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बुध का वृषभ राशि में गोचर (7 जून 2023)

बुध का वृषभ राशि में गोचर: वैदिक ज्योतिष में बुद्धि के कारक ग्रह बुध 7 जून 2023 की शाम 7 बजकर 40 मिनट पर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे।

बुध का वृषभ राशि में गोचर

वैदिक ज्योतिष में बुध बुद्धि और तर्क के कारक ग्रह हैं जो प्रकृति में स्त्री है। कुंडली में बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं। एस्ट्रोसेज के इस विशेष लेख के माध्यम से हम बुध का वृषभ राशि में गोचर होने से सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। यदि बुध अपनी स्वराशि मिथुन और कन्या राशि में अनुकूल स्थिति में मौजूद होते हैं तो जातकों को अच्छे परिणामों की प्राप्ति होती हैं। वहीं, जब बुध कन्या राशि में उच्च और शक्तिशाली स्थिति में मौजूद होते हैं तो यह जातकों को व्यवसाय, व्यापार और सट्टेबाजी में अपार सफलता प्रदान करते हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर के दौरान जातकों को सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि बुध का वृषभ राशि में गोचर के दौरान सभी 12 राशियों के जीवन पर कैसा प्रभाव देखने को मिलेगा और इसके अशुभ प्रभाव से बचने के अचूक उपाय।

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ज्योतिष में बुध ग्रह का महत्व

बुध की मजबूत स्थिति के परिणामस्वरूप जातक को अच्छे स्वास्थ्य और तेज बुद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही जातक उच्च सफलता और अनुकूल परिणाम भी प्राप्त करता है। यही नहीं मजबूत बुध के कारण जातक ज्ञान अर्जित करने में सक्षम होता है और इसी ज्ञान के परिणामस्वरूप जातक व्यापार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने में सफल होता है। इसके प्रभाव से जातक व्यापार और ट्रेड के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में होते हैं। साथ ही, ये लोग रहस्य विज्ञान जैसे ज्योतिष आदि से संबंधित क्षेत्र में भी महारत हासिल करते हैं।

वहीं दूसरी ओर यदि बुध अशुभ ग्रहों जैसे राहु/केतु और मंगल आदि के साथ युति करते हैं तो जातकों को जीवन में कई तरह की समस्याओं व संघर्ष का सामना करना पड़ सकता है। वहीं यदि बुध मंगल के साथ युति करते हैं तो जातकों में बुद्धि का अभाव देखने को मिल सकता है जिसके परिणामस्वरूप ये लोग स्वभाव से आक्रामक और आवेगी हो सकते हैं और यदि बुध गोचर के दौरान अशुभ ग्रहों राहु/केतु के साथ युति करते हैं तो त्वचा संबंधी समस्याओं, नींद न आना और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यदि बुध बृहस्पति जैसे शुभ ग्रहों के साथ युति करते हैं तो इसके प्रभाव से जातकों को व्यापार, ट्रेड और सट्टेबाज़ी में दोगुने परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

यह बात हम सभी भली भांति जानते हैं कि बुध बुद्धि, तर्क क्षमता और अच्छे संचार कौशल के कारक हैं। कुंडली में बुध की कमजोर स्थिति के परिणामस्वरूप जातकों को असुरक्षा की भावना महसूस हो सकती है। साथ ही, एकाग्रता की कमी आ सकती है और सोचने-समझने की क्षमता कमजोर हो सकती है। जब बुध कन्या या मिथुन राशि में गोचर करते हैं तो जातक के सीखने की क्षमता मजबूत होती है और जातक व्यापार में अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम होते हैं।

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिएचंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें।

Read In English:Mercury Transit In Taurus (7 June)

