राहु गोचर 2015
राहु गोचर 2015 कन्या राशि में होगा; राहु जुलाई 2014 में कन्या राशि में गया था और 2015 में भी वहीं रहेगा। राहु गोचर राशिफल 2015 द्वारा जानिए इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर। आइये देखते हैं, राहु गोचर 2015 के लिए क्या कहना है पं. दीपक दूबे जी का...
राहु गोचर 2015 : राहु का राशि परिवर्तन
राहु का राशि परिवर्तन
इस वर्ष नहीं होने वाला है। यह जुलाई, 2014 से
कन्या राशि में है और 2015 में पूरे वर्ष कन्या राशि में ही रहेगा। इस गोचर
के दौरान उत्तरा फाल्गुनी के ३ चरण, हस्त के चारों चरण और चित्रा नक्षत्र के दो चरणों
में राहु भ्रमण करेगा। राहु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार कन्या राशि राहु की उच्च राशि
मानी गयी है (मतान्तर से कुछ विद्वान
मिथुन राशि को भी उच्च मानते हैं, परन्तु
बुध की राशियों में राहु प्रसन्न रहता है यह सर्वविदित है), राहु छाया
ग्रह है और कथाओं के अनुसार राहु राक्षस का सिर है। अतः राहु का सबसे अधिक प्रभाव मस्तिष्क
पर अर्थात व्यक्ति के सोचने-समझने की शक्ति पर होता है। राहु का रंग धुएँ की तरह कल्पना
किया जाता है। मेरा मानना है कि जैसे धुंध /कोहरा होने पर सामने का रास्ता स्पष्ट दिखाई
नहीं देता, वैसे ही राहु के प्रभाव में व्यक्ति को जीवन का रास्ता स्पष्ट दिखाई नहीं
देता; वह भ्रम का शिकार हो जाता है। निर्णय लेने की क्षमता कमज़ोर हो जाती है। परिणाम
स्वरूप अधिकतर निर्णय ग़लत हो जाते हैं, राक्षसी प्रवृत्ति होने के कारण व्यक्ति आवेशित
रहता है तथा कुतर्क अधिक करता है।
पाठकों से अनुरोध है कि राहु के बारे में यह परिणाम सामान्य आधार पर केवल राहु को ध्यान में रखकर किया गया है। वास्तविक परिणाम तथा परिणामों में न्यूनता या अधिकता के और भी कारण होते हैं, विशेषकर जन्म काल में राहु की शुभ-अशुभ स्थिति, वर्तमान दशा-अन्तर्दशा। अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली किसी विद्वान ज्योतिषी को दिखाकर ही अंतिम निर्णय पर पहुंचे।
नोट - यह परिणाम लग्न के आधार पर बताये गए हैं। चन्द्र, सूर्य या नाम राशि के आधार पर नहीं। यदि आप अपनी लग्न-राशि नहीं जानते हैं, तो कृपया यहाँ देखें - लग्न केल्क्युलेटर
आइये राहु गोचर 2015 राशिफल द्वारा देखते हैं इस गोचर के प्रभाव सभी राशियों पर :
मेष
राहु गोचर 2015 राशिफल के अनुसार यहाँ राहु छठे भाव में होगा, अतः शत्रुओं का उत्थान और पतन होता रहेगा, अर्थात शत्रु पनपेंगे परन्तु नष्ट भी हो जायेंगे। क़र्ज़ से भी मुक्ति मिलेगी। राहु गोचर कन्या राशि में राशिफल 2015 कह रहा है कि पारिवारिक सुख तथा मानसिक शांति मिलेगी, यात्राएँ सफल होंगी। परन्तु स्वास्थ्य सम्बन्धी थोड़ी चिंता हो सकती है, विशेषकर अपने पेट का ध्यान रखें।
वृषभ
राहु गोचर राशिफल 2015 के मुताबिक यहाँ पंचम गोचर शुभ नहीं है, विशेष कर शिक्षा-प्रतियोगिता में बाधा देगा। संतान के कारण कष्ट या मतभेद भी उत्पन्न हो सकता है। अचानक धन लाभ तो होगा परन्तु टिकेगा नहीं और जाते समय परेशानियों को बढ़ाएगा। अतः राहु गोचर 2015 राशिफल की सलाह है कि आवेग में आकर किसी नए कार्य में हाथ ना डालें और तात्कालिक लाभ की प्रवृत्ति से बचें। कुछ आवेशित करने वाले अवसर आएँगे उनसे बचें अन्यथा हानि उठानी पड़ेगी। राहु गोचर 2015 के अनुसार गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
मिथुन
