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Home » 2015 » केतु गोचर 2015 Published: December 03, 2014

केतु गोचर 2015

केतु गोचर 2015 मीन राशि में होगा। केतु गोचर राशिफल 2015 द्वारा जानिए इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर। आइये देखते हैं,केतु गोचर 2015 के लिए क्या कहना है पं. दीपक दूबे जी का...

केतु गोचर 2015 मीन राशि में होगा।केतु छाया ग्रह है, अर्थात इसका अन्य ग्रहों की भांति कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह राक्षस का धड़ अर्थात सिर के निचे का हिस्सा है। सामान्य भाषा में केतु अदृश्य प्रभाव वाला पाप ग्रह है और बिना सिर का है अतः मनुष्य को कोई भी कार्य दिल से करने पर मजबूर करता है। बुद्धि का इस्तेमाल ना होने से मोक्ष प्रदाता भी है। दिल से सोचता है और किसी भी कार्य को तुरंत करने को उद्यत रहता है। राक्षस है अतः अत्यंत बलशाली है।

अब अगर सभी बातों का निष्कर्ष निकालें तो केतु किसी भी कार्य को शीघ्रता से और अधिक मात्रा में करने का सामर्थ्य रखता है , आँखें ना होने के कारण जिस ग्रह के साथ या घर में होता है उससे प्रभावित होकर परिणाम देता है।

केतु गोचर 2015: केतु से सम्बंधित कुछ प्रमुख तथ्य

  • राहु से हमेशा सप्तम भाव में होता है तथा राहु के विपरीत प्रभाव देता है। अर्थात यदि राहु का प्रभाव शुभ है तो यह अशुभ प्रभाव देगा और यदि राहु अशुभ है तो यह शुभ प्रभाव देगा।
  • प्रत्येक राशि में इसका भ्रमण काल 18 महीने का होता है, अतः यह किसी भी राशि में दुबारा 18 वर्षों के बाद ही आता है।
  • केतु की महादशा 7 वर्षों की होती है।
  • बृहस्पति की राशियों में अर्थात धनु तथा मीन में यह प्रसन्न रहता है।
  • मंगल और सूर्य की एक साथ युति या दृष्टि सम्बन्ध से यह अत्यंत मारक हो जाता है।

केतु गोचर 2015: केतु गोचर एवं प्रभाव

केतु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार केतु का गोचर परिवर्तन मेष राशि से मीन राशि में 12 जुलाई, 2014, को ही हो चूका है । इस वर्ष अर्थात 2015 में पूरे वर्ष यह मीन राशि में ही रहेगा तथा यह 30 जनवरी, 2016, को कुम्भ राशि में प्रवेश करेगा। केतु किसी भी राशि में 18 महीनों तक रहता है, और इस दौरान वह कुल 9 नक्षत्र पदों का भोग करता है, अर्थात एक नक्षत्र पद में २ माह। चूँकि सभी नक्षत्र पद भिन्न - भिन्न ग्रहों के प्रभाव में होते हैं अतः केतु से आने वाला परिणाम भी हर दो महीने में परिवर्तित होता रहता है। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की केतु के शुभ या अशुभ प्रभाव बहुत तीव्र गति से होते हैं, व्यक्ति को संभलने का मौका ही नहीं मिलता है। केतु को ध्वजा कारक तथा मोक्ष प्रदाता कहा गया है।

केतु के मीन राशि में प्रवेश का सामान्य प्रभाव और परिणाम क्या होगा यह मैं यहाँ बता रहा हूँ केतु गोचर 2015 राशिफल द्वारा। आप से अनुरोध है कि आप इसे अंतिम परिणाम ना माने क्योंकि आपके जन्म के समय केतु की उपस्थिति तथा वर्तमान दशा - अंतरदशा के अनुसार परिणाम में न्यूनता या वृद्धि हो सकती है। केतु का शुभ या अशुभ परिणाम अत्यंत तीव्रता से तथा अधिक मात्रा में होता है। अतः किसी विशेष परिस्थिति में विशेषज्ञों की राय आवश्यक है।