बुध का वृषभ राशि में गोचर: राशि अनुसार राशिफल और उपाय

आइये इसी क्रम में अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं राशिचक्र की सभी 12 राशियों पर बुध का वृषभ राशि में गोचर के प्रभावों के बारे में। साथ ही जानेंगे, इनके अशुभ प्रभावों से बचने के अचूक उपाय।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और अब यह आपके दूसरे भाव में गोचर करेंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा है। इस दौरान आपको धन से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है जिस वजह से असुरक्षा की भावना महसूस हो सकती है। रिश्ते में आपसी तालमेल की कमी के कारण जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद होने की आशंका है। इसके अलावा आपकी प्रगति में भी बाधाएं आ सकती हैं।

करियर के लिहाज से इस दौरान अधिक सफलता मिलने की उम्मीद बेहद कम दिख रही है। काम पर ध्यान देने में समस्या उत्पन्न हो सकती है जिसके परिणामस्वरूप अच्छा प्रदर्शन करने में आप असफल हो सकते हैं।

जो जातक व्यापार कर रहे हैं उन्हें बुध का वृषभ राशि में गोचर \\के दौरान नुकसान होने की संभावना है। ऐसे में लाभ होने की गुंजाइश कम ही रहेगी जो आपके लिए परेशानी का सबब बन सकती है। साथ ही कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना पड़ सकता है और इसके कारण आप अच्छा लाभ प्राप्त करने में असफल हो सकते हैं।

आर्थिक स्थिति की बात करें तो, लाभ होने के साथ-साथ आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। संभव है कि इस अवधि में अधिक मात्रा में धन कमाना आपके लिए मुश्किल हो और ऐसे में धन की बचत कर पाना लगभग असंभव हो सकता है।

व्यक्तिगत जीवन के लिहाज से देखा जाए तो बुध का वृषभ राशि में गोचर संपत्ति को लेकर परिवार में तनाव दे सकता है और इसके कारण जीवन साथी के साथ बहस का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने रिश्ते में प्रेम की कमी महसूस हो सकती है। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है पार्टनर के साथ सद्भाव बनाए रखें।

इस दौरान आपको सेहत में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि आपको आंखों और पाचन संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

बुध दूसरे भाव से आठवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपको अपने प्रयासों में देरी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही धन संबंधी समस्या से भी जूझना होना पड़ सकता है।

उपाय: प्रतिदिन 41 बार “ॐ नरसिंहाय नम:” का जाप करें।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवें भाव के स्वामी हैं और अब ये आपकी ही राशि में गोचर करते हुए पहले भाव में विराजमान होंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपको धन लाभ प्रदान कर सकता है। साथ ही, आप बचत करने में भी सक्षम होंगे और अपने परिवार पर अधिक ध्यान देंगे।

करियर की दृष्टि से, यह गोचर आपको नौकरी में अच्छे अवसर प्रदान करेगा और विदेश में भी नौकरी के बेहतर मौके मिल सकते हैं। आप अपनी बुद्धि का प्रयोग अपने काम में शानदार प्रदर्शन करने के लिए करेंगे और हर काम को अच्छे से पूरा करेंगे।

आर्थिक स्थिति की बात करें तो, बुध का वृषभ राशि में गोचर आपको धन लाभ प्रदान कर सकता है और ऐसे में, आप अधिक बचत करने में सफल होंगे। इस दौरान आपका ज्यादा से ज्यादा ध्यान पैसा कमाने पर होगा।

वृषभ राशि वालों के प्रेम जीवन की बात करें तो, आपको अपने रिश्ते में गज़ब का सामंजस्य देखने को मिलेगा और आपका रिश्ता पहले से अधिक मजबूत होगा। इस अवधि के दौरान आप अपना ज्यादातर समय पार्टनर के साथ बिताएंगे और जीवनसाथी के साथ आप इस समय का आनंद लेते दिखाई देंगे।

बुध का वृषभ राशि में गोचर आपको अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करेगा। ख़ास बात यह है कि इस अवधि में कोई बड़ी समस्या आपको परेशान नहीं करेगी। हालांकि छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं जैसे आंखों में जलन आदि का सामना करना पड़ सकता है।

