेख आपको सूर्य का तुला राशि में गोचर (17 अक्टूबर 2022) से जुड़ी सही व सटीक भविष्यवाणियों से अवगत कराएगा। जो हमारे विद्वान और अनुभवी ज्योतिषियों द्वारा सूर्य ग्रह की स्थिति व चाल का विश्लेषण कर आपके लिए तैयार किया गया है। आइए जानते हैं कि सूर्य का तुला राशि में गोचर की तिथि, समय एवं सभी 12 राशियों पर इसके प्रभावों के बारे में।

सूर्य का तुला राशि में गोचर

सूर्य का तुला राशि में गोचर 17 अक्टूबर 2022 को होने जा रहा है। वैदिक ज्योतिष में पिता, नेतृत्व, इच्छा शक्ति, साहस, हड्डियों का प्रतिनिधित्व करने वाले सूर्य अपने इस गोचर के दौरान सोमवार को शाम 7 बजकर 09 मिनट पर बुध की राशि कन्या से निकलकर तुला में प्रवेश करेंगे और हर राशि के जातकों को प्रभावित करेंगे। ऐसे में इस गोचर काल के दौरान सूर्य अपनी नीच अवस्था में होंगे। क्योंकि ज्योतिष अनुसार जहाँ मेष राशि में सूर्य ग्रह उच्च का तो वहीं तुला राशि में नीच का होता है।

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Read in English: Sun Transit in Libra (17 October 2022)

सूर्य के तुला राशि में गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर होगा। आइये इस राशिफल के माध्यम से डालते हैं उन प्रभावों पर एक नज़र:-

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैल्कुलेटर

मेष

सूर्य ग्रह मेष राशि के लिए उनके पंचम भाव के स्वामी होते हैं और अब तुला राशि में गोचर के दौरान वे आपकी राशि से विवाह, जीवनसाथी आदि के सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। ऐसे में सूर्य ग्रह का ये भाव आपके जीवन में उतार-चढ़ाव लेकर आने वाला है। क्योंकि इस समय शादीशुदा जातकों का अपने साथी के साथ विवाद होने से समस्या संभव है। इसलिए जीवनसाथी से बातचीत करते समय धैर्य रखें और अपनी बातों को शांतिपूर्वक उन्हें समझाने का प्रयास करें। आपकी संतान को भी कुछ समस्या संभव है। साथ ही आपके साथ उनका वैचारिक मतभेद भी दिखाई देगा।

कार्यक्षेत्र पर सूर्य का दुर्बल अवस्था में होना जातकों को अपने कार्यों में इच्छा अनुसार परिणाम मिलने में कुछ देरी कर सकता है। साथ ही इस समय सूर्य देव आपके लग्न भाव पर दृष्टि डालेंगे। ऐसे में इस दौरान आपका स्वभाव अधिक स्वाभिमानी हो सकता हैं और इसके चलते आपका सहकर्मियों के साथ अहम का टकराव भी संभव है। इससे आप उनका सहयोग प्राप्त नहीं कर सकेंगे। इसलिए हर किसी से बातचीत करते समय सावधान रहने और अपनी छवि को खराब न करने की आपको सलाह दी जाती है।

यदि आप व्यापारी हैं और खासतौर से पार्टनरशिप से जुड़ा व्यापार करते हैं तो भी ये अवधि आपका अपने पार्टनर के साथ विवाद उत्पन्न करने का कारण बनेगी। इसलिए हर सौदे को करते समय सभी दस्तावेज ठीक से पढ़ें और उसके बाद ही हस्ताक्षर करें। पारिवारिक जीवन में भी आपके अपने पिता या पिता पक्ष के किसी सदस्य के साथ विवाद संभव है।

उपाय: उगते हुए सूर्य के नग्न आंखों से दर्शन करना और उन्हें नमस्कार करना आपके लिए अनुकूल रहेगा।


वृषभ

वृषभ राशि के लिए सूर्य ग्रह उनके चतुर्थ भाव के स्वामी हैं और अब वे अपना गोचर करते हुए आपकी राशि से प्रतियोगिताओं और शत्रुओं आदि के षष्ठम भाव में विराजमान हो रहे हैं। ऐसे में छठे भाव में सूर्य की उपस्थिति आपके लिए अनुकूल रहेगी। खासतौर से पारिवारिक जीवन में सुख की अनुभूति संभव है। कार्यक्षेत्र पर भी आपकी ऊर्जा और उत्साह में वृद्धि देखी जाएगी। साथ ही आप अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हुए अपने विरोधियों पर विजय प्राप्त कर सकेंगे। इसलिए शुरुआत से ही अपने शत्रुओं पर अपनी नज़र बनाए रखना आपके लिए बेहतर रहेगा।