नोट - यह परिणाम लग्न के आधार पर बताये गए हैं। चन्द्र, सूर्य या नाम राशि के आधार पर नहीं। यदि आप अपनी लग्न-राशि नहीं जानते हैं, तो कृपया यहाँ देखें - लग्न केल्क्युलेटर

आइये केतु गोचर 2015 राशिफल द्वारा देखते हैं इस गोचर के प्रभाव सभी राशियों पर :

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मेष राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

आपके लिए केतु द्वादश भाव में होगा। परिणाम केतु गोचर राशिफल 2015 कहता है की स्वरूप शत्रुओं का नाश होगा, परन्तु ख़र्च में भी अप्रत्याशित वृद्धि होगी। रोग, अग्नि, बिजली के उपकरणों, शस्त्राघात, वाहन दुर्घटना इत्यादि का भय बना रहेगा। केतु गोचर 2015 के अनुसार यात्राएँ फलदायी नहीं होंगी। अनावश्यक विवाद में उलझने का डर रहेगा। हाँ, यदि आप विदेश सम्बन्धी कोई कार्य करते हैं या विदेश जाने की योजना बना रहें हैं तो सफलता मिलेगी, परन्तु यह सफलता स्थायी नहीं होगी। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की केतु आपकी जन्म कुंडली में अच्छा है तो इस दौरान धार्मिक कार्यों के प्रति रूचि खूब बढ़ेगी, धार्मिक यात्रायें होंगी और दान - परोपकार इत्यादि खूब बढ़ेगा। गूढ़ विद्याओं के प्रति रुझान को भी केतु गोचर 2015 बढ़ाएगा।

वृषभ राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

केतु गोचर 2015 राशिफल के अनुसार यदि जन्म समय केतु की स्थिति अच्छी है और वर्तमान में भी दशा - अन्तर्दशा है तो अकल्पनीय धन लाभ होगा क्योंकि एकादश भावगत केतु आर्थिक मामलों में राजयोग प्रदान करता है। वृषभ राशि केतु की मित्र राशि है अतः हर प्रकार के भौतिक सुख को प्रदान करने के लिए केतु आतुर रहेगा। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की व्यापारियों को लाभ तथा नौकरी में उन्नति के योग बनेगें। यात्राएँ सार्थक होंगी। परन्तु संतान, शिक्षा के लिए यह बेहतर समय नहीं होगा। विशेष कर यदि संतान के लिए प्रयास कर रहें हों या जो महिलाएँ गर्भ धारण की हुई हों वे विशेष सावधानी बरतें।

मिथुन राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

दशम भावगत उच्च का केतु, सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र के लोंगो के लिए बहुत ही प्रभावकारी समय बनाएगा। केतु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार उच्च पद और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। समाज में खूब मान - सम्मान बढ़ेगा। आपके के किये हुए कार्यों की सराहना होगी। केतु गोचर मीन राशि में की दौरान पिता और राज्य सरकारों से बहुत समर्थन मिलेगा। पैतृक संपत्ति मिलेगी और यदि कोई पैतृक संपत्ति सम्बन्धी विवाद है तो उसका अंत आपके पक्ष में होगा। परन्तु सभी अच्छाइयों के बावजूद केतु गोचर भविष्यफल 2015 के मुताबिक पारिवारिक सुख में कमी, माता के स्वास्थ्य के कारण परेशानी और नए वाहन या मकान से सम्बंधित कार्यों में समस्याएँ उत्पन्न होंगी।