राहु गोचर 2015 के अनुसार चतुर्थ भाव अर्थात सुख भाव में राहु का आगमन शुभ नहीं है। पारिवारिक सुख में कमी तथा अनावश्यक वाद-विवाद होगा। राहु गोचर राशिफल 2015 के मुताबिक आप घर से दूर जा सकते हैं। जन्म कालिक राहु शुभ हो तो नए मकान और वाहन का सुख कराएगा तथा मान सम्मान बढ़ाएगा।
कर्क
राहु गोचर 2015 भविष्यफल के अनुसार पराक्रम में ज़बरदस्त वृद्धि होगी, सोचने समझने की शक्ति सराहनीय होगी। लिए गए निर्णय सही होंगे, समाज में प्रभाव बढ़ेगा। पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। राहु गोचर 2015 राशिफल के मुताबिक भाई-बहनों से थोड़ा मनमुटाव हो सकता है फिर भी राहु का यहाँ आना आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद रहेगा। राजनैतिक क्षेत्र से जुड़े लोगो के लिए बहुत अच्छा योग बनाएगा।
सिंह
राहु गोचर 2015 भविष्यफल कह रहा है कि यहाँ राहु दूसरे भाव में स्थित होगा, मिश्रित प्रभाव देगा। यदि राहु की स्थिति शुभ है तो राहु गोचर कन्या राशि में के मुताबिक अचानक धन लाभ होगा अन्यथा यह स्थिति धन के घड़े में छेद जैसी है, धन कितना भी आ जाये, टिकेगा नहीं। वाणी दूषित हो सकती है, बहुत कड़वा वचन बोल सकते हैं, अपनों से विवाद होगा, व्यसन में फँस सकते हैं, राहु गोचर राशिफल 2015 की सलाह है कि इस दौरान नशे या बुरी आदतों की तरफ़ जाने से और क्रोध से बचें अन्यथा बहुत नुकसान हो सकता है ।
कन्या
राहु गोचर 2015 के मुताबिक लग्नस्थ उच्च का राहु बहुत युक्ति बल देगा, यहाँ राहु का परिणाम कुंडली में बुध की स्थिति से भी प्रभावित होंगे। राहु गोचर कन्या राशि में के अनुसार यदि जन्मकालिक राहु शुभ है तो कुछ अच्छे परिणाम मिल सकते हैं, बुद्धि तेज़ परन्तु नकारात्मक दिशा में जा सकती है। वैवाहिक जीवन के लिए यह स्थिति अच्छी नहीं है, जीवन साथी से बहुत मतभेद उभर सकता है। राहु गोचर 2015 भविष्यफल कह रहा है कि स्वास्थ्य में भी थोड़ी परेशानी हो सकती है। निरर्थक यात्राएँ और अनचाहे लोग बहुत परेशान करेंगे। केस- मुक़दमे होने की सम्भावना बन सकती है।
तुला
राहु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार द्वादश भावगत राहु ख़र्च की अधिकता लाएगा, अनचाही यात्राएँ होंगी। वैसे विदेश भ्रमण का योग भी बनेगा और वहाँ से लाभ होने की प्रबल सम्भावना है। राहु गोचर कन्या राशि में कह रहा है कि शत्रु परास्त होंगे, कोर्ट-कचहरी के मामलो में सफलता मिलेगी फिर भी पारिवारिक सुख में कमी रहेगी। राहु गोचर 2015 भविष्यफल की सलाह है कि यदि कुंडली में वैवाहिक जीवन में समस्या है तो वह बहुत बढ़ सकती है, जीवनसाथी से सम्बन्ध टूटने का ख़तरा बनेगा।
वृश्चिक
राहु गोचर कन्या राशि में कह रहा है कि यहाँ राहु एकादश भाव में होंगे। राहु गोचर 2015 राशिफल के मुताबिक एकादश भाव के राहु को धन सम्बन्धी राजयोग कहा गया है, परन्तु यह स्थिति जन्म कालिक राहु की स्थित पर निर्भर करेगी। राहु गोचर भविष्यफल 2015 के अनुसार अचानक धन का आगमन होने की पूरी सम्भावना रहेगी लेकिन वह टिकेगा कितने समय तक यह संदेहास्पद है। एकादश भाव का राहु विद्या में थोड़ी बाधा तथा संतान सम्बन्धी थोड़ी परेशानी अवश्य देगा। राहु गोचर कन्या राशि में के अनुसार गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए।
धनु
राहु गोचर 2015 के अनुसार दशम भाव गत उच्च का राहु राजनैतिक क्षेत्र में ज़बरदस्त सफलता देगा। अपने से अधिक प्रभावी लोगों से संपर्क पैदा करेगा, ख़ुद का जनसंपर्क भी तेज़ होगा। राहु गोचर कन्या राशि में के मुताबिक सफलता पाने के लिए आप साम - दाम - दण्ड और भेद सभी नीतियों का प्रयोग करने से नहीं चुकेंगे। पैतृक संपत्ति भी प्राप्त हो सकती है परन्तु थोड़ा विवाद के बाद। राहु गोचर 2015 राशिफल की सलाह है कि यदि कोई विवाद अधिक हो जाये तो प्रयास करें की वह न्यायालय के बाहर ही समाप्त हो जाए अन्यथा उलझ सकते हैं। कुल मिलाकर भविष्यफल 2015 के अनुसार अच्छा प्रभावशाली समय रहेगा।