यदि आप पिछले काफी समय से किसी पदोन्नति या स्थान परिवर्तन की उम्मीद कर रहे थे तो उसके लिए भी अवधि विशेष उत्तम रहने वाली है। वहीं व्यापारी जातकों को भी अपने व्यवसाय में विस्तार के कई अवसर प्राप्त होंगे। परंतु इसके लिए उन्हें शुरुआत से ही खुद को उस ओर प्रयासरत रखना होगा। क्योंकि इस दौरान सूर्य देव आपको अपने लक्ष्यों से कुछ भ्रमित कर सकते हैं।

इस राशि के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अपना अच्छा प्रदर्शन देने में सक्षम रहेंगे। साथ ही वे अपने शिक्षकों का उचित सहयोग प्राप्त करने में भी सफल होने वाले हैं।

हालांकि इस समय सूर्य खर्चा, नुकसान, मोक्ष आदि के आपके द्वादश भाव पर दृष्टि भी डाल रहे हैं। ऐसे में कुछ जातकों की मां को थकान होने के साथ ही घर पर धन खर्च भी संभव है। किसी पैतृक संपत्ति को लेकर भी घर पर गंभीर बातचीत हो सकती है। जिसमें आपका योगदान अहम होगा। वहीं सूर्य देव की ये स्थिति आपको उच्च रक्तचाप व नेत्र संबंधी कोई समस्या भी दे सकती है। इसलिए अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

उपाय: गरीबों में गुड़ से बनी मिठाइयों का दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।


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मिथुन

मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य आपके साहस, छोटे भाई-बहन, मानसिक संतुलन आदि के तृतीय भाव के स्वामी होते हैं। अब सूर्य देव इस दौरान आपकी राशि से प्रेम, बुद्धि और संतान के पंचम भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में सूर्य का यह गोचर आपके लिए थोड़ा प्रतिकूल सिद्ध होगा क्योंकि सूर्य देव इस दौरान आपकी राशि में दुर्बल अवस्था में होंगे।

सूर्य का तुला राशि में गोचर आपके स्वभाव में क्रोध की वृद्धि कर सकता है और इससे आपकी छवि पर प्रभाव पड़ेगा। खासतौर से कार्यक्षेत्र पर आपको हर कार्यों को पूरा करने में अतिरिक्त प्रयास करना होगा। परंतु बावजूद इसके आप फिर भी इच्छानुसार परिणाम प्राप्त नहीं कर सकेंगे। कार्यों को समय पर पूरा करना भी आपके लिए मुश्किल रहेगा। इससे आपका स्वभाव दूसरों को कुछ चिड़चिड़ा प्रतीत हो सकता है। आपको अभी कार्यस्थल से संबंधित सभी यात्राओं से भी परहेज करना चाहिए अन्यथा आपको धन हानि के साथ-साथ स्वास्थ्य हानि भी संभव है।

इसके अलावा इस दौरान सूर्यदेव आपके पंचम भाव से आपके एकादश भाव पर दृष्टि भी डालेंगे। ऐसे में सूर्य का दुर्बल अवस्था में होते हुए आपके लाभ और अभिलाषा पूर्ति आदि के भाव को दृष्टि करना व्यापार में भी आपको लाभ मिलने में कुछ देरी कर सकता है। आप घरेलु कार्यों में खुद को व्यस्त पाएंगे और इस कारण सुख-सुविधाओं की पूर्ति करने में भी आपको कुछ समस्या संभव है।

हालांकि सूर्य देव आपके भाई-बहनों से आपके संबंधों में मधुरता लाएंगे और आप उनके साथ अच्छा समय व्यतीत कर सकेंगे। साथ ही प्रेम संबंधों में भी आपको अपनी बात प्रेमी के सक्षम खुलकर रखने में समस्या आएगी। जिसके लिए आप किसी अपने की मदद ले सकते हैं। यदि आप शादीशुदा हैं तो आपका दांपत्य जीवन कई प्रकार के उतार-चढ़ावों से भरा रहेगा। वहीं स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी आपको अपनी सेहत के प्रति सावधानी बरतते हुए जितना संभव हो बाहर का खाना खाने से बचना होगा। आप अपने क्रोध को शांत करने के लिए योग व ध्यान का सहारा भी ले सकते हैं।