कर्क राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

कर्क राशि चन्द्रमा की राशि है, अतः केतु सामान्य तौर पर नुकसान दायक ही होता है, परन्तु नवम भाव में केतु गुरु की राशि में है और उच्च का है और साथ ही गुरु की दृष्टि अतः, प्रारम्भ के 6 माह केतु अधिकांशतः शुभ परिणाम ही देगा। केतु गोचर भविष्यफल 2015 के अनुसार धन संपत्ति की वृद्धि होगी। नए कार्य व्यापार के अवसर बनेंगे और उसमें लाभ भी होगा। यात्राएँ सुखद और लाभ प्रद होंगी, परन्तु यदि जन्म के समय कुंडली में केतु शुभ भाव में नहीं है या कोई दूषित योग बना रहा है तो केतु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार भाग्य साथ नहीं देगा , हर काम में बाधाएँ उत्पन्न होंगी, सट्टा - लॉटरी से दूरी बनाये रखें। धन और प्रतिष्ठा के मामले में अत्यंत सावधानी बरतें, रिश्तों के प्रति संवेदनशील रहें और आँख बंद कर किसी पर भरोसा ना करें। केतु गोचर मीन राशि में दौरान किसी भी परिस्थिति में धार्मिक रुझान और धार्मिक कार्य अवश्य होगा, तथा आत्मविश्वास बना रहेगा।

सिंह राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

सूर्य से सम्बंधित यह राशि केतु की परम शत्रु राशि है, ऊपर से अष्टम स्थान में केतु का निवास अर्थात किसी भी परिस्थिति में अच्छी स्थिति को नहीं दर्शा रहा है। केतु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार जिन लोगों की जन्म कुंडली में इसी भाव से काल सर्प दोष हो और उस समय अष्टम में राहु हो तो बहुत ही नाज़ुक समय होगा। अग्नि, बिजली, विष, दुर्घटना इत्यादि से हानि का योग बनेगा। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की कार्य व्यापार में रुकावटें, अचानक धन का लाभ और फिर हानि, कोर्ट कचहरी के मामलों से उलझने अर्थात हर प्रकार से विपरीत परिस्थितियाँ बनेंगी। वाणी और सोच पर नियंत्रण रखने में अत्यंत कठिनाई होगी। केतु गोचर 2015 राशिफल के अनुसार यह समय आपके धैर्य की परीक्षा का होगा। शनि, राहु या केतु की दशा - अंतर दशा हो तो और सावधानी बरतें।

कन्या राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

सप्तम भाव में केतु का आना सुखद नहीं है, विशेष कर पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन के मामलों में। केतु गोचर राशिफल 2015 के मुताबिक शादी - शुदा ज़िंदगी में परेशानियाँ उत्पन्न होने का योग बनेगा, विशेष कर यदि जन्म समय की कुंडली में भी सप्तम भाव ख़राब हो तो अपने वैवाहिक जीवन के प्रति अत्यंत सावधानी बरतें। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की लग्न यदि बुरे ग्रहों के प्रभाव में है तो गलत स्त्री - पुरुष से संसर्ग होगा, चारित्रिक हनन होने की सम्भावना भी बनेगी। कार्य - व्यापार में धोखा मिल सकता है अतः सावधानी बरतें। जन्मकालीन केतु यदि वृश्चिक, कर्क या सिंह राशि में है और शनि या मंगल से दृष्ट है तो गहरे पानी और वीरान में अकेले ना जाएँ।

तुला राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

अपने गुरु अर्थात शुक्र की राशि में केतु प्रसन्न रहता है और कुछ स्थितियों को छोड़ दें तो सामान्यत: शुभ परिणाम ही देता है। तुला राशि के जातकों के लिए केतु छठें भाव में होंगे। केतु गोचर 2015 राशिफल के अनुसार नए संपर्क बनेंगे और उससे बहुत फायदा होगा, शत्रुओं का समूल नाश होगा, केस - मुकदमों में फैसला आपके पक्ष में होगा। लोग आपकी वाक्पटुता का लोहा मानेंगे अर्थात वाणी अत्यंत ही ओजपूर्ण और प्रभावशाली होगी। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की यदि लेखन के क्षेत्र में हैं तो दुनिया आपका लोहा मानेगी। यश - कीर्ति - प्रसिद्धि चरम पर पहुंचेगी। धन भी खूब आएगा, यात्राओं से लाभ होगा। देश - समाज के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। केतु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार परोपकार की भावना बनी रहेगी। कुल मिलाकर कम से कम केतु के कारण अत्यंत ही अच्छा समय जायेगा, यदि जन्म के समय केतु की स्थिति अच्छी है फिर तो पूछना ही क्या।