बुध पहले भाव से आपके सातवें भाव में दृष्टि डाल रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप जो लोग व्यवसाय से जुड़े हैं वे इस दौरान अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे और उच्च लाभ अर्जित करेंगे। साथ ही, आपको प्रियजनों के साथ आपसी समझ और तालमेल में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

उपाय: प्रतिदिन 21 बार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए बुध पहले और चौथे भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर बारहवें भाव में होगा। ऐसे में आपको औसत लाभ की प्राप्ति होगी। इस दौरान पारिवारिक जीवन के साथ- साथ आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है जिसके कारण आपकी खुशियां प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा आपके खर्चों में वृद्धि देखने को भी मिल सकती है।

करियर की दृष्टि से देखें तो बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा है। आशंका है कि आपको अपने काम के लिए पर्याप्त सराहना न मिले और इससे आपको निराशा हो सकती है। इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र पर आपको प्रेरणा और आत्मविश्वास की कमी महसूस हो सकती है।

जिन जातकों का अपना व्यापार है उन्हें इस दौरान अधिक लाभ कमाने के लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी। साथ ही, कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है जिसका सामना करना आपको मुश्किल प्रतीत हो सकता है। इस अवधि में संभव है कि आपको बिज़नेस में भाग्य का साथ न मिले जिसके कारण नुकसान उठाना भी पड़ सकता है।

आर्थिक मोर्चे पर यह गोचर आपके खर्चे में वृद्धि कर सकता है और आप बेइंतहा पैसा खर्च कर सकते हैं। संभव है कि आप अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से लोन/ऋण लेने पर मजबूर हो सकते हैं।

रिश्तों की बात करें तो, बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए मुश्किल भरा साबित हो सकता है। आपसी तालमेल की कमी के कारण जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद होने की आशंका है। आप दोनों के बीच बातचीत की कमी के कारण परेशानियां पैदा हो सकती हैं।

इस दौरान मिथुन राशि के जातकों को स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे आंखों में जलन और गले से जुड़ी परेशानियों से जूझना पड़ सकता है। हालांकि कोई बड़ी समस्या परेशान नहीं करेगी।

बुध बारहवें भाव से आपकी कुंडली के छठे भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं इसके परिणामस्वरूप आपको इस दौरान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कोई बड़ा लोन लेना पड़ सकता है।

उपाय: प्रतिदिन 21 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।


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कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह तीसरे और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब बुध का ये गोचर आपकी राशि के एकादश भाव में होगा। संभव है कि आप अपनी आय और व्यय के बीच एक उचित संतुलन बनाए रखने की स्थिति में न हों। इस समय धन हानि या कीमती सामान खोने की संभावना है। ऐसे में आपको यात्रा न करने की सलाह दी जाती है।

करियर की बात करें तो, बुध का वृषभ राशि में गोचर आपको अच्छे व बुरे दोनों प्रकार के परिणाम प्रदान करेगा। कार्यक्षेत्र में आपको नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं और आप इन अवसरों का सही ढंग से उपयोग करेंगे। वहीं कुछ जातक कार्यस्थल में संतुष्टि न होने की वजह से नौकरी बदलने के लिए मजबूर हो सकते हैं जबकि कुछ लोगों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है।

जिन जातकों का खुद का व्यापार है उनको इस दौरान उच्च लाभ की प्राप्ति न होने की आशंका है। हो सकता है कि आपके प्रतिस्पर्धी व्यापार में अपनी ताकत का प्रयोग कर उच्च लाभ कमाएं जिस वजह से आपके लाभ में कमी देखने को मिले और ऐसे में, आपको औसत लाभ ही प्राप्त हो सकती है।

प्रेम जीवन के लिहाज से, इस दौरान आपके रिश्ते में प्रेम और आपसी समझ की वृद्धि होगी। आप बेहतर सामंजस्य बनाए रखने में सक्षम होंगे जिसके फलस्वरूप रिश्ते में सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी। जीवन को सुखमय बनाए रखने के लिए अपने साथी के साथ समायोजन बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में छोटी-मोटी समस्या पैदा कर सकता है। इस दौरान आपको नाक बंद होना और गले से संबंधित संक्रमण का सामना करना पड़ सकता है लेकिन इस समस्या से आप जल्द ही छुटकारा पा लेंगे। हालांकि किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