उपाय: रविवार के दिन तांबे के बर्तन से सूर्यदेव को जल अर्पित करें और 108 बार ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करना आपके लिए शुभ रहेगा।


कर्क

कर्क राशि के लिए सूर्य आपके धन, नेत्र, मुख, वाणी, परिवार आदि के द्वितीय भाव के स्वामी हैं। अब अपने इस गोचर के दौरान वे अपनी दुर्बल अवस्था में होते हुए आपके चतुर्थ भाव में विराजमान होंगे। कुंडली में ये भाव माता, सुख, वाहन, प्रापर्टी, घर आदि का माना गया है। ऐसे में इस भाव में सूर्य की कमज़ोर स्थिति आपके लिए थोड़ी कष्टदायक सिद्ध होगी।

इसके अलावा इस दौरान सूर्य आपके कर्म यानी दशम भाव पर भी दृष्टि डालेंगे। इसके परिणामस्वरूप कार्यक्षेत्र पर आपकी वाणी में कड़वाहट बेकार में दूसरों के साथ आपका विवाद करा सकती है। घरेलु कार्यों के कारण भी आपकी कार्यक्षमता सबसे अधिक प्रभावित होगी और इससे आप अपने कार्यों को समय पर पूरा नहीं कर सकेंगे। ऐसे में खुद को अपने लक्ष्यों के प्रति भी केंद्रित रखें।

चतुर्थ भाव मां और घर का भाव माना गया है और अब सूर्य का उसमें कमज़ोर स्थिति में होना आपका मां के साथ कुछ विवाद करा सकता है। क्योंकि आशंका है कि घर पर रहते हुए आप दोनों किसी मुद्दे को लेकर बहस करें। साथ ही यदि आप कोई वाहन या प्रॉपर्टी ख़रीदने का प्लान कर रहे थे तो आपको अभी ऐसा करते समय घर के बड़ों से सलाह ज़रूर लें। आर्थिक जीवन में भी हर प्रकार के लेन-देन के दौरान विशेष सतर्क रहना आपके लिए उत्तम रहेगा अन्यथा आप ज़रूरत से ज्यादा ख़र्चा कर देंगे।

स्वास्थ्य की दृष्टि से वाहन चलाते समय सावधान रहें। वहीं ये गोचर कई जातकों को नेत्र से संबंधित कोई समस्या होने के योग भी बनाएगा। जिससे आप अनिद्रा और बेचैनी आदि की समस्या से काफी परेशान रहेंगे।

उपाय: रोजाना घर से निकलते समय घर के बड़ों का आशीर्वाद लेना आपके लिए शुभ रहेगा।


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सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य का हर गोचर बेहद महत्वपूर्ण रहता है क्योंकि सूर्य आपकी राशि अर्थात आपके लग्न स्वामी हैं। अब अपने इस गोचर के दौरान वे आपके साहस, छोटे भाई-बहन, मानसिक संतुलन आदि के तृतीय भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में सूर्य की ये स्थिति आपके लिए सामान्य से अनुकूल ही रहेगी।

पेशेवर रूप से देखा जाए तो सूर्य का तुला राशि में गोचर आपके करियर के लिए अनुकूल सिद्ध होगा। कार्यक्षेत्र पर आपका साहसिक स्वभाव आपको हर कार्यों को पूरा करने में मददगार रहेगा। इसलिए आप कोई नई जिम्मेदारी लेने में संकोच नहीं करेंगे और खुद पर विश्वास करते हुए अपने प्रयास सही दिशा में लगाएंगे। सूर्य देव आपकी रचनात्मकता क्षमता में भी वृद्धि करेंगे और आपके अधिकारी व सहकर्मी भी आपसे काफी प्रसन्न दिखाई देंगे।

इसके अलावा इस दौरान सूर्य आपके भाग्य, पिता, गुरु, धर्म आदि के नवम भाव पर दृष्टि भी डालेंगे। ऐसे में निजी जीवन में घर-परिवार में शांति का वातावरण रहेगा और घर के सदस्यों को खुश देख आपको भी प्रसन्नता की अनुभूति होगी। पिता जी से भी आपको पूरा सहयोग मिलने की संभावना है। अब बात करें प्रेम संबंधों की तो सूर्य देव प्रेमी जातकों को भाग्य का साथ देंगे। इससे उनका रिश्ता और अधिक मजबूत होता दिखाई देगा।

वहीं स्वास्थ्य जीवन के लिहाज़ से भी समय उत्तम रहेगा। हालांकि कुछ जातकों को कान या तनाव से जुड़ी कोई समस्या परेशान कर सकती है। इसलिए अपने कानों की सफाई पर ध्यान दें और अधिक आवाज़ में संगीत या टीवी न सुनें।

उपाय: गरीबों या ज़रूरतमंदों में चावलों का दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।


कन्या

पृथ्वी तत्व की राशि कन्या के जातकों के लिए सूर्य उनके ख़र्चे, नुकसान, मोक्ष, अनिश्चित स्थितियों आदि के द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और अब अपना गोचर करते हुए ये आपकी राशि से संचित धन, वाणी, परिवार और बचत के द्वितीय भाव में जाएंगे। ऐसे में सूर्य का यह गोचर आपके लिए मिश्रित रहेगा।

कार्यक्षेत्र पर काम का बोझ अधिक होगा और आपको कार्यों को समय पर पूरा करने में समस्या आ सकती है। इसलिए अभी बेहतर यही होगा कि जितना संभव हो कार्यस्थल पर धैर्य बनाए रखें और किसी से भी तर्क-वितर्क में न पड़े। आर्थिक जीवन में भी आपको अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की ज़रूरत होगी। इसके लिए आप एक बजट प्लान तैयार करते हुए उसी के अनुसार अपना धन ख़र्च करेंगे तो आपके लिए अच्छा रहेगा। वहीं यदि आप किसी निवेश में अपना धन लगाने का सोच रहे थे तो किसी विशेषज्ञ से बातचीत के बाद ही किसी भी निर्णय पर पहुंचें।

घर-परिवार में कुछ अवांछित परिस्थितियों आपको थकान दे सकती है। साथ ही सौदेबाजी और जुए आदि से भी आपको विशेष रूप से दूर रहना होगा अन्यथा इससे अनावश्यक तनाव व बेचैनी संभव है। घर-परिवार में सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान आपको अपने शब्दों का चयन सोच-समझ कर करने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा इस समय सूर्य देव आपके अष्टम भाव यानी आयु, खतरा, दुर्घटना आदि के भाव पर भी दृष्टि डालेंगे। इसलिए आपको अपनी सेहत के प्रति सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी। क्योंकि आशंका अधिक है कि आपको किसी प्रकार की कोई चोट लगे या आप किसी दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं।

उपाय: रोजाना आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना आपके लिए शुभ रहेगा।


तुला

तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य एकादश भाव के स्वामी होते हैं और अब उनका गोचर आपके लग्न भाव में होगा। कुंडली में इस भाव से जातक की आत्मा और व्यक्तित्व आदि के बारे में विचार किया जाता है। ऐसे में आपकी ही राशि में सूर्य का यह गोचर जातकों के लिए थोड़ा प्रतिकूल रहेगा। क्योंकि तुला सूर्य की नीच राशि होती है।

कार्यक्षेत्र की बात करें तो सूर्य का तुला राशि में गोचर आपके करियर में थोड़ा उतार-चढ़ाव उत्पन्न करेगा। इस दौरान आप में आत्मविश्वास की काफी कमी भी देखी जा सकती है और इस कारण आप इच्छानुसार प्रमोशन व लाभ अर्जित नहीं कर सकेंगे। इस स्थिति से कई जातकों का मन अशांत होंगे और वे कार्यस्थल पर कई महत्वपूर्ण निर्णयों को लेने से वंचित हो सकते हैं। इसलिए आपके लिए बेहतर यही होगा कि आप इस समय किस्मत पर सबकुछ न छोड़ते हुए स्वयं की क्षमताओं पर विश्वास करें।

पारिवारिक जीवन में भी कई छोटे-मोटे मुद्दों आपको चिड़चिड़ा बना सकते है। इस कारण आप घर के सदस्यों पर बेकार ही क्रोध करते दिखाई देंगे। हालांकि आपको ऐसा करने से बचना चाहिए, अन्यथा सदस्यों के साथ संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके लिए आपको खुद को शांत रखकर सदस्यों के साथ समय व्यतीत करते हुए हर मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास करें।

इसके अलावा इस समय सूर्य आपके विवाह और जीवनसाथी आदि के सप्तम भाव पर दृष्टि भी डालेंगे। इसके परिणामस्वरूप आपको अपने वैवाहिक जीवन में भी बढ़ते खर्चों के कारण समस्याओं से परेशानी संभव है। वहीं स्वास्थ्य जीवन में सूर्य देव का ये गोचर आपको त्वचा संबंधी कोई रोग दे सकता है। इसलिए जितना संभव हो खुद का हर प्रकार की एलर्जी आदि से बचाव करें।

उपाय: सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य दें।


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वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य उनके कर्म और करियर के दशम भाव के स्वामी होते हैं। अब वे अपने इस गोचर के दौरान आपकी राशि के द्वादश भाव में अपनी नीच अवस्था में विराजमान होंगे। कुंडली में द्वादश भाव से हम विदेश, जीवन में होने वाली हानियों और ख़र्चों आदि के बारे में विचार करते हैं। ऐसे में अब सूर्य का द्वादश भाव में गोचर आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

चूंकि सूर्य आपके कर्म भाव के स्वामी होते हैं अब वे आपकी राशि में अपनी नीच अवस्था में होंगे इसलिए आप कार्यस्थल से ज्यादा ध्यान अपने निजी जीवन पर लगाएंगे। इससे आपको कार्यक्षेत्र के सभी कार्यों को पूरा करने में समस्या आएंगी। इन समस्याओं से निकलना आपके लिए खासा चुनौतीपूर्ण रहेगा। इस कारण कई जातक अपनी नौकरी बदलने का विचार भी कर सकते हैं। हालांकि आपको जल्दबाज़ी में कोई भी निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा इस दौरान सूर्य आपके रोग, शत्रु और ऋण के छठे भाव पर भी दृष्टि डालेंगे। जिसके कारण आपको कार्यस्थल पर अपने विरोधियों से भी हानि पहंचने की आशंका रहेगी। इसलिए उनके प्रति शुरुआत से ही नज़र बनाकर रखें।

हालांकि वो जातक जो विदेशों से जुड़ा कोई व्यापार करते हैं, उनके लिए सूर्य का तुला राशि में गोचर अनुकूल साबित होगा। परंतु बावजूद इसके आपको किसी भी परिस्थिति में ऋण या कर्ज लेने से भी अभी बचना होगा अन्यथा इससे आप अपने लिए भविष्य में परेशानी बढ़ा लेंगे।

पारिवारिक जीवन के लिहाज़ से पिता या पितातुल्य किसी बड़े के साथ किसी बात को लेकर छोटी-मोटी बहस हो सकती है। परंतु घर-परिवार का वातावरण समृद्ध रहने से आप घर पर अपना अधिक समय व्यतीत करेंगे।

वहीं इस गोचर के दौरान सूर्य का आपके रोग भाव पर दृष्टि डालना स्वास्थ्य जीवन में आपको कई समस्या होने के योग बनाएगा। इस कारण सबसे अधिक जातक अनिद्रा या आंखों की किसी परेशानी से पीड़ित हो सकते हैं।

उपाय: घर के बड़ों खासतौर से पिता या पिता तुल्य किसी बड़े को उपहार में वस्त्र भेट करें।


धनु

धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य उनके भाग्य, पिता, गुरु, धर्म, आदि के नवम भाव के स्वामी हैं और अब अपना गोचर करते हुए वे आपके लाभ, अभिलाषा पूर्ति, सफलता आदि के एकादश भाव में विराजमान होंगे। ऐसे में भाग्य भाव के स्वामी का लाभ भाव में जाना जातकों को सफलता मिलने के योग बनाएगा।

पेशेवर जीवन की बात करें तो सूर्य का तुला राशि में गोचर करियर में तरक्की लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र पर आप अपनी मेहनत करते हुए हर कार्यों को पूरा करने की क्षमता रखेंगे। आपकी मेहनत से प्रभावित होकर आपके वरिष्ठ अधिकारियों से आपको प्रमोशन और सहयोग भी मिलेगा। शत्रुओं पर भी आप आसानी से विजय प्राप्त करने में सफल रहेंगे। साथ ही वो जातक जो पूर्व से किसी उच्च पद या वेतनवृद्धि की प्रतीक्षा कर रहे थे उन्हें भाग्य का साथ मिलने वाला है।

आपकी अच्छी व आकर्षित संचार शैली आपको सामाजिक रुप से भी लोगों के बीच लोकप्रिय बनाएगी। इससे लोग आपकी सलाह-मशवरा लेते नज़र आएंगे। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर जाने का अवसर मिलेगा और खासतौर से यदि आप कार्यक्षेत्र से जुड़ी किसी यात्रा पर जाते हैं तो आप आर्थिक लाभ अर्जित करने मेंभी सक्षम रहेंगे।

हालांकि पारिवारिक जीवन में आपको अपनी किसी समस्या के लिए पिता की मदद लेनी पड़ सकती है। ऐसे में उनकी मदद आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगी और आप अपनी समस्या से निकलने में सफल होंगे। वहीं इस दौरान सूर्यदेव आपके पंचम भाव पर भी दृष्टि डालेंगे। इसके चलते प्रेम संबंधों में भी आपको अपनी लव लाइफ में अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। कुछ जातकों का प्रेमी के साथ छोटा-मोटा विवाद संभव है परंतु ये विवाद आपके रिश्ते को और अधिक मजबूत बनाने का कार्य करेगा। स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी स्थिति पहले से बेहतर रहेगी और आप अपनी किसी पूर्व की समस्या से निजात पा सकेंगे।

उपाय: रोजाना गाय को रोटी खिलाना व गौशाला में दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।


मकर

मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य अष्टम भाव के स्वामी होते हैं और अब वे अपना गोचर करते हुए आपके दशम भाव में विराजमान होंगे। कुंडली में जहाँ अष्टम भाव को आयु, खतरा, दुर्घटना आदि का भाव माना गया है, वहीं दशम भाव से हम जातक के कर्म, करियर, व्यवसाय, पद, ख्‍याति आदि का विचार करते हैं। वैदिक ज्योतिष में दशम भाव में सूर्य का होना सूर्य के प्रभाव को बहुत शक्तिशाली करता है। ऐसे में ये गोचर जातकों के लिए सामान्य से उत्तम फल देने वाला रहेगा।

खासतौर से कार्यक्षेत्र पर आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में पूर्व में आ रही हर समस्या दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही आप अपनी हर रणनीति को अपनी समझ से कार्यस्थल पर अपनाते हुए उससे अच्छा लाभ अर्जित करेंगे। आपके सहकर्मी भी आपका प्रदर्शन देख आपसे प्रभावित होंगे और ये स्थिति आपको कोई नया पद या नई नौकरी के अवसर देने के योग भी बनाएगी। किसी सरकारी संगठन या सरकारी अधिकारी से भी सहयोग मिलने से आपका कोई अटका कार्य पूरा हो सकेगा। व्यापारी जातक भी अच्छा मुनाफ़ा अर्जित करेंगे। परंतु कुछ जातक खुद को थोड़ा भ्रमित भी पाएंगे।

पारिवारिक जीवन में सूर्य देव आपके और पिता के संबंधों में सुधार करेंगे। वहीं इस दौरान सूर्य का आपके चतुर्थ यानी माता, सुख, वाहन, प्रापर्टी, घर आदि के भाव पर दृष्टि डालना आपको अपनी मां का सहयोग दिलाएगा। कई जातक कोई प्रॉपर्टी या वाहन खरीदने का प्लान भी करेंगे और इससे घर-परिवार में ख़ुशी का माहौल देखा जाएगा।

हालांकि जिन जातकों को ब्लड प्रेशर या मधुमेह की समस्या है, उन्हें इस गोचर काल के दौरान अपने खानपान का ध्यान रखते हुए मीठा खाने से बचने की सलाह दी जाती है।

उपाय: अच्छी गुणवत्ता वाला माणिक्य रत्न विधिनुसार धारण करना आपके लिए शुभ रहेगा।


कुंभ

कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य आपके रिश्तों व जीवनसाथी के सप्तम भाव के स्वामी होते हैं। अब अपना गोचर करते हुए वे नीच अवस्था में आपकी राशि से भाग्य, पिता, गुरु, धर्म आदि के नवम भाव में विराजमान हो रहे हैं। ऐसे में सूर्य की ये स्थिति जातकों को सबसे अधिक निजी जीवन में कष्ट देने के योग बनाएगी।

कार्यक्षेत्र पर परिस्थितियां बिलकुल भी आपके पक्ष में नहीं रहेंगी। इसलिए अभी हर प्रकार की यात्रा या किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचें अन्यथा धन और ऊर्जा दोनों की हानि संभव है। नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर अपने कार्यों को जल्दबाजी में करने से बचने की सलाह दी जाती है। क्योंकि आशंका है कि आपके शत्रु आपके कार्यों में से गलतियां निकलते हुए आपके अधिकारियों को आपके खिलाफ कर दें।

वैवाहिक जीवन की बात करें तो सूर्य का तुला राशि में गोचर आपको कुछ परेशानियाँ दे सकता है। इस दौरान आपके जीवनसाथी को आपका छोटी-छोटी बातों पर टोकना खल सकता है और इससे आपको कुछ छोटे-मोटे विवादों का सामना करना पड़ेगा। अन्यथा रिश्ते में चल रही ये तर्क-वितर्क की स्थिति आपका दांपत्य जीवन प्रभावित करेगी। हालांकि समय के साथ परिस्थितियां पहले से बेहतर होंगी और आप जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त करने में सफल रहेंगे। इसलिए हर विवाद को समय रहते ही हल करने को कोशिश करें। इसके लिए आप उन्हें किसी डेट पर ले जा सकते हैं।

साथ ही सूर्य देव इस दौरान आपके साहस, छोटे भाई-बहन, मानसिक संतुलन आदि के तृतीय भाव पर दृष्टि भी डालेंगे। इसलिए अपने भाई-बहन के साथ आपको कुछ खर्चों को लेकर समस्या हो सकती है। साथ ही घर पर चल रही स्थितियां भी आपकी थकान में वृद्धि का मुख्य कारण बनेगी।

हालांकि बावजूद इसके आपकी सेहत पहले से बेहतर रहेगी। परंतु आपको अपने मन को शांत रखते हुए थोड़ा समय योग व ध्यान के लिए भी निकालने की ज़रूरत रहने वाली है।

उपाय: सूर्य ग्रह से संबंधित मंत्रों का 108 बार जाप करना आपके लिए शुभ फलदायक रहेगा।


मीन

मीन राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रह रोग, शत्रु व ऋण के षष्ठम भाव के स्वामी होते हैं। अब अपना गोचर करते हुए वे आपकी राशि में दुर्बल अवस्था में अष्टम भाव में विराजमान होंगे। कुंडली में इस भाव से हम आपके परिवर्तन और अनिश्चितताओं का पता लगाते हैं। ऐसे में सूर्य का ये गोचर आपके लिए कम अनुकूल सिद्ध होगा।

करियर के लिहाज़ से सूर्य का तुला राशि में गोचर औसत रूप से फलदायी सिद्ध होगा। इस दौरान आपका मन काम में न लगने से आपको कई प्रकार के कष्टों से दो-चार होना पड़ेगा। इससे कार्यस्थल पर कई जातकों को कुछ बोरियत भी महसूस होगी और इस कारण आप तुरंत अपनी नौकरी बदलने का विचार कर सकते हैं। परंतु जोश में आकर आपको अपने होश न खोने देने की सलाह दी जाती है। इसलिए कोई भी बड़ा फैसला लेते समय किसी बड़े की सलाह ज़रूर लें। शत्रुओं से ही सतर्क रहना होगा।

व्यापारी जातक किसी प्रकार का निवेश कर सकते हैं। परंतु निवेश के लिए किसी भी प्रकार का धन उधारी पर लेने से बचना ही आपके लिए बेहतर रहेगा।

इसके अलावा सूर्य इस दौरान वाणी और परिवार के द्वितीय भाव पर भी अपनी दृष्टि डालेंगे। ऐसे में घर पर बातचीत के दौरान विशेष सतर्क रहें और शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करें। वहीं सूर्य की ये दृष्टि आपको नेत्र या मुख से संबंधित कोई समस्या होने के योग भी बनाएगी। इसलिए अपनी आंखों और दाँतों का ध्यान रखें। कई जातक इस समय कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता से भी पीड़ित नज़र आएंगे। इसलिए उन्हें बदलते मौसम के साथ अपना बचाव करना आवश्यक रहेगा।

उपाय: किसी धार्मिक स्थल पर जाकर श्रद्धानुसार दान-पुण्य करना आपके लिए शुभ रहेगा।


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