वृश्चिक राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए केतु पंचम भाव में होगा। केतु का गोचर में यहाँ आना मिला जुला फल देगा। केतु गोचर 2015 राशिफल सचेत करता है की गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद सावधानी बरतने का समय होगा, यदि इसी भाव से काल सर्प योग बन रहा हो और उस समय आपके पंचम भाव में राहु हो तो अत्यंत सावधान रहें। केतु गोचर मीन राशि में के दौरान बाहरी सम्पर्कों और सामाजिक कार्यों के मामले में समय अच्छा रहेगा। आर्थिक और कार्य व्यापार के मामलों में अच्छी उन्नति रहेगी, जन - संपर्क तेज होगा एवं समाज में प्रभाव बढ़ेगा। निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी अर्थात निर्णय शीघ्र और सटीक लेंगे। संतान सम्बन्धी चिंता तथा शिक्षा में रुकावट की सम्भावना बनेगी। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की यहाँ सब मिलाकर कुछ अच्छा और कुछ बुरा परिणाम देखने को मिलेगा, यदि जन्म के समय कुंडली में केतु की स्थिति अच्छी होगी तो शुभ फलों में वृद्धि होगी अन्यथा परेशानियाँ थोड़ी बढ़ सकती हैं।

धनु राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

चतुर्थ भाव में केतु का आना बहुत अच्छा नहीं है। केतु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार पारिवारिक सुख में कमी का अनुभव करेंगे। स्वास्थ्य की समस्या सर उठाएगी, बेचैनी और आतंरिक उलझने अशांत रखेंगी। नौकरों से सतर्क रहें, किसी बहुमूल्य सामान के खोने या चोरी होने का भय बनेगा। केतु गोचर मीन राशि में के दौरान अंजाना भय सतायेगा। कार्य व्यापार में देर से सफलता मिलेगी। यदि रक्त चाप के मरीज़ हैं तो अत्यंत सावधानी बरतें। करीबी लोगो से भी थोड़ी सावधानी बरतें। वैसे सबकुछ प्रतिकूल होने के बावजूद समाज में प्रभाव बनेगा। केतु गोचर 2015 राशिफल कहता है की आपके कार्यों की लोग सराहना करेंगे। जन्मकालिक केतु यदि मेष, वृश्चिक या सिंह राशि में है तो अग्नि तथा अपराधियों से नुकसान पहुँच सकता है, अतः उपाय अवश्य करें।

मकर राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

मकर राशि के जातकों के लिए केतु तृतीय भाव में होंगे। केतु गोचर भविष्यफल 2015 के अनुसार अत्यंत शुभता भरा है केतु का यहाँ आना, पराक्रम और पुरुषार्थ चरम पर होगा। खूब मान-सम्मान मिलेगा। केतु गोचर मीन राशि में के दौरान नए और उच्च पद की प्राप्ति होगी। आय में वृद्धि के साथ - साथ आय के और भी नए साधन बनेंगे। सरकारी कार्यों में सफलता मिलेगी, राजनैतिक क्षेत्र के लोगों को बहुत ख्याति मिलेगी। केतु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार यदि आप लेखक, कलाकार, संगीतकार या इस तरह के किसी आम जनता के कार्य के क्षेत्र में हैं तो आपको बहुत ख्याति मिलेगी, आपके किये गए कार्य को बहुत सराहा जायेगा। भाई - बहन - सगे - सम्बन्धियों से सम्बन्ध और प्रगाढ़ होगा, कुल मिलाकर अत्यंत ही अच्छा समय है।

