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शनि धनु राशि में वक्री (06 अप्रैल, 2017)

ज्योतिष शास्त्र में शनि को न्याय का देवता माना गया है, क्योंकि मनुष्यों को उनके अच्छे-बुरे कर्मों का फल शनि ही देता है। अतः इसका गोचर मनुष्य जीवन को अति प्रभावित करता है। शनि 06 अप्रैल 2017 को 10: 34 बजे धनु राशि में वक्री होगा, जो 25 अगस्त 2017 को 17:19 बजे तक रहेगा। परंतु बुधवार, 21 जून, 2017 को शनि ग्रह अपने कुछ अपूर्ण कार्य को पूर्ण करने हेतु वृश्चिक राशि में वापस संचरण करेगा और पुनः 25 अगस्त को यह इसी राशि में प्रत्यक्ष होगा। तो चलिए जानते हैं आपकी राशि में शनि के वक्री होने का प्रभाव आख़िर क्या परिणाम लेकर आता है।

Shani dhanu mein vakri 2017

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यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें।

मेष

शनि आपकी चंद्र राशि से नौवें भाव में वक्री होगा। इसके परिणाम स्वरूप आपको कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे- आप अपने काम में असहज़ और परेशानी महसूस कर सकते हैं, जिससे आपका मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है। ऐसे में आप तनाव की स्थिति से बाहर आएँ और इस तरह की विपरीत परिस्थिति को काबू करने की कोशिश करें। जून तक आपकी करियर की गाड़ी धीमी गति से चलेगी। ग्रह की जो परिस्थितियाँ बन रही हैं उनके अनुसार ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि जून में आपको आय एवं करियर क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं जैसे ही शनि आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव में वापिस जाएगा तो यह आपके धैर्य की परीक्षा लेगा। ऐसे में ख़ुद को मज़बूत बनाएँ और परिस्थितियों का डट कर सामना करें। छोटे भाई-बहन के साथ वाद-विवाद की संभावना है। अपने ग़ुस्से को शांत करने की सलाह आपको दी जाती है।

उपाय: काली गाय को घी रोटी खिलाएँ।

वृषभ

इस वर्ष शनि आपकी चंद्र राशि से आठवें भाव में वक्री होगा जिसके फलस्वरूप आपके पिता जी की सेहत में गिरावट आ सकती है। आप अपने परिजनों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बोलते समय भी आपके शब्दों का चयन अच्छा होना चाहिए। कोशिश करें कि आपकी भाषा में मिठास बनी रहे। रिलेशनशिप में तल्खियाँ बढ़ने के आसार नज़र आ रहे हैं और भाग्य का साथ भी आपको शायद न मिले। ऐसे में आपको इन सभी चुनौतियों का सामना डटकर मजबूती के साथ करना होगा। अपनी स्वास्थ्य की चिंता आपकी प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। इस साल शनि आपका इम्तिहान लेने के लिए तैयार है। इसलिए आप भी इसके लिए अपनी कमर कस लें। रिश्तों में किसी तरह की कड़वाहट न आए, इसका ख़्याल रखें और परिवार के साथ सामंजस्य बनाए रखिएगा। करियर के लिहाज से जून के बाद का समय बहुत अच्छा रह सकता है। जैसे ही शनि आपकी चंद्र राशि से सातवें भाव में वापस जाएगा तब आपके लिए सुनहरे अवसर के द्वार खुल जाएंगे।

उपाय: ज़रुरतमंदों को जूते एवं काले कपड़े दान में दें।

मिथुन

शनि ग्रह आपकी चंद्र राशि से सातवें भाव में वक्री होगा। इस कारण यह वर्ष आपको मिले जुले परिणाम देने का वादा कर रहा है। आप अपने सराहनीय कर्मों के द्वारा नाम एवं प्रसिद्धि प्राप्त करोगे, हालाँकि यदि आप शादीशुदा जीवन में प्रवेश कर चुके हैं तो आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जून के प्रारंभ में शनि आपकी चंद्र राशि से छठे भाव में वापस जाएगा। तब आपको क़ानून से जुड़े मसलों में आशावादी परिणाम मिल सकता है।

उपाय: अपनी मध्य उंगली में काले घोड़े की नाल से बनी अंगूठी धारण करें।

कर्क

शनि आपकी चंद्र राशि से छठे भाव में वक्री होगा। जिससे आपको परिवार को लेकर कुछ परेशानियों का सामना करना पड सकता है। पार्टनर के साथ आपका वाद-विवाद बढ़ सकता है, ऐसी परिस्थितियों को काबू में करने की कोशिश करें, क्योंकि यदि आपने इस पर ध्यान नहीं दिया तो परिस्थितियाँ विकराल रूप ले सकती है। जून में आपकी चंद्र राशि से शनि पाँचवे भाव में वापस वक्री होगा। अपने प्रेम संबंध में किसी विवाद को जगह बिल्कुल न दें। यदि आप छात्र हैं तो पढ़ाई से आपका ध्यान भंग हो सकता है। परिवार में छोटे बच्चों की सेहत का ख़्याल रखें।