मकर
राहु गोचर 2015 के अनुसार नवम भाव में राहु का आना भाग्य के लिए अवरोधक रहेगा, भाई बहनों से तनाव उत्पन्न करेगा। राहु गोचर कन्या राशि में कह रहा है कि किसी भी काम में सफलता पाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। राहु गोचर 2015 राशिफल की सलाह है कि यदि कहीं तत्काल सफलता मिल जाए तो ख़ुश मत हों बल्कि सावधान हो जाइये क्योंकि वह सफलता किसी बड़ी समस्या की सूचना ला सकती है।
कुम्भ
राहु गोचर 2015 के अनुसार अष्टम भावगत राहु की स्थित आपके स्वास्थ्य के लिए बिलकुल ठीक नहीं है। राहु गोचर कन्या राशि में के मुताबिक जन्म कालिक कुंडली में यदि यहाँ काल सर्प, राहु-केतु या कमज़ोर चन्द्रमा विराजमान है तो बहुत सावधानी की आवश्यकता है। राहु गोचर 2015 भविष्यफल की सलाह है कि शत्रुओं के नकारात्मक प्रयोगों से बचें। वैवाहिक जीवन में भी समस्या आएगी, अनावश्यक वाद-विवाद पनप सकते हैं। अचानक कहीं से अप्रत्याशित धन लाभ हो सकता है।
मीन
राहु गोचर राशिफल 2015 के अनुसार राहु यहाँ गोचर में सप्तम भाव में होंगे। वैवाहिक जीवन में अकारण तनाव की स्थिति बन सकती है, झूठे आरोप लग सकते हैं, किसी स्त्री जातक के कारण अपमान की स्थिति बन सकती है। राहु गोचर कन्या राशि में कह रहा है कि आर्थिक स्थिति सँभालने के लिए बहुत प्रयास करना पड़ेगा। भविष्यफल 2015 के मुताबिक कर्ज़ लेने की स्थिति बन सकती है, साझेदारों से विवाद उत्पन्न होने की सम्भावना बनेगी, व्यापार में घाटा, नौकरी में स्थान परिवर्तन का योग बनेगा। कुल मिलाकर राहु गोचर 2015 के अनुसार समय थोड़ा प्रतिकूल है, अतः संयम से काम लें।
राहु गोचर 2015 के लिए विशेष
राहु का प्रभाव शनि की तरह होता है अर्थात धीरे-धीरे और लम्बे समय के लिए, राहु से प्रभावित व्यक्ति उपचार से भी जल्दी ठीक नहीं होता और उसका कारण है उसकी मानसिक स्थिति का स्थिर ना होना और ख़ुद की तर्क शक्ति का अधिक बढ़ जाना, आप जल्दी किसी की सलाह नहीं मानते और ना ही स्वभाव में स्थिरता लाते हैं, अतः मेरे व्यक्तिगत अनुभव से राहु से पीड़ित व्यक्ति का उपचार करना सबसे कठिन होता है। फिर भी यदि आपके लिए राहु प्रतिकूल हैं तो राहु गोचर कन्या राशि में के दौरान निम्नलिखित उपाय पूरी आस्था और संयम से करें अवश्य लाभ होगा -
- राहु का सबसे अधिक प्रभाव सोचने-समझने की शक्ति पर होता है, बुद्धि क्षीण हो जाती है अतः बुध का उपचार बहुत लाभकारी होता है, राहु (अज्ञानता) बुध ( ज्ञान/बुद्धि ) से शांत होता है, अतः बुध के मन्त्रों का जप और पन्ना धारण करना लाभकरी होता है।
- राहु कुंडली में शुभ हो और प्रभावशाली हो तो तो "ॐ रां राहवे नमः " मन्त्र का जप करें।
- माँ सरस्वती की आराधना भी अत्यंत लाभकारी है।
- बहुत बाधा हो तो बटुक भैरव की आराधना करें और प्रत्येक रविवार को उन्हें इमरती अर्पित करें।
- रोग-शत्रु धन इन सबकी समस्या हो तो केवल रुद्राभिषेक का सहारा लें, अत्यंत प्रभावकारी उपाय है, रोज़ महामृत्युंजय का जप और रुद्राक्ष की माला धारण करें।
यह था राहु गोचर कन्या राशि में राशिफल 2015। हमें आशा है की यह इस राशिफल 2015 के माध्यम से आप अपने जीवन में नए और सुखद बदलाव लाएँगे।
- पं. दीपक दूबेAstrological services for accurate answers and better feature
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