कुम्भ राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

कुम्भ राशि के जातकों के लिए केतु द्वितीय भाव में होंगे। केतु गोचर 2015 राशिफल के अनुसार यहाँ केतु का गोचर में आना परिवार के सदस्यों से मनमुटाव करायेगा। धन की हानि की प्रबल सम्भावना बनेगी। आय में भी कमी होगी। वाणी बहुत ख़राब हो सकती है जिसके कारण बहुत से दुश्मन पैदा हो जायेंगे, अतः अपने वाणी पर बहुत ही नियंत्रण रखें अन्यथा नुकसान होगा। केतु गोचर भविष्यफल 2015 के मुताबिक बिना वजह शत्रु पैदा होंगे। मुंह में कोई रोग हो सकता है, अतः किसी छोटी समस्या को भी छोटे में ना लें। अनावश्यक और अचानक धन खर्च होगा। कुल मिलाकर केतु गोचर मीन राशि में दौरान आपकी वाणी, आपके धैर्य एवं साहस की परीक्षा होगी।

मीन राशिफल: केतु गोचर मीन में 2015

मीन राशि वालों के लिए केतु लग्न अर्थात प्रथम भाव में होंगे, मीन राशि केतु की उच्च राशि मानी गयी है (चूँकि केतु का राशि चक्र में अपना कोई स्थान नहीं है अतः इसे गुरु की राशियों का स्थान दिया गया है अतः कुछ विद्वान धनु को तथा कुछ मीन को उच्च मानते हैं, मेरे निजी अनुभव से केतु मीन में उच्च का फल देता है )। केतु गोचर 2015 राशिफल कहता कहता है की जातक के पराक्रम में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, नए कार्यों के अवसर मिलेंगे, समाज में मान सम्मान बढ़ेगा, घर - परिवार में शुभ कार्य होंगे, किसी धार्मिक कार्य या यात्रा के होने की पूरी सम्भावना है। परन्तु वैवाहिक जीवन के लिए यह अच्छा नहीं है, विशेष कर यदि यहीं से काल सर्प योग का सृजन हो रहा हो या सप्तम भाव पहले से ही ख़राब हो तो अत्यंत परीतिकुल परिणाम देगा। केतु गोचर भविष्यफल 2015 कहता है की साथ यदि जन्मकालिक लग्न बुरे ग्रहों के प्रभाव में हैं तो बुद्धि विध्वंसकारी होगी, परन्तु यदि शुभ प्रभाव है तो मीन राशि वालों के लिए केतु अत्यंत लाभकारी रहेंगे।

केतु गोचर 2015: विशेष

केतु के परिणाम अचानक होते हैं चाहे वो अच्छे हों या बुरे, अतः जिनके लिए भी ख़राब होने की सम्भावना बन रही है वे केतु की शांति के लिए और जिनके लिए अच्छे की सम्भावना बन रही है वे और अच्छा परिणाम पाने के लिए निम्नलिखित उपाय करें -

  1. ‘ॐ कें केतवे नमः’ इस मन्त्र का जप बुधवार को 17,000 बार करें और इसका दशांश हवन भी इसी मन्त्र से करें।
  2. केतु भगवन गणेश से शांत होते हैं। अतः "ॐ गं गणपतयै नमः " मंत्र का सवा लाख या इक्यावन हज़ार बार जप अत्यंत लाभकारी होगा, इससे केतु के अशुभ प्रभाव नष्ट होंगे और शुभ प्रभाव में वृद्धि होगी।
  3. काली तिल, काला वस्त्र, सप्तधान्य, कम्बल, उड़द, सरसों या तिल का तेल, लोहे या स्टील का बर्तन यथा संभव बुधवार या शनिवार केतु के निमित्त दान करें।
  4. जप स्वयं कर सकें तो अति उत्तम अन्यथा किसी विद्वान ब्राह्मण से पूरे विधि विधान तथा योग देखकर कराएँ तो फल की प्राप्ति अच्छी होगी।

यह था केतु गोचर मीन राशि में राशिफल 2015। हमें आशा है की यह इस राशिफल 2015 के माध्यम से आप अपने जीवन में नए और सुखद बदलाव लाएँगे।

पं. दीपक दूबे

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