उपाय: चिढ़ियों को सात प्रकार की दाल एवं अनाज खिलाएँ।

सिंह

शनि आपकी चंद्र राशि से पाँचवे भाव में वक्री होगा। ऐसे में इस राशि के जातक जो प्यार की नाव में सवार हैं, वे इस वर्ष इस रिश्ते को आगे बढ़ाते हुए शादी के बंधन में बंध सकते हैं। हालाँकि इसके लिए उन्हें चुनौतियों को पार भी करना होगा। आपके प्रिय इस पूरे वर्ष ख़ुश मिजाज़ रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आय में वृद्धि होने की संभावना है। इसके साथ ही समाज में आपकी प्रसिद्धि भी बढ़ेगी और अच्छा अवसर मिलने पर आप अपनी नौकरी भी परिवर्तन कर सकते हैं। ध्यान रखिए, इस बात का आपको क़तई घमंड न होने पाए। ग्रह के आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव में वापस जाने के कारण आपको मानसिक तनाव आदि रह सकता है। परिवार में वाद-विवाद होने की संभावना है।

उपाय: पीपल के वृक्ष पर सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।

कन्या

शनि आपकी चंद्र राशि से चौथे भाव में वक्री होगा। ऐसे में आपके निवास स्थान में परिवर्तन की संभावना है। आपके स्वभाव में अचानक ही आक्रामकता देखी जा सकती है। ख़ुद को शांत रखें। जून में शनि आपकी राशि से तीसरे भाव में वापस जाएगा। इससे आपकी माता जी की सेहत में गिरावट देखी जा सकती है। ज़मीन-जायदाद से संबंधित विवाद उत्पन्न हो सकता है। अधिक कार्य के दबाव के चलते आप अपनी सेहत पर भी ध्यान देने में असमर्थ साबित हो सकते हैं। आपके लिए सलाह यह है कि आप पर्याप्त आराम करें और तक़रीबन 8 घंटे नींद लें।

उपाय: शनिवार को श्री हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएँ।

विभिन्न भावों में बुध ग्रह के प्रभाव को जानने के लिए क्लिक करें

तुला

आपकी चंद्र राशि से शनि आपके तीसरे भाव में वक्री होगा। ऐसे में आपकी दृढ़शक्ति बढ़ेगी और आप जीवन में कोई बड़ी उपलब्धि प्राप्त कर सकते हैं। हालाँकि इस अवधि में आपके छोटे भाई-बहन किसी शारीरिक पीड़ा से गुजर सकते हैं। ऐसे भी संकेत हैं कि आपको मानसिक तनाव भी रह सकता है। यात्रा पर जाने के योग हैं। जून में शनि ग्रह आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव में वापस जाएगा, जिससे पारिवारिक कलेश संभव है। परंतु प्रॉपर्टी में आपको लाभ मिल सकता है।

उपाय: बंदरों एवं काले कुत्तों को शनिवार के दिन लड्डू खिलाएँ।

वृश्चिक

शनि आपकी चंद्र राशि से दूसरे भाव में वक्री होगा। इससे आपका पारिवारिक जीवन प्रभावित हो सकता है। घर में लड़ाई-झगड़े आदि हो सकता है। प्रेम संबंध में भी कड़वापन आ सकता है। इस वर्ष आप अपने परिवार से अधिकतर दूर ही रहेंगे। आपका कठिन परीश्रम आपको लाभान्वित करेगा और आपकी आय में वृद्धि होगी। कोई बड़ी उपलब्धि आपकी झोली में आ सकती है। जून में शनि आपकी चंद्र राशि में जाएगा। जिससे आपका मानसिक तनाव बढ़ सकता है। स्वास्थ्य में भी गिरावट देखी जा सकती है। ऐसे में ख़ुद का ख्याल तो रखें ही साथ में परिजनों की चिंता करें। दैनिक स्वस्थ्य भोजन करें। योग-व प्राणायाम करें।

उपाय: कुष्ट रोगियों की सेवा करें।

धनु

शनि आपकी चंद्र राशि में वक्री होगा जो आपके लिए बड़ा प्रभावकारी होगा। यह अवधि आपके लिए आसान नहीं बल्कि मुश्किल से भरी हो सकती है। इसमें आपको मानसिक तनाव रह सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। इसलिए स्वास्थ्य की चिंता को गंभीरता से लें। हालाँकि इस दौरान आपके भाई-बहन के जीवन में समृद्धि आएगी। आप उनकी उपलब्धियों को देखकर गर्व महसूस करेंगे। जून में शनि आपकी राशि से बाहरवें भाव में जाएगा और इससे आपकी शादीशुदा ज़िन्दगी में ख़ुशियाँ कम हो सकती है। पार्टनर के साथ विवाद हो सकता है। अपने ज़बान पर ऐसे शब्द न लाएँ जिससे जीवनसाथी को ठेस पहुँचे और उनसे प्रेम पूर्ण संवाद स्थापित करें। उनकी भावनाओं को समझें। साथ ही उनकी सेहत का ज़रुरी ख़्याल रखें।