ग्यारहवें भाव से बुध आपके पांचवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इस वजह से आपको करियर और पारिवारिक जीवन में अप्रत्याशित बदलावों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: प्रतिदिन 11 बार “ॐ चन्द्राय नम:” मंत्र का जाप करें।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध ग्यारहवें और दूसरे भाव के स्वामी हैं और बुध का यह गोचर आपकी राशि के दसवें भाव में होगा।

बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रहा है क्योंकि इस दौरान भाग्य का साथ मिलता नहीं दिख रहा है। आपको अधिक लाभ कमाने और खुशी बनाए रखने के लिए समय का प्रबंधन व्यवस्थित ढंग से करने की आवश्यकता हो सकती है। इस दौरान आपको कोई भी बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है।

करियर के लिहाज़ से देखें तो यह गोचर आपके लिए ज्यादा खास नहीं रहने की आशंका है। इस दौरान आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में कार्यक्षेत्र में योजना बनाकर चलने की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, हो सकता है कि आपको कार्यक्षेत्र पर किए गए कार्य के लिए सराहना न मिले।

यदि आप व्यापारी हैं तो संभव है कि इस दौरान उम्मीद के मुताबिक प्रतिफल न मिले और आपको औसत लाभ की प्राप्ति हो सकती है। आशंका है कि इस दौरान लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आपके द्वारा किए जा रहे प्रयास रंग लाते न दिखाई दें। व्यापार में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है जिसके परिणामस्वरूप आसानी से लाभ अर्जित करना आपके लिए संभव नहीं हो सकता है। ऐसे में उचित लाभ प्राप्त करने के लिए इस अवधि में अपनी रणनीति में बदलाव करने की आवश्यकता होगी।

आर्थिक रूप से, इस दौरान आपको अपने खर्चों में वृद्धि देखने को मिलेगी और साथ ही, आपको आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान किसी भी तरह का बड़ा निवेश करने से बचें क्योंकि इसमें बड़ी हानि होने का अंदेशा है। हो सकता है कि कमाई से ज्यादा धन कमाना इस अवधि के दौरान आपके लिए संभव न हो।

प्रेम जीवन के लिहाज से, इस अवधि में पार्टनर के साथ मधुर संबंध बनाए रखने में आपको चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आपके रिश्ते में सामंजस्य की कमी देखने को मिल सकती है जिसके कारण आप दोनों के बीच प्रेम का अभाव हो सकता है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से यह अवधि कुछ खास नजर नहीं आ रही है। इस दौरान आपको त्वचा की एलर्जी और गले से संबंधित समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसके अलावा सर्दी की शिकायत रह सकती है।

बुध आपके दसवें भाव से चौथे भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और जिस वजह से आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और करियर में औसत प्रगति देखने को मिल सकती है।

उपाय: प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।


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कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब बुध आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेंगे। बुध का वृषभ राशि में गोचर कन्या राशिवालों के लिए अनुकूल साबित होगा। इस दौरान आप अपने कार्य से सबको प्रभावित करने में सक्षम होंगे।

करियर के लिहाज़ से यह अवधि आपके लिए शानदार रहेगी। आपको इस दौरान नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे जिससे आप संतुष्ट महसूस करेंगे। साथ ही, आप अपने काम में उत्कृष्टता हासिल करेंगे।

व्यवसाय करने वाले जातकों को उच्च लाभ की प्राप्ति होगी। वहीं जो लोग नए व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं उन्हें इस अवधि में काम शुरू करने के लिए नए अवसर प्राप्त होंगे। आप अपने व्यवसाय के लिए नई रणनीतियां बना सकते हैं और साथ ही आप अपने प्रतिद्वंदियों के साथ कड़ा मुकाबला करने में भी सक्षम होंगे। इस दौरान आपको भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा।

आर्थिक पक्ष की बात करें तो आपके लिए बुध का वृषभ राशि में गोचर सामान्य से बेहतर रहेगा। इस दौरान आय का प्रवाह अच्छा होगा जिसके कारण आप बचत करने में सक्षम होंगे। किसी बड़े निवेश से जुड़ा फैसला करने के लिए यह गोचर अनुकूल रहेगा और इससे आपके अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

प्रेम जीवन की बात करें तो इस दौरान आपके और जीवनसाथी के बीच अच्छा सामंजस्य देखने को मिलेगा जिससे रिश्ते में संतुष्टि महसूस होगी और प्रेम भाव बना रहेगा। इस अवधि में आप अपने पार्टनर के साथ मधुर संबंध बनाए रखने में सक्षम होंगे जो दूसरे के लिए एक बेहतर उदाहरण साबित होगा।

इस दौरान उच्च ऊर्जा स्तर के कारण आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आप अपनी वर्तमान परिस्थितियों को बेहतर बनाए रखने में सक्षम होंगे।

बुध की दृष्टि नवम भाव से तीसरे भाव पर होगी जिसके परिणामस्वरूप धन के मामले में भाग्य का साथ मिलेगा और आप धन की बचत करने में सफल होंगे। साथ ही, पारिवारिक जीवन में भी मधुरता और बेहतर सामंजस्य देखने को मिलेगा।

उपाय: बुधवार के दिन बुध ग्रह के लिए यज्ञ/हवन करें।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बुध बारहवें और नौवें भाव के स्वामी हैं और यह आपकी राशि के आठवें भाव में गोचर करेंगे।

बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए औसत परिणाम लेकर आ सकता है। हो सकता है इस दौरान आपको भाग्य का साथ कम मिले और साथ ही, अपने काम के लिए भी पर्याप्त सराहना न मिले। इसके अलावा इस दौरान आप धन का संचय करने में असफल हो सकते हैं और साथ ही करियर में संतुष्टि प्राप्त करने में देरी का सामना करना पड़ सकता है। सकारात्मक रूप से देखा जाए तो इस दौरान आपके लिए अचानक से कोई धन प्राप्ति के योग बनेंगे जो किसी पैतृक संपत्ति के रूप में आपको प्राप्त होगा और इस वजह से आप राहत महसूस करेंगे।

करियर की दृष्टि से, यह गोचर आपके लिए बेहद अनुकूल साबित होगा। आपके लिए पदोन्नति और वेतन वृद्धि के योग बनेंगे या बोनस के रूप में अतिरिक्त लाभ भी मिल सकता है। वहीं कुछ लोग अचानक से नौकरी बदलने का विचार बना सकते हैं हालांकि, संभावना है कि इस तरह के बदलाव से आपको अत्यधिक संतुष्टि महसूस न हों।

इस राशि के जिन जातकों का अपना व्यापार है उन्हें इस दौरान उच्च धन लाभ अर्जित करने में देरी का सामना करना पड़ सकता है। बिज़नेस के क्षेत्र में आपके गुप्त शत्रु बन सकते हैं जो आपको हानि पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आपको सोच समझ कर आगे बढ़ना होगा जिससे आप काम में सफलता प्राप्त कर सकें।

आर्थिक पक्ष के लिहाज़ से, बुध का यह गोचर आपके लिए अत्यधिक वृद्धि लेकर आ सकता है। इस दौरान आपको अनचाही परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है और हो सकता है कि ज्यादा से ज्यादा धन कमाना आपके लिए आसान न हो। कुछ लोगों को इस दौरान धन हानि होने की भी संभावना है। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि धन का संचय अच्छे से करें और अपने हितों की रक्षा करें।

प्रेम जीवन की दृष्टि से, इस दौरान आपको अप्रिय घटनाओं का सामना करना पड़ सकता है और इसके परिणामस्वरूप रिश्ते से सौहार्द गायब हो सकता है। आशंका है कि आपका अपने जीवनसाथी के साथ अहंकार के कारण टकराव या विवाद हो।

स्वास्थ्य के लिहाज़ से बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके प्रतिकूल सिद्ध हो रहा है क्योंकि इस दौरान आप आंख व पाचन से जुड़ी समस्याओं से ग्रस्त हो सकते हैं जिसकी वजह से आप तनाव महसूस कर सकते हैं।

बुध आठवें भाव से आपके दूसरे भाव में दृष्टि डाल रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप आपको धन से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही आपके रिश्तों में भी खटास आ सकती है। इस दौरान जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद होने की संभावना है।

उपाय: प्रतिदिन 11 बार “ॐ श्री दुर्गाय नमः” का जाप करें।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के सातवें भाव में होगा। इस दौरान जीवनसाथी व दोस्तों के साथ आपके संबंध मिले-जुले रहेंगे। इसके अलावा लाभ के साथ-साथ आपके खर्चे भी बढ़ेंगे।

करियर की बात करें तो, इस अवधि में आप पर काम का दबाव बढ़ सकता है और साथ ही वरिष्ठों और सहकर्मियों के साथ आपके संबंध बहुत अच्छे नहीं रह सकते हैं। संभावना है कि कड़ी मेहनत और अच्छे स्किल्स होने के बाद भी आपको अपने कार्यक्षेत्र में सराहना न मिले।

जिन जातकों का अपना व्यापार है उन्हें इस दौरान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है। यह गोचर आपके लिए थोड़ा कठिन साबित होता हुआ दिख रहा है क्योंकि इस दौरान अधिक लाभ मिलता नज़र नहीं आ रहा है। हो सकता है कि आपको उम्मीद के मुताबिक प्रतिफल न मिले इसलिए आप थोड़े निराश हो सकते हैं।

आर्थिक मोर्चे पर, यह अवधि आपके लिए अनुकूल साबित नहीं हो रही है। अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए स्मार्ट तरीके से अपनी बुद्धि का उपयोग करने की आवश्यकता होगी। इस दौरान आपको निवेश से जुड़े कोई भी बड़े फैसले लेने से बचने की सलाह दी जाती है अन्यथा आपको नुकसान होने की संभावना है।

प्रेम जीवन की बात करें तो इस दौरान आपको सावधान रहने की जरूरत होगी क्योंकि आपका अपने पार्टनर के साथ मतभेद हो सकता है। इन विवादों का कारण गलतफहमी हो सकती है। ऐसे में, आपके और पार्टनर के रिश्ते से खुशियां नदारद रहने की आशंका है।

वृश्चिक राशि वालों का स्वास्थ्य इस समय थोड़ा नाज़ुक रहने की संभावना है क्योंकि गले में संक्रमण और गंभीर सिरदर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं।

उपाय: प्रतिदिन 27 बार “ॐ भौमाय नम:” मंत्र का जाप करें।

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धनु राशि

धनु राशि के जातकों लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के छठे भाव में हो रहा है। इस दौरान आपको जीवनसाथी के साथ संबंधों में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में प्रेम भाव बनाए रखने के लिए समायोजन बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

करियर की बात करें तो, बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए अनुकूल प्रतीत होता नहीं दिख रहा है। इस दौरान आपको नौकरी में समस्या का सामना करना पड़ सकता है और साथ ही काम का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में कार्यक्षेत्र में प्रगति हासिल करने के लिए कुशलतापूर्वक योजना बनाकर चलने की आवश्यकता है।

धनु राशि के व्यापार करने वाले जातकों के लिए ये अवधि चुनौतीपूर्ण रहने की आशंका है। व्यापार में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। इस दौरान अधिक धन का संचय कर पाना आपके लिए मुश्किल हो सकता है। यह अवधि खासकर उन लोगों के लिए अनुकूल प्रतीत नहीं हो रही है जो लोग एक समय में एक से अधिक व्यवसाय कर रहे हैं।

आर्थिक स्थिति के लिहाज़ से, इस दौरान आपके खर्चें बढ़ सकते हैं। साथ ही, अधिक धन संचय करने और अधिक बचत करने की गुंजाइश कम नज़र आ रही है। आपको सलाह दी जाती है कि इस अवधि निवेश से जुड़े कोई भी बड़े फैसले लेने से बचें अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

रिश्तों की बात करें तो इस दौरान अहंकार और अवांछित गलतफहमी के कारण जीवनसाथी के साथ संबंध में समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका है इसलिए पार्टनर के साथ संबंधों में बेहतर तालमेल बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए कुछ खास नज़र नहीं आ रहा है। ऊर्जा स्तर में कमी के कारण इस दौरान आपको पैरों और जांघों में दर्द की समस्या परेशान कर सकती है।

बुध छठे भाव से आपके बारहवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इस वजह से धन लाभ होने की संभावना बेहद कम है। संभव है कि इस दौरान खर्चों को पूरा करने के लिए आपको लोन या कर्ज़ लेना पड़ सकता है।

उपाय: गुरुवार के दिन बृहस्पति के लिए यज्ञ/हवन करें।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के पांचवें भाव में होगा। आपके लिए बुध एक भाग्यशाली ग्रह है। इस दौरान आपका झुकाव आध्यात्मिक कार्यों की ओर अधिक बढ़ेगा और आप किसी धार्मिक तीर्थ स्थल की यात्रा पर जा सकते हैं। इस अवधि में आप लगातार प्रयास करते हुए नज़र आएंगे और आपके अंदर सेवाभाव की भावना जागृत होगी।

करियर के लिहाज़ से, बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए आशाजनक प्रतीत हो रहा है। इस दौरान आप उच्च प्रगति हासिल करेंगे और विदेश से नौकरी के नए अवसर प्राप्त होंगे जो आपके लिए फलदायी साबित होंगे। साथ ही, इस अवधि में आपके लिए अच्छी पदोन्नति के योग भी बनते दिखाई दे रहे हैं।

कुंभ राशि के जो जातक व्यापार करते हैं उनके लिए ये समय फलदायी साबित होगा और इस दौरान आपको लाभ कमाने के अवसर प्राप्त होंगे और निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलेगा। साथ ही, आपको काम के सिलसिले में अधिक यात्राएं करनी पड़ सकती हैं।

आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो, बुध की पांचवें भाव में स्थिति उन लोगों को लाभ प्रदान करेगी जो सट्टेबाज़ी के क्षेत्र से संबंध रखते हैं। इस दौरान आप अच्छी-ख़ासी बचत करने में कामयाब रहेंगे।

रिश्तों की बात करें तो, यह गोचर आपके लिए खुशियां लेकर आएगा। इस दौरान आप अपने प्रेम जीवन में सौहार्द बनाए रखने में सक्षम होंगे। जो लोग पहले से किसी रोमांटिक रिश्ते में हैं उनके लिए विवाह के प्रबल योग बन रहे हैं। इस अवधि में आप मधुर संबंध बनाए रखेंगे जिससे आपके रिश्ते में मजबूती आएगी।

इस गोचर के दौरान आपका स्वास्थ्य सामान्य से बेहतर रहेगा। आप ऊर्जा और उत्साह से भरे रहेंगे। इस अवधि में कोई बड़ी समस्या आपको परेशान नहीं करेगी।

बुध पांचवें भाव से आपके ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपको अच्छा धन लाभ हो सकता है। रिश्ते में ख़ुशहाली बनाए रखने में सफल होंगे। करियर में भी प्रगति देखने को मिलेगी जिससे आप खुश और संतुष्ट महसूस करेंगे।

उपाय: शनिवार के दिन शनि देव के लिए यज्ञ/हवन करें।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पांचवें और आठवें घर के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के चौथे भाव में होगा।

इस दौरान आपको पारिवारिक जीवन में नकारात्मक व सकारात्मक दोनों तरह के परिणाम प्राप्त होंगे। संपत्ति या जमीन खरीदने में धन का निवेश करना आपके लिए फलदायी साबित न होने की आशंका है। इस अवधि में आपकी रुचि संगीत की तरफ बढ़ेगी।

करियर के लिहाज़ से, बुध का वृषभ राशि में गोचर आपके लिए औसत परिणाम लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ सकता है और इसके चलते तनाव महसूस हो सकता है। इस दौरान आपको सराहना मिलने की संभावना कम है जिसके कारण वरिष्ठों से आपका विवाद हो सकता है।

जिन जातकों का अपना व्यापार है उन्हें इस दौरान लाभ और हानि दोनों का सामना करना पड़ सकता है। आपको प्रतिद्वंदियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल सकती है और इस वजह से आपको निराशा हो सकती है। इस गोचर के दौरान आपके व्यापार में उतार-चढ़ाव आने की आशंका है। आपको योजना बनाकर व्यवस्थित तरीके से काम करने की सलाह दी जाती है ताकि अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो।

आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो, इस दौरान आपको लाभ और व्यय/ख़र्च दोनों का सामना करना पड़ेगा। इस अवधि में आपके लिए बचत कर पाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आपके लिए समझदारी से योजना बनाना और धन का सही तरह से प्रबंधन करना बेहद आवश्यक होगा ताकि फिजूल के खर्चों से बचा जा सके।

रिश्तों की बात करें तो, संभव है कि इस दौरान आप संतुष्ट महसूस करें लेकिन उसे बरकरार रखने में असफल रह सकते हैं। ऐसे में, आपके रिश्ते में तालमेल की कमी दिख सकती है जो कि आपके रिश्ते को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। आपको सलाह दी जाती है कि अपने साथी के साथ समायोजन बनाए रखें।

स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय आपके लिए ज्यादा ख़ास नहीं रहने की संभावना है क्योंकि इस दौरान आपको गले से संबंधित संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कोई बड़ी समस्या परेशान नहीं करेगी।

बुध चौथे भाव से आपके दसवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपको करियर में प्रगति और संतुष्टि प्राप्त हो सकती है लेकिन पारिवारिक जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान नौकरी में बदलाव होने की संभावना है।

उपाय: प्रतिदिन “ॐ हं हनुमते नमः”मंत्र का जाप करें।

मीन राशि

मीन राशि के लिए बुध आपके चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं। बुध का वृषभ राशि में गोचर आपकी राशि के तीसरे भाव में होगा।

करियर के लिहाज़ से, इस दौरान आपको नौकरी में वृद्धि देखने को मिलेगी। साथ ही, कुछ लोग अपनी नौकरी में बदलाव का विचार बना सकते है और बेहतर अवसर के लिए विदेश में स्थानांतरित हो सकते हैं।

जो जातक बिज़नेस कर रहे हैं उनके लिए बुध का वृषभ राशि में गोचर औसत परिणाम लेकर आएगा और आपको चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में व्यापार में सफलता पाने के लिए योजना बनाकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की आवश्यकता होगी।

आर्थिक रूप से देखा जाए तो, इस अवधि में धन लाभ होने के साथ-साथ खर्चों में वृद्धि हो सकती है। हालांकि उच्च लाभ होने की संभावना थोड़ी कम है। बुध के गोचर के दौरान यात्रा करते समय धन की हानि होने की संभावना है।

मीन राशि के जातकों को अपने प्रेम जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। बातचीत की कमी के कारण आपका रिश्ता कमज़ोर हो सकता है और आप दोनों के बीच तनाव बढ़ सकता है।

इस दौरान आपका स्वास्थ्य औसत बना रहेगा। आपको गले में संक्रमण और त्वचा संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं लेकिन कोई बड़ी समस्या आपको परेशान नहीं करेगी।

तीसरे भाव से बुध की दृष्टि आपके नौवें भाव पर होगी जिसके परिणामस्वरूप आपको जीवन में और कार्यक्षेत्र में कुछ बदलावों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान भाग्य का साथ मिलता नहीं दिख रहा है।

उपाय: बृहस्पतिवार के दिन वृद्धजनों को दान करें।


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