उपाय: शराब एवं मांसाहारी भोजन का सेवन न करें।

मकर

शनि आपकी चंद्र राशि से बाहरवें भाव में वक्री होगा। इससे आपको किसी प्रकार का नुकसान हो सकता है। आपके विदेश यात्रा में जाने के योग हैं। स्वास्थ्य का ख़्याल रखें, क्योंकि इस दौरान आपकी सेहत में गिरावट देखी जा सकती है। जून में शनि आपकी चंद्र राशि से ग्यारवें भाव में संचरण करेगा। जिससे आपके सामने उन्नति के कई दरवाजे खुलेंगे। आपकी कोई लंबे समय से रुकी हुई इच्छा पूर्ण हो सकती है। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।

उपाय: शनिवार के दिन 11 नारियल जल में प्रवाह करते समय हनुमान चालीसा का जाप करें।

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कुम्भ

शनि आपकी चंद्र राशि से ग्यारवें भाव में वक्री होगा। जिस कारण आपकी आय में इज़ाफ़ा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में कई बेहतरी के अवसर प्राप्त होंगे। हालाँकि यदि आप थोड़ा और अधिक मेहनत करेंगे तो सफलता की मंज़िल तक आप पहुँच सकते हैं। इस साल आपके सपने सच साबित हो सकते हैं। वहीं जून में शनि आपकी चंद्र राशि से दसवें भाव में वापस जाएगा। जिससे आपका कार्य के प्रति और अधिक मन लगेगा। अच्छी आमदनी होने पर कहीं ऐसा न हो की आप ख़र्च भी उतना करें। इसलिए समझदारी से काम लें।

उपाय: शनिवार के दिन किसी मंदिर में सरसों का तेल दान करें।

मीन

शनि आपकी राशि से दसवें भाव में वक्री होगा जिस कारण आपका यह साल बेहद खर्चीला रह सकता है। आय की अपेक्षा व्यय अधिक है। ऐसे में आपके लिए यही सलाह है कि आप अपने ख़र्चों में कटौती करें और धन का व्यय सोच-समझकर करें। माता जी की सेहत में गिरावट देखी जा सकती है। उनकी सेहत का ख़्याल रखें। जून में शनि आपकी चंद्र राशि से नौवे भाव में वापस जाएगा। इस दौरान आप अपनी जॉब में परिवर्तन करने के बारे में सोच सकते हैं। धैर्य बनाए रखें और फल की चिंता किए बिना कठिन परिश्रम करते हैं। फिर सफलता आपको अवश्य मिलेगी। शांति बनाए रखें। विदेश व्यापार हेतु आप किसी देश की यात्रा कर सकते हैं।

उपाय: काले कुत्तो को खाना खिलाएँ।

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2017 गोचर

मंगल का मकर में गोचर मंगल वृश्चिक में वक्री मंगल का वृश्चिक में गोचर मंगल का तुला राशि में गोचर मंगल का कन्या में गोचर मंगल का सिंह राशि में गोचर मंगल अस्त मेष राशि में मंगल का मेष में गोचर मंगल का मीन में गोचर मंगल का मिथुन में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का वृषभ में गोचर मंगल का गोचर कुम्भ राशि में शनि वृश्चिक में अस्त शनि वक्री वृश्चिक में वृश्चिक राशि में शनि उदय सूर्य का तुला राशि में गोचर सूर्य का मीन में गोचर सूर्य का कुम्भ में गोचर सूर्य का मकर में गोचर सूर्य का धनु राशि में गोचर सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर सूर्य का कन्या राशि में गोचर सूर्य का सिंह राशि में गोचर सूर्य का कर्क में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मेष में गोचर सूर्य का वृषभ में गोचर सूर्य का मिथुन में गोचर
धनु राशि में शुक्र का गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का कन्या में गोचर शुक्र कर्क में मार्गी शुक्र का मीन में गोचर शुक्र का कुम्भ में गोचर शुक्र का मकर में गोचर शुक्र मेष में अस्त शुक्र का वृश्चिक में गोचर शुक्र का तुला में गोचर मंगल का कर्क में गोचर अस्त शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र सिंह राशि में वक्री शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का मेष में गोचर शुक्र का सिंह में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का कर्क में गोचर शुक्र का मिथुन में गोचर शुक्र का वृषभ में गोचर शुक्र का वृश्चिक में गोचर वृश्चिक राशि में शुक्र उदय गुरु कन्या राशि में वक्री गुरु का सिंह में गोचर गुरु सिंह राशि में अस्त गुरु कर्क राशि में मार्गी कर्क राशि में बृहस्पति वक्री गुरु कर्क राशि में मार्गी शनि धनु राशि में वक